फाइनेंस मंत्री पर सस्पेंस के बीच पाउंड में गिरावट, बर्नहम का वादा भी नहीं संभाल पाया स्टर्लिंग नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने अर्थव्यवस्था के साथ जोखिम न लेने का भरोसा दिलाया, फिर भी GBP/USD हफ्ते की शुरुआत में दबाव में रहा। बाजार की नजर अब नए वित्त मंत्री की नियुक्ति और ब्रिटेन के रोजगार व महंगाई के आंकड़ों पर टिकी है। ब्रिटिश पाउंड ने नए कारोबारी हफ्ते की शुरुआत कमजोरी के साथ की और खरीदारों को अपनी ओर खींचने में नाकाम रहा, जबकि देश के नए प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक वित्त को लेकर बाजार को भरोसा दिलाने की पूरी कोशिश की। राजनीतिक मोर्चे पर आया आश्वासन भी स्टर्लिंग को मजबूती नहीं दे सका, क्योंकि निवेशकों की चिंता का असली केंद्र अब भी अनसुलझा बना हुआ है। प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने साफ किया कि वे अर्थव्यवस्था के साथ किसी तरह का जुआ नहीं खेलेंगे। उन्होंने पिछली सरकार के उन वित्तीय नियमों का समर्थन जताया, जिन्हें रीव्स ने तय किया था और जो हाल ही में अपने पद से हट गई हैं। साथ ही बर्नहम ने यह भी दोहराया कि वे लोगों पर पड़ रहे जीवनयापन के भारी खर्च को घटाने के लिए ठोस कदम उठाएंगे। यानी एक तरफ राजकोषीय अनुशासन का भरोसा और दूसरी तरफ आम आदमी की जेब पर राहत, दोनों को एक साथ साधने का इरादा जताया गया। वित्त मंत्री कौन, इसी पर टिकी है बाजार की नजर बाजार के लिए इस समय सबसे बड़ा सवाल यह है कि ब्रिटेन का नया वित्त मंत्री कौन होगा। इसी अनिश्चितता ने पाउंड को खुलकर चढ़ने से रोक रखा है। चर्चा है कि यह जिम्मेदारी शबाना महमूद को सौंपी जा सकती है, जो फिलहाल गृह मामलों की मंत्री हैं। जब तक इस पद पर किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं होती, तब तक कारोबारी सतर्क रुख अपनाए रखेंगे, क्योंकि वित्त मंत्रालय की कमान सीधे तौर पर देश की खर्च और कर नीति से जुड़ी होती है। अटलांटिक के दोनों ओर आर्थिक कैलेंडर लगभग खाली रहने से कारोबारियों का ध्यान बड़े पैमाने पर मध्य पूर्व के घटनाक्रम पर टिका रहा। ठोस घरेलू आंकड़ों के अभाव में बाजार को दिशा देने वाला कोई बड़ा ट्रिगर नहीं था, इसलिए भू-राजनीतिक हलचल ही मुद्रा बाजार की चाल तय करती रही। इस हफ्ते ये आंकड़े बदल सकते हैं चाल आने वाले दिनों में ब्रिटेन का आर्थिक एजेंडा भरा हुआ है। इस हफ्ते रोजगार और महंगाई के आंकड़े, रिटेल सेल्स और जुलाई के शुरुआती (फ्लैश) PMI आंकड़े जारी होंगे। ये सभी शुरुआती अनुमान होंगे, लेकिन स्टर्लिंग की अगली बड़ी चाल इन्हीं से तय होने की संभावना है। इनके अलावा कच्चे तेल में आई मासिक तेजी भी अहम है, क्योंकि WTI क्रूड की इस बढ़त ने फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दर बढ़ाए जाने की अटकलों को जिंदा रखा है, जो सीधे तौर पर डॉलर की मजबूती से जुड़ी