आरबीआई के सख्त मौद्रिक रुख से भारतीय ब्याज दरों में तेजी का अनुमान, एमयूएफजी ने दिए दिसंबर से 50 बीपीएस दर वृद्धि के संकेत जापानी वित्तीय संस्थान एमयूएफजी ने अगस्त एमपीसी मिनट्स के बाद भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी का अनुमान जताया है। वैश्विक बॉन्ड यील्ड में उछाल और यूएस ट्रेजरी के बड़े फैसले के बीच USD/INR 95.73 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। भारतीय वित्तीय बाजार में ब्याज दरों को लेकर एक नया मोड़ देखने को मिल रहा है। जापानी वित्तीय दिग्गज एमयूएफजी (MUFG) के हालिया विश्लेषण के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का मौद्रिक नीति रुख बाजार की शुरुआती उम्मीदों से कहीं अधिक सख्त संकेत दे रहा है। बैंक के विश्लेषकों का मानना है कि भारत में 5-वर्षीय एनडीओआईएस (NDOIS) दरें, जो वर्तमान में 6.467% के आसपास बनी हुई हैं, आने वाले समय में ऊपर की ओर जा सकती हैं। अगस्त में हुई मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के विस्तृत मिनट्स से यह साफ हुआ है कि केंद्रीय बैंक अब दरों में कटौती के चक्र को समाप्त कर चुका है और मौद्रिक नीति का अगला कदम दरों में कटौती के बजाय वृद्धि की ओर होगा। आरबीआई के सख्त रुख और दिसंबर से दर वृद्धि के मुख्य कारण एमयूएफजी के विश्लेषकों के अनुसार, आरबीआई द्वारा दिसंबर की बैठक से ब्याज दरों में 50 बीपीएस (bps) की वृद्धि करने की संभावना है। इस अनुमान के पीछे कई मजबूत घरेलू और वैश्विक कारक काम कर रहे हैं। भारत की घरेलू आर्थिक वृद्धि लगातार मजबूत बनी हुई है और बैंकों की क्रेडिट ग्रोथ में भी तेजी दर्ज की जा रही है। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में पिछले दिनों हुई बढ़ोतरी का विलंबित प्रभाव (lagged impact) अब अर्थव्यवस्था में देखने को मिल सकता है। सरकारी राजकोषीय नीति भी राजकोषीय घाटे में संभावित विस्तार के साथ मुद्रास्फीति को समर्थन दे रही है, जबकि प्रतिकूल मौसमी घटनाओं से खाद्य कीमतों पर दबाव पड़ने का जोखिम बना हुआ है। इसके साथ ही, एफसीएनआर(बी) [FCNR(B)] सुविधा को समय से पहले बंद करने के फैसले से भी बाजार में तरलता अवशोषण (liquidity absorption) का स्पष्ट संकेत मिलता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि केंद्रीय बैंक बैंकिंग प्रणाली से अतिरिक्त नकदी वापस खींचने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे भविष्य में कम दरों की गुंजाइश लगभग खत्म हो गई है। USD/INR का ताजा बाजार रुझान और तकनीकी आंकड़े विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपये का अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कारोबार 95.73 के स्तर पर दर्ज किया गया है, जो पिछले बंद भाव 95.50 से 0.25% की बढ़त को दर्शाता है। मुद्रा जोड़े का 52-सप्ताह का दायरा 85.86 से 97.05 के बीच रहा है, जबकि वर्तमान ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिन के औसत के बराबर बना हुआ है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 53 के स्तर पर एक तटस्थ स्थिति का संकेत दे रहा है। तकनीकी चार्ट पर मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) -0.02 पर है, जो सिग्नल लाइन -0.05 से ऊपर है और 0.03 के हिस्टोग्राम के साथ बुलिश रुझान को दर्शा रहा है। 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA20) 95.58, EMA50 95.48 और EMA200 92.95 पर स्थित है। चूंकि EMA50 लंबे समय के EMA200 से ऊपर बनी हुई है, यह एक गोल्डन क्रॉस स्थिति और दीर्घकालिक अपट्रेंड की पुष्टि करती है। बोलिंगर बैंड की सीमाएं 94.88 से 96.16 के बीच फैली हुई हैं और मूल्य मध्य रेखा 95.52 के करीब टिका हुआ है। दैनिक धुरी बिंदु (Pivot Point) 95.71 पर है, जिसके लिए पहला प्रतिरोध स्तर (R1) 95.77 और दूसरा (R2) 95.81 है, जबकि समर्थन स्तर (S1) 95.67 और (S2) 95.61 दर्ज किए गए हैं। 