रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के सख्त रुख से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में मजबूती, अमेरिकी डॉलर के साथ मुकाबला तेज रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर मिशेल बुलॉक द्वारा महंगाई पर सख्त चेतावनी देने के बाद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में उछाल देखा गया है। दूसरी ओर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीतियों के कारण दोनों मुद्राओं के बीच कड़ा मुकाबला बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में शुक्रवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने बढ़त दर्ज की, जहां मुद्रा नीति को लेकर आए कड़े बयानों के बाद इसमें मजबूती देखी गई। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के नीति निर्माताओं ने मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों में और बढ़ोतरी का विकल्प खुला रखा है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को समर्थन मिला। शुक्रवार को कारोबार के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.20 प्रतिशत की तेजी के साथ 0.7125 के स्तर के आसपास पहुंच गया। एशियाई कारोबारी सत्र में यह लगातार दूसरे दिन बढ़त के रुझान के साथ 0.7100 के स्तर से ऊपर टिका रहा। हालांकि, अमेरिकी डॉलर की मजबूती इस तेजी के सामने लगातार चुनौती पेश कर रही है, जिससे मुद्रा बाजार में दोनों प्रमुख मुद्राओं के बीच संतुलन की स्थिति बनी हुई है। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, यह जोड़ी 0.7121 पर कारोबार कर रही है, जो पिछले 0.7115 के बंद स्तर से 0.08 प्रतिशत की बढ़त दिखाती है, जबकि इसका 52 हफ्तों का दायरा 0.6422 से 0.7277 के बीच रहा है। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर की महंगाई पर सख्त चेतावनी रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर मिशेल बुलॉक ने एक संसदीय समिति के समक्ष पेश होकर मुद्रास्फीति को लेकर गंभीर चिंता जताई। मिशेल बुलॉक ने कहा कि देश में महंगाई अभी भी बहुत ज्यादा बनी हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हालिया घटनाक्रमों से यह संकेत मिलता है कि कीमतों में बढ़ोतरी के कुछ जोखिम अब हकीकत में तब्दील होते दिख रहे हैं। गवर्नर ने इस बात पर विशेष रूप से जोर दिया कि मध्य पूर्व के तनाव के कारण कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है। उनके इन बयानों से वित्तीय बाजारों में यह धारणा मजबूत हुई कि केंद्रीय बैंक आगे भी सख्त मौद्रिक नीति अपनाए रख सकता है। वर्तमान में रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने अपनी नीतिगत ब्याज दर को 4.35 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा हुआ है। इससे पहले चालू वर्ष में लगातार तीन बार दरों में बढ़ोतरी की जा चुकी थी। हालांकि, नीति निर्माताओं द्वारा मूल्य दबाव को कम करने की प्रतिबद्धता जताए जाने के बाद बाजारों को उम्मीद है कि अगली बैठक में नीतिगत दर को बढ़ाकर 4.6 प्रतिशत किया जा सकता है। गवर्नर के सख्त बयानों ने निवेशकों के बीच दर वृद्धि की उम्मीदों को बढ़ाया है, जिससे मुद्रा को सीधा सहारा मिला है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले और डॉलर का प्रभाव दूसरी तरफ, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के कदमों का गहरा प्रभाव देखा जा रहा है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने बुधवार को अपनी नीतिगत ब्याज दर में 25 आधार अंकों का इजाफा किया, जिससे ब्याज दरों का दायरा 3.75 प्रतिशत से 4 प्रतिशत के बीच पहुंच गया है। बाजार को पहले से ही इस कदम की व्यापक उम्मीद थी। