पश्चिम एशिया में तनाव और चीन के विनिर्माण आंकड़ों से पहले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में नरमी, 0.7050 से नीचे फिसला मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश की मांग के चलते ऑस्ट्रेलियाई डॉलर कमजोर होकर 0.7025 के स्तर तक गिर गया है। बाजार की नजर अब ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक के ब्याज दर फैसले और चीन के आगामी विनिर्माण आंकड़ों पर टिकी है। सोमवार के शुरुआती एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले दबाव में दिखा और AUD/USD विनिमय दर फिसलकर 0.7025 के करीब पहुंच गई। वैश्विक वित्तीय बाजारों में जोखिम से बचने की धारणा हावी होने के कारण अमेरिकी डॉलर को सुरक्षित ठिकाने के तौर पर तरजीह मिल रही है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में यह गिरावट दर्ज की गई। मौजूदा सत्र के दौरान जहां विनिमय दर 0.7034 पर कारोबार कर रही है, वहीं इसका पिछला बंद स्तर 0.7027 था जो 0.10 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्शाता है। निवेशक अब चीन से आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों और ऑस्ट्रेलिया के केंद्रीय बैंक की नीतिगत बैठक के नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। पश्चिम एशिया में सैन्य टकराव की आशंका और अमेरिकी डॉलर की मजबूती मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव में तेजी से हुए इजाफे ने वैश्विक मुद्रा बाजारों में जोखिम से बचने का माहौल पैदा कर दिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता ने अपने शीर्ष सैन्य कमांडरों को अमेरिका और इजराइल के साथ नए टकराव के लिए पूरी तरह तैयार रहने और जवाबी कार्रवाई के विकल्पों को विस्तार देने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा, "हर स्तर और हर प्रकार के खतरे का तत्काल, प्रभावी जवाब दिया जाना चाहिए, जिसमें कोई भौगोलिक सीमाएं नहीं होंगी।" इस कड़े रुख के बाद निवेशकों ने जोखिम वाली परिसंपत्तियों से पूंजी निकालकर सुरक्षित मानी जाने वाली संपत्तियों में लगाना शुरू कर दिया है। परंपरागत रूप से ऐसे संकट के समय ग्रीनबैक यानी अमेरिकी डॉलर को सुरक्षित पनाहगाह माना जाता है, जिससे डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी डॉलर की मांग में जोरदार उछाल देखने को मिला है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख और आगामी ब्याज दर की संभावनाएं अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने पिछले सप्ताह अपनी नीतिगत बैठक में बेंचमार्क फेडरल फंड्स दर को 3.75 प्रतिशत से 4 प्रतिशत के दायरे में अपरिवर्तित रखा था। फेडरल रिजर्व के नीति निर्माताओं ने संकेत दिया था कि वे अपने अगले नीतिगत फैसले के लिए आने वाले आर्थिक आंकड़ों का मूल्यांकन करेंगे। वर्तमान में वित्तीय बाजार यह मानकर चल रहे हैं कि नीति में सख्ती अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। सीएमई फेडवॉच टूल के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मुद्रा बाजार के कारोबारी दिसंबर में ब्याज दर वृद्धि की 72.9 प्रतिशत संभावना मानकर चल रहे हैं। फेडरल रिजर्व की इस संभावित सख्ती ने डॉलर की स्थिति को और अधिक मजबूत बनाए रखा है, जिसका सीधा असर जोखिम-संवेदनशील मुद्राओं पर पड़ रहा है। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के 18 साल के उच्चतम स्तर पर ब्याज दर ले जाने की उम्मीद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की तेज गिरावट को सीमित करने में सबसे बड़ा कारक स्थानीय केंद्रीय बैंक की आगामी बैठक बनी हुई है। