आरबीए की संभावित ब्याज दर वृद्धि और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के दबाव के बीच स्थिर रहा ऑस्ट्रेलियाई डॉलर रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की बैठक से पहले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7020 के आसपास स्थिर बना हुआ है, जहां ब्याज दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की उम्मीद है। वहीं अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और भू-राजनीतिक तनाव अमेरिकी डॉलर को मजबूती दे रहे हैं। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में सप्ताह की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर सीमित दायरे में कारोबार करता दिखा, जहां एक तरफ घरेलू केंद्रीय बैंक की ओर से ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की उम्मीदें इसे सहारा दे रही हैं, तो दूसरी तरफ मजबूत अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण अमेरिकी डॉलर का दबाव भी लगातार बना हुआ है। मुद्रा विनिमय बाजार में यह जोड़ी 0.7020 के स्तर के आसपास स्थिर रुख के साथ कारोबार कर रही है, जहां कारोबारी मंगलवार को होने वाले नीतिगत फैसले से पहले सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक के फैसले पर टिकी निगाहें बाजार प्रतिभागियों को व्यापक रूप से यह उम्मीद है कि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (आरबीए) अपनी आगामी मंगलवार की मौद्रिक समीक्षा बैठक में ऑफिशियल कैश रेट (ओसीआर) में 25 आधार अंकों (बीपीएस) का इजाफा करेगा। यदि यह निर्णय लागू होता है, तो ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख बेंचमार्क उधारी दर 4.35% से बढ़कर 4.60% पर पहुंच जाएगी। यह स्तर पिछले 15 वर्षों में ऑस्ट्रेलिया की ब्याज दरों का उच्चतम स्तर होगा। उल्लेखनीय है कि यह कदम इस चालू कैलेंडर वर्ष में ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक द्वारा की जाने वाली चौथी ब्याज दर वृद्धि होगी। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि इस नीतिगत कदम का ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर तात्कालिक प्रभाव सीमित रह सकता है, क्योंकि मुद्रा बाजार पहले ही 25 आधार अंकों की इस बढ़ोतरी को अपनी कीमतों में काफी हद तक समाहित कर चुका है। ऐसी स्थिति में बाजार के निवेशकों और संस्थागत खरीदारों का मुख्य ध्यान केंद्रीय बैंक द्वारा भविष्य के नीतिगत मार्ग और ब्याज दरों की भावी दिशा पर दिए जाने वाले आधिकारिक मार्गदर्शन पर टिका रहेगा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति दूसरी तरफ, अमेरिकी डॉलर को अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बने ऊंचे स्तरों से लगातार मजबूती मिल रही है। फेडरल रिजर्व ने सितंबर के दौरान अपनी नीतिगत दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि करते हुए लक्ष्य दायरे को 3.75%-4.00% तक बढ़ा दिया था। अमेरिकी नीति निर्माताओं ने यह स्पष्ट संकेत दिया था कि महंगाई को 2% के अनिवार्य वार्षिक लक्ष्य तक वापस लाने के लिए मौद्रिक सख्ती के और कदमों की आवश्यकता पड़ सकती है। अमेरिकी यील्ड कई वर्षों के उच्चतम स्तर के करीब टिकी हुई है, जिससे ग्रीनबैक को बहु-परिसंपत्ति सुरक्षा मिल रही है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से उपजे मुद्रास्फीति के दबाव और अक्टूबर में फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित दर वृद्धि के बढ़ते दावों ने भी अमेरिकी मुद्रा को सुरक्षित पनाहगाह के तौर पर मजबूती दी है। इसके अलावा, दोनों प्रमुख केंद्रीय बैंकों के बीच नीतिगत समानताएं भी देखी गई हैं, जहां फेड और बैंक ऑफ जापान (बीओजे) दोनों ने बीते सप्ताह दरों में 25 बीपीएस की वृद्धि की, दोनों ही मुद्रास्फीति जोखिमों का सामना कर रहे हैं, और दोनों ने भावी कदमों को आगामी आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर बताया है। भू-राजनीतिक घटनाक्रम और वाशिंगटन-तेहरान वार्ता वैश्विक वित्तीय बाजारों में व्यापक जोखिम भावना पर भू-राजनीतिक तनाव का गहरा असर देखा जा रहा है। संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच सोमवार या मंगलवार