प्रणव कंस्ट्रक्शंस की बाजार में शानदार एंट्री, एनएसई पर 33 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 165 रुपये पर लिस्ट प्रणव कंस्ट्रक्शंस के शेयर घरेलू शेयर बाजार में 33 प्रतिशत तक के प्रीमियम पर लिस्ट हुए हैं। कुल 121 गुना सब्सक्रिप्शन हासिल करने वाले इस 351 करोड़ रुपये के आईपीओ ने लिस्टिंग के पहले ही दिन निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया। घरेलू प्राथमिक बाजार में निवेशकों के जबरदस्त उत्साह के बीच रियल एस्टेट कंपनी प्रणव कंस्ट्रक्शंस लिमिटेड के शेयरों ने शेयर बाजार में धमाकेदार शुरुआत की है। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर 33 प्रतिशत के भारी प्रीमियम के साथ 165 रुपये पर हुई, जबकि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर यह शेयर अपने इश्यू प्राइस 124 रुपये से 30.64 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करते हुए 162 रुपये के भाव पर खुला। इस मजबूत लिस्टिंग के बाद कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़कर 1,520.97 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। तीन दिनों की बोली में मिला था 121 गुना का भारी समर्थन प्रणव कंस्ट्रक्शंस का पब्लिक इश्यू आम निवेशकों के लिए 7 सितंबर को खोला गया था और यह 9 सितंबर को बंद हुआ। इस तीन दिवसीय बोली प्रक्रिया के दौरान कंपनी के आईपीओ को बाजार के हर वर्ग से शानदार रिस्पॉन्स मिला। बोली के अंतिम यानी तीसरे दिन यह इश्यू कुल 121 गुना सब्सक्राइब होकर बंद हुआ था। इससे पहले बोली के शुरुआती दिनों में भी निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी देखने को मिली थी, जहां पहले दिन आईपीओ 5.69 गुना भरा था और दूसरे दिन का कारोबार खत्म होने तक इसमें कुल 18.20 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया था। 351 करोड़ रुपये के इश्यू की संरचना और प्राइस बैंड कंपनी ने अपने इस 351 करोड़ रुपये के मेनबोर्ड आईपीओ के लिए 10 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर का प्राइस बैंड 118 रुपये से 124 रुपये प्रति शेयर तय किया था। इस पूरे पब्लिक ऑफरिंग में दो प्रमुख हिस्से शामिल थे। कंपनी ने 316 करोड़ रुपये मूल्य के 2,54,51,612 फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए थे, जिससे जुटाया गया फंड सीधे कंपनी के खातों में जाएगा। वहीं दूसरी ओर, प्रमोटरों ने अपनी हिस्सेदारी कम करते हुए ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिए 35 करोड़ रुपये मूल्य के कुल 28,56,869 इक्विटी शेयर बिक्री के लिए रखे थे। अलॉटमेंट टाइमलाइन और डीमैट ट्रांसफर की प्रक्रिया इश्यू प्रक्रिया तय समयसीमा के अनुसार पूरी की गई थी। बुधवार 9 सितंबर को बिडिंग विंडो बंद होने के अगले ही दिन यानी गुरुवार 10 सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट अंतिम रूप से तय कर दिया गया था। इसके बाद 11 सितंबर को सफल निवेशकों के डीमैट खातों में शेयर क्रेडिट कर दिए गए। जिन निवेशकों को बोली लगाने के बाद भी शेयर आवंटित नहीं हो सके थे, उनके पैसों का रिफंड भी 11 सितंबर को ही प्रोसेस कर दिया गया था। यह एक मेनबोर्ड इश्यू था, जिसके चलते कंपनी के शेयरों का कारोबार बीएसई और एनएसई दोनों प्रमुख सूचकांकों पर एक साथ शुरू हुआ है। जुटाए गए फंड का इस्तेमाल और कारोबारी विस्तार बाजार नियामक सेबी के पास दाखिल किए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस और अन्य दस्तावेजों के अनुसार, कंपनी नए शेयरों से हासिल शुद्ध आय का इस्तेमाल कई प्रमुख प्राथमिकताओं के लिए करेगी। कंपनी इन पैसों का उपयोग विभिन्न सरकारी और वैधानिक मंजूरियां प्राप्त करने, अतिरिक्त एफएसआई (फ्लोर स्पेस इंडेक्स) की खरीद करने तथा अपने मौजूदा कर्जों को चुकाने के लिए करने वाली है। इसके अलावा कुछ राशि का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट खर्चों को पूरा करने में भी किया जाएगा। प्रणव कंस्ट्रक्शंस मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में नगर निगम ग्रेटर मुंबई (एमसीजीएम) के पुनर्विकास क्षेत्र में सक्रिय एक प्रमुख और