फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले डॉलर मजबूत, येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति घोषणा से पहले डॉलर प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले मजबूत हुआ है, जबकि येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर दबाव में हैं। कच्चे तेल की कीमतें 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बहुप्रतीक्षित मौद्रिक नीति बैठक से ठीक पहले वैश्विक मुद्रा बाजारों में डॉलर का दबदबा कायम हो गया है। मंगलवार के एशियाई सत्र में डॉलर सूचकांक ने प्रमुख प्रतिद्वंद्वी मुद्राओं के मुकाबले मजबूती दर्ज की, जिसमें जापानी येन के मुकाबले इसकी बढ़त सबसे अधिक रही। बाजार प्रतिभागियों की निगाहें अब फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के फैसले और शुक्रवार को होने वाली बैंक ऑफ जापान (BoJ) की बैठक पर टिकी हैं। डॉलर का व्यापक प्रदर्शन आज के कारोबार में डॉलर ने सभी प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले सकारात्मक बदलाव दिखाया। मुद्रा जोड़ों के हीट मैप से पता चलता है कि बेस करेंसी के रूप में डॉलर ने कोट करेंसी के रूप में येन, यूरो, पाउंड, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और कैनेडियन डॉलर के मुकाबले बढ़त हासिल की। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड कई वर्षों के उच्च स्तर के करीब बने हुए हैं, जो डॉलर की मजबूती का मुख्य आधार है। USD/JPY: 155.00 के करीब संघर्ष डॉलर-येन जोड़ी 155.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास मंडरा रही है। ऊंची अमेरिकी यील्ड ने इस जोड़ी को ऊपर धकेला है, लेकिन शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीदों ने ऊपरी तरफ प्रतिरोध पैदा कर दिया है। कारोबारियों का मानना है कि अगर BoJ अपनी मौद्रिक नीति को अधिक सख्ती से सामान्य बनाने का संकेत देता है, तो येन को मजबूती मिल सकती है और USD/JPY की तेजी सीमित रह सकती है। कमोडिटी बाजार: तेल की तेजी, सोने की फीकी चमक वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चा तेल अपनी तेजी जारी रखते हुए 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। मध्य पूर्व में आपूर्ति व्यवधान की आशंकाओं ने तेल की कीमतों को सहारा दिया है। वहीं, सोने की कीमत अगस्त की शुरुआत में सुधार की कोशिश के बाद फिर फिसल गई है। एक महीने पहले 4,700 डॉलर के शिखर को छूने के बाद अब यह 4,000 डॉलर के स्तर के करीब आ गया है। नए सिरे से डॉलर की मांग ने सोने की चमक फीकी कर दी है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तीन सप्ताह के निचले स्तर पर AUD/USD जोड़ी मंगलवार को एशियाई सत्र में 0.7150 के नीचे बनी रही, जो पिछले तीन सप्ताह का निचला स्तर है। फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के बहु-वर्षीय उच्च स्तर पर बने रहने और तेल-जनित मुद्रास्फीति जोखिमों ने डॉलर को मजबूती दी, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर दबाव में आया। चीन के अगस्त के मिश्रित गतिविधि आंकड़ों ने भी ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को कोई सहारा नहीं दिया। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में गिरावट मंगलवार को प्रमुख ऑल्टकॉइन लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। रिपल (XRP), कार्डानो (ADA) और हाइपरलिक्विड (HYPE) में लगभग 2% की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट मंगलवार को निर्धारित CLARITY Act के क्लॉचर वोट से पहले आई अनिश्चितता के कारण बताई जा रही है। नियामकीय मोर्चे पर स्पष्टता की प्रतीक्षा कर रहे निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया हुआ है। संपादकीय टीम में नई नियुक्ति एफएक्सस्ट्रीट ने अगस्टिन वाज़ने को जूनियर न्यूज एडिटर के रूप में अपनी टीम में शामिल किया है। वे कमोडिटीज और प्रमुख मुद्रा जोड़ियों पर केंद्रित कवरेज संभालेंगे। इसका आप पर असर फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले डॉलर की मजबूती का असर आयातकों, विदेशी कर्जदारों और विदेश यात्रा की योजना बना रहे भारतीयों पर पड़ेगा। • भारत में: डॉलर के मजबूत होने से आयात महंगे होंगे, जिससे पेट्रोल-डीजल, इलेक्ट्रॉनिक्स और दवाओं की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। रिजर्व बैंक को रुपये को संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ सकता है। • आयातकों के लिए: डॉलर-रुपया दर बढ़ने से विदेशी मुद्रा में देनदारियों वाली कंपनियों की लागत बढ़ेगी, जिसका असर उनके मुनाफे और शेयर कीमतों पर दिख सकता है। • विदेश यात्री: अमेरिका, जापान या ऑस्ट्रेलिया जाने की योजना बना रहे लोगों को मुद्रा विनिमय पर अधिक खर्च करना पड़ेगा, क्योंकि डॉलर और येन दोनों मजबूत हैं। • निवेशक: सोने में गिरावट और क्रिप्टो में अनिश्चितता के बीच पोर्टफोलियो विविधीकरण की रणनीति पर पुनर्विचार जरूरी है। ऐसा क्यों हुआ डॉलर की मौजूदा मजबूती के पीछे फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक, ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव का संयोग काम कर रहा है। • फेडरल रिजर्व की बैठक: बाजार को उम्मीद है कि फेड ब्याज दरों को ऊंचे स्तर पर बनाए रखेगा या सख्त रुख अपनाएगा। इससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तर पर बनी हुई हैं, जो डॉलर को आकर्षक बनाती हैं। • मध्य पूर्व तनाव: क्षेत्र में आपूर्ति व्यवधान की आशंका ने कच्चे तेल को 105 डॉलर के ऊपर धकेला है। तेल की ऊंची कीमतें मुद्रास्फीति बढ़ाती हैं, जिससे केंद्रीय बैंकों पर सख्त मौद्रिक नीति का दबाव बनता है। • बैंक ऑफ जापान की नीति: शुक्रवार को BoJ की बैठक में दर वृद्धि की संभावना ने येन को कुछ सहारा दिया है, लेकिन फेड की सख्ती की तुलना में यह कमजोर पड़ रहा है। • चीन के कमजोर आंकड़े: अगस्त के मिश्रित गतिविधि आंकड़ों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जैसी चीन-संवेदनशील मुद्राओं को कमजोर किया है। सवाल-जवाब 1. फेडरल रिजर्व की बैठक कब है और इसका डॉलर पर क्या असर होगा? FOMC की बैठक इस सप्ताह हो रही है। बाजार को सख्त रुख की उम्मीद है, जिससे डॉलर मजबूत हो रहा है। 2. USD/JPY 155.00 के स्तर पर क्यों अटका है? ऊंची अमेरिकी यील्ड जोड़ी को ऊपर धकेल रही है, लेकिन शुक्रवार को BoJ की संभावित दर वृद्धि ने प्रतिरोध बनाया हुआ है। 3. कच्चा तेल 105 डॉलर के ऊपर क्यों गया? मध्य पूर्व में आपूर्ति व्यवधान की आशंकाओं ने तेल की कीमतों को सहारा दिया है। 4. सोना 4,700 डॉलर से गिरकर 4,000 डॉलर के करीब कैसे आ गया? डॉलर की नई मांग और ऊंची बॉन्ड यील्ड ने सोने की अपील घटा दी, जिससे कीमतें गिरीं। 5. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तीन सप्ताह के निचले स्तर पर क्यों है? मजबूत डॉलर, ऊंची अमेरिकी यील्ड और चीन के कमजोर आंकड़ों ने AUD/USD को 0.7150 के नीचे धकेला। 6. क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट का कारण क्या है? मंगलवार को CLARITY Act के क्लॉचर वोट से पहले नियामकीय अनिश्चितता के कारण XRP, ADA, HYPE लगभग 2% गिरे। https://trendkia.com/market/phedarala-rijarva-ke-phaisale-se-pahale-dollar-majabuta-yen-aura-australian-dollar-para-dabava-32547 TrendKia — Har trend, sabse pehle.