# फारस की खाड़ी से एलएनजी आपूर्ति घटने से यूरोपीय गैस की कीमतें दिसंबर 2022 के उच्चतम स्तर पर

> फारस की खाड़ी से तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति 80 प्रतिशत घटने के कारण यूरोपीय प्राकृतिक गैस की कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है। यूरोप और एशिया के बीच स्पॉट कार्गो के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कम भंडारण स्तर के बीच 26/27 सर्दियों के लिए मूल्य अनुमान बढ़ा दिए गए हैं।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-15 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/persian-gulf-se-lng-apurti-ghatane-se-yuropiya-gaisa-ki-kimaten-december-2022-ke-uchchatama-stara-para-47817 · **Language:** Hindi
**Tags:** प्राकृतिक गैस, एलएनजी, ऊर्जा संकट, यूरोपीय बाजार, टीटीएफ गैस, जर्मनी ऊर्जा, कमोडिटी बाजार

फारस की खाड़ी से तरलीकृत प्राकृतिक गैस यानी एलएनजी का प्रवाह सालाना आधार पर लगभग 80 प्रतिशत कम रहने के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों में हलचल बढ़ गई है। यूरोपीय प्राकृतिक गैस बेंचमार्क टीटीएफ की कीमतें दिसंबर 2022 के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। आगामी हीटिंग सीजन के आगमन के साथ यूरोप में आपूर्ति की गंभीर चिंताओं ने बाजार को काफी संवेदनशील बना दिया है, क्योंकि कच्चे तेल की तुलना में खाड़ी क्षेत्र से प्राकृतिक गैस की आवाजाही में उस स्तर की बहाली नहीं देखी जा सकी है।

बाजार के विश्लेषकों का मानना है कि उत्तरी गोलार्ध की मौजूदा सर्दियों के दौरान वैश्विक बाजारों में फारस की खाड़ी से आने वाली एलएनजी की कमी लंबे समय तक बनी रह सकती है। आपूर्ति में जारी इस ठहराव का सीधा प्रभाव यह हो रहा है कि यूरोप और एशिया दोनों ही उपलब्ध स्पॉट कार्गो को सुरक्षित करने के लिए आमने-सामने की होड़ में उतर चुके हैं। इस लगातार प्रतिस्पर्धा से प्राकृतिक गैस की कीमतों को लगातार आधार मिल रहा है, जिससे आने वाले महीनों में कीमतों में नए उछाल की संभावनाएं काफी प्रबल बनी हुई हैं।

## यूरोपीय गैस भंडारण और जर्मनी की अनिवार्य खरीदारी
यूरोप में गैस भंडारण का वर्तमान स्तर ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिकोण से चिंता का सबसे बड़ा विषय बनकर उभरा है। इस समय यूरोपीय गैस भंडारण क्षमता केवल 75 प्रतिशत से कुछ ही नीचे भरी हुई है, जो कि इस अवधि के ऐतिहासिक पांच साल के औसत 89 प्रतिशत की तुलना में काफी कम है। कम भंडारण स्तर को देखते हुए जर्मनी की सरकार ने कड़ा कदम उठाया है और अपनी सरकारी स्वामित्व वाली ऊर्जा कंपनी एसईएफई को निर्देश जारी किए हैं।

जर्मन प्रशासन के इस आदेश के तहत एसईएफई को 15 दिसंबर तक अतिरिक्त 8 टेरावाट घंटे यानी 8TWh प्राकृतिक गैस खरीदकर सुरक्षित रूप से भंडारित करने को कहा गया है। बाजार में इस प्रकार की अनिवार्य खरीदारी के परिदृश्य ने गैस कीमतों को अतिरिक्त मजबूती प्रदान की है। जब सरकारी एजेंसियां तय समयसीमा के भीतर अनिवार्य रूप से आपूर्ति जुटाने के लिए बाजार में उतरती हैं, तो इसका सीधा असर मौजूदा मूल्य स्तरों को ऊपर बनाए रखने में होता है।

## मौसम का प्रभाव और मूल्य अनुमानों में संशोधन
फारस की खाड़ी से एलएनजी आपूर्ति में तत्काल किसी बड़े सुधार के संकेत नहीं दिखने के कारण आने वाली सर्दियों में मौसम की स्थिति सबसे महत्वपूर्ण कारक बनने जा रही है। बाजार में ऐसी उम्मीदें लगाई जा रही हैं कि अल नीनो के प्रभाव से यूरोप को अपेक्षाकृत कम ठंड वाली सर्दियों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे हीटिंग की मांग में कुछ राहत मिल सकती है। इसके बावजूद मौसम वैज्ञानिकों और ऊर्जा विश्लेषकों का कहना है कि यह संबंध बहुत सीधा नहीं है और अल नीनो हर बार गर्म मौसम की निश्चित गारंटी नहीं देता है।

