# प्राथमिक बाजार में पूंजी जुटाने का महाकुंभ, 11 कंपनियों के पब्लिक इश्यू में अकेले नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की 90 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी

> दलाल स्ट्रीट पर इस हफ्ते 11 नई कंपनियां 24,500 करोड़ रुपये जुटाने उतर रही हैं, जिसमें सबसे बड़ा आकर्षण नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 22,561.6 करोड़ रुपये का विशाल आईपीओ बना हुआ है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-29 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/prathamika-bajara-men-punji-jutane-ka-mahakunbha-11-knpaniyon-ke-pablika-ishyu-men-akele-nse-ki-90-phisadi-se-jyada-hissedari-53289 · **Language:** Hindi
**Tags:** आईपीओ, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज, दलाल स्ट्रीट, प्राइमरी मार्केट, शेयर बाजार, हीरो मोटर्स, एसएमई आईपीओ

भारतीय शेयर बाजार में त्योहार के अवकाश के बाद प्राथमिक बाजार की हलचल ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचने जा रही है। भले ही गणेश चतुर्थी के उपलक्ष्य में सामान्य कारोबारी सत्र स्थगित रहा हो, लेकिन आने वाले कारोबारी दिनों में पूंजी बाजार में निवेश की अभूतपूर्व सुनामी देखने को मिलेगी। पूरे ग्यारह महीनों के लंबे अंतराल के बाद यह पहला ऐसा मौका है जब केवल सात दिनों के भीतर ग्यारह कंपनियां पब्लिक इश्यू के माध्यम से पूंजी जुटाने की तैयारी में हैं। कुल मिलाकर लगभग 24,500 करोड़ रुपये की विशाल धनराशि निवेशकों की जेब से प्राथमिक बाजार में स्थानांतरित होने जा रही है। इस पूरी कवायद में पांच मुख्य प्लेटफॉर्म यानी मेनबोर्ड और छह छोटे एवं मझोले उद्यम यानी एसएमई कंपनियां मैदान में ताल ठोक रही हैं। हालांकि संख्या के लिहाज से भले ही कई नाम सामने दिख रहे हों, लेकिन इस समूचे घटनाक्रम का असल केंद्र बिंदु केवल एक ही विशाल संस्थान बना हुआ है।

## नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का ऐतिहासिक निर्गम और उसका आकार
इस पूरे कारोबारी सप्ताह की सबसे बड़ी चर्चा देश के सबसे बड़े शेयर बाजार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के अपने बहुप्रतीक्षित पब्लिक इश्यू को लेकर है। इस विशाल संस्थान का इश्यू 17 सितंबर को बोली के लिए खुलेगा और निवेशक इसमें 21 सितंबर तक अपनी बोलियां जमा कर सकेंगे। अगर जुटाए जाने वाले कुल आंकड़े पर नजर डालें तो अकेले नेशनल स्टॉक एक्सचेंज 22,561.6 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। इसका सीधा मतलब यह निकलता है कि इस सप्ताह प्राथमिक बाजार से उठाई जाने वाली कुल पूंजी का 90 प्रतिशत से भी अधिक हिस्सा अकेले इसी एक एक्सचेंज के खाते में चला जाएगा। वित्तीय बाजार के विश्लेषक मानते हैं कि यह कोई साधारण कॉरपोरेट लिस्टिंग नहीं है, बल्कि देश की समूची वित्तीय रीढ़ और बुनियादी ढांचे का सार्वजनिक पटल पर आना है।

इसी वजह से बड़े संस्थागत विदेशी निवेशक, घरेलू म्युचुअल फंड, कॉरपोरेट फंड हाउस, बड़े धनी निवेशक और आम खुदरा भागीदार सभी इस एक इश्यू की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। भारतीय बाजार में इससे पहले ऐसा विशाल जमावड़ा अक्टूबर 2025 के शुरुआती दौर में देखा गया था, जब छह से दस अक्टूबर के बीच लगभग 29,000 करोड़ रुपये के निर्गम एक साथ बाजार में उतारे गए थे। करीब 11 महीनों के बाद यह पहला अवसर है जब प्राथमिक बाजार में इतनी भारी मात्रा में तरलता का परीक्षण होने जा रहा है। यही कारण है कि विश्लेषक इसे आम आईपीओ सप्ताह मानने के बजाय पूरी तरह से एनएसई का सप्ताह बता रहे हैं, जिसके समानांतर बाकी कंपनियां अपनी किस्मत आजमा रही हैं।

