पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने युआन का रेफरेंस रेट 6.7808 तय किया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुई वैश्विक मुद्राएं चीन के केंद्रीय बैंक ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले युआन की संदर्भ दर 6.7808 निर्धारित की है। इस बीच अमेरिकी खजाने की गतिविधियों और मुद्रास्फीति के आंकड़ों के कारण वैश्विक मुद्रा बाजार में डॉलर पर दबाव देखा गया। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने गुरुवार के कारोबारी सत्र के लिए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले चीनी युआन की मध्य संदर्भ दर 6.7808 तय की है। केंद्रीय बैंक द्वारा घोषित यह दैनिक रेफरेंस रेट पिछले कारोबारी दिन के 6.7854 के स्तर की तुलना में युआन में मामूली मजबूती को दर्शाता है। बाजार विश्लेषकों ने इस दर के 6.7196 के आसपास रहने का अनुमान जताया था। चीन के मुद्रा बाजार में दैनिक फिक्सिंग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, क्योंकि यह ऑनशोर बाजार में व्यापार की सीमा निर्धारित करने के साथ-साथ वैश्विक वित्तीय बाजार की हलचलों के बीच केंद्रीय बैंक के रुख का संकेत देती है। चीन के केंद्रीय बैंक के नीतिगत उद्देश्य और संस्थागत ढांचा पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना का मौद्रिक नीति ढांचा देश के प्रमुख व्यापक आर्थिक लक्ष्यों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है। केंद्रीय बैंक के प्राथमिक उद्देश्यों में मूल्य स्थिरता बनाए रखना शामिल है, जिसके तहत घरेलू मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के साथ-साथ रेन्मिनबी की विनिमय दर में स्थिरता सुनिश्चित की जाती है। मूल्य स्थिरता के अलावा, केंद्रीय बैंक को देश में सतत आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। इसके साथ ही, यह संस्थान वित्तीय सुधारों को लागू करने, अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए घरेलू पूंजी बाजारों को खोलने और चीन के वित्तीय क्षेत्र का विस्तार करने के लिए निरंतर काम करता है। पश्चिमी देशों के केंद्रीय बैंकों के विपरीत, जो राजनीतिक रूप से स्वतंत्र निकायों के रूप में काम करते हैं, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना पूरी तरह से सरकारी स्वामित्व वाला संस्थान है और पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के नियंत्रण में कार्य करता है। इसके रणनीतिक फैसलों और परिचालन दिशा पर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की समिति के सचिव का गहरा प्रभाव होता है। इस पद पर नियुक्ति स्टेट काउंसिल के अध्यक्ष द्वारा नामांकित की जाती है। जहां पारंपरिक केंद्रीय बैंकों में शासन की कमान मुख्य रूप से गवर्नर के पास होती है, वहीं चीन के केंद्रीय बैंक में वास्तविक अधिकार इस पार्टी समिति संरचना के माध्यम से संचालित होते हैं। वर्तमान में, पान गोंगशेंग दोनों प्रमुख नेतृत्व भूमिकाएं संभाल रहे हैं, जहां वे चीनी कम्युनिस्ट पार्टी समिति के सचिव और पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के गवर्नर दोनों पदों पर कार्यरत हैं। मौद्रिक नीति के उपकरण और लोन प्राइम रेट की केंद्रीय भूमिका अपने नीतिगत लक्ष्यों को हासिल करने के लिए, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना कई तरह के मौद्रिक नीति उपकरणों का उपयोग करता है, जो पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं में देखे जाने वाले पारंपरिक ब्याज दर समायोजन से काफी व्यापक