इस संपूर्ण भू-राजनीतिक और मौसमी परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए 26/27 सर्दियों के लिए टीटीएफ के औसत मूल्य अनुमान को बढ़ाकर EUR73/MWh कर दिया गया है, जो पहले EUR65/MWh अनुमानित था। भंडारण की कमजोर शुरुआत के कारण इस पूरी अवधि के दौरान बाजार में भारी उतार-चढ़ाव रहने की पूरी संभावना है। हालांकि 2Q27 से गैस की कीमतों में भारी गिरावट आने का अनुमान है, क्योंकि तब तक फारस की खाड़ी से आपूर्ति सामान्य होने और अमेरिका की एलएनजी निर्यात क्षमता में व्यापक विस्तार होने की उम्मीद जताई गई है।

## वैश्विक मुद्रा और बांड बाजारों में हलचल
ऊर्जा संकट के समानांतर वैश्विक वित्तीय बाजारों में भी व्यापक उथल-पुथल देखने को मिली है। निराशाजनक ऑस्ट्रेलियाई रोजगार आंकड़ों के बाद एयूडी/यूएसडी जोड़ी 0.6950 के करीब दबाव में रही। ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा ने महीने के उच्च स्तर से शुरू हुई अपनी गिरावट को आगे बढ़ाते हुए गुरुवार के एशियाई सत्र के दौरान एक नए साप्ताहिक निचले स्तर को छू लिया। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी बांड यील्ड में आई गिरावट ने अमेरिकी डॉलर को अप्रैल 2025 के उस उच्च स्तर से पीछे खींच लिया, जो बुधवार को आए गर्म अमेरिकी सीपीआई आंकड़ों के बाद बना था। यील्ड में इस नरमी से मुद्रा जोड़ी की गिरावट को सीमित करने में कुछ मदद मिली।

जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की चाल में भी बदलाव दिखा। यूएसडी/जेपीवाई ने तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर से अपनी गिरावट को बढ़ाते हुए गुरुवार के एशियाई कारोबार में 158.00 के स्तर से नीचे गोता लगा दिया। बाजार के ट्रेडर्स इस बात को लेकर बेहद सतर्क हैं कि जापानी अधिकारी गिरते येन को सहारा देने के लिए बाजार में सीधा हस्तक्षेप कर सकते हैं। अमेरिकी डॉलर पर उस समय और अधिक दबाव पड़ा जब चीन द्वारा बांड खरीद की चर्चाओं के बीच अमेरिकी बांड यील्ड में गिरावट दर्ज की गई, जिसने बुधवार के सीपीआई से प्रेरित डॉलर की तेजी को पूरी तरह उलट दिया।

## सोने में उछाल, क्रिप्टो धारणा और ब्रिटेन का बजट परिदृश्य
सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोने ने गुरुवार को नए सिरे से निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित किया। कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई से जुड़े निवेशों को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण वैश्विक शेयर बाजारों में भारी कमजोरी देखी गई। इक्विटी बाजारों की इस कमजोरी ने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेज गिरावट ला दी और डॉलर को वर्ष के नए उच्चतम स्तर से नीचे खींच लिया। इसके परिणामस्वरूप एक्सएयू/यूएसडी लगभग $4,155 पर कारोबार करता नजर आया, जो उस कारोबारी दिन 1.21 प्रतिशत की दैनिक बढ़त को दर्शाता है।

डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में भी निवेशकों का रुझान सकारात्मक बना हुआ है। शीर्ष पांच क्रिप्टोकरेंसी जैसे बिटकॉइन, इथेरियम, सोलाना, बीएनबी और एक्सआरपी को लेकर विश्लेषकों की धारणा जुलाई से बुलिश बनी हुई है। इन प्रमुख डिजिटल मुद्राओं ने 2022-2023 के बाजार चरण की तुलना में कहीं अधिक तेजी और मजबूती से वापसी की है। उधर ब्रिटेन में चांसलर द्वारा अपना पहला बजट पेश करने में 2 सप्ताह से भी कम समय बचा है। ब्रिटेन के लिए इस बार का आर्थिक और वित्तीय माहौल काफी उत्साहित करने वाला है, जहां ब्रिटिश बांड्स में तेजी देखी जा रही है, एफटीएसई 100 इस सप्ताह का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला प्रमुख स्टॉक इंडेक्स बना हुआ है, और ब्रिटिश पाउंड भी डॉलर के मुकाबले स्थिर हो रहा है।

## इसका आप पर असर
यूरोपीय गैस की बढ़ती कीमतें और फारस की खाड़ी से एलएनजी आपूर्ति में भारी कमी वैश्विक ऊर्जा लागत को सीधे प्रभावित कर सकती है।