## मेनबोर्ड के अन्य चार दावेदारों की तैयारी और समय सीमा
भले ही मुख्य आकर्षण और चर्चा के केंद्र में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ही रहने वाला है, लेकिन चार अन्य प्रमुख मेनबोर्ड कंपनियां भी निवेशकों के सामने अपने प्रस्ताव लेकर आ रही हैं। ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े बड़े समूह की कंपनी हीरो मोटर्स करीब 1,000 करोड़ रुपये जुटाने का प्रस्ताव लेकर आ रही है। इसके साथ ही खुदरा व्यापार से जुड़ी एसएस रिटेल लगभग 500 करोड़ रुपये के शेयर जारी करने की योजना पर काम कर रही है। इन दोनों कंपनियों के अलावा जिंदल सुप्रीम इंडिया भी अपेक्षाकृत छोटे आकार के निर्गम के साथ सामने है, जिसका कुल आकार 125 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।

समय सारिणी की बात करें तो हीरो मोटर्स, एसएस रिटेल और जिंदल सुप्रीम इंडिया के लिए बिडिंग विंडो 16 सितंबर को खुलेगी और 18 सितंबर को बंद हो जाएगी। वहीं मेनबोर्ड की पांचवीं कंपनी सोनासिलेक्शन इंडिया करीब 141.6 करोड़ रुपये जुटाने के उद्देश्य से मैदान में है। सोनासिलेक्शन इंडिया का पब्लिक इश्यू नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के साथ कदमताल करते हुए 17 सितंबर से लेकर 21 सितंबर तक खुला रहेगा। इतने कम समय में एक साथ कई कंपनियों के आने से निवेशकों के सामने फंड के आवंटन की एक बड़ी चुनौती खड़ी हो जाएगी। विशेषकर उन छोटी मेनबोर्ड कंपनियों के लिए खुदरा और संस्थागत पूंजी को आकर्षित करना कठिन हो सकता है, जिन्हें एनएसई के विशालकाय निर्गम की छाया में अपनी जगह बनानी है।

## चालू निर्गम और पहले से खुले पब्लिक इश्यू की विदाई
प्राथमिक बाजार का परिदृश्य केवल नए निर्गमों के आने तक ही सीमित नहीं है। पिछले सप्ताह खुले कुछ प्रमुख पब्लिक इश्यू भी इस हफ्ते अपनी बोली प्रक्रिया पूरी करके बंद होने जा रहे हैं। इनमें रियल एस्टेट क्षेत्र की कंपनी वीगालैंड डेवलपर्स और पैकेजिंग समाधान देने वाली कंपनी मनिका प्लास्टेक प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन दोनों मेनबोर्ड कंपनियों की बोलियां इसी सप्ताह अंतिम रूप लेंगी। इसके अलावा एसएमई सेगमेंट में पहले से चल रहे छह अन्य निर्गम भी इस हफ्ते के दौरान अपनी सब्सक्रिप्शन प्रक्रिया को समाप्त करेंगे।

इसका सीधा परिणाम यह है कि निवेशकों को अपनी पूंजी का आवंटन बहुत ही सतर्कता से करना होगा। एक तरफ पहले से खुले हुए निर्गमों में पैसे लगाने की अंतिम समय सीमा सामने है, दूसरी तरफ मेनबोर्ड पर नए उतरने वाले बड़े नाम कतारबद्ध हैं और तीसरी तरफ एसएमई मंच पर कई नए विकल्प पेश किए जा रहे हैं। इस प्रकार की सघन गतिविधियों के चलते बैंकिंग चैनलों और ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म्स पर लेनदेन और फंड ब्लॉकिंग का दबाव चरम पर रहने की पूरी संभावना बन गई है।

