रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के ब्याज दर फैसले से पहले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में ठहराव, 0.7000 के नीचे सीमित दायरा रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की मौद्रिक नीति बैठक से पहले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7000 के नीचे दो हफ्ते के निचले स्तर के करीब सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। बाजार 25 बेसिस प्वाइंट की संभावित दर वृद्धि और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों पर नजर बनाए हुए है। वैश्विक मुद्रा बाजार में मंगलवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी में सीमित उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। हालिया गिरावट के बाद यह करेंसी पेयर दो सप्ताह के निचले स्तर के करीब स्थिर होने की कोशिश कर रहा है। कारोबारी नई दिशा तय करने से पहले पूरी तरह सतर्क नजर आ रहे हैं और किसी भी बड़े सौदे को अंजाम देने के बजाय रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के आधिकारिक नीतिगत फैसले का इंतजार कर रहे हैं। वर्तमान में यह करेंसी पेयर 0.7000 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से ठीक नीचे कंसोलिडेशन के दौर में फंसा हुआ है। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया से 18 साल के उच्चतम स्तर की उम्मीद बाजार की सबसे बड़ी नजर रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के ताजा ब्याज दर निर्णय पर टिकी है। व्यापक अनुमान है कि केंद्रीय बैंक अपनी आधिकारिक नकद दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर सकता है। यदि यह वृद्धि लागू होती है, तो नीतिगत दर 4.6% से बढ़कर 4.85% पर पहुंच जाएगी। यह वर्ष 2026 में आरबीए की ओर से की जाने वाली पांचवीं दर वृद्धि होगी, जिसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया की आधिकारिक ब्याज दरें 18 साल के उच्चतम स्तर को छू लेंगी। नीति निर्माताओं द्वारा महंगाई पर लगाम कसने के प्रयासों के बीच विदेशी मुद्रा कारोबारी इस फैसले और उसके बाद आने वाले नीतिगत बयानों को बेहद बारीकी से देख रहे हैं। अमेरिकी डॉलर पर दबाव और भू-राजनीतिक कारक दूसरी तरफ, अमेरिकी मुद्रा में व्यापक स्तर पर सुस्ती का माहौल बना हुआ है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को निचले स्तरों पर कुछ सहारा मिला है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कूटनीतिक समाधान की उम्मीदों ने सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की मांग को कुछ हद तक सीमित किया है। इसके अलावा, अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों को लेकर निवेशकों में बनी बेचैनी भी ग्रीनबैक की बढ़त पर ब्रेक लगा रही है। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की लगातार बनी संभावनाओं और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आए मामूली उछाल ने डॉलर को एक सीमा से अधिक गिरने भी नहीं दिया है। महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर और चार्ट का ढांचा तकनीकी चार्ट पर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का ढांचा मिला-जुला संकेत दे रहा है। ताजा लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार AUD/USD 0.6999 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो पिछले 0.7029 के बंद स्तर से 0.42% की गिरावट दर्शाता है। करेंसी का 52-सप्ताह का दायरा 0.6422 से 0.7277 के बीच रहा है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI 14) 47 के स्तर पर न्यूट्रल जोन में है, जबकि मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) हिस्टोग्राम 0.00 के साथ मामूली बुलिश संकेत दर्शा रहा है। एडीएक्स 22 पर होने के कारण बाजार किसी मजबूत ट्रेंड के बजाय रेंज-बाउंड स्थिति का संकेत दे रहा है। चार्ट विश्लेषण के अनुसार, शुरुआती सपोर्ट 23.6% रिट्रेसमेंट स्तर 0.6977 पर स्थित है। यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो महत्वपूर्ण ढांचागत सपोर्ट फ्लोर 0.6896 के पास नजर आता है। इस स्तर के टूटने पर बेअर्स पूरी तरह हावी हो सकते हैं और गिरावट तेज हो सकती है। दूसरी ओर, ऊपर की तरफ शुरुआती अड़चन 38.2% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट 0.7027 पर है। इसके पार निकलने पर 200-दिवसीय एसएमए 0.7058 और 50.0% रिट्रेसमेंट स्तर 0.7068 पर प्रतिरोध की दीवार खड़ी है। यदि तेजी जारी रहती है, तो 0.7108 और 0.7166 के पड़ावों के बाद 0.7239 का स्विंग हाई दोबारा चर्चा में आ सकता है। 