आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक से पहले सोने में गिरावट, एमसीएक्स पर कीमतें 1.49 लाख रुपये से नीचे फिसलीं भारतीय रिजर्व बैंक की तीन दिवसीय मौद्रिक समीक्षा बैठक शुरू होने के बीच घरेलू वायदा बाजार में सोने के भाव गिरे हैं। जानकारों के अनुसार ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका और मजबूत डॉलर से कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय अहम बैठक शुरू होने के साथ ही घरेलू सर्राफा और वायदा बाजार में सोने की कीमतों में कमजोरी दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर कारोबार के दौरान सोने का भाव गिरकर 1.49 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से नीचे आ गया। वैश्विक स्तर पर अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के ऊंचे स्तर और डॉलर की मजबूती के बीच निवेशक घरेलू केंद्रीय बैंक के ब्याज दर संबंधी फैसले का इंतजार कर रहे हैं। एमसीएक्स पर सोने और चांदी का ताजा रुख वायदा कारोबार के दौरान एमसीएक्स पर सोना 1,49,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था, जिसमें 790 रुपये यानी 0.53 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती सत्र में बिकवाली का दबाव अधिक रहा और भाव 1.49 लाख रुपये के स्तर से नीचे लुढ़कते हुए 1,48,850 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर तक चले गए, जिससे इंट्राडे में 1,540 रुपये तक की बड़ी गिरावट देखी गई। सोमवार के कारोबारी सत्र में उतार-चढ़ाव के बीच एमसीएक्स पर सोना 1,49,150 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जो 1,245 रुपये की गिरावट दर्शाता है। दूसरी तरफ चांदी में मजबूती देखने को मिली और यह 173 रुपये की बढ़त के साथ 2,26,050 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना लगभग 4,135 डॉलर प्रति औंस के आसपास बना रहा। पिछले सप्ताह इसमें 3 प्रतिशत से अधिक और पिछले एक महीने के दौरान करीब 6 प्रतिशत की नरमी आ चुकी है। अमेरिकी रोजगार आंकड़े और बॉन्ड यील्ड का प्रभाव वैश्विक बाजार में सर्राफा दो परस्पर विरोधी कारकों के बीच फंसा हुआ है। अमेरिका के हालिया रोजगार आंकड़े काफी कमजोर रहे हैं। गैर-कृषि पेरोल में केवल 29,000 की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि बाजार को 90,000 की उम्मीद थी। इसके साथ ही बेरोजगारी दर मामूली बढ़कर 4.2 प्रतिशत पर पहुंच गई। इन आंकड़ों के आने के बाद अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ाने की संभावना, जो सप्ताह की शुरुआत में लगभग 70 प्रतिशत थी, घटकर करीब 18 प्रतिशत रह गई। हालांकि ब्याज दर में बढ़ोतरी की कम संभावनाओं से भी सोने को अधिक सहारा नहीं मिल सका है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड अब भी कई दशकों के उच्चतम स्तर पर बनी हुई है। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण बिना ब्याज वाली संपत्तियों जैसे सोने को अपने पास रखने की लागत बढ़ रही है, जिससे कीमतों में बड़ा उछाल नहीं आ पा रहा है। घरेलू हाजिर बाजार में 24, 22 और 18 कैरेट के दाम भारत के घरेलू हाजिर बाजार में सोमवार को सोने के दाम मोटे तौर पर स्थिर बने रहे। 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,49,180 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। वहीं आभूषणों के लिए लोकप्रिय 22 कैरेट सोने का भाव 1,36,750 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोने का भाव 1,11,890 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। अक्टूबर महीने में अब तक सोने के रुख में नरमी देखी गई है। इससे पहले सितंबर महीने में भी 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतों में करीब 3 प्रतिशत की गिरावट आई थी। आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक और रेपो दर पर नजर भारतीय रिजर्व बैंक की तीन दिवसीय नीतिगत समीक्षा बैठक 5 अक्टूबर से शुरू होकर 7 अक्टूबर तक चलेगी। इस बैठक में लिए गए निर्णयों की औपचारिक घोषणा बुधवार को की जाएगी। केंद्रीय बैंक ने दिसंबर 2025 से नीतिगत रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा हुआ है। यदि केंद्रीय बैंक बुधवार को रेपो दर में वृद्धि करता है, तो यह पिछले 10 महीनों में पहली बढ़ोतरी होगी। हाल के महीनों में महंगाई के आंकड़े ऊपर चढ़े हैं और मूल्य वृद्धि का दबाव व्यापक होता दिख रहा है, जिसके चलते अक्टूबर की यह मौद्रिक समीक्षा बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बाजार में रेपो दर में 25 आधार अंकों यानी 0.25 प्रतिशत की वृद्धि की संभावना जताई जा रही है, जिससे रेपो दर 5.25 प्रतिशत से बढ़कर 5.50 प्रतिशत हो सकती है। आर्थिक विकास की मजबूती के साथ महंगाई के बने रहने का आकलन केंद्रीय बैंक के नीतिगत रुख को तय करने में प्रमुख भूमिका निभाएगा। तकनीकी दायरा और आगे की दिशा बाजार विश्लेषकों के अनुसार सोने का व्यापक रुझान फिलहाल सीमित दायरे में रहने का संकेत दे रहा है। तकनीकी आधार पर सोने के लिए 1,45,900 रुपये का स्तर