जियो की शेयर बाजार में होने जा रही धमाकेदार एंट्री, एयरटेल को पछाड़कर बन सकती है देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी शेयर बाजार में 28 अक्टूबर को जियो के आईपीओ की लिस्टिंग होने जा रही है और जानकारों का मानना है कि यह मजबूत प्रीमियम के साथ बाजार में उतर सकता है। भारतीय शेयर बाजार में तीन दिन की जबरदस्त हलचल के बाद अब रिलायंस जियो के आईपीओ की एक धमाकेदार शुरुआत होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। तय कार्यक्रम के अनुसार 28 अक्टूबर यानी बुधवार को शेयर बाजार में इस बहुप्रतीक्षित आईपीओ की लिस्टिंग संपन्न होगी। बाजार के जानकारों और अनुमानों के मुताबिक यह शेयर अपने निर्धारित इश्यू प्राइस से 20 फीसदी से भी अधिक के प्रीमियम पर अपनी शुरुआत कर सकता है। अगर यह अनुमान सच साबित होता है, तो जियो शेयर बाजार में प्रवेश करते ही भारती एयरटेल को पीछे छोड़ देगी और मार्केट कैप के मामले में देश की दूसरी सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी का स्थान हासिल कर लेगी। इसके साथ ही इस फेरबदल के कारण टाटा समूह की प्रमुख कंपनी टीसीएस बाजार की टॉप-5 कंपनियों की सूची से बाहर हो सकती है। इस पूरी हलचल के बीच बाजार विश्लेषकों ने निवेशकों को जियो के शेयरों को खरीदने और अपने पोर्टफोलियो में होल्ड करके रखने की स्पष्ट सलाह दी है। भारती एयरटेल को पीछे छोड़ने का गणित बाजार में भारती एयरटेल को पछाड़कर दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बनने के लिए जियो के शेयरों को करीब 1,342 रुपये या उससे अधिक के भाव पर लिस्ट होना अनिवार्य होगा। वर्तमान में ग्रे मार्केट में चल रहे प्रीमियम के आंकड़ों का आकलन करें तो जियो का कुल मार्केट कैप बढ़कर लगभग 12.61 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। यह आंकड़ा भारती एयरटेल के कुल मार्केट कैप से लगभग 25,700 करोड़ रुपये अधिक होगा। इस प्रकार रिलायंस जियो अपने मूल समूह रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद सीधे दूसरे पायदान पर काबिज हो सकती है। गौरतलब है कि जियो के इस आईपीओ का तय इश्यू प्राइस 1,119 रुपये प्रति शेयर रखा गया था, जिस पर निवेशकों की ओर से भारी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। लंबी अवधि के लिए निवेश बनाए रखने की सलाह जियो के आईपीओ की आधिकारिक लिस्टिंग से ठीक पहले देश के जाने-माने एनालिस्ट और ब्रोकरेज फर्मों ने निवेशकों के लिए खास रणनीति साझा की है। विशेषज्ञों का मानना है कि पहले दिन मिलने वाले मुनाफे से प्रेरित होकर तुरंत शेयर बेचकर निकल जाने के बजाय इसे लंबी अवधि के लिए अपने पास सुरक्षित रखना ज्यादा समझदारी भरा कदम होगा। कुल 30,200 करोड़ रुपये के इस भारी-भरकम आईपीओ से 28 अक्टूबर को बाजार में उतरते ही निवेशकों को शानदार मुनाफा मिलने की पूरी उम्मीद है, लेकिन छोटी अवधि के फायदे के चक्कर में पड़ने के बजाय इसे लॉन्ग टर्म निवेश के रूप में संभाल कर रखना निवेशकों के लिए अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है। मजबूत फंडामेंटल्स और डिजिटल विस्तार का फायदा आनंद राठी शेयर्स एंड के फंडामेंटल रिसर्च प्रमुख नरेंद्र सोलंकी का