20-दिवसीय बोलिंजर बैंड 0.6930 से 0.7063 के बीच बना हुआ है, जिसके मध्य में भाव का टिकना अनिश्चितता को दर्शाता है। अन्य वैश्विक संपत्तियों और तकनीकी शेयरों की स्थिति विदेशी मुद्रा और कमोडिटी बाजारों के अन्य वर्गों में भी इसी प्रकार की सतर्कता देखने को मिल रही है। अमेरिकी डॉलर और जापानी येन (USD/JPY) मंगलवार को फिसलकर 158.00 के स्तर से नीचे आया है। जापान के नीति निर्माताओं द्वारा हस्तक्षेप की आशंकाओं ने येन को समर्थन दिया है, हालांकि बैंक ऑफ जापान की अगली दर वृद्धि के समय को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। वहीं सोना लगभग 3,950 डॉलर प्रति औंस के आसपास स्थिर बना हुआ है। सोना पिछले सप्ताह अक्टूबर 2025 के बाद के सबसे निचले स्तर पर चला गया था, जिसके बाद यह पिछले दिन की रिकवरी को संजोने में जुटा है। इक्विटी बाजार की बात करें तो वॉल स्ट्रीट पर टेक दिग्गज एप्पल (AAPL) ने चौथी तिमाही के मजबूत आंकड़े पेश किए हैं। एप्पल की आईफोन बिक्री इस तिमाही में 57.58 अरब डॉलर रही, जिसने विश्लेषकों के औसत अनुमान को 1 अरब डॉलर से अधिक के अंतर से पछाड़ दिया। इसके बावजूद, राजस्व और मुनाफे दोनों पैमानों पर उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन करने के बाद भी आफ्टर-ऑवर्स ट्रेडिंग में एप्पल के शेयरों में करीब 4% की गिरावट दर्ज की गई, जिससे तकनीकी क्षेत्र में निवेशकों की मिली-जुली धारणा साफ दिखाई दे रही है। इसका आप पर असर ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक के ब्याज दर फैसले और मुद्रा बाजार के इस ठहराव का असर अंतरराष्ट्रीय लेन-देन और निवेशकों की रणनीतियों पर सीधा पड़ सकता है। • मुद्रा विनिमय और यात्रा खर्च: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में जारी सीमित दायरे के कारण अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और छात्रों के लिए करेंसी एक्सचेंज दरें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। हालांकि, आरबीए द्वारा दरें 4.85% किए जाने पर ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा मजबूत हो सकती है, जिससे वहां पढ़ाई या यात्रा का खर्च बढ़ सकता है। • आयात और निर्यात पर प्रभाव: 0.7000 के नीचे भाव रहने से ऑस्ट्रेलियाई सामान आयात करने वाले भारतीय व्यापारियों को थोड़े अनुकूल सौदे मिल सकते हैं। वहीं ऑस्ट्रेलिया को निर्यात करने वाली कंपनियों के मार्जिन पर करेंसी के आगामी उतार-चढ़ाव का असर पड़ेगा। • वैश्विक वित्तीय संपत्तियों पर असर: दरों में 18 साल के उच्चतम स्तर की वृद्धि से वैश्विक बॉन्ड और इक्विटी बाजारों में पूंजी का प्रवाह प्रभावित हो सकता है। निवेशक नई पोजिशन बनाने से पहले नीतिगत बयान की भाषा का आकलन कर रहे हैं। • विदेशी मुद्रा ट्रेडर्स के लिए संकेत: 0.6977 और 0.6896 के सपोर्ट स्तर टूटने पर ट्रेडर्स को स्टॉप लॉस के साथ अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी। दूसरी तरफ 0.7027 के ऊपर ब्रेकआउट मिलने पर ही नई तेजी की उम्मीद की जा सकती है। ऐसा क्यों हुआ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में यह स्थिरता आगामी मौद्रिक नीति बैठक, भू-राजनीतिक गतिविधियों और अमेरिका के राजनीतिक घटनाक्रमों के मिले-जुले असर के कारण बनी है। • आरबीए की संभावित दर वृद्धि: ऑस्ट्रेलिया में मुद्रास्फीति के दबाव के चलते केंद्रीय बैंक द्वारा नकद दर को 25 आधार अंक बढ़ाकर 4.85% करने का अनुमान है। नीतिगत निर्णय से ठीक पहले बाजार में व्यापारी नई पोजिशन लेने से बच रहे हैं। • अमेरिकी कूटनीति और डॉलर में सुस्ती: अमेरिका-ईरान संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीदों और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों की अनिश्चितता ने अमेरिकी डॉलर की सुरक्षित मांग को कमजोर किया है। इससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को निचले स्तरों पर सहारा मिला है। • तकनीकी सीमाओं के भीतर जकड़ाव: चार्ट पर 0.6977 का सपोर्ट और 0.7027 का रेसिस्टेंस स्तर भाव को एक संकीर्ण दायरे में बांधे हुए हैं। जब तक कोई बड़ा फंडामेंटल उत्प्रेरक सामने नहीं आता, तब तक ब्रेकआउट के आसार सीमित हैं। सवाल-जवाब 1. रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया से ब्याज दरों को लेकर क्या उम्मीद की जा रही है? आरबीए द्वारा अपनी आधिकारिक नकद दर को 25 आधार अंक बढ़ाकर 4.6% से 4.85% करने का व्यापक अनुमान है, जो इसका 18 साल का उच्चतम स्तर होगा। 2. वर्तमान में AUD/USD का तकनीकी दायरा और भाव क्या है? AUD/USD 0.6999 के आसपास कारोबार कर रहा है, जिसमें शुरुआती सपोर्ट 0.6977 पर और तात्कालिक प्रतिरोध 0.7027 पर देखा जा रहा है। 3. अमेरिकी डॉलर पर इस समय किन कारणों से दबाव देखा जा रहा है? अमेरिका-ईरान युद्ध के कूटनीतिक समाधान की उम्मीदों और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों को लेकर बाजार की बेचैनी के चलते डॉलर पर दबाव बना हुआ है। 4. चौथी तिमाही में एप्पल की आईफोन बिक्री कैसी रही और शेयर पर क्या असर हुआ? एप्पल ने 57.58 अरब डॉलर की आईफोन बिक्री दर्ज कर अनुमानों को पीछे छोड़ा, लेकिन इसके बावजूद आफ्टर-ऑवर्स कारोबार में शेयर करीब 4% गिर गया। https://trendkia.com/market/reserve-bank-of-australia-ke-byaja-dara-phaisale-se-pahale-australian-dollar-men-thaharava-0-7000-ke-niche-simita-dayara-55401 TrendKia — Har trend, sabse pehle.