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) मंगलवार को अपनी नवंबर नीतिगत बैठक में आधिकारिक नकद दर को 25 आधार अंक बढ़ाकर 4.60 प्रतिशत से 4.85 प्रतिशत कर सकता है। यदि यह कदम उठाया जाता है, तो ऑस्ट्रेलिया में ब्याज दरें 18 वर्षों के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच जाएंगी। एएसएक्स आरबीए रेट ट्रैकर के अनुसार, बाजार अब आरबीए बोर्ड की अगली बैठक में 4.85 प्रतिशत तक दर वृद्धि की लगभग 78 प्रतिशत संभावना देख रहा है, जो ताजा आंकड़े आने से पहले केवल 62 प्रतिशत थी। टीडी सिक्योरिटीज के अनुसार, बाजार पहले से ही आरबीए द्वारा मौद्रिक सख्ती की एक बड़ी संभावना मानकर चल रहा है और निवेशक नवंबर में आरबीए की दर वृद्धि की लगभग 80 प्रतिशत संभावना आंक रहे हैं। बाजार रणनीतिकारों का कहना है कि दुनिया के अन्य केंद्रीय बैंकों के मुकाबले निवेशक आगामी महीनों में आरबीए की ओर से और अधिक दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद करने में हिचकिचा रहे हैं। टीडी का विश्लेषण बताता है कि चूंकि बाजार निकट अवधि में एक और दर वृद्धि को पहले ही कीमतों में शामिल कर चुका है, इसलिए केंद्रीय बैंक के इस फैसले से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को बहुत अधिक अतिरिक्त समर्थन मिलने की उम्मीद नहीं है। इससे नीतिगत उम्मीदों के बल पर मुद्रा में और अधिक तेजी की गुंजाइश काफी सीमित नजर आती है। तकनीकी स्तर और चार्ट विश्लेषण तकनीकी चार्ट पर AUD/USD के लिए शुरुआती प्रतिरोध 100-दिवसीय एसएमए पर 0.7030 के स्तर पर देखा जा रहा है। इसके बाद अगला मजबूत अवरोध ऊपरी बोलिंजर बैंड के पास 0.7065 पर स्थित है। किसी भी सार्थक सुधार के लिए दैनिक आधार पर इस स्तर से ऊपर बंद होना बेहद जरूरी माना जा रहा है। इसके विपरीत, गिरावट की स्थिति में शुरुआती समर्थन बोलिंजर मध्य बैंड के करीब 0.6995 पर बना हुआ है। यदि यह स्तर टूटता है, तो निचला बोलिंजर बैंड 0.6925 के आसपास एक गहरा सहारा प्रदान करेगा। इस निचले स्तर के टूटने पर मंदी का रुझान और अधिक गहरा हो सकता है। लाइव तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, आरएसआई (14) 53 के स्तर पर एक तटस्थ स्थिति दर्शा रहा है, जबकि एमएसीडी संकेत रेखा के मुकाबले 0.00 के हिस्टोग्राम के साथ हल्का तेजी का संकेत दे रहा है। मूविंग एवरेज के संदर्भ में, 20-दिवसीय ईएमए 0.7016, 50-दिवसीय ईएमए 0.7034 और 200-दिवसीय ईएमए 0.6985 पर है, जिसमें गोल्डन क्रॉस (ईएमए50 का ईएमए200 से ऊपर होना) दीर्घकालिक अपट्रेंड को दर्शाता है। 50-दिवसीय एसएमए 0.7067 और 200-दिवसीय एसएमए 0.7057 पर है। बोलिंजर बैंड का दायरा 0.6927 से 0.7063 के बीच है और कीमत बैंड के भीतर बनी हुई है। एडीएक्स 23 पर कमजोर रेंज की ओर इशारा करता है, जबकि स्टोकेस्टिक पर फास्ट लाइन 80 और सिग्नल लाइन 84 पर है। दैनिक अस्थिरता के लिए एटीआर 0.00 है, 20-दिवसीय समर्थन 0.6895 और प्रतिरोध 0.7068 पर है। आज के महत्वपूर्ण स्तरों में धुरी बिंदु 0.7030, प्रतिरोध R1 0.7040, R2 0.7045 तथा समर्थन S1 0.7024 और S2 0.7014 पर स्थित हैं। इस मुद्रा जोड़ी का 52-सप्ताह का दायरा 0.6422 से 0.7277 के बीच रहा है। ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था, लौह अयस्क और चीन का प्रभाव ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की चाल को समझने के लिए देश के आर्थिक तंत्र और निर्यात ढांचे को देखना आवश्यक है। ऑस्ट्रेलिया एक संसाधन संपन्न देश है, जहां लौह अयस्क इसका सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद है। वर्ष 2021 के आंकड़ों के अनुसार यह सालाना 118 अरब डॉलर का निर्यात बैठता है, जिसका प्राथमिक गंतव्य चीन है। इसलिए जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में लौह अयस्क की कीमतें चढ़ती हैं, तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की मांग में स्वाभाविक रूप से वृद्धि होती है क्योंकि आयातक देशों को भुगतान के लिए मुद्रा की आवश्यकता होती है। इसके विपरीत, लौह अयस्क की कीमतों में गिरावट मुद्रा पर दबाव बनाती है। ऊंची कमोडिटी कीमतें ऑस्ट्रेलिया के व्यापार संतुलन को भी अनुकूल बनाती हैं, जो मुद्रा के लिए सीधा सकारात्मक कारक है। व्यापार संतुलन निर्यात से होने वाली आय और आयात पर किए गए खर्च का अंतर होता है। जब ऑस्ट्रेलिया अधिक निर्यात करता है, तो विदेशी खरीदारों की मांग मुद्रा को मजबूती प्रदान करती है। चीन ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जिसके कारण चीनी अर्थव्यवस्था का स्वास्थ्य ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मूल्य को सीधे तय करता है। जब चीनी विनिर्माण और औद्योगिक गतिविधियों में विस्तार होता है, तो वह ऑस्ट्रेलिया से कच्चे माल, वस्तुओं और सेवाओं की अधिक खरीद करता है। इससे मुद्रा की मांग बढ़ती है। वहीं दूसरी ओर, यदि चीनी अर्थव्यवस्था में सुस्ती आती है, तो ऑस्ट्रेलिया के निर्यात पर असर पड़ता है। इसी कारण आज जारी होने वाली रेटिंगडॉग विनिर्माण पीएमआई रिपोर्ट पर मुद्रा कारोबारियों की गहरी नजर है। वैश्विक बाजारों की स्थिति: जापानी येन और सोना मुद्रा बाजार के अन्य हलकों में, USD/JPY शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ 157.00 के क्षेत्र में पहुंचा था, जहां से उसने कुछ सुधार का प्रयास किया। निवेशक बैंक ऑफ जापान (BoJ) की हालिया नीतिगत बैठक का आकलन कर रहे हैं, जिसमें केंद्रीय बैंक ने बाजार की व्यापक उम्मीदों के अनुसार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। वहीं दूसरी ओर, सोने की कीमतों में शुक्रवार को तेज गिरावट दर्ज की गई और यह वर्ष के नए निचले स्तर पर फिसल गया। बाजारों में जोखिम से बचने के माहौल के बावजूद पीली धातु को संभलने में मुश्किल हुई, क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आगे और बढ़ोतरी की संभावनाओं ने धातु पर गहरा दबाव डाला, जिससे सोना महीने का समापन नकारात्मक दायरे में करने की राह पर दिखा। इसका आप पर असर वैश्विक मुद्रा बाजारों में डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों की संभावित बढ़ोतरी का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, विदेश यात्रा और जिंसों की कीमतों पर पड़ सकता है। • मुद्रा विनिमय और आयात लागत: अमेरिकी डॉलर में मजबूती से उन अर्थव्यवस्थाओं के लिए आयातित सामान महंगा हो जाता है जो डॉलर में भुगतान करती हैं। यदि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में और गिरावट आती है तो ऑस्ट्रेलिया में आयातित वस्तुओं पर मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ सकता है। • कच्चा माल और कमोडिटी निवेशक: लौह अयस्क और औद्योगिक धातुओं से जुड़े कारोबारियों को चीन के विनिर्माण आंकड़ों पर नजर रखनी चाहिए। मांग में कमी आने पर संबंधित खनन कंपनियों के शेयरों और राजस्व पर सीधा नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। • ऋण और उधारी की लागत: ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक द्वारा नकद दर 4.85 प्रतिशत किए जाने से ऑस्ट्रेलिया में होम लोन और व्यावसायिक ऋणों की ईएमआई बढ़ जाएगी। यह 18 वर्षों का उच्चतम स्तर होगा, जिससे स्थानीय उपभोक्ताओं के बजट पर सीधा बोझ बढ़ेगा। • वैश्विक निवेशकों के लिए रणनीति: मध्य पूर्व