# पीबीओसी के अहम फैसले और मध्य पूर्व के तनाव के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने 0.7000 के स्तर पर बनाई मजबूत पकड़

> चीनी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले के बाद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7000 के अहम स्तर के आसपास मजबूती से टिका हुआ है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण निवेशक सतर्क हैं, जिससे अमेरिकी डॉलर में सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ गई है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-07-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/pboc-ke-ahama-phaisale-aura-madhya-purva-ke-tanava-ke-bicha-australian-dollar-ne-0-7000-ke-stara-para-banai-majabuta-pakara-9749 · **Language:** Hindi
**Tags:** ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, विदेशी मुद्रा बाजार, पीबीओसी, अमेरिकी डॉलर, ब्याज दरें, क्रिप्टोकरेंसी, finance

वैश्विक मुद्रा बाजारों में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर शानदार मजबूती दिखा रहा है, और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7000 के महत्वपूर्ण स्तर के आसपास अपनी पकड़ बनाए हुए है। यह स्थिर प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़ी घटनाएँ हो रही हैं। एक तरफ पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (पीबीओसी) ने अपनी मौद्रिक नीति के फैसलों को अंतिम रूप दिया है, तो दूसरी तरफ मध्य पूर्व में गहराते भू-राजनीतिक संकट के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर भाग रहे हैं। इसके साथ ही, वित्तीय बाजार अमेरिका से आने वाले प्रमुख रोजगार आंकड़ों का भी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जिसके कारण लगभग सभी प्रमुख मुद्रा जोड़ियों में एक सतर्क कारोबारी माहौल देखने को मिल रहा है।

## चीन की मौद्रिक नीति और ऑस्ट्रेलियाई निर्यात पर असर

मुद्रा कारोबारियों की कड़ी नजर चीन के केंद्रीय बैंक, पीबीओसी पर थी, जिसने अपनी बेंचमार्क उधारी दरों को बिना किसी बदलाव के बनाए रखने का फैसला किया है। बैंक ने एक साल की लोन प्राइम रेट को 3.00 प्रतिशत और पांच साल की लोन प्राइम रेट को 3.50 प्रतिशत पर स्थिर रखा है। इन महत्वपूर्ण कर्ज दरों को जस का तस रखने का केंद्रीय बैंक का यह निर्णय चीनी नीति निर्माताओं के एक बेहद संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाता है। चूंकि चीन ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, इसलिए चीन की आर्थिक सेहत का सीधा असर लौह अयस्क और कोयले जैसे ऑस्ट्रेलियाई कमोडिटी निर्यात की मांग पर पड़ता है। जब चीनी केंद्रीय बैंक विकास को गति देने के लिए दरों में कटौती करने के बजाय उन्हें स्थिर रखता है, तो यह आर्थिक प्रबंधन के प्रति एक सधे हुए रवैये का संकेत देता है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, जिसे अक्सर चीनी अर्थव्यवस्था की स्थिति का एक तरल पैमाना माना जाता है, के लिए इस नए मौद्रिक प्रोत्साहन की कमी का मतलब है कि अब इस मुद्रा को अपनी बढ़त बनाए रखने के लिए अन्य बुनियादी कारकों पर निर्भर रहना होगा।

शॉर्ट-टर्म चार्ट पर एक तेज रिकवरी के बाद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का स्थिर होना यह बताता है कि बाजार के प्रतिभागियों ने चीनी केंद्रीय बैंक के इस फैसले को पहले ही भांप लिया था। आगे चलकर, ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था की दिशा काफी हद तक एशियाई महाशक्ति चीन के औद्योगिक उत्पादन और घरेलू खपत के रुझानों पर निर्भर करेगी। यही कारण है कि विदेशी मुद्रा निवेशक भविष्य में लोन प्राइम रेट में होने वाले किसी भी बदलाव को लेकर बेहद सतर्क रहेंगे।

## मध्य पूर्व में तनाव और सुरक्षित निवेश की होड़

जहां एशियाई आर्थिक आंकड़े बुनियादी ढांचा प्रदान करते हैं, वहीं बाजार की तात्कालिक धारणा काफी हद तक गंभीर भू-राजनीतिक अनिश्चितता से तय हो रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में भारी जोखिम से बचने की भावना पैदा कर दी है। हाल के सैन्य टकरावों का दायरा काफी बढ़ गया है, जिसमें हुए हमलों से सैन्य ठिकानों और महत्वपूर्ण नागरिक बुनियादी ढांचे दोनों को भारी नुकसान पहुंचा है। निवेशक विशेष रूप से वाणिज्यिक शिपिंग टैंकरों और क्षेत्र के महत्वपूर्ण जल विलवणीकरण (डिसेलिनेशन) संयंत्रों पर हो रहे हमलों की बढ़ती आवृत्ति से चिंतित हैं।