है। तकनीकी तस्वीर: हल्का सकारात्मक झुकाव, पर सतर्कता जरूरी डेली चार्ट पर GBP/USD 1.3421 के स्तर पर कारोबार करता दिखा और इसमें हल्का तेजी वाला रुझान बना रहा। जोड़ी 50, 100 और 200 दिन के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के उस समूह के ऊपर टिकी रही, जो करीब 1.3377 के आसपास जमा है, और 1.3159 से खिंची चढ़ती सपोर्ट लाइन से भी काफी ऊपर बनी हुई है। RSI (14) करीब 54 पर रहा, जो हल्का सकारात्मक संकेत देता है और अभी ओवरबॉट यानी हद से ज्यादा खरीद वाली स्थिति नहीं दिखाता, इसलिए ऊपर की ओर और जगह बची मानी जा रही है। ताजा लाइव आंकड़ों के हिसाब से जोड़ी फिलहाल 1.34 के आसपास घूम रही है और पिछले बंद स्तर की तुलना में करीब 0.46% कमजोर रही। लाइव RSI (14) लगभग 49 पर है, यानी गति फिलहाल तटस्थ के करीब आ गई है, और पिछले 52 हफ्तों में यह जोड़ी 1.30 से 1.38 के दायरे में रही है। एक ताजा तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक जोड़ी 1.3400 के आसपास 50 दिन के EMA के नीचे बनी हुई है। ऊपर की ओर पहली रुकावट उतरती हुई ट्रेंडलाइन बनाती है, जिसका अहम संदर्भ बिंदु करीब 1.3481 है, जहां बिकवाल आगे की तेजी पर लगाम लगाने की कोशिश कर सकते हैं। नीचे की ओर तात्कालिक सहारा 1.3377 के पास जमा SMA समूह से मिलता है, उसके बाद 1.3159 से उठती ट्रेंडलाइन का आधार आता है। जानकारों के मुताबिक अगर जोड़ी मूविंग एवरेज के नीचे डेली क्लोजिंग देती है, तभी मौजूदा सकारात्मक रुझान कमजोर पड़ना शुरू होगा। अन्य मुद्राओं के मुकाबले पाउंड का हाल आज प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले ब्रिटिश पाउंड की चाल मिलीजुली रही। सबसे मजबूत प्रदर्शन इसने स्विस फ्रैंक के मुकाबले दिखाया। मुद्राओं की आपसी तुलना में आधार मुद्रा बाईं ओर से और कोट मुद्रा ऊपर की पंक्ति से चुनी जाती है, यानी अगर आधार पाउंड और कोट डॉलर लें, तो जो प्रतिशत बदलाव दिखेगा वह GBP के मुकाबले USD का होगा। डॉलर की मजबूती से दबाव में केबल हफ्ते की कमजोर शुरुआत में GBP/USD पर अतिरिक्त बिकवाली का दबाव देखा गया और यह कई दिनों के निचले स्तर 1.3420 के करीब लौट आई। केबल में यह गिरावट डॉलर की मजबूती के बीच आई, क्योंकि निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच के टकराव के घटनाक्रम को आंकते रहे। आगे सबकी नजर मंगलवार को आने वाली ब्रिटेन की रोजगार रिपोर्ट पर रहेगी। दूसरी ओर EUR/USD लगातार तीसरे दिन दबाव में रहा और सोमवार को 1.1400 के अहम स्तर, यानी कई दिनों के निचले स्तर के करीब पहुंच गया। इस जोड़ी में गिरावट मध्य पूर्व संकट को लेकर बनी अनिश्चितता और डॉलर के मजबूत प्रदर्शन के कारण आई। हफ्ते के आखिर में बाजार का ध्यान यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के ब्याज दर फैसले पर रहेगा। सोना और एथेरियम में हलचल सोने ने शुक्रवार की बढ़त को