में तनाव के चलते निवेशक जोखिम वाली मुद्राओं के बजाय डॉलर और सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख कर सकते हैं। मुद्रा कारोबारियों को 0.7030 के धुरी बिंदु और 0.6995 के समर्थन स्तर पर कड़ा स्टॉप लॉस लगाना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में यह गिरावट मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव और वैश्विक स्तर पर सुरक्षित संपत्तियों की ओर पूंजी के प्रवाह के कारण आई है, जबकि ब्याज दर चक्र के प्रभाव ने बाजार को सतर्क रखा है। • मध्य पूर्व में युद्ध की चेतावनी: ईरान द्वारा अमेरिका और इजराइल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई का दायरा बढ़ाने के आदेश के बाद भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ गई। निवेशकों ने जोखिम वाली परिसंपत्तियों से निकलकर सुरक्षित मानी जाने वाली अमेरिकी मुद्रा में खरीदारी तेज कर दी। • चीन के आर्थिक आंकड़ों से पहले सावधानी: ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार चीन के विनिर्माण पीएमआई आंकड़े जारी होने वाले हैं। बाजार प्रतिभागी किसी भी अप्रत्याशित सुस्ती की आशंका के चलते पहले से ही सतर्क रुख अपना रहे हैं। • फेडरल रिजर्व और आरबीए की नीतियां: अमेरिकी फेड द्वारा दिसंबर में ब्याज दर बढ़ाने की 72.9 प्रतिशत संभावना डॉलर को ऊंचा रख रही है। दूसरी तरफ, ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक द्वारा 25 आधार अंकों की वृद्धि की उम्मीदें पहले ही बाजार भाव में शामिल हो चुकी हैं, जिससे मुद्रा को अतिरिक्त लाभ नहीं मिल सका। सवाल-जवाब 1. सोमवार के कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर क्यों गिरा? मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और चीन के विनिर्माण आंकड़ों से पहले निवेशकों द्वारा अमेरिकी डॉलर जैसे सुरक्षित ठिकानों को चुनने के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7025 तक फिसल गया। 2. रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया से ब्याज दरों पर क्या फैसला आने की उम्मीद है? आरबीए द्वारा अपनी मंगलवार की नीतिगत बैठक में आधिकारिक नकद दर को 25 आधार अंक बढ़ाकर 4.60 प्रतिशत से 4.85 प्रतिशत करने की संभावना है, जो 18 वर्षों का उच्चतम स्तर होगा। 3. ईरान के सर्वोच्च नेता ने क्या बयान दिया है? खामेनेई ने कहा कि हर स्तर और प्रकार के खतरे का भौगोलिक सीमाओं के बिना तत्काल और प्रभावी जवाब दिया जाना चाहिए। 4. अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर को लेकर बाजार क्या अनुमान लगा रहा है? सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार, व्यापारी दिसंबर की बैठक में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में बढ़ोतरी की 72.9 प्रतिशत संभावना देख रहे हैं। 5. चीनी अर्थव्यवस्था ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए क्यों महत्वपूर्ण है? चीन ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और लौह अयस्क का मुख्य आयातक है, इसलिए चीनी औद्योगिक मांग में बदलाव का सीधा असर ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा पर पड़ता है। 6. तकनीकी विश्लेषण के अनुसार AUD/USD के लिए प्रमुख समर्थन और प्रतिरोध स्तर क्या हैं? ताजा चार्ट के अनुसार शुरुआती प्रतिरोध 0.7030 और 0.7065 पर है, जबकि नीचे की ओर समर्थन 0.6995 और 0.6925 पर स्थित है। https://trendkia.com/market/pashchima-eshiya-men-tanava-aura-china-ke-vinirmana-ankaron-se-pahale-australian-dollar-men-narami-0-7050-se-niche-phisala-54637 TrendKia — Har trend, sabse pehle.