## एसएमई सेगमेंट की छह कंपनियों का निर्गम और संबंधित जोखिम
छोटे और मध्यम उद्यमों के प्लेटफॉर्म पर इस सप्ताह छह नई कंपनियां निवेशकों से पूंजी जुटाने की कोशिश करेंगी। भले ही इन सभी छह कंपनियों की संयुक्त मांग लगभग 233.9 करोड़ रुपये की है, जो मुख्य बाजार के मुकाबले काफी कम बैठती है, फिर भी एसएमई निवेशकों का एक खास वर्ग इनमें रुचि दिखाता है। सप्ताह की शुरुआत 15 सितंबर को क्वांटो एग्रोवर्ल्ड, शक्ति पॉलीटार्प और वामा वोवेनफैब के पब्लिक इश्यू खुलने के साथ होगी, जो 17 सितंबर को बंद हो जाएंगे। क्वांटो एग्रोवर्ल्ड की योजना 29.5 करोड़ रुपये जुटाने की है, जबकि शक्ति पॉलीटार्प 25.6 करोड़ रुपये और वामा वोवेनफैब लगभग 47.1 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही हैं।

इसके बाद 17 सितंबर से 21 सितंबर की अवधि में खेरिया ऑटोकांप और स्पेक्ट्रा टेक सॉल्यूशंस के निर्गम बोली के लिए उपलब्ध रहेंगे। खेरिया ऑटोकांप 44.1 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है, जबकि स्पेक्ट्रा टेक सॉल्यूशंस का लक्ष्य 40.4 करोड़ रुपये का है। सप्ताह का अंतिम एसएमई पब्लिक इश्यू एक्सिओम गैस इंजीनियरिंग का होगा, जो 18 सितंबर को शुरू होकर 22 सितंबर को समाप्त होगा और इसका कुल आकार 47.3 करोड़ रुपये तय किया गया है।

हालांकि बाजार के अनुभवी जानकारों का स्पष्ट मानना है कि छोटे निर्गमों में हिस्सा लेते समय खुदरा निवेशकों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। एसएमई शेयरों में लिस्टिंग के बाद लिक्विडिटी यानी नकदी की भारी कमी देखने को मिल सकती है। यहां शेयरों का लॉट साइज बड़ा होता है और कीमतों में बहुत तेज उतार चढ़ाव की गुंजाइश बनी रहती है। केवल सब्सक्रिप्शन के भारी आंकड़ों को देखकर या आरंभिक उत्साह में बहकर इन शेयरों में पैसा लगाना जोखिम भरा साबित हो सकता है।

## शेयर बाजारों पर लिस्टिंग का महादंगल
पूंजी जुटाने की इस रेस के साथ ही इस हफ्ते सेकेंडरी बाजार के पटल पर नई कंपनियों की शुरुआत का भी बड़ा मेला लगने वाला है। मेनबोर्ड की कुल 10 कंपनियां इस सप्ताह स्टॉक एक्सचेंजों पर अपने शेयरों की लिस्टिंग कराने जा रही हैं। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी 15 सितंबर को प्रणव कंस्ट्रक्शन की लिस्टिंग निर्धारित है। इसके ठीक अगले दिन 16 सितंबर को तीन प्रमुख कंपनियां ग्लास वॉल सिस्टम्स इंडिया, प्रासोल केमिकल्स और कानोहर इलेक्ट्रिकल्स अपने शेयरों की शुरुआत द्वितीयक बाजार में करेंगी।