पलट दिया और हफ्ते की शुरुआत में प्रति ट्रॉय औंस 4,000 डॉलर के अहम स्तर के आसपास डोलता रहा। मध्य पूर्व में बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने इस सुरक्षित निवेश माने जाने वाले धातु को कुछ सहारा दिया, हालांकि अमेरिका में ब्याज दरें ऊंची रहने की उम्मीद ने डॉलर को मजबूती दी और सोने को दबाव में रखा। क्रिप्टो बाजार में एथेरियम ने बीते हफ्ते बाकी बड़ी करेंसियों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया और सापेक्ष मजबूती हासिल की, लेकिन गहराई से देखें तो इसके अहम आंकड़े इस तेजी को अब भी कमजोर बता रहे हैं। पिछले हफ्ते से बुधवार के बीच ETH ने दहाई अंकों में बढ़त दर्ज की और बिटकॉइन, XRP तथा सोलाना जैसी बड़ी क्रिप्टो करेंसियों को पीछे छोड़ा, इससे पहले कि गुरुवार से पूरा बाजार करेक्शन की ओर बढ़ जाता। इसका आप पर असर • निवेशकों के लिए: वित्त मंत्री की नियुक्ति और इस हफ्ते ब्रिटेन के रोजगार व महंगाई के आंकड़ों तक पाउंड में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, इसलिए GBP से जुड़े सौदों में सतर्कता जरूरी है। • यात्रियों और आयातकों के लिए: पाउंड और डॉलर की चाल सीधे विदेशी मुद्रा दर पर असर डालती है, जिससे ब्रिटेन की यात्रा या पाउंड में लेनदेन करने वालों की लागत बदल सकती है। सवाल-जवाब 1. पाउंड में गिरावट क्यों आई? नए वित्त मंत्री की नियुक्ति को लेकर बनी अनिश्चितता और डॉलर की मजबूती के बीच GBP/USD हफ्ते की शुरुआत में दबाव में रहा। 2. एंडी बर्नहम ने अर्थव्यवस्था पर क्या कहा? उन्होंने कहा कि वे अर्थव्यवस्था के साथ जोखिम नहीं लेंगे और पिछली सरकार के वित्तीय नियमों का समर्थन किया, साथ ही जीवनयापन का खर्च घटाने के कदम उठाने की बात दोहराई। 3. नया वित्त मंत्री कौन बन सकता है? चर्चा है कि यह जिम्मेदारी शबाना महमूद को दी जा सकती है, जो फिलहाल गृह मामलों की मंत्री हैं। 4. इस हफ्ते ब्रिटेन के कौन से आंकड़े अहम हैं? रोजगार और महंगाई के आंकड़े, रिटेल सेल्स और जुलाई के शुरुआती फ्लैश PMI आंकड़े इस हफ्ते जारी होंगे। 5. GBP/USD के अहम तकनीकी स्तर क्या हैं? ऊपर की ओर रुकावट करीब 1.3481 पर और नीचे सहारा 1.3377 के पास SMA समूह पर है, उसके बाद 1.3159 का ट्रेंडलाइन आधार आता है। 6. सोने की क्या स्थिति रही? सोना प्रति ट्रॉय औंस 4,000 डॉलर के आसपास डोलता रहा, मध्य पूर्व की सैन्य कार्रवाई से सहारा मिला पर डॉलर की मजबूती ने दबाव बनाए रखा। 7. एथेरियम ने कैसा प्रदर्शन किया? पिछले हफ्ते से बुधवार के बीच ETH ने दहाई अंकों में बढ़त दर्ज की और बिटकॉइन, XRP तथा सोलाना को पीछे छोड़ा, हालांकि इसकी तेजी अब भी कमजोर मानी जा रही है। https://trendkia.com/market/phainensa-mntri-para-saspensa-ke-bicha-pound-men-giravata-burnham-ka-vada-bhi-nahin-snbhala-paya-sterling-9756 TrendKia — Har trend, sabse pehle.