को अप्रत्यक्ष राजनयिक वार्ता दोबारा शुरू होने की संभावना है, जिसमें कतर एक मध्यस्थ के रूप में भूमिका निभा रहा है। इस कूटनीतिक बातचीत का मुख्य फोकस संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर तेहरान द्वारा पेश किए गए सात-दिवसीय प्रस्ताव के संशोधित प्रारूप पर केंद्रित रहने की उम्मीद है। बाजार के विश्लेषक इन वार्ताओं की प्रगति पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं, क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के संघर्ष विराम प्रस्ताव को खारिज किए जाने के बाद भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बढ़ गई हैं। यह गतिरोध अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को लगातार सहारा दे रहा है, जिससे ऊर्जा आधारित मुद्रास्फीति की चिंताएं और गहरा गई हैं। किसी भी कूटनीतिक सफलता या असफलता का सीधा असर व्यापक वित्तीय बाजारों की जोखिम उठाने की क्षमता पर पड़ेगा। तकनीकी स्तर और चार्ट विश्लेषण दैनिक चार्ट और तकनीकी ढांचे के लिहाज से यह मुद्रा जोड़ी सप्ताह की शुरुआत में 0.7000 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर की रक्षा करने में जुटी है, जो 4 अगस्त के बाद से इसका सबसे निचला स्तर भी है। चार्ट पर तात्कालिक ऊपरी अवरोध 0.7045 के क्षैतिज स्तर पर देखा जा रहा है, जिसके ठीक ऊपर 0.7047 पर 100-घंटे का एसएमए एक नजदीकी क्लस्टर का निर्माण कर रहा है। यदि खरीदार इस बाधा को पार करने में सफल होते हैं, तो अगला बड़ा प्रतिरोध 0.7075 और उसके बाद 0.7082 पर स्थित 200-घंटे के एसएमए पर आएगा। आगे की तेजी के लिए 0.7105 और 0.7140 के स्तर प्रमुख बाधा साबित होंगे। दूसरी ओर, बिकवाली का दबाव बढ़ने पर तत्काल सपोर्ट 0.7004 पर स्थित है। यदि यह स्तर टूटता है, तो 0.6984 का निचला संरचनात्मक आधार एक अहम सीमा होगी। इस तल से नीचे की कोई भी तेज गिरावट प्रति घंटा चार्ट के तकनीकी ट्रेंड में व्यापक कमजोरी को सतह पर ला सकती है। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, यह जोड़ी 0.7024 पर कारोबार कर रही है, जो पिछले 0.7009 के बंद भाव की तुलना में 0.21% अधिक है। 14-अवधि का आरएसआई 35 पर स्थित है जो मंदी के दबाव को दर्शाता है। एमएसीडी हिस्टोग्राम -0.00 के साथ मंदी का रुख प्रदर्शित कर रहा है, जबकि एडीएक्स 29 पर ट्रेंडिंग गति की पुष्टि करता है। मूविंग एवरेज संकेतकों में 20-दिवसीय ईएमए 0.7098, 50-दिवसीय ईएमए 0.7094 और 200-दिवसीय ईएमए 0.6965 पर है, जहां 50-दिवसीय ईएमए का 200-दिवसीय ईएमए से ऊपर होना गोल्डन क्रॉस दीर्घकालिक अपट्रेंड को दर्शाता है, जबकि 200-दिवसीय एसएमए 0.7024 पर मौजूद है। बोलिंगर बैंड्स 0.6994 से 0.7264 के बीच हैं जिसका मध्य बिंदु 0.7129 है। इस जोड़ी का धुरी स्तर (पिवट) 0.7021 पर है, जिसमें ऊपरी स्तर आर1 0.7031 और आर2 0.7037 हैं, जबकि निचले सपोर्ट एस1 0.7014 और एस2 0.7005 पर हैं। मुद्रा जोड़ी का 52-सप्ताह का ट्रेडिंग दायरा 0.6422 से 0.7277 के बीच रहा है। अन्य वैश्विक वित्तीय बाजारों का रुख अमेरिकी डॉलर के व्यापक दबदबे का असर अन्य प्रमुख परिसंपत्तियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (यूएसडी/जेपीवाई) शुक्रवार की गिरावट के बाद फिर से खरीदारी के सहारे 158.00 के स्तर की ओर बढ़ता नजर आया। हालांकि इस बात की अटकलें लगाई जा रही हैं कि अधिकारी मुद्रा को संभालने के लिए हस्तक्षेप कर सकते हैं, लेकिन बैंक ऑफ जापान की पिछली बैठक के नरम मिनट्स ने येन की तेजी को सीमित कर दिया। कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों पर भारी दबाव बना हुआ है, जहां सर्राफा लगातार आठ हफ्तों में पहली बार 4,100 डॉलर के स्तर को छूने की ओर अग्रसर है। ऊंची बॉन्ड यील्ड और फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में दरें बढ़ाने की बढ़ती संभावनाओं ने कीमती धातुओं के आकर्षण को घटाया है। वहीं क्रिप्टोकरेंसी बाजार में प्राइवेसी कॉइन जेकैश 1,550 डॉलर से नीचे कारोबार कर रहा है। जेकैश में पिछले दिन 4% की गिरावट के बाद संस्थागत पूंजी का प्रवाह 35 मिलियन डॉलर से अधिक दर्ज किया गया, हालांकि रिटेल सट्टेबाजी घटने से 24 घंटों में फ्यूचर्स ओपन इंटरेस्ट