रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया समय से पहले बढ़ा सकता है ब्याज दरें, एनवीडिया के नतीजों और जैक्सन होल पर टिकीं बाजार की निगाहें रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की बैठकों के ब्योरे और जुलाई CPI आंकड़ों के बाद ब्याज दरों में समय से पहले बढ़ोतरी की बहस तेज हो गई है, जबकि अमेरिकी डॉलर की मजबूती से सोना और प्रमुख विदेशी मुद्राएं दबाव में हैं। वैश्विक वित्तीय बाजारों में इस समय केंद्रीय बैंकों की भविष्य की नीतियों और व्यापक आर्थिक आंकड़ों को लेकर गहमागहमी का माहौल है। ऑस्ट्रेलिया में मुद्रास्फीति के ऊंचे स्तर को देखते हुए ब्याज दरों में समय से पहले बढ़ोतरी की संभावनाएं बढ़ रही हैं। वहीं, अमेरिकी डॉलर की हालिया मजबूती के कारण विदेशी मुद्रा बाजार में ब्रिटेन के पाउंड और यूरो पर दबाव देखा जा रहा है। इसके साथ ही बहुमूल्य धातुओं में सोने की कीमतों में गिरावट आई है, जबकि क्रिप्टो बाजार में बिटकॉइन 78,000 USD के स्तर से ऊपर मजबूती बनाए हुए है। कॉर्पोरेट जगत में तकनीक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एनवीडिया की आगामी तिमाही रिपोर्ट और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नए अध्यक्ष के पहले बड़े संबोधन पर पूरी दुनिया के निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की बैठक के ब्योरे से ब्याज दर बढ़ोतरी के मिले संकेत ऑस्ट्रेलियन अर्थव्यवस्था में महंगाई के आंकड़े उम्मीद से अधिक मजबूत आने के बाद मौद्रिक नीति को सख्त करने की चर्चा दोबारा शुरू हो गई है। टीडी सिक्योरिटीज के विश्लेषक प्रशांत न्यूनाहा के अनुसार, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के अगस्त महीने के मिनट्स जून की तुलना में थोड़े कम सख्त जरूर दिखाई दिए थे, लेकिन उनमें मुद्रास्फीति के ऊपर जाने के जोखिमों पर साफ तौर पर चिंता जताई गई थी। बैंक के ब्योरे में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि यदि महंगाई के आंकड़े अनुमान से अधिक रहते हैं, तो समय से पहले ही ब्याज दरों में बढ़ोतरी का कदम उठाया जा सकता है। जुलाई महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के मजबूत आंकड़ों ने इस संभावना को और बल दिया है कि RBA चालू वर्ष के अंत तक ब्याज दर बढ़ा सकता है। प्रशांत न्यूनाहा का मानना है कि सितंबर में होने वाली बोर्ड बैठक अब पूरी तरह से निर्णय के लिहाज से खुली हुई है, और नवंबर का महीना दर वृद्धि के लिए सबसे संभावित समय बन सकता है। टीडी सिक्योरिटीज द्वारा पहले दरें स्थिर रहने का जो अनुमान जताया गया था, वह अब मौजूदा परिस्थितियों में कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। RBA के सदस्यों ने स्पष्ट किया था कि यदि मुद्रास्फीति का जोखिम बढ़ता है, तो समय रहते नीतिगत सख्ती करना ही जोखिम प्रबंधन का सही तरीका होगा। अमेरिकी डॉलर में मजबूती से GBP/USD और EUR/USD में दर्ज हुई गिरावट विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की नई मजबूती के कारण प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं पर दबाव देखने को मिला है। बुधवार को GBP/USD की जोड़ी में गिरावट का सिलसिला फिर से शुरू हो गया, जिसने मंगलवार को दर्ज की गई बढ़त को पूरी तरह समाप्त कर दिया और विनिमय दर 1.3600 के स्तर से नीचे आ गई। ब्रिटिश पाउंड में आई यह गिरावट अमेरिकी अर्थव्यवस्था के सकारात्मक आंकड़ों और वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच अमेरिकी डॉलर की मांग बढ़ने के कारण हुई है। इसी प्रकार यूरो भी अमेरिकी डॉलर के सामने कमजोर पड़ता नजर आया। EUR/USD की विनिमय दर बुधवार को तेजी से गिरकर 1.1650 के आसपास बहु-दिवसीय निचले स्तर पर पहुंच गई। जुलाई महीने के व्यक्तिगत उपभोग व्यय (PCE) आंकड़ों और दूसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के संशोधित आंकड़ों के जारी होने के बाद अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिली, जिसका सीधा असर यूरो की विनिमय दरों पर पड़ा। सोने की कीमतों पर दबाव, 4,600 USD के स्तर के पास पहुंचा भाव कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों को हालिया तेजी के बाद फिर से बिकवाली का सामना करना पड़ा है। प्रति ट्रॉय औंस 4,700 USD के नए शिखर के करीब पहुंचने के बाद, मंगलवार को सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई और यह महत्वपूर्ण 4,600 USD के स्तर की ओर फिसलता नजर आया। लगातार तीन दिनों की तेजी के बाद सोने में आई यह गिरावट अमेरिकी डॉलर में आई तेजी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में हुए सुधार के कारण आई है। ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों जैसे सोने का आकर्षण अल्पकाल के लिए कम हो जाता है। संस्थागत मांग के बल पर 78,000 USD के ऊपर बना हुआ है बिटकॉइन डिजिटल परिसंपत्तियों के बाजार में बिटकॉइन की स्थिति अपेक्षाकृत सकारात्मक बनी हुई है। बुधवार को बिटकॉइन 78,000 USD के स्तर से ऊपर कारोबार करता दिखा, हालांकि इसे 80,000 USD के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने में कुछ संघर्ष का सामना करना पड़ रहा है। क्रिप्टो बाजार को संस्थागत निवेशकों से मजबूत समर्थन मिल रहा है। ब्लैकरॉक के कर-आस्थगित बिटकॉइन-टू-ETF स्वैप का कुल आयतन 5 अरब USD तक पहुंच गया है, जो इस परिसंपत्ति वर्ग में बड़े निवेशकों के लगातार बने विश्वास को दर्शाता है। एनवीडिया की आय रिपोर्ट और जैक्सन होल में केविन वॉश के भाषण पर ध्यान वैश्विक वित्तीय बाजारों के लिए इस सप्ताह की सबसे बड़ी घटना अमेरिकी बाजारों के बंद होने के बाद आने वाले एनवीडिया के वित्तीय नतीजे हैं। AI तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी कंपनी एनवीडिया से इस बार भी बंपर आय रिपोर्ट की उम्मीद जताई जा रही है। बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि कंपनी का राजस्व 92 अरब USD से अधिक रह सकता है, जबकि प्रति शेयर आय (EPS) 2.09 USD रहने का अनुमान है। इसके अलावा, शुक्रवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष के रूप में केविन वॉश जैक्सन होल संगोष्ठी में अपना पहला प्रमुख भाषण देने जा रहे हैं। बाजार सहभागी केवल सितंबर में ब्याज दरों में संभावित बदलाव तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे केविन वॉश के संबोधन से अमेरिकी मौद्रिक नीति की लंबी अवधि की दिशा और अर्थव्यवस्था के प्रति उनके दृष्टिकोण को समझने की उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं। इसका आप पर असर भारत में: ऑस्ट्रेलियाई RBA और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख से वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती बनी हुई है, जिससे भारतीय रुपये और घरेलू शेयर बाजार की चाल प्रभावित हो सकती है। निवेशकों के लिए: सोने में आई गिरावट और एनवीडिया के नतीजों से मेटल और IT सेक्टर से जुड़े शेयरों तथा म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो पर सीधा असर देखने को मिल सकता है। सवाल-जवाब 1. रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) क्यों समय से पहले ब्याज दरें बढ़ा सकता है? जुलाई में आए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के मजबूत आंकड़ों और महंगाई के ऊपर रहने के जोखिमों को देखते हुए RBA बोर्ड समय से पहले ब्याज दरों में बढ़ोतरी पर विचार कर सकता है। 2. एनवीडिया से इस तिमाही में किस तरह के वित्तीय नतीजों की उम्मीद की जा रही है? एनवीडिया से 92 अरब USD से अधिक राजस्व और 2.09 USD प्रति शेयर आय (EPS) दर्ज करने की उम्मीद जताई जा रही है। 3. अमेरिकी डॉलर की मजबूती का सोने की कीमतों पर क्या असर पड़ा है? डॉलर में मजबूती और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में सुधार से सोने पर दबाव पड़ा है और इसकी कीमतें घटकर 4,600 USD प्रति औंस के स्तर के पास आ गई हैं। 4. बिटकॉइन में संस्थागत मांग की क्या स्थिति है? बिटकॉइन 78,000 USD से ऊपर बना हुआ है और ब्लैकरॉक का टैक्स-डेफर्ड बिटकॉइन-टू-ETF स्वैप वॉल्यूम 5 अरब USD तक पहुंच गया है। 5. जैक्सन होल में केविन वॉश का संबोधन क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा है? फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष के रूप में केविन वॉश का यह पहला भाषण है, जिससे बाजार प्रतिभागी अमेरिका की भावी मौद्रिक नीतियों का संकेत समझना चाहते हैं। https://trendkia.com/market/rba-preemptive-rate-hike-debate-escalates-as-investors-eye-nvidia-earnings-and-jackson-hole-speech-22664 TrendKia — Har trend, sabse pehle.