स्थापित रियल एस्टेट डेवलपर के रूप में काम करती है। इसका आप पर असर जिन खुदरा और संस्थागत निवेशकों को प्रणव कंस्ट्रक्शंस के आईपीओ में शेयर अलॉट हुए थे, उन्हें लिस्टिंग के पहले ही दिन 30 से 33 प्रतिशत तक का शानदार लिस्टिंग गेन मिला है। • शेयरधारकों के लिए लाभ: 124 रुपये के भाव पर शेयर पाने वाले निवेशकों का निवेश लिस्टिंग के साथ ही बढ़कर 162 से 165 रुपये प्रति शेयर हो गया। निवेशक अब अपनी रणनीति के अनुसार लिस्टिंग गेन बुक कर सकते हैं या लंबी अवधि के लिए होल्ड रख सकते हैं। • नए खरीदारों के लिए सतर्कता: 33 प्रतिशत की तेजी के बाद नए खरीदारों को ऊंचे स्तरों पर जोखिम का आकलन करना होगा। बाजार की चाल और कंपनी के तिमाही नतीजों पर नजर रखकर ही नई खरीदारी की योजना बनानी चाहिए। • पुनर्विकास खंड पर असर: कंपनी द्वारा कर्ज चुकाने और अतिरिक्त एफएसआई खरीदने से उसके मुंबई उपनगरों के प्रोजेक्ट्स में तेजी आएगी। इससे पश्चिमी उपनगरों में हाउसिंग सोसायटियों के पुनर्विकास कार्यों को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। • प्राथमिक बाजार में सकारात्मक संकेत: 121 गुना सब्सक्रिप्शन के बाद ऐसी बंपर लिस्टिंग से अन्य रियल्टी आईपीओ के प्रति भी निवेशकों का रुझान बढ़ेगा। आने वाले हफ्तों में बाजार में उतरने वाली कंपनियों के प्रति खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ सकती है। ऐसा क्यों हुआ प्रणव कंस्ट्रक्शंस के शेयरों की मजबूत लिस्टिंग के पीछे भारी सब्सक्रिप्शन मांग, मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में पुनर्विकास खंड की मजबूत स्थिति और कर्ज घटाने की ठोस योजना प्रमुख वजहें रही हैं। • भारी संस्थागत व खुदरा मांग: तीन दिनों की विंडो में आईपीओ 121 गुना से अधिक ओवरसब्सक्राइब हुआ था। इस जबरदस्त मांग ने लिस्टिंग डे पर सेकेंडरी मार्केट में भी खरीदारी का दबाव बनाए रखा। • मुंबई के पुनर्विकास बाजार में मजबूत उपस्थिति: कंपनी नगर निगम ग्रेटर मुंबई (एमसीजीएम) के अंतर्गत पश्चिमी उपनगरों में रिडेवलपमेंट के क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी है। मुंबई में जमीन की कमी के चलते पुनर्विकास परियोजनाओं की बढ़ती मांग ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। • कर्ज कम करने की स्पष्ट रणनीति: आईपीओ के तहत जुटाए गए 316 करोड़ रुपये के नए फंड का बड़ा हिस्सा कर्ज अदायगी और एफएसआई खरीद के लिए तय किया गया है। बैलेंस शीट के मजबूत होने की उम्मीदों ने शेयरों के प्रीमियम को समर्थन दिया। सवाल-जवाब 1. प्रणव कंस्ट्रक्शंस का शेयर किस भाव पर लिस्ट हुआ? प्रणव कंस्ट्रक्शंस के शेयर एनएसई पर 33 प्रतिशत बढ़त के साथ 165 रुपये पर और बीएसई पर 30.64 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 162 रुपये पर लिस्ट हुए। 2. इस आईपीओ का इश्यू प्राइस बैंड क्या था? कंपनी ने अपने आईपीओ के लिए 10 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रति शेयर का प्राइस बैंड 118 रुपये से 124 रुपये तय किया था। 3. प्रणव कंस्ट्रक्शंस के आईपीओ को कुल कितना सब्सक्रिप्शन मिला था? तीन दिनों की बोली के दौरान इस आईपीओ को कुल 121 गुना सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ था। 4. कंपनी का आईपीओ कुल कितने करोड़ रुपये का था? यह पूरा इश्यू 351 करोड़ रुपये का था, जिसमें 316 करोड़ रुपये के नए शेयर और 35 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल शामिल था। 5. लिस्टिंग के बाद कंपनी का मार्केट कैप कितना हो गया है? घरेलू एक्सचेंजों पर मजबूत शुरुआत के बाद प्रणव कंस्ट्रक्शंस का मार्केट कैप 1,520.97 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। 6. कंपनी आईपीओ से जुटाए फंड का क्या करेगी? कंपनी जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल सरकारी मंजूरियां लेने, अतिरिक्त एफएसआई खरीदने, कर्ज चुकाने और सामान्य कारोबारी खर्चों के लिए करेगी। https://trendkia.com/market/pranav-constructions-ki-bajara-men-shanadara-entri-nse-para-33-pratishata-primiyama-ke-satha-165-rupaye-para-lista-35970 TrendKia — Har trend, sabse pehle.