ओरिएंट केबल्स की शेयर बाजार में जोरदार एंट्री, शुरुआती उछाल के बाद लगा लोअर सर्किट ओरिएंट केबल्स (इंडिया) लिमिटेड के शेयर बीएसई और एनएसई पर 65 प्रतिशत से अधिक के प्रीमियम पर लिस्ट हुए, लेकिन तुरंत बाद भारी मुनाफावसूली के चलते 10 प्रतिशत का लोअर सर्किट लग गया। घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को ओरिएंट केबल्स (इंडिया) लिमिटेड ने बेहद मजबूत शुरुआत दर्ज कराई। सार्वजनिक निर्गम में मिले भारी समर्थन के बाद कंपनी के शेयरों ने दोनों प्रमुख एक्सचेंजों पर 65 प्रतिशत से भी अधिक बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की। हालांकि, शुरुआती कारोबार में लिस्टिंग गेन भुनाने की होड़ के कारण शेयरों पर दबाव देखा गया और दोनों सूचकांकों पर ट्रेडिंग के दौरान लोअर सर्किट दर्ज हुआ। एक्सचेंजों पर शानदार शुरुआत और लिस्टिंग के आंकड़े बीएसई पर ओरिएंट केबल्स के शेयरों की शुरुआत 448.10 रुपये प्रति शेयर पर हुई। कंपनी ने अपने सार्वजनिक निर्गम के लिए इश्यू प्राइस 272 रुपये निर्धारित किया था, जिसकी तुलना में यह भाव 64.74 प्रतिशत की छलांग दर्शाता है। इसी प्रकार, एनएसई पर कंपनी के शेयर 65.44 प्रतिशत के प्रीमियम के साथ 450 रुपये के स्तर पर खुले। इस दमदार शुरुआत से उन निवेशकों को बड़ा लिस्टिंग लाभ मिला, जिन्हें आईपीओ आवंटन में शेयर प्राप्त हुए थे। मुनाफावसूली के दबाव में लगा लोअर सर्किट मजबूत लिस्टिंग के फौरन बाद बाजार में बिकवाली का दबाव हावी हो गया। सुबह 10:10 बजे बीएसई पर कंपनी के शेयर लिस्टिंग मूल्य से 44.80 रुपये यानी 10.00 प्रतिशत गिरकर 403.30 रुपये के भाव पर आ गए, जिसके चलते काउंटर में लोअर सर्किट सक्रिय हो गया। एनएसई पर भी इसी तरह का रुझान दिखा, जहां शेयर लिस्टिंग प्राइस से 45.00 रुपये यानी 10.00 प्रतिशत का गोता लगाकर 405.00 रुपये के स्तर पर बंदिश में आ गए। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, बड़े लिस्टिंग प्रीमियम के बाद निवेशकों द्वारा तुरंत कैश निकालने की कोशिश इस गिरावट की मुख्य वजह रही। सब्सक्रिप्शन और आवंटन की समयसीमा ओरिएंट केबल्स का पब्लिक इश्यू 25 सितंबर को बोली के लिए खुला था और 29 सितंबर को बंद हुआ था। इस दौरान निर्गम को निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली और यह कुल 92.27 गुना सब्सक्राइब हुआ। कंपनी ने आईपीओ के तहत 1 रुपये फेस वैल्यू वाले शेयरों के लिए 258 रुपये से 272 रुपये का प्राइस बैंड तय किया था। बोली प्रक्रिया समाप्त होने के बाद 30 सितंबर को सफल आवेदकों को शेयर आवंटित किए गए थे, जबकि 1 अक्टूबर को ये शेयर पात्र निवेशकों के डीमैट खातों में जमा करा दिए गए थे। इश्यू का आकार और फंड जुटाने का ब्योरा कंपनी ने इस संपूर्ण सार्वजनिक निर्गम के माध्यम से कुल 2,02,94,114 शेयर जारी कर 552 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इस निर्गम ढांचे में दो हिस्से शामिल थे। पहला हिस्सा 320 करोड़ रुपये मूल्य के 1,17,64,705 नए शेयरों का था, जबकि दूसरा हिस्सा ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के तहत 232 करोड़ रुपये मूल्य के 85,29,409 शेयरों की बिक्री का था। कारोबारी गतिविधियां और फंड का उपयोग कंपनी नेटवर्किंग केबल और पैसिव नेटवर्किंग इक्विपमेंट के निर्माण व आपूर्ति में विशेषज्ञता रखती है। यह टेलीकॉम, ब्रॉडबैंड, डेटा सेंटर, रिन्यूएबल एनर्जी और स्मार्ट बिल्डिंग ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करती है। नए शेयरों के जरिए जुटाए गए 320 करोड़ रुपये का उपयोग मशीनरी, नए उपकरणों की खरीद, पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) और मौजूदा कर्जों के पूर्ण अथवा आंशिक पूर्व भुगतान के लिए किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जुटाई गई राशि का एक हिस्सा सामान्य कॉर्पोरेट खर्चों को पूरा करने के काम आएगा। इसका आप पर असर ओरिएंट केबल्स के आईपीओ में पैसा लगाने वाले निवेशकों को पहले दिन भारी उठापटक का सामना करना पड़ा है। • शेयर आवंटियों के लिए: सफल आवंटियों को 65 प्रतिशत से अधिक