{
  "type": "article",
  "title": "कर्ज से पूरी तरह मुक्त हुई पीसी ज्वैलर, लगातार तीसरे दिन उछले शेयर",
  "summary": "14 सरकारी बैंकों के कंसोर्टियम का पूरा कर्ज चुकाने और सितंबर तिमाही में राजस्व 28 फीसदी बढ़ने के बाद पीसी ज्वैलर के शेयरों में जोरदार तेजी देखी जा रही है।",
  "content": "घरेलू शेयर बाजार में आभूषण निर्माता कंपनी पीसी ज्वैलर के शेयरों में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में जोरदार खरीदारी दर्ज की गई। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को कंपनी के शेयरों में 5 फीसदी से अधिक की मजबूती देखने को मिली। इस तेजी की सबसे बड़ी वजह कंपनी का भारी भरकम कर्ज से पूरी तरह मुक्त होना और सितंबर तिमाही के मजबूत कारोबारी आंकड़े रहे हैं। कंपनी ने जानकारी दी है कि 14 सरकारी बैंकों के कंसोर्टियम के साथ पूरे बकाये का निपटारा होने के बाद उसकी सभी गिरवी रखी संपत्तियों को आधिकारिक तौर पर मुक्त करा लिया गया है।\n\nकारोबार के दौरान 53 फीसदी से अधिक का वार्षिक रिटर्न\nनेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE पर सुबह 11:46 बजे पीसी ज्वैलर के शेयर 0.78 रुपये या 5.61 फीसदी की बढ़त के साथ 14.68 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। शुक्रवार के सत्र में यह स्टॉक 14.21 रुपये के स्तर पर खुला था। इसके बाद खरीदारी के दम पर यह दिन के उच्चतम स्तर 14.93 रुपये तक पहुंच गया, जबकि सत्र का निचला स्तर 13.96 रुपये दर्ज किया गया। वर्ष 2026 की शुरुआत में यह शेयर करीब 9.55 रुपये के स्तर पर मौजूद था, जहां से अब तक इसमें 53 फीसदी से ज्यादा की जबर्दस्त तेजी आ चुकी है।\n\n14 बैंकों से मिले अनापत्ति और रिलीज पत्र\nपीसी ज्वैलर ने स्टॉक एक्सचेंजों को औपचारिक सूचना देते हुए बताया कि कंसोर्टियम में शामिल सभी 14 सरकारी बैंकों से उसे 'नो ऑब्जेक्शन कम नो ड्यूज कम रिलीज लेटर्स' प्राप्त हो चुके हैं। बैंकों का पूरा बकाया चुका दिए जाने के बाद कंपनी के साथ-साथ उसके पर्सनल और कॉरपोरेट गारंटरों की गिरवी रखी गई सभी संपत्तियां पूरी तरह भारमुक्त हो गई हैं। इसके अलावा कंपनी ने यह भी पुष्टि की है कि संपत्तियों के मूल दस्तावेज यानी ओरिजिनल टाइटल डीड्स भी संबंधित धारकों को वापस सौंप दिए गए हैं।\n\nगारंटी और प्रतिभूतियों से पूरी तरह छुटकारा\nबैंकों के साथ इस व्यापक वित्तीय समझौते के तहत कंपनी और उसके गारंटरों द्वारा दी गई सभी तरह की जमानतें, चार्ज, सिक्योरिटीज, गारंटियां और अंडरटेकिंग्स अब पूरी तरह समाप्त कर दी गई हैं। लंबे समय से कर्ज के भारी दबाव और वित्तीय संकट से जूझ रही पीसी ज्वैलर के लिए यह घटनाक्रम उसके बहीखाते को सुधारने और भविष्य के विस्तार की राह खोलने की दिशा में एक अहम मोड़ साबित हुआ है। इस निपटारे से बाजार में निवेशकों का भरोसा भी तेजी से लौटा है।\n\nदूसरी तिमाही में राजस्व 28 फीसदी बढ़ा, मिली पुरानी विदेशी रकम\nकर्जमुक्ति के साथ-साथ कंपनी के परिचालन प्रदर्शन में भी बड़ा सुधार देखा गया है। पीसी ज्वैलर ने सितंबर 2026 की तिमाही के दौरान अपने समेकित राजस्व में सालाना आधार पर करीब 28 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है। कंपनी के अनुसार मजबूत उपभोक्ता मांग के चलते बिक्री में यह उल्लेखनीय उछाल आया। इसके अलावा कंपनी को वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही यानी Q2 FY27 के दौरान पुराने बकाया निर्यात देनदारों से 142 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा प्रेषण राशि भी प्राप्त हुई है, जिससे उसकी वित्तीय तरलता को अतिरिक्त सहारा मिला है।