लगभग 10% घट गया। इसका आप पर असर वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में ब्याज दरों के इस टकराव से अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं के विनिमय और निवेश पर प्रत्यक्ष असर पड़ेगा। • मुद्रा विनिमय और आयात: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में मजबूती से ऑस्ट्रेलिया से आयात होने वाली वस्तुओं की लागत बढ़ सकती है। आयातकों को अपने विनिमय अनुबंधों की पहले से हेजिंग करने पर विचार करना चाहिए। • वैश्विक वित्तीय लागत: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूंजी की लागत ऊंची बनी रहेगी। विदेशी मुद्रा में ऋण लेने वाले व्यवसायों के लिए पुनर्भुगतान महंगा हो सकता है। • कमोडिटी और सोना: अमेरिकी डॉलर के मजबूत रुख के चलते सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। सर्राफा में निवेश की योजना बना रहे खरीदारों को अल्पकालिक मूल्य सुधार पर नजर रखनी चाहिए। • क्रिप्टो और जोखिम परिसंपत्तियां: केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक सख्ती से डिजिटल संपत्तियों में खुदरा सट्टेबाजी घट रही है। निवेशकों को अत्यधिक लीवरेज वाले डेरिवेटिव पदों से बचकर सतर्क रुख अपनाना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर के बीच यह संतुलन दोनों देशों की अलग-अलग मौद्रिक प्राथमिकताओं और भू-राजनीतिक तनावों के संयोजन के कारण बना है। • ऑस्ट्रेलियाई ब्याज दरों में बढ़ोतरी की प्रत्याशा: रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा महंगाई पर काबू पाने के लिए 25 बीपीएस की दर वृद्धि की तैयारी की जा रही है। इस संभावित फैसले ने ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को 0.7000 के स्तर पर सहारा दिया है। • अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में लगातार उछाल: फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में दरें बढ़ाने की संभावनाओं और 2% मुद्रास्फीति लक्ष्य की प्रतिबद्धता ने अमेरिकी यील्ड को बहु-वर्षीय उच्च स्तर पर बनाए रखा है। इसने अमेरिकी डॉलर को वैश्विक स्तर पर मजबूती प्रदान की है। • ऊर्जा कीमतों और भू-राजनीतिक अनिश्चितता: वाशिंगटन और तेहरान के बीच गतिरोध तथा संघर्ष विराम प्रस्ताव खारिज होने से कच्चे तेल में तेजी आई है। ऊर्जा से जुड़ी मुद्रास्फीति ने केंद्रीय बैंकों के नीतिगत रुख को आक्रामक बनाए रखा है। सवाल-जवाब 1. रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की बैठक से बाजार को क्या उम्मीदें हैं? बाजार को उम्मीद है कि आरबीए अपनी ऑफिशियल कैश रेट को 25 आधार अंक बढ़ाकर 4.35% से 4.60% कर देगा, जो 15 वर्षों का उच्चतम स्तर होगा। 2. वर्तमान में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का अमेरिकी डॉलर के मुकाबले क्या स्तर है? ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7020 के आसपास कारोबार कर रहा है और लाइव आंकड़ों में यह 0.21% की बढ़त के साथ 0.7024 पर दर्ज किया गया। 3. अमेरिकी डॉलर को किन कारकों से सहारा मिल रहा है? अमेरिकी डॉलर को कई वर्षों के उच्च स्तर पर टिकी ट्रेजरी यील्ड, फेडरल रिजर्व की मौद्रिक सख्ती और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से मजबूती मिल रही है। 4. इस सप्ताह सोने की कीमतों का रुख कैसा रहा है? मजबूत अमेरिकी डॉलर और ऊंची बॉन्ड यील्ड के दबाव में सोना आठ हफ्तों में पहली बार 4,100 डॉलर के स्तर की ओर तेजी से गिरा है। 5. अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता को लेकर क्या जानकारी सामने आई है? कतर की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच सात-दिवसीय संशोधित प्रस्ताव पर अप्रत्यक्ष कूटनीतिक बातचीत सोमवार या मंगलवार को शुरू होने की उम्मीद है। 6. जेकैश क्रिप्टोकरेंसी में हालिया रुझान क्या रहा है? जेकैश 1,550 डॉलर से नीचे कारोबार कर रहा है, जहां 35 मिलियन डॉलर से अधिक का संस्थागत प्रवाह देखा गया, लेकिन रिटेल ओपन इंटरेस्ट 10% घट गया। https://trendkia.com/market/rba-ki-snbhavita-byaja-dara-vriddhi-aura-us-bond-yield-ke-dabava-ke-bicha-sthira-raha-australian-dollar-40202 TrendKia — Har trend, sabse pehle.