का भारी लिस्टिंग प्रीमियम मिला है। हालांकि लोअर सर्किट लगने के बाद अब शेयर बेचने या होल्ड करने का फैसला अगले कारोबारी सत्रों की लिक्विडिटी पर निर्भर करेगा। • नए खरीदारों के लिए: लिस्टिंग के तुरंत बाद लोअर सर्किट लगने से नए निवेशकों को संभलकर कदम उठाने की जरूरत है। शुरुआती स्तरों पर अत्यधिक उतार-चढ़ाव रहने के कारण एंट्री से पहले शेयरों के स्थिर होने का इंतजार करना चाहिए। • कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य पर: कंपनी को 320 करोड़ रुपये की नई पूंजी मिली है जो उसके बहीखाते को मजबूत करेगी। इस राशि से कर्ज चुकाने और क्षमता विस्तार में मदद मिलेगी जिससे आगे चलकर वित्तीय प्रदर्शन सुधर सकता है। • आईपीओ बाजार के रुझान पर: 92 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन और 65 फीसदी प्रीमियम यह दिखाता है कि मजबूत बुनियादी ढांचे वाली कंपनियों में खुदरा और संस्थागत मांग मजबूत बनी हुई है। आने वाले अन्य पब्लिक इश्यू में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी रह सकती है। ऐसा क्यों हुआ ओरिएंट केबल्स की लिस्टिंग में पहले 65 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया और फिर तेजी से लोअर सर्किट लग गया, जिसके पीछे मजबूत मांग और तुरंत मुनाफावसूली की दोहरी वजहें रहीं। • शुरुआती प्रीमियम का कारण: पब्लिक इश्यू को मिला 92.27 गुना बंपर सब्सक्रिप्शन लिस्टिंग पर भारी मांग का मुख्य कारण बना। संस्थागत और खुदरा निवेशकों की जबरदस्त होड़ के चलते शेयर बीएसई पर 448.10 रुपये और एनएसई पर 450 रुपये पर खुले। • लोअर सर्किट लगने की वजह: इश्यू प्राइस 272 रुपये के मुकाबले 65 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न देखते ही शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स ने तेजी से बिकवाली शुरू कर दी। बाजार खुलते ही एकतरफा बिक्री दबाव बनने से दोनों एक्सचेंजों पर 10 प्रतिशत की गिरावट के साथ सर्किट लग गया। • कारोबारी क्षमता का आधार: कंपनी डेटा सेंटर, टेलीकॉम और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों को नेटवर्किंग केबल सप्लाई करती है। इस मजबूत सेक्टर आउटलुक ने सब्सक्रिप्शन के दौरान निवेशकों का भरोसा बढ़ाया था। सवाल-जवाब 1. ओरिएंट केबल्स का शेयर किस भाव पर लिस्ट हुआ? ओरिएंट केबल्स का शेयर बीएसई पर 448.10 रुपये और एनएसई पर 450 रुपये के भाव पर लिस्ट हुआ, जो 272 रुपये के इश्यू प्राइस से 65 प्रतिशत से अधिक ऊपर था। 2. लिस्टिंग के बाद शेयर में लोअर सर्किट क्यों लगा? 65 फीसदी से अधिक के मजबूत लिस्टिंग लाभ के बाद निवेशकों ने तेजी से मुनाफावसूली की, जिससे बिकवाली के दबाव में दोनों एक्सचेंजों पर 10 प्रतिशत का लोअर सर्किट लग गया। 3. लोअर सर्किट के समय शेयरों का भाव क्या था? सुबह 10:10 बजे बीएसई पर शेयर 44.80 रुपये गिरकर 403.30 रुपये और एनएसई पर 45.00 रुपये गिरकर 405.00 रुपये पर आ गए थे। 4. ओरिएंट केबल्स के आईपीओ का प्राइस बैंड और फेस वैल्यू क्या थी? कंपनी ने 1 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर के लिए 258 रुपये से 272 रुपये का प्राइस बैंड तय किया था। 5. आईपीओ के दौरान कंपनी को कुल कितना सब्सक्रिप्शन मिला था? 25 से 29 सितंबर के दौरान खुले इस सार्वजनिक निर्गम को निवेशकों की ओर से कुल 92.27 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। 6. ओरिएंट केबल्स ने आईपीओ से कुल कितनी रकम जुटाई है? कंपनी ने 552 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जिसमें 320 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 232 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल शामिल है। 7. कंपनी आईपीओ से मिले पैसों का उपयोग कहां करेगी? नए शेयरों से मिली राशि का इस्तेमाल मशीनरी, कैपेक्स, कर्ज चुकाने और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा। https://trendkia.com/market/orient-cables-ki-sheyara-bajara-men-joradara-entri-shuruati-uchhala-ke-bada-laga-loara-sarkita-43229 TrendKia — Har trend, sabse pehle.