पर्शियन गल्फ शांति वार्ता और अमेरिका में बढ़ते क्रूड स्टॉक से ब्रेंट का भाव $90 के नीचे फिसला ईरान, ओमान और पाकिस्तान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर कूटनीतिक प्रगति की खबरों के बीच वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही अमेरिकी कच्चे तेल के भंडार में बढ़ोतरी से ब्रेंट क्रूड $90 प्रति बैरल से नीचे आ गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर एक बार फिर मंदी का दबाव गहरा गया है। पर्शियन गल्फ क्षेत्र में जारी कूटनीतिक वार्ताओं से सकारात्मक संकेत मिलने के बाद बेंचमार्क ICE ब्रेंट क्रूड का भाव 3.89 प्रतिशत गिरकर $90 प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया है। एशियाई कारोबार के दौरान भी तेल की कीमतों में यह गिरावट जारी रही। मध्य पूर्व संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को लेकर ईरान, ओमान और पाकिस्तान के बीच बातचीत में प्रगति हुई है, जिससे वैश्विक आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं फिलहाल कुछ कम हुई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बहाल होने की राह में कूटनीतिक बाधाएं पर्शियन गल्फ के पड़ोसी देशों के बीच सकारात्मक संवाद के बावजूद बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से कच्चे तेल का प्रवाह तुरंत सामान्य होना आसान नहीं है। विश्लेषक वॉरेन पैटरसन और इवा मान्थे के अनुसार, केवल क्षेत्रीय त्रिपक्षीय वार्ता से आपूर्ति लाइन पूरी तरह सुचारू नहीं हो सकती। जब तक अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी अपनी नौसैनिक नाकेबंदी को समाप्त नहीं करता और तेहरान पर लगाए गए कथि‍त कड़े आर्थिक प्रतिबंधों में ढील नहीं देता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए सामान्य व्यापार की बहाली मुश्किल बनी रहेगी। होर्मुज से तेल प्रवाह के आंकड़ों पर मतभेद होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कच्चे तेल की दैनिक मात्रा को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि इस समुद्री मार्ग से औसतन 8-9m b/d कच्चा तेल गुजर रहा है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह अनुमान लंबी अवधि के हिसाब से काफी ज्यादा और आक्रामक नजर आता है। स्वतंत्र शिप-ट्रैकिंग कंपनियों के अनुमान इस आंकड़े से काफी अलग हैं। विभिन्न ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, इस जलडमरूमध्य से वास्तविक तेल प्रवाह 2m b/d से 6m b/d के बीच ही सीमित बना हुआ है, जो अमेरिकी दावों की तुलना में काफी कम है। अमेरिका में क्रूड का भंडार बढ़ा, लेकिन ईंधन बाजार में तंगी जारी तेल की कीमतों में गिरावट का दूसरा मुख्य कारण अमेरिका से आए हालिया इन्वेंट्री आंकड़े हैं। अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले सप्ताह अमेरिका में कच्चे तेल का वाणिज्यिक भंडार 4.2m बैरल बढ़ गया है। हालांकि, रिफाइंड उत्पादों के बाजार में तंगी बनी हुई है। समीक्षाधीन अवधि के दौरान अमेरिकी गैसोलीन के भंडार में 3.2m बैरल की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जबकि डिस्टिलेट इन्वेंट्री भी 500k बैरल घट गई। कच्चे तेल के बढ़ते भंडार ने जहां कीमतों को दबाया है, वहीं तैयार ईंधन की कमी शोधन उद्योग के लिए चुनौतियां खड़ी कर रही है। मुद्रा और बुलियन बाजार का हाल कच्चे तेल के अलावा वैश्विक वित्तीय बाजारों में भी अनिश्चितता का माहौल देखा जा रहा है। अमेरिकी PCE मुद्रास्फीति आंकड़ों के जारी होने से पहले फॉरेक्स बाजार में सतर्कता बरती जा रही है। • GBP/USD: एशियाई सत्र के दौरान GBP/USD जोड़ी 1.3600 के मध्य स्तर से नीचे नकारात्मक रुख के साथ कारोबार कर रही है, जिससे पिछले सत्र की बढ़त का कुछ हिस्सा कम हुआ है। हालांकि, यह अभी भी अपने छह महीने के उच्च स्तर के करीब बनी हुई है। • EUR/USD: वॉल स्ट्रीट में मामूली डॉलर कमजोरी के बाद EUR/USD जोड़ी 1.1670 के आसपास हल्की बढ़त के साथ टिकी हुई है और 1.1700 के स्तर की ओर नजर बनाए हुए है। निवेशक अमेरिकी जीडीपी के संशोधित आंकड़ों और PCE डेटा का इंतजार कर रहे हैं। • गोल्ड: सोने की कीमतों में नए सिरे से बिकवाली देखी गई है और यह $4,650 प्रति औंस से नीचे आ गया है। डॉलर सूचकांक में मजबूती और जैक्सन होल सिंपोजियम में फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉश के आगामी संबोधन से पहले निवेशक सतर्क हैं। मीम कॉइन्स में मुनाफावसूली से गिरावट क्रिप्टोकरेंसी बाजार में पिछले सप्ताह देखी गई दोहरे अंकों की तेजी के बाद अब मीम कॉइन्स की रफ्तार धीमी पड़ गई है। मुनाफावसूली के चलते डॉगकॉइन (DOGE) और पेपे (PEPE) में आगे और गिरावट का जोखिम बना हुआ है। वहीं, शिबा इनु (SHIB) अपने महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर पर बना हुआ है, जिससे निवेशकों की नजरें इसके अगले कदम पर टिकी हैं। इसका आप पर असर भारत में: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारत के आयात बिल पर दबाव कम होगा और पेट्रोल-डीजल के दामों में राहत की उम्मीद बढ़ सकती है। निवेशकों और खरीदारों के लिए: कमोडिटी बाजार में मंदी से ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों पर असर पड़ सकता है, जबकि महंगाई दर नियंत्रित होने से आम उपभोक्ताओं को राहत मिलने की संभावना है। सवाल-जवाब 1. ब्रेंट क्रूड की कीमत $90 से नीचे क्यों आई? पर्शियन गल्फ में ईरान, ओमान और पाकिस्तान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर हुई कूटनीतिक प्रगति और अमेरिका में कच्चे तेल के भंडार में 4.2m बैरल की वृद्धि के कारण कीमतों में गिरावट आई है। 2. होर्मुज जलडमरूमध्य से कितना तेल गुजर रहा है? अमेरिकी दावे के अनुसार 8-9m b/d तेल गुजर रहा है, जबकि स्वतंत्र शिप-ट्रैकिंग अनुमान इसे 2m b/d से 6m b/d के बीच बताते हैं। 3. अमेरीकी पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट (API) का इन्वेंट्री डेटा क्या दिखाता है? डाटा के मुताबिक अमेरिका में कच्चे तेल का भंडार 4.2m बैरल बढ़ा है, जबकि गैसोलीन इन्वेंट्री 3.2m बैरल और डिस्टिलेट इन्वेंट्री 500k बैरल घटी है। 4. सोने और फॉरेक्स बाजार पर इसका क्या असर हुआ है? सोने का भाव गिरकर $4,650 से नीचे आ गया है, वहीं GBP/USD 1.3600 के मध्य स्तर से नीचे और EUR/USD 1.1670 के पास कारोबार कर रहा है। https://trendkia.com/market/persian-gulf-shanti-varta-aura-america-men-barhate-kruda-stoka-se-brent-ka-bhava-90-ke-niche-phisala-22294 TrendKia — Har trend, sabse pehle.