हैं। अल्पकालिक तरलता प्रबंधन के लिए मुख्य रूप से 7-दिवसीय रिवर्स रेपो रेट और मीडियम-टर्म लेंडिंग फैसिलिटी का उपयोग किया जाता है, जिनके जरिए बैंकिंग प्रणाली में तरलता डाली या निकाली जाती है। इसके अलावा, केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप करता है और रिजर्व रिक्वायरमेंट रेशियो में बदलाव करता है, जो यह तय करता है कि वाणिज्यिक बैंकों को अपनी जमा राशि का कितना हिस्सा रिजर्व के रूप में रखना अनिवार्य है। चीन की ब्याज दर प्रणाली का मुख्य आधार लोन प्राइम रेट है। देश की प्रमुख बेंचमार्क ब्याज दर होने के नाते, लोन प्राइम रेट में होने वाले बदलावों का अर्थव्यवस्था में कर्ज की लागत पर सीधा असर पड़ता है। इसके समायोजन से कॉरपोरेट लोन और होम लोन पर ली जाने वाली ब्याज दरों के साथ-साथ व्यक्तिगत बचत खातों पर मिलने वाले रिटर्न पर तुरंत प्रभाव पड़ता है। इसके अतिरिक्त, लोन प्राइम रेट में बदलाव के माध्यम से पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना वैश्विक मुद्राओं की तुलना में रेन्मिनबी के मूल्य और विनिमय दर की दिशा को भी प्रभावित करता है। चीन में निजी बैंकिंग का बदलता परिदृश्य यद्यपि चीन के वित्तीय क्षेत्र में राज्य के स्वामित्व वाले बड़े संस्थानों का दबदबा कायम है, लेकिन निजी बैंकिंग ने भी अपनी एक विशेष जगह बनाई है। वर्तमान में देश में 19 निजी बैंक कार्यरत हैं, जो पूरे बैंकिंग तंत्र की कुल संपत्ति का एक छोटा सा हिस्सा प्रस्तुत करते हैं। इन निजी संस्थानों में सबसे प्रमुख डिजिटल बैंक हैं, जिनमें वेबैंक और मायबैंक शामिल हैं। इन डिजिटल बैंकों को चीन की बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों का समर्थन प्राप्त है, जहां वेबैंक को टेनसेंट का समर्थन हासिल है और मायबैंक में एंट ग्रुप की प्रमुख हिस्सेदारी है। चीन के बैंकिंग ढांचे में निजी पूंजी का आगमन एक दशक पहले शुरू हुए संरचनात्मक बदलाव का परिणाम है। वर्ष 2014 में, नियामक अधिकारियों ने घरेलू निजी संस्थाओं को पूरी तरह से निजी पूंजी से संचालित बैंकों की स्थापना करने की अनुमति दी थी। इस नीतिगत सुधार का मुख्य उद्देश्य वित्तीय समावेशन को बढ़ाना, खुदरा ऋण में नए प्रयोगों को बढ़ावा देना और छोटी तथा मध्यम इकाइयों के लिए ऋण तक पहुंच को आसान बनाना था। वैश्विक मुद्रा बाजार: GBP/USD और EUR/USD में तेजी चीनी मुद्रा नीति के घटनाक्रमों के साथ-साथ वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में भी बड़ी हलचल देखने को मिली, जिसका मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर में व्यापक कमजोरी रही। GBP/USD मुद्रा जोड़े ने अपनी दैनिक बढ़त को आगे बढ़ाते हुए 1.3600 के स्तर को पार कर लिया, जो मध्य मई के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। ब्रिटेन के आधिकारिक आर्थिक आंकड़ों से स्टर्लिंग को मजबूती मिली। आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में वार्षिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) मुद्रास्फीति बढ़कर 2.9% हो गई, जो बाजार के अनुमानों के बिल्कुल अनुरूप थी। वहीं, कोर CPI मुद्रास्फीति जुलाई में बढ़कर 2.6% हो गई, जबकि 2.5% का अनुमान लगाया गया था। इसी तरह, EUR/USD ने भी बुधवार को मजबूत बढ़त दर्ज की और 1.1650 के पार पहुंचकर शुरुआती जून के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर पर दबाव का मुख्य कारण अमेरिकी वित्त विभाग की एक घोषणा रही। अमेरिकी वित्त विभाग ने लंबे समय वाले बांड की तरलता सहायता बायबैक नीलामी के आकार