ये सैन्य शत्रुताएं खाड़ी के प्राथमिक शिपिंग मार्गों के लिए सीधा खतरा पैदा करती हैं, जिससे क्षेत्रीय जल आपूर्ति में गंभीर संकट और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में विनाशकारी बाधाओं की आशंका बढ़ जाती है। जोखिम से बचने वाले ऐसे माहौल में, पूंजी आम तौर पर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जैसी विकास-संवेदनशील और जोखिम से जुड़ी संपत्तियों से निकलकर अमेरिकी डॉलर जैसी परम सुरक्षित संपत्ति की शरण लेती है। दुनिया की प्राथमिक रिजर्व मुद्रा के रूप में अमेरिकी डॉलर (USD) की स्थिति का मतलब है कि मध्य पूर्व में किसी भी तरह का और तनाव ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त को सीमित कर देगा, क्योंकि निवेशक अधिक रिटर्न वाली मुद्राओं के बजाय अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने को प्राथमिकता देंगे।

## अमेरिका के अहम रोजगार आंकड़ों का इंतजार

भू-राजनीतिक झटकों से परे, व्यापक आर्थिक दृष्टिकोण से सभी की निगाहें आगामी अमेरिकी एडीपी (ADP) रोजगार परिवर्तन के आंकड़ों पर टिकी हैं, विशेष रूप से चार सप्ताह के औसत पैमाने पर। बाजार विश्लेषक पिछले आंकड़ों का गहन अध्ययन कर रहे हैं, जिसने संकेत दिया था कि 27 जून को समाप्त होने वाली चार सप्ताह की अवधि के दौरान अमेरिकी निजी नियोक्ताओं ने प्रति सप्ताह औसतन 19.75K नौकरियां जोड़ीं। यह आंकड़ा इससे पिछली अवधि में जोड़ी गई 21K नौकरियों की तुलना में रोजगार सृजन में स्पष्ट मंदी को दर्शाता है।

मंगलवार को जारी होने वाले इन नए आंकड़ों को अमेरिकी श्रम बाजार और इसके परिणामस्वरूप फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति की दिशा तय करने वाला एक महत्वपूर्ण पैमाना माना जा रहा है। यदि नए आंकड़े भर्ती की गति में और अधिक मंदी का खुलासा करते हैं, तो यह इस धारणा को मजबूत कर सकता है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था ठंडी पड़ रही है। इस तरह का परिदृश्य संभवतः अमेरिकी डॉलर (USD) पर भारी दबाव डालेगा, जो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को वह बुनियादी मजबूती दे सकता है जिसकी उसे ऊपर की ओर छलांग लगाने के लिए आवश्यकता है। इसके विपरीत, यदि रोजगार के आंकड़े उम्मीद से बेहतर आते हैं, तो यह अमेरिकी कार्यबल के लचीलेपन को रेखांकित करेगा। इससे अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड को समर्थन मिलेगा और AUD/USD विनिमय दर पर नए सिरे से दबाव पड़ेगा, क्योंकि ब्याज दरों का अंतर अमेरिका के पक्ष में झुक जाएगा।

## लाइव बाजार गतिविधि और तकनीकी विश्लेषण

लाइव तकनीकी परिदृश्य का विश्लेषण करें तो, AUD/USD जोड़ी वर्तमान में 0.7002 पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद स्तर 0.7001 से 0.01 प्रतिशत की मामूली इंट्राडे बढ़त को दर्शाता है। लाइव बाजार के आंकड़े बताते हैं कि इस मुद्रा ने 0.6415 और 0.7277 के बीच एक विस्तृत 52-सप्ताह की ट्रेडिंग रेंज में उतार-चढ़ाव देखा है, और वर्तमान ट्रेडिंग वॉल्यूम इसके 20-दिन के औसत के बिल्कुल बराबर है। 4-घंटे के चार्ट पर, यह संपत्ति एक मामूली तेजी का रुझान बनाए हुए है, और यह ऐतिहासिक शॉर्ट-टर्म औसत के ऊपर सफलतापूर्वक स्थिर बनी हुई है। हालांकि, मौजूदा लाइव तकनीकी संकेतक एक स्थिर लेकिन सतर्क गति की तस्वीर पेश करते हैं।