- **भारत में:** अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एलएनजी की सीमित आपूर्ति और ऊंचे भाव से भारत के लिए गैस आयात की लागत बढ़ सकती है। इसके प्रभाव से शहरी गैस वितरण, सीएनजी और बिजली उत्पादन से जुड़ी कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ सकता है।
- **यूरोप में:** आगामी सर्दियों में हीटिंग और बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि होने का खतरा मंडरा रहा है। कम भंडारण और सरकारी अनिवार्य खरीद के चलते आम उपभोक्ताओं और उद्योगों को महंगे ऊर्जा बिलों का सामना करना पड़ेगा।
- **ऊर्जा खरीदारों के लिए:** एशिया और यूरोप के बीच स्पॉट कार्गो की प्रतिस्पर्धा बढ़ने से अन्य आयातकों को भी महंगी दरों पर गैस खरीदनी पड़ेगी। लंबी अवधि के अनुबंधों के बिना काम करने वाले खरीदारों को अधिक वित्तीय जोखिम उठाना होगा।
- **निवेशकों के लिए:** कमोडिटी बाजारों में अस्थिरता बढ़ने से ऊर्जा आधारित कंपनियों के शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। आने वाले महीनों में मूल्य स्तरों की अनिश्चितता पोर्टफोलियो हेजिंग की आवश्यकता को बढ़ाएगी।

## ऐसा क्यों हुआ
फारस की खाड़ी से एलएनजी की आपूर्ति में भारी गिरावट और यूरोपीय भंडारण की कमजोर स्थिति ने मौजूदा संकट को जन्म दिया है।

- **फारस की खाड़ी से आपूर्ति संकट:** फारस की खाड़ी से एलएनजी का प्रवाह सालाना आधार पर लगभग 80 प्रतिशत घट गया है, जिससे वैश्विक बाजार में आपूर्ति का बड़ा अंतर पैदा हो गया है। कच्चे तेल के विपरीत एलएनजी परिवहन में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं देखा गया है।
- **यूरोप में कम गैस भंडारण:** यूरोपीय गैस भंडारण इस समय केवल 75 प्रतिशत से कम भरा हुआ है, जो इसके 89 प्रतिशत के पांच साल के औसत से काफी नीचे है। भंडारण की यह कमी सर्दियों के आगमन पर बाजार को और अधिक संवेदनशील बना रही है।
- **जर्मनी की अनिवार्य खरीद:** जर्मन सरकार द्वारा एसईएफई को 15 दिसंबर तक 8TWh अतिरिक्त गैस खरीदने के निर्देश ने बाजार में जबरन मांग पैदा की है। इस अनिवार्य मांग ने कीमतों को लगातार उच्च स्तरों पर बनाए रखा है।
- **मौसम को लेकर अनिश्चितता:** अल नीनो के कारण हल्की सर्दियों की उम्मीद के बावजूद तापमान को लेकर कोई निश्चित गारंटी नहीं है। यदि कड़ाके की ठंड पड़ती है तो सीमित आपूर्ति के चलते कीमतों में अप्रत्याशित उछाल आ सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. यूरोपीय प्राकृतिक गैस की कीमतें किस स्तर पर पहुंच गई हैं?
यूरोपीय प्राकृतिक गैस की कीमतें दिसंबर 2022 के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं।

### 2. फारस की खाड़ी से एलएनजी आपूर्ति में कितनी कमी आई है?
फारस की खाड़ी से एलएनजी का प्रवाह सालाना आधार पर लगभग 80 प्रतिशत कम बना हुआ है।

### 3. यूरोप में वर्तमान में गैस भंडारण की क्या स्थिति है?
यूरोपीय गैस भंडारण 75 प्रतिशत से कुछ ही नीचे है, जो कि इसके पांच साल के औसत 89 प्रतिशत से काफी कम है।

### 4. जर्मन सरकार ने एसईएफई को क्या निर्देश दिया है?
जर्मन सरकार ने एसईएफई को 15 दिसंबर तक 8TWh अतिरिक्त प्राकृतिक गैस खरीदकर भंडारित करने का निर्देश दिया है।

### 5. 26/27 सर्दियों के लिए टीटीएफ गैस का क्या मूल्य अनुमान है?
टीटीएफ के 26/27 सर्दियों में औसतन EUR73/MWh रहने का अनुमान है, जो पहले EUR65/MWh अनुमानित था।

### 6. प्राकृतिक गैस की कीमतों में कब गिरावट आने की उम्मीद है?
2Q27 से कीमतों में तेज गिरावट आने की उम्मीद है, जब फारस की खाड़ी की आपूर्ति सामान्य होगी और अमेरिका की एलएनजी क्षमता बढ़ेगी।

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