इस पूरे घटनाक्रम पर कहना है कि जियो के आईपीओ को भारत भर में बेहद तेजी से फैल रहे डिजिटल इकोसिस्टम का सीधा और बड़ा लाभ मिलेगा। कंपनी की बाजार में निर्विवाद लीडरशिप पोजिशन, इसका शानदार मुनाफा कमाने का ट्रैक रिकॉर्ड और तकनीक के क्षेत्र में लगातार हो रही ग्रोथ के साथ बढ़ता हुआ विशाल कस्टमर बेस आने वाले समय में कंपनी को बेहद तेज रफ्तार से आगे बढ़ाएगा। यही मुख्य वजह है कि वित्तीय विशेषज्ञ निवेशकों को इसके शेयरों को तुरंत बेचने के बजाय आने वाले लंबे समय तक अपने पोर्टफोलियो में होल्ड करके रखने की सलाह दे रहे हैं, जिससे भविष्य में और भी बड़ा वित्तीय लाभ मिल सके। इसका आप पर असर जियो के इस बड़े आईपीओ की लिस्टिंग से भारतीय शेयर बाजार और निवेशकों के पोर्टफोलियो पर व्यापक असर देखने को मिल सकता है। • आम निवेशकों के लिए: जिन निवेशकों को इस आईपीओ का आवंटन मिला है, उन्हें लिस्टिंग के दिन ही मजबूत प्रीमियम पर मुनाफा मिलने की उम्मीद है। हालांकि जानकारों की सलाह के मुताबिक लंबी अवधि का नजरिया रखने वाले निवेशकों को ज्यादा फायदा मिल सकता है। • भारत में: दूरसंचार और डिजिटल सेक्टर में इस बड़ी लिस्टिंग से बाजार का कुल मूल्यांकन और निवेशकों का भरोसा काफी हद तक मजबूत होगा। इससे देश के वित्तीय बाजारों में पूंजी का प्रवाह और अधिक तेज हो सकता है। ऐसा क्यों हुआ जियो के आईपीओ को लेकर बाजार में बन रहे इस जबरदस्त उत्साह और इसकी संभावित रिकॉर्ड तोड़ लिस्टिंग के पीछे कई ठोस कारोबारी और आर्थिक कारण मौजूद हैं। • मजबूत डिजिटल बुनियादी ढांचा: भारत में तेजी से फैलते डिजिटल इकोसिस्टम और भारी डेटा खपत ने जियो के कारोबार को अभूतपूर्व विस्तार दिया है। कंपनी की बाजार में मजबूत पकड़ इसका मुख्य आधार है। • भारी भरकम फंड जुटाना: कुल 30,200 करोड़ रुपये का यह विशाल आईपीओ निवेशकों के बीच भारी मांग और कंपनी की वित्तीय सेहत पर उनके अटूट भरोसे को दर्शाता है। • ग्रे मार्केट का प्रीमियम: लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में लगातार मजबूत प्रीमियम बने रहने के कारण शेयर के उच्च भाव पर सूचीबद्ध होने की उम्मीद बढ़ गई है। सवाल-जवाब 1. रिलायंस जियो के आईपीओ की शेयर बाजार में लिस्टिंग कब होगी? रिलायंस जियो के आईपीओ की शेयर बाजार में लिस्टिंग 28 अक्टूबर यानी बुधवार को होगी। 2. जियो आईपीओ का तय इश्यू प्राइस कितना था? जियो आईपीओ का इश्यू प्राइस 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था। 3. एयरटेल को पीछे छोड़ने के लिए जियो को किस भाव पर लिस्ट होना होगा? भारती एयरटेल को पीछे छोड़ने के लिए जियो को लगभग 1,342 रुपये या उससे अधिक के भाव पर लिस्ट होना पड़ेगा। 4. जियो के इस आईपीओ का कुल आकार कितना है? जियो का यह आईपीओ कुल 30,200 करोड़ रुपये का है। 5. एनालिस्टों ने निवेशकों को क्या सलाह दी है? एनालिस्टों ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे तुरंत मुनाफावसूली करने के बजाय शेयरों को लंबी अवधि के लिए होल्ड करें। https://trendkia.com/market/reliance-jio-set-for-massive-market-debut-poised-to-surpass-airtel-as-indias-second-most-valuable-firm-52432 TrendKia — Har trend, sabse pehle.