रीयल-टाइम बाजार डेटा के अनुसार, 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) वर्तमान में 54 पर स्थित है, जो पहले के 59 के स्तर से थोड़ा समायोजित हुआ है। यह एक सकारात्मक गति को दर्शाता है जो अभी तक ओवरबॉट (अत्यधिक खरीद) क्षेत्र में नहीं पहुंची है, जिसका अर्थ है कि निकट अवधि में किसी भी गिरावट पर खरीदार फिर से आकर्षित हो सकते हैं। लाइव दैनिक तकनीकी आंकड़ों पर व्यापक नजर डालने से एक दीर्घकालिक अपट्रेंड का पता चलता है जिसकी विशेषता एक गोल्डन क्रॉस है, जहां 0.7010 पर 50-अवधि का एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 0.6876 पर स्थित 200-अवधि के EMA से ऊपर बना हुआ है। MACD हिस्टोग्राम वर्तमान में अपनी सिग्नल लाइन के मुकाबले 0.00 पर तेजी के संकेत के साथ खड़ा है, और कीमत 0.6862 से 0.7021 तक फैले लाइव बोलिंगर बैंड (Bollinger Bands) के भीतर आराम से झूल रही है। एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स (ADX) 21 के कमजोर स्तर पर है, जो मौजूदा सीमित दायरे (रेंज-बाउंड) के कारोबार की पुष्टि करता है।

सक्रिय ट्रेडर्स के लिए, तत्काल लाइव तकनीकी संरचना स्पष्ट रूप से परिभाषित है। दैनिक पिवट बिंदु (Pivot) ठीक 0.7003 पर स्थित है। ऊपरी तरफ, तत्काल रेजिस्टेंस (बाधा) 0.7013 के लाइव R1 स्तर द्वारा स्थापित है, जिसके ठीक बाद R2 पर 0.7025 की मजबूत रुकावट है। यदि अमेरिकी श्रम बाजार की कमजोरी के कारण इन स्तरों से ऊपर एक निर्णायक ब्रेकआउट होता है, तो यह एक बड़ी तेजी की शुरुआत कर सकता है। नीचे की ओर, प्रारंभिक सपोर्ट 0.6991 के लाइव S1 सपोर्ट के आसपास देखा जा रहा है, जबकि ऐतिहासिक फर्श 0.6995 के करीब हैं। यदि बाजार में कोई गहरी गिरावट आती है और यह 0.6981 के S2 सपोर्ट को तोड़ती है, तो इसे 0.6866 के आसपास 20-दिवसीय सपोर्ट बैंड के करीब एक मजबूत मध्यम अवधि की मांग का सामना करना पड़ेगा।

## वैश्विक मुद्राओं का संघर्ष: पाउंड और यूरो

सुरक्षित निवेश की मांग से प्रेरित होकर अमेरिकी डॉलर की मजबूती अन्य प्रमुख यूरोपीय मुद्राओं को सक्रिय रूप से दबा रही है। ब्रिटिश पाउंड (GBP) अमेरिकी डॉलर (USD) के मुकाबले भारी बिकवाली के दबाव से जूझ रहा है, जिसने GBP/USD जोड़ी को 1.3420 के आसपास अपने कई दिनों के निचले स्तर पर धकेल दिया है। सप्ताह की शुरुआत में स्टर्लिंग के लिए यह अत्यधिक मंदी का रुख निवेशकों की उस चिंता को दर्शाता है जो वे अमेरिका-ईरान संघर्ष के गहराते हालात का आकलन करते हुए महसूस कर रहे हैं। पाउंड में भारी निवेश करने वाले ट्रेडर अब अपना पूरा ध्यान मंगलवार को आने वाली यूके की रोजगार रिपोर्ट पर केंद्रित कर रहे हैं, इस उम्मीद में कि यह घरेलू डेटा मुद्रा को उबरने के लिए कोई उत्प्रेरक प्रदान कर सके।

इसी तरह, यूरो (EUR) भी रक्षात्मक मुद्रा में आ गया है। EUR/USD विनिमय दर लगातार तीसरे दिन दबाव में कारोबार कर रही है, और यह 1.1400 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर के खतरनाक रूप से करीब पहुंच गई है, जो कई दिनों के निचले स्तर को भी दर्शाता है। एकल मुद्रा में यह गिरावट मध्य पूर्व के संकट से पैदा हुई लगातार अनिश्चितता और उसके परिणामस्वरूप अमेरिकी मुद्रा के मजबूत प्रदर्शन का सीधा परिणाम है। यूरोज़ोन में काम करने वाले बाजार प्रतिभागी अब इस सप्ताह के अंत में यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ईसीबी) के आगामी ब्याज दर निर्णय का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जो इस मुद्रा जोड़ी की दिशा को नाटकीय रूप से बदल सकता है।