\n\nइसका आप पर असर\nपीसी ज्वैलर के बहीखाते से कर्ज का बोझ पूरी तरह हटने और वित्तीय प्रदर्शन में सुधार से खुदरा निवेशकों तथा आभूषण खरीदारों पर सकारात्मक असर पड़ेगा।\n\n• शेयरधारकों के लिए: कंपनी की सभी गिरवी संपत्तियां और गारंटियां मुक्त होने से वित्तीय जोखिम काफी घट गया है। साल 2026 में अब तक 53 फीसदी से अधिक रिटर्न दे चुका यह शेयर मजबूत बैलेंस शीट के दम पर निवेशकों के लिए स्थिरता का संकेत दे रहा है।\n• ग्राहकों और खुदरा बाजार के लिए: बकाये का निपटारा होने और 142 करोड़ रुपये की विदेशी नकदी आने से कंपनी के स्टोर ऑपरेशंस सुचारु होंगे। उपभोक्ता मांग में 28 फीसदी की वृद्धि यह दर्शाती है कि आगामी त्योहारी सीजन में कंपनी के रिटेल आउटलेट्स पर आभूषणों की उपलब्धता बेहतर रहेगी।\n• बैंकिंग प्रणाली के नजरिए से: 14 सरकारी बैंकों के कंसोर्टियम का फंसा हुआ कर्ज सफलतापूर्वक चुकता हो गया है। इससे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के फंसे हुए कर्जों में कमी आएगी और रिकवरी प्रक्रिया मजबूत होगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nपीसी ज्वैलर के शेयरों में जोरदार लिवाली कंपनी के सफल वित्तीय पुनर्गठन और दूसरी तिमाही के उत्साहजनक कारोबारी आंकड़ों के संयुक्त प्रभाव के कारण आई है।\n\n• कर्ज का पूर्ण निपटारा: कंपनी ने 14 सरकारी बैंकों के कंसोर्टियम का पूरा बकाया चुका दिया, जिसके बाद बैंकों ने अनापत्ति और रिलीज पत्र जारी कर दिए। इसके चलते कंपनी और गारंटरों की सभी गिरवी रखी संपत्तियां और मूल दस्तावेज पूरी तरह मुक्त हो गए।\n• मजबूत परिचालन वृद्धि: सितंबर 2026 तिमाही में कंपनी के समेकित राजस्व में सालाना आधार पर 28 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। उपभोक्ता मांग में मजबूती ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि कंपनी का मूल कारोबार पटरी पर लौट आया है।\n• निर्यात बकाये की वसूली: वित्तीय वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में कंपनी को निर्यात देनदारों से 142 करोड़ रुपये का प्रेषण मिला। इस अतिरिक्त नकदी प्रवाह ने कंपनी की वित्तीय स्थिति को तात्कालिक मजबूती प्रदान की।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. शुक्रवार को पीसी ज्वैलर के शेयर किस भाव पर पहुंचे?\nशुक्रवार, 9 अक्टूबर को एनएसई पर शेयर 5.61 फीसदी की तेजी के साथ 14.68 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जबकि दिन का उच्चतम स्तर 14.93 रुपये रहा।\n\n2. कंपनी के कर्ज निपटारे में कितने बैंक शामिल थे?\nइस कर्ज निपटारे में 14 सरकारी बैंकों का कंसोर्टियम शामिल था, जिसने बकाया चुकता होने के बाद रिलीज पत्र जारी किए।\n\n3. सितंबर 2026 तिमाही में पीसी ज्वैलर का राजस्व कितना बढ़ा?\nकंपनी के समेकित राजस्व में मजबूत उपभोक्ता मांग के चलते सालाना आधार पर लगभग 28 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।\n\n4. निर्यात बकाये से कंपनी को कितनी नकदी मिली है?\nपीसी ज्वैलर को वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के दौरान बकाया निर्यात देनदारों से 142 करोड़ रुपये का प्रेषण प्राप्त हुआ।\n\n5. साल 2026 की शुरुआत से अब तक इस शेयर ने कितना रिटर्न दिया है?\nसाल 2026 की शुरुआत में करीब 9.55 रुपये के स्तर पर मौजूद यह शेयर अब तक 53 फीसदी से अधिक बढ़ चुका है।",
  "url": "https://trendkia.com/market/pc-jeweller-ka-karja-khatma-lagatara-tisare-dina-uchhale-sheyara-45230",
  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-10-09",
  "tags": [
    "पीसी ज्वैलर",
    "शेयर बाजार",
    "बैंकिंग कर्ज",
    "एनएसई",
    "तिमाही नतीजे",
    "आभूषण उद्योग"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}