पोलिश जिलॉटी पर मंडराया मंदी का खतरा, सॉसेत जेनेरल ने बजट जोखिमों को लेकर चेताया पोलैंड में संभावित राजकोषीय फिसलन और आगामी बजट के बीच जिलॉटी मुद्रा पर दबाव बढ़ रहा है। जानकारों का मानना है कि यूरोपीय मुद्रा के मुकाबले इसके कमजोर होने की पूरी आशंका है। पोलैंड में वित्तीय मोर्चे पर चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, जहां सरकार की आगामी आर्थिक रणनीतियों और कर सुधारों को लेकर बाजार में चर्चाएं तेज हो गईं हैं। आने वाले दिनों में देश के बजट प्रस्तावों को सार्वजनिक किया जाना है, जिससे स्थानीय मुद्रा की सेहत की कड़ी परीक्षा होने की उम्मीद जताई जा रही है। जानकारों का मानना है कि राजकोषीय मोर्चे पर अनिश्चितता के कारण पोलिश जिलॉटी आने वाले समय में यूरो के मुकाबले और अधिक दबाव में आ सकती है। टैक्स सुधार और बजट से जुड़ी योजनाएं पोलैंड सरकार की ओर से यह योजना बनाई गई है कि बजट को मोटे तौर पर तटस्थ रखा जाए। इसके तहत मध्यम वर्ग के लिए आयकर में कटौती करने का प्रावधान है, जबकि बड़ी कंपनियों पर कर के बोझ को साल 2027 से बढ़ाने का प्रस्ताव है। इन दूरगामी बदलावों और राजकोषीय कदमों का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और मुद्रा बाजार पर पड़ सकता है। प्रधानमंत्री टस्क की सरकार का आगामी कदम प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की सरकार शुक्रवार को साल 2027 के लिए आधिकारिक बजट का ड्राफ्ट पेश करने जा रही है। बाजार के विश्लेषकों का मानना है कि इस महत्वपूर्ण दस्तावेज के सामने आने के बाद जिलॉटी परिसंपत्तियों की मांग और निवेशकों के भरोसे की वास्तविक परीक्षा होगी। किसी भी प्रकार की राजकोषीय फिसलन या बजट घाटे की स्थिति में पोलिश परिसंपत्तियों से निवेशकों का रुझान कम हो सकता है। फिच रेटिंग्स का आकलन और दृष्टिकोण क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच ने हाल ही में पोलैंड की साख को ए- रेटिंग पर बरकरार रखा है, लेकिन इसके साथ ही दृष्टिकोण को नकारात्मक श्रेणी में बनाए रखा है। एजेंसी ने देश की अर्थव्यवस्था के बड़े, विविधतापूर्ण और लचीले स्वरूप की सराहना की है। इसके साथ ही यूरोपीय संघ की सदस्यता से मिलने वाले नीतिगत ढांचे को भी अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत संबल बताया गया है। बॉन्ड यील्ड और विदेशी मुद्रा पर संभावित असर बाजार के जानकारों का यह भी अनुमान है कि यदि राजकोषीय स्थिति थोड़ी भी डगमगाती है, तो इसका असर बॉन्ड बाजार पर तुरंत दिखाई देगा। इससे 10 साल के पोलिश सरकारी बॉन्ड की यील्ड 6 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर सकती है। इसके साथ ही मुद्रा बाजार में EUR/PLN का जोड़ा वापस 4.35 के प्रतिरोध स्तर की तरफ बढ़ सकता है, जिससे निवेशकों की चिंताएं और गहरी हो सकती हैं। वैश्विक मुद्रा बाजार का व्यापक परिदृश्य इसी दौरान वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में भी खासी हलचल देखने को मिल रही है। GBP/USD की जोड़ी हफ्ते के शुरुआती कारोबार में 1.3600 के आसपास नकारात्मक रुख के साथ बनी हुई है। अमेरिकी डॉलर ने उस अनिश्चितता के बीच अपनी स्थिति मजबूत की है जो संभावित अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों को लेकर ईरान के संदर्भ में बनी हुई है। इसके चलते जोखिम के प्रति संवेदनशील ब्रिटिश पाउंड पर दबाव साफ तौर पर देखा जा सकता है। यूरो और सोने की चाल पर डॉलर का प्रभाव दूसरी ओर EUR/USD की जोड़ी भी यूरोपीय सत्र के दौरान 1.1700 के स्तर से नीचे रक्षात्मक दायरे में कारोबार कर रही है। अमेरिकी डॉलर पिछले हफ्ते ट्रेजरी बॉन्ड बायबैक योजना के कारण आई बिकवाली के बाद संभलने की कोशिश कर रहा है, जिससे इस जोड़ी को संघर्ष करना पड़ रहा है। उधर पीली धातु यानी सोना यूरोपीय सत्र में मजबूत स्थिति में बना हुआ है और तीन महीने के अपने उच्चतम स्तर के करीब लगभग 4,650 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है। डॉलर में लगातार बनी कमजोरी और अमेरिका-कनाडा के बीच ताज़ा व्यापारिक तनावों के कारण सोने को इसका सीधा लाभ मिल रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी की तरलता सहायता योजना इस बीच अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की ओर से बाजार को संभालने के लिए बड़े कदम उठाए गए हैं। विभाग ने अपने तय कैलेंडर से हटकर बुधवार को एक अहम घोषणा की थी। इसके तहत 10 से 20 साल और 20 से 30 साल के सेक्टरों में तरलता सहायता बायबैक अभियानों के आकार को कम से कम दोगुना करने का निर्णय लिया गया। इस फैसले के तहत अधिकतम सीमा को प्रति ऑपरेशन 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से प्रभावी होकर 4 नवंबर तक संचालित होगी, जिस पर बाजार की पैनी नजर बनी हुई है। इसका आप पर असर भारत में: वैश्विक मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी डॉलर की स्थिति का असर भारतीय आयात-निर्यात और विदेशी मुद्रा भंडार पर अप्रत्यक्ष रूप से पड़ सकता है। वैश्विक स्तर पर: निवेशकों और व्यापारियों को यूरोपीय मुद्रा बाजारों, बॉन्ड यील्ड और कमोडिटी की कीमतों में होने वाले बदलावों के अनुसार अपनी रणनीतियों को सतर्कता से तय करना चाहिए। सवाल-जवाब 1. पोलैंड सरकार की बजट को लेकर क्या योजना है? सरकार मध्यम वर्ग के लिए आयकर में कटौती करने और साल 2027 से बड़ी कंपनियों पर कर बढ़ाने की योजना बना रही है। 2. प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की सरकार बजट का ड्राफ्ट कब पेश करेगी? प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की सरकार शुक्रवार को साल 2027 के लिए बजट का ड्राफ्ट पेश करेगी। 3. फिच ने पोलैंड की रेटिंग पर क्या रुख अपनाया है? फिच ने पोलैंड की रेटिंग को ए- पर बरकरार रखा है लेकिन इसका दृष्टिकोण नकारात्मक रखा है। 4. राजकोषीय फिसलन का बॉन्ड यील्ड पर क्या असर पड़ सकता है? राजकोषीय फिसलन के कारण 10 साल के पोलिश सरकारी बॉन्ड की यील्ड 6 प्रतिशत से ऊपर जा सकती है। https://trendkia.com/market/polish-zloty-faces-further-weakness-against-euro-amid-budget-risks-and-fiscal-concerns-21175 TrendKia — Har trend, sabse pehle.