को दोगुना करने का निर्णय लिया। इस बायबैक कार्यक्रम के कारण डॉलर पर भारी बिकवाली का दबाव बना। अब बाजार के प्रतिभागियों की निगाहें अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के मिनट्स के प्रकाशन पर टिकी हैं, जहां से भविष्य की मौद्रिक नीति के संकेतों की तलाश की जा रही है। सोने की कीमतें और बांड यील्ड का प्रभाव कीमती धातुओं के बाजार में, सोने की कीमतें जून की शुरुआत के बाद के अपने उच्चतम स्तर से थोड़ी नीचे आईं, हालांकि गुरुवार के एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर बना रहा। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव तथा एफओएमसी के मिनट्स को लेकर बनी चिंताओं के कारण अमेरिकी डॉलर को थोड़ा सहारा मिला, जिससे सोने की तेजी पर कुछ हद तक अंकुश लगा। हालांकि, गैर-प्रतिफल वाली धातु सोने में बड़ी गिरावट नहीं आई, क्योंकि अमेरिकी बांड बाजार के घटनाक्रमों ने इसे सहारा दिया। अमेरिकी वित्त विभाग द्वारा बांड बाजार को राहत देने के प्रयासों से अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट दर्ज की गई। सरकारी बांड यील्ड में कमी आने से बिना ब्याज वाली संपत्ति जैसे सोने को रखने की अवसर लागत घट जाती है, जिससे मुद्रा बाजार की उथल-पुथल के बावजूद सोने की कीमतों को नीचे से मजबूती मिली। इसका आप पर असर वैश्विक निवेशकों और व्यापारियों पर: चीनी युआन के संदर्भ दर और अमेरिकी डॉलर के उतार-चढ़ाव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विदेशी मुद्रा विनिमय दरों पर सीधा असर पड़ता है। सोना और कमोडिटी खरीदारों पर: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें 4,500 डॉलर से ऊपर बने रहने और बांड यील्ड में गिरावट से कीमती धातुओं में निवेश के रुझान प्रभावित हो सकते हैं। सवाल-जवाब 1. पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने गुरुवार को USD/CNY का रेफरेंस रेट क्या तय किया? पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने गुरुवार के कारोबारी सत्र के लिए USD/CNY का मध्य संदर्भ दर 6.7808 तय किया, जो पिछले दिन के 6.7854 की तुलना में मजबूत है। 2. पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना का वर्तमान नेतृत्व कौन संभाल रहा है? वर्तमान में पान गोंगशेंग पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के गवर्नर और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी समिति के सचिव दोनों प्रमुख पदों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। 3. चीन की मुख्य बेंचमार्क ब्याज दर कौन सी है? चीन की मुख्य बेंचमार्क ब्याज दर लोन प्राइम रेट (LPR) है, जो होम लोन, कॉरपोरेट कर्ज और बचत खातों की ब्याज दरों को सीधे प्रभावित करती है। 4. चीन के निजी बैंकिंग क्षेत्र में कौन से प्रमुख डिजिटल बैंक शामिल हैं? चीन के सबसे बड़े निजी डिजिटल बैंकों में वेबैंक और मायबैंक शामिल हैं, जिन्हें क्रमशः टेनसेंट और एंट ग्रुप जैसी बड़ी टेक कंपनियों का समर्थन प्राप्त है। 5. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले GBP/USD और EUR/USD में तेजी क्यों देखी गई? अमेरिकी वित्त विभाग द्वारा बांड बायबैक नीलामी का आकार दोगुना करने से डॉलर पर बिकवाली का दबाव बढ़ा, जिससे ब्रिटेन के मुद्रास्फीति आंकड़ों के साथ GBP और EUR में मजबूती आई। https://trendkia.com/market/people-s-bank-of-china-ne-yuan-ka-repharensa-reta-6-7808-taya-kiya-us-dollar-ke-mukabale-majabuta-hui-vaishvika-mudraen-18620 TrendKia — Har trend, sabse pehle.