0.48 का एटीआर (ATR) दैनिक अस्थिरता के लिए स्टॉप-लॉस बफर के रूप में कार्य करता है। वैश्विक मुद्रा और कमोडिटी बाजार की हलचल वैश्विक करेंसी मार्केट में GBP/USD की जोड़ी 1.3650 के करीब मजबूती के साथ कारोबार कर रही है। ब्रिटेन में रिटेल सेल्स के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहने के बावजूद अमेरिकी डॉलर में लगातार बनी कमजोरी ने पाउंड को सहारा दिया है। वहीं यूरोजोन, जर्मनी और अमेरिका के आगामी अगस्त पीएमआई (PMI) आंकड़ों के इंतजार में EUR/USD की जोड़ी 1.1700 के स्तर पर समेकित हो रही है। कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतें जून के बाद से अपने उच्चतम स्तर के करीब टिकी हुई हैं और $4,550 प्रति औंस से ऊपर कारोबार कर रही हैं। अमेरिका में हाल ही में जारी मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने महंगाई में नरमी के संकेत दिए थे, जिसके बाद व्यापारियों ने फेडरल रिजर्व द्वारा तत्काल ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीदों को कम कर दिया है। सोना इस समय अपनी 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट गति बना रहा है। वैश्विक बॉन्ड मार्केट में तेजी और यूएस ट्रेजरी का बायबैक फैसला वित्तीय बाजारों में इस समय सबसे बड़ा बदलाव सरकारी बॉन्ड मार्केट में देखा जा रहा है। अमेरिका, यूरोप, ब्रिटेन और जापान में दीर्घकालिक बॉन्ड यील्ड में भारी उछाल आया है और कई बेंचमार्क यील्ड एक दशक से अधिक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए यूएस ट्रेजरी विभाग ने तरलता सहायता बायबैक संचालन को दोगुना करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विभाग ने 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष की परिपक्वता वाले क्षेत्रों में अपने अधिकतम संचालन को $2 बिलियन से बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन प्रति ऑपरेशन कर दिया है। यह नया बायबैक कार्यक्रम 9 सितंबर से लागू होगा और 4 नवंबर तक चलेगा। इसका आप पर असर • भारत में: यदि आरबीआई दिसंबर से ब्याज दरों में 50 बीपीएस की बढ़ोतरी करता है, तो बैंकों के होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ईएमआई (EMI) महंगी हो सकती है, जबकि फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की दरों में इजाफा देखने को मिल सकता है। • USD/INR कारोबारियों के लिए: 95.73 के स्तर और 96.16 के बोलिंगर अपर बैंड के पास सतर्क रहें, क्योंकि 95.77 (R1) और 95.81 (R2) के आसपास मजबूत तकनीकी प्रतिरोध बना हुआ है। सवाल-जवाब 1. एमयूएफजी ने आरबीआई की ब्याज दरों पर क्या अनुमान लगाया है? एमयूएफजी के विश्लेषकों का अनुमान है कि अगस्त एमपीसी मिनट्स में सख्त मौद्रिक रुख दिखने के बाद आरबीआई दिसंबर की बैठक से ब्याज दरों में 50 बीपीएस की वृद्धि कर सकता है। 2. वर्तमान में USD/INR का एक्सचेंज रेट कितना है? USD/INR का हालिया बंद भाव 95.73 है, जो 95.50 के पिछले बंद भाव की तुलना में 0.25% की बढ़त प्रदर्शित करता है। 3. वैश्विक बॉन्ड मार्केट को संभालने के लिए यूएस ट्रेजरी ने क्या कदम उठाया है? यूएस ट्रेजरी ने 9 सितंबर से 4 नवंबर के बीच 10-20 साल और 20-30 साल की अवधि वाले बॉन्ड के लिए अपनी बायबैक सीमा को $2 बिलियन से बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन प्रति ऑपरेशन करने का ऐलान किया है। 4. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत का क्या हाल है? सोना जून के बाद के अपने उच्चतम स्तर के करीब $4,550 प्रति औंस से ऊपर बना हुआ है, जिसे 200-दिवसीय मूविंग एवरेज और कमजोर अमेरिकी डॉलर से समर्थन मिल रहा है। https://trendkia.com/market/rbi-ke-sakhta-maudrika-rukha-se-bharatiya-byaja-daron-men-teji-ka-anumana-mufg-ne-die-disnbara-se-50-bipiesa-dara-vriddhi-ke-snket-19590 TrendKia — Har trend, sabse pehle.