वहीं 17 सितंबर का दिन प्राथमिक बाजार के इतिहास के सबसे व्यस्त लिस्टिंग दिनों में दर्ज हो सकता है। उस दिन एक साथ छह मेनबोर्ड कंपनियां ट्रेडिंग के लिए उतरेंगी, जिनमें एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी इंडिया, मणिपाल पेमेंट एंड आइडेंटिटी सॉल्यूशंस, स्टीमहाउस इंडिया, एलसीसी प्रोजेक्ट्स, करमंतारा इंजीनियरिंग और रेंटोमोजो शामिल हैं। इसके समानांतर एसएमई एक्सचेंज पर भी अपना लॉजिस्टिक्स, इन्फ्राक्स रिन्यूएबल, विनोद टैक्सवर्ल्ड और एमटेक एस्टर्स के शेयर सूचीबद्ध होकर कारोबार शुरू करेंगे। इतनी बड़ी संख्या में होने वाली लिस्टिंग से निवेशकों के पास अपने पूर्व निवेशों से मुनाफा काटने या घाटे से बाहर निकलने के नए रास्ते खुलेंगे।

## आकार बनाम गुणवत्ता और निवेशकों के लिए बुनियादी सिद्धांत
जब भी प्राथमिक बाजार में पूंजी जुटाने का इतना बड़ा तूफान आता है, तो निवेशकों के मन में हर उपलब्ध विकल्प में पैसा लगाने की इच्छा जाग उठती है। लेकिन बाजार के बुनियादी नियम कभी नहीं बदलते। किसी भी इश्यू का अत्यधिक बड़ा आकार अपने आप में उसके अच्छे होने का प्रमाण नहीं हो सकता। निवेशकों को किसी भी कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने से पहले उसके वैल्यूएशन, मुनाफे की निरंतरता, कर्ज के कुल बोझ, कैश फ्लो की स्थिति, प्रमोटरों की बची हुई हिस्सेदारी और नए जुटाए जा रहे पैसों के वास्तविक उपयोग की सूक्ष्म पड़ताल करनी चाहिए।

कुल मिलाकर यह हफ्ता भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक मील का पत्थर बनने जा रहा है। 24,500 करोड़ रुपये के कुल बजट में से अकेले 22,561.6 करोड़ रुपये नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की तरफ खिंचे चले जाना यह दर्शाता है कि तरलता का प्रवाह किस दिशा में केंद्रित रहेगा। दलाल स्ट्रीट के विश्लेषकों का मानना है कि अब असल चुनौती इस बात की नहीं है कि कितने ऑफर आ रहे हैं, बल्कि यह देखने की है कि बाकी बची हुई दस कंपनियों के लिए बाजार में कितनी नकदी बच पाती है।

## इसका आप पर असर
इस सप्ताह प्राथमिक बाजार में 24,500 करोड़ रुपये का विशाल पूंजी प्रवाह खुदरा निवेशकों और घरेलू शेयर बाजार की समग्र तरलता पर सीधा असर डालेगा।

- **खुदरा निवेशकों के लिए:** नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के 22,561.6 करोड़ रुपये के विशाल निर्गम में भारी मांग के चलते खुदरा निवेशकों को अपने बैंक खातों में अग्रिम पूंजी आरक्षित रखनी होगी। छोटे आवंटन की संभावना को देखते हुए कई खातों के माध्यम से आवेदन करने की रणनीति पर विचार किया जा सकता है।
- **फंड प्रबंधन और आवंटन:** पांच मेनबोर्ड और छह एसएमई इश्यू एक साथ खुलने से निवेशकों के पैसे कई दिनों के लिए यूपीआई मैंडेट में ब्लॉक रहेंगे। यदि आप सीमित बजट वाले निवेशक हैं तो सभी कंपनियों में आवेदन करने के बजाय सबसे मजबूत वित्तीय स्थिति वाली चुनिंदा कंपनियों को प्राथमिकता दें।
- **एसएमई में तरलता का जोखिम:** इस हफ्ते आने वाले छह एसएमई निर्गमों में न्यूनतम निवेश राशि लगभग एक लाख रुपये से अधिक की होती है। लिस्टिंग के बाद सीमित ट्रेडिंग वॉल्यूम के कारण तत्काल शेयर बेचने में कठिनाई आ सकती है, इसलिए केवल अतिरिक्त जोखिम पूंजी ही लगाएं।
- **द्वितीयक बाजार पर असर:** प्राथमिक बाजार में 24,500 करोड़ रुपये खिंचने से सामान्य शेयरों की दैनिक ट्रेडिंग तरलता में अस्थायी कमी आ सकती है। निवेशक 10 नई कंपनियों की लिस्टिंग के समय आने वाले शुरुआती मूल्य उतार चढ़ाव पर नजर रखकर अवसर तलाश सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
भारतीय प्राथमिक बाजार में करीब 11 महीनों के बाद एक ही सप्ताह में इतनी विशाल पूंजी जुटाने का यह संयोग कई प्रमुख कारकों के एक साथ आने से बना है।