मजबूत सहारा यानी सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि ऊपरी स्तरों पर 1,51,500 रुपये का स्तर रुकावट यानी रेजिस्टेंस बना हुआ है। आगे चलकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व का अक्टूबर नीतिगत निर्णय बाजार की दिशा तय करने वाला अगला बड़ा ट्रिगर होगा। यदि यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी का चक्र समाप्त हो चुका है और बॉन्ड यील्ड में नरमी आती है, तो सोने की कीमतें 1,51,500 रुपये के ऊपरी स्तर की ओर बढ़ सकती हैं। इसके विपरीत, यदि केंद्रीय बैंक का रुख सख्त रहता है या बॉन्ड यील्ड में दोबारा उछाल आता है, तो सोने के 1,45,900 रुपये के निचले स्तर का दोबारा परीक्षण हो सकता है। इसका आप पर असर सोने के भाव में आ रही गिरावट और रेपो दर बढ़ने की संभावना से आभूषण खरीदारों, निवेशकों और कर्जदारों के वित्तीय फैसलों पर सीधा असर पड़ेगा। • आभूषण खरीदारों पर: सोने की कीमतों में 1,540 रुपये तक की नरमी से त्योहारी और वैवाहिक सीजन की खरीदारी करने वालों को कुछ राहत मिल सकती है। यदि आप आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो मौजूदा गिरावट खरीदारी का अवसर दे सकती है लेकिन मेकिंग चार्ज और 3 प्रतिशत जीएसटी का ध्यान रखें। • लोन लेने वालों पर: यदि रिजर्व बैंक बुधवार को रेपो दर को 5.25 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत करता है, तो बैंकों के होम लोन और ऑटो लोन महंगे हो सकते हैं। इससे आपकी मासिक ईएमआई बढ़ जाएगी या लोन की अवधि लंबी हो सकती है। • फिक्स्ड डिपॉजिट निवेशकों पर: नीतिगत दरों में बढ़ोतरी होने पर वाणिज्यिक बैंक सावधि जमा यानी एफडी पर ब्याज दरों में इजाफा कर सकते हैं। सुरक्षित रिटर्न चाहने वाले निवेशक नई और अधिक ब्याज दरों वाली एफडी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे। • सोने में निवेशकों पर: वायदा बाजार में भाव 1,45,900 से 1,51,500 रुपये के दायरे में बने रहने का अनुमान है। अल्पकालिक ट्रेडर्स को इस सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर के आधार पर ही अपने स्टॉप लॉस तय करने चाहिए। ऐसा क्यों हुआ सोने की कीमतों में गिरावट और बाजार में अनिश्चितता का मुख्य कारण वैश्विक बॉन्ड यील्ड की मजबूती और केंद्रीय बैंकों के आगामी ब्याज दर फैसले हैं। • ऊंची बॉन्ड यील्ड और मजबूत डॉलर: अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड कई दशकों के शीर्ष स्तर पर टिकी हुई है, जिससे बिना ब्याज वाली संपत्ति जैसे सोने की मांग सीमित हो गई है। मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण विदेशी निवेशकों के लिए सर्राफा खरीदना अधिक महंगा साबित हो रहा है। • आरबीआई की ब्याज दर समीक्षा: घरेलू मोर्चे पर महंगाई का दबाव व्यापक होने से रिजर्व बैंक द्वारा रेपो दर में 0.25 प्रतिशत बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है। मौद्रिक सख्ती की आशंकाएं आमतौर पर कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बनाती हैं। • कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़े: अमेरिका में पेरोल में सिर्फ 29,000 की बढ़ोतरी और बेरोजगारी बढ़कर 4.2 प्रतिशत होने से फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में दर वृद्धि की संभावना 70 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत रह गई है। इस संभावित राहत के बावजूद बॉन्ड यील्ड में नरमी न आने से सर्राफा में रिकवरी नहीं आ सकी। सवाल-जवाब 1. एमसीएक्स पर सोने के भाव में कितनी गिरावट आई? एमसीएक्स पर सोना 1,49,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर 790 रुपये गिरकर कारोबार कर रहा था, जबकि शुरुआती सत्र में 1,540 रुपये टूटकर 1,48,850 रुपये के निचले स्तर तक चला गया था। 2. हाजिर बाजार में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के क्या दाम रहे? घरेलू हाजिर बाजार में 24 कैरेट सोना 1,49,180 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,36,750 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज किया गया। 3. आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक कब से कब तक चल रही है? भारतीय रिजर्व बैंक की तीन दिवसीय बैठक 5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक चल रही है, जिसके नीतिगत फैसले बुधवार को घोषित किए जाएंगे। 4. रेपो दर को लेकर बाजार में क्या अनुमान लगाया जा रहा है? बाजार में रेपो दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी का अनुमान है, जिससे यह दर 5.25 प्रतिशत से बढ़कर 5.50 प्रतिशत हो सकती है। 5. सोने के लिए कौन से सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर बताए गए हैं? सोने के लिए 1,45,900 रुपये प्रति 10 ग्राम को तकनीकी सपोर्ट और 1,51,500 रुपये प्रति 10 ग्राम को रेजिस्टेंस स्तर माना गया है। https://trendkia.com/market/rbi-ki-maudrika-niti-baithaka-se-pahale-sone-men-giravata-mcx-para-kimaten-1-49-lakha-rupaye-se-niche-phisalin-43182 TrendKia — Har trend, sabse pehle.