## कमोडिटी और क्रिप्टो: गोल्ड और एथेरियम की स्थिति

व्यापक वित्तीय परिदृश्य में, पारंपरिक और डिजिटल वैकल्पिक संपत्तियां एक अनूठी अस्थिरता का अनुभव कर रही हैं। ऐतिहासिक रूप से सबसे सुरक्षित निवेश माने जाने वाले गोल्ड (सोने) ने शुक्रवार की अपनी तेजी को पलट दिया है, और यह वर्तमान में प्रति ट्रॉय औंस 4,000 डॉलर के भारी मनोवैज्ञानिक मील के पत्थर के आसपास झूल रहा है। हालांकि मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य अभियानों और बुनियादी ढांचे पर हमलों से इस कीमती धातु को मजबूत अंतर्निहित समर्थन मिलता है, लेकिन अमेरिका में ब्याज दरों के लंबे समय तक उच्च बने रहने की उम्मीदें अमेरिकी डॉलर को लगातार मजबूत कर रही हैं। यह गतिशीलता गोल्ड को एक सख्त निगरानी में रखती है, जहां यह भू-राजनीतिक डर और व्यापक आर्थिक रिटर्न के बीच रस्साकशी में फंसा हुआ है।

इसके साथ ही, क्रिप्टोकरेंसी क्षेत्र अपने भीतर जटिल बदलाव प्रदर्शित कर रहा है। एथेरियम (ETH) ने पिछले सप्ताह के दौरान शानदार प्रदर्शन दिखाया है, और अन्य प्रमुख डिजिटल संपत्तियों के मुकाबले सापेक्षिक मजबूती हासिल करने में सफल रहा है। पिछले सप्ताह और बुधवार के बीच, एथेरियम ने दोहरे अंकों में प्रभावशाली लाभ दर्ज किया, जिसने बिटकॉइन (BTC), एक्सआरपी (XRP) और सोलाना (Solana) जैसी प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी को काफी पीछे छोड़ दिया। हालांकि, सतह के इस मजबूत प्रदर्शन के नीचे, महत्वपूर्ण ऑन-चेन मीट्रिक्स यह संकेत देते हैं कि एथेरियम की यह तेजी अभी भी बेहद नाजुक है। यह कमजोरी तब खुलकर सामने आई जब गुरुवार को पूरे क्रिप्टोकरेंसी बाजार ने एक साथ नीचे की ओर सुधार शुरू किया, जिसने निवेशकों को यह याद दिलाया कि डिजिटल संपत्तियों की तेजी बाजार की व्यापक जोखिम धारणा में होने वाले अचानक बदलावों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होती है।

## इसका आप पर असर
- **विदेशी मुद्रा ट्रेडर्स के लिए:** मध्य पूर्व के तनाव के कारण अमेरिकी डॉलर की लगातार बढ़ती मांग का मतलब है कि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और ब्रिटिश पाउंड जैसी जोखिम-संवेदनशील मुद्राओं पर दांव लगाने वालों को सख्त स्टॉप-लॉस का उपयोग करना होगा।
- **वैश्विक निवेशकों के लिए:** चीन के केंद्रीय बैंक द्वारा उधारी दरों को स्थिर रखने के फैसले से पता चलता है कि बाजार में फिलहाल कोई नया प्रोत्साहन नहीं आ रहा है, जिससे चीनी मांग पर निर्भर कमोडिटी बाजारों में धीमी वृद्धि देखने को मिल सकती है।
- **क्रिप्टो निवेशकों के लिए:** हालांकि एथेरियम ने हाल ही में बिटकॉइन और सोलाना से बेहतर प्रदर्शन किया है, लेकिन व्यापक बाजार की गिरावट खुदरा खरीदारों को यह चेतावनी देती है कि डिजिटल संपत्तियां अभी भी व्यापक आर्थिक बदलावों के प्रति अत्यधिक नाजुक हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. पीबीओसी द्वारा घोषित नई लोन प्राइम दरें क्या हैं?
पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (पीबीओसी) ने अपनी एक साल की लोन प्राइम रेट को 3.00 प्रतिशत और पांच साल की लोन प्राइम रेट को 3.50 प्रतिशत पर स्थिर रखा है।

### 2. मौजूदा बाजार में अमेरिकी डॉलर क्यों मजबूत हो रहा है?
मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक संघर्ष के कारण सुरक्षित निवेश की मांग तेजी से बढ़ी है, जिससे अमेरिकी डॉलर को भारी समर्थन मिल रहा है।

### 3. निवेशक किस महत्वपूर्ण अमेरिकी आर्थिक डेटा का इंतजार कर रहे हैं?
बाजार के प्रतिभागी अमेरिकी एडीपी (ADP) रोजगार परिवर्तन के चार सप्ताह के औसत आंकड़ों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, ताकि यह देखा जा सके कि पिछले 19.75K की रीडिंग के बाद क्या भर्ती की गति और धीमी हुई है।

### 4. हाल ही में अन्य क्रिप्टोकरेंसी की तुलना में एथेरियम का प्रदर्शन कैसा रहा?
बुधवार तक एथेरियम ने दोहरे अंकों में लाभ दर्ज करके बिटकॉइन, एक्सआरपी और सोलाना से काफी बेहतर प्रदर्शन किया, हालांकि गुरुवार को बाजार में आए सुधार के बाद इसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।

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