- **बाजार का बुनियादी ढांचा:** नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की अपनी लिस्टिंग की योजना लंबे समय से लंबित थी, जिसकी मंजूरी और अंतिम समय सारिणी तय होने से अकेले 22,561.6 करोड़ रुपये का बड़ा हिस्सा इस सप्ताह जुड़ गया। इस एक एक्सचेंज की उपस्थिति ने पूरे सप्ताह के निर्गम आकार को सीधे 24,500 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा दिया।
- **अनुकूल कारोबारी माहौल:** कंपनियों ने त्योहारों के मौसम और मजबूत घरेलू आर्थिक परिदृश्य का लाभ उठाने के लिए अपने विवरण पत्र समय पर प्रस्तुत किए। इससे पहले अक्टूबर 2025 में 29,000 करोड़ रुपये जुटाए गए थे, जिसके बाद यह पहला मौका है जब इतने सारे मेनबोर्ड निर्गम एक साथ बाजार में उतरे हैं।
- **नियामकीय अनुपालन और समय सीमा:** कई कंपनियों के तिमाही वित्तीय आंकड़ों और मंजूरी पत्रों की वैधता समाप्त होने से पहले पूंजी जुटाने की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसी वजह से हीरो मोटर्स, एसएस रिटेल और छह एसएमई कंपनियों की समय सारिणी आपस में टकरा रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. इस सप्ताह प्राथमिक बाजार में कुल कितनी कंपनियां पब्लिक इश्यू लेकर आ रही हैं?
इस सप्ताह कुल 11 कंपनियां अपना पब्लिक इश्यू लेकर आ रही हैं, जिनमें 5 मेनबोर्ड और 6 एसएमई सेगमेंट की कंपनियां शामिल हैं।

### 2. कंपनियां इस हफ्ते कुल कितनी धनराशि जुटाने की योजना बना रही हैं?
सभी 11 कंपनियां मिलकर निवेशकों से लगभग 24,500 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में हैं।

### 3. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का आईपीओ कब से कब तक खुला रहेगा?
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का पब्लिक इश्यू 17 सितंबर को बोली के लिए खुलेगा और 21 सितंबर को बंद होगा।

### 4. अकेले नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का इश्यू साइज कितना है?
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का पब्लिक इश्यू लगभग 22,561.6 करोड़ रुपये का है, जो कुल सप्ताह की पूंजी का 90 फीसदी से अधिक है।

### 5. मेनबोर्ड पर आने वाली अन्य चार प्रमुख कंपनियां कौन सी हैं?
अन्य चार मेनबोर्ड कंपनियों में हीरो मोटर्स (1,000 करोड़ रुपये), एसएस रिटेल (500 करोड़ रुपये), जिंदल सुप्रीम इंडिया (125 करोड़ रुपये) और सोनासिलेक्शन इंडिया (141.6 करोड़ रुपये) शामिल हैं।

### 6. इस सप्ताह स्टॉक एक्सचेंज पर कितनी मेनबोर्ड कंपनियों की लिस्टिंग होने वाली है?
इस हफ्ते कुल 10 मेनबोर्ड कंपनियां शेयर बाजारों पर अपनी लिस्टिंग पूरी करके कारोबार शुरू करेंगी।

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