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की भविष्य में भी सख्त मौद्रिक नीति जारी रहने की संभावनाओं और अमेरिकी केंद्रीय बैंक से जुड़े आगामी बयानों के चलते अमेरिकी डॉलर की मांग बनी हुई है। इसके अलावा, कमजोर होती अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ने अमेरिकी डॉलर के खरीदारों को कुछ हद तक बैकफुट पर रखा, जिसने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की शुरुआती बढ़त में मदद की। फिर भी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और फेडरल रिजर्व के आक्रामक दृष्टिकोण ने अमेरिकी डॉलर की गिरावट को सीमित कर दिया है। इस स्थिति के चलते यह करेंसी जोड़ी दो आक्रामक केंद्रीय बैंकों के फैसलों और अनुमानों के बीच फंसी हुई है। एक तरफ जहां रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया लगातार बनी हुई महंगाई पर चेतावनी दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से संभावित नई दर वृद्धि डॉलर को मजबूती दे रही है। तकनीकी स्तर और बाजार विश्लेषण मुद्रा जोड़ी के तकनीकी विश्लेषण पर नजर डालें तो ऊपर की ओर 0.7140 के पास पहला हॉरिजॉन्टल रेजिस्टेंस स्तर मौजूद है। यदि तेजी जारी रहती है, तो 0.7159 पर स्थित 200 पीरियड सिंपल मूविंग एवरेज अगला अवरोध बनेगा, जबकि इसके बाद 0.7188 पर एक मजबूत प्रतिरोध क्षेत्र मौजूद है। वहीं गिरावट की स्थिति में, 0.7122 के आसपास चढ़ती हुई ट्रेंड लाइन और 100 पीरियड सिंपल मूविंग एवरेज मिलकर पहला मजबूत सपोर्ट बना रहे हैं। यदि बाजार में अधिक गिरावट देखने को मिलती है, तो 0.7075 का स्ट्रक्चरल सपोर्ट खरीदारों को दोबारा आकर्षित कर सकता है। लाइव तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 48 के स्तर पर है जो तटस्थ स्थिति दर्शाता है। एमएसीडी 0.00 पर अपने सिग्नल 0.00 के मुकाबले हल्का मंदी का हिस्टोग्राम दिखा रहा है। मूविंग एवरेजेज के मोर्चे पर 20 दिनों का एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज 0.7142, 50 दिनों का 0.7107 और 200 दिनों का 0.6955 है, जहां 50 ईएमए के 200 ईएमए से ऊपर होने के कारण लॉन्ग टर्म में अपट्रेंड और गोल्डन क्रॉस बना हुआ है। सिंपल मूविंग एवरेज में 50 दिनों का स्तर 0.7085 और 200 दिनों का स्तर 0.7012 है। 20 दिनों के बोलिंगर बैंड्स 0.7092 से 0.7239 के बीच बने हैं और भाव इनके मध्य स्तर 0.7165 के आसपास है। एडीएक्स 19 पर कमजोरी व सीमित दायरे का संकेत देता है, जबकि स्टोकेस्टिक की फास्ट लाइन 23 और सिग्नल लाइन 14 पर है। 20 दिनों का सपोर्ट 0.7087 और रेजिस्टेंस 0.7239 के करीब आंका गया है। अन्य वैश्विक बाजारों का हाल वैश्विक वित्तीय बाजारों में अन्य संपत्तियों में भी हलचल देखी जा रही है। जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर शुक्रवार को यूरोपीय कारोबारी सत्र में फिर से मजबूत हुआ और 158.00 के स्तर के करीब पहुंचकर दो सप्ताह के उच्चतम स्तर पर आ गया। बैंक ऑफ जापान द्वारा नीतिगत दर को 1.25 प्रतिशत तक बढ़ाए जाने और गवर्नर उएदा के सख्त बयानों के बावजूद जापानी येन में कमजोरी जारी रही, क्योंकि दर वृद्धि के खिलाफ दो अप्रत्याशित मत पड़े थे। जापान की बेहद कम ब्याज दरों ने एक दशक से अधिक समय तक वैश्विक निवेशों के लिए खरबों डॉलर जुटाने में मदद की थी, जिससे येन दुनिया में फंडिंग का सबसे सस्ता स्रोत बन गया था। अब इस नीति में बदलाव के साथ वह दौर नए चरण में प्रवेश कर रहा है। कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन तेजी देखी गई और शुक्रवार के यूरोपीय सत्र के पहले हिस्से में यह नए साप्ताहिक उच्च स्तर पर पहुंचा। सोना खरीदार अब 4,400 डॉलर के स्तर से ऊपर टिकने का इंतजार कर रहे हैं। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन जुलाई में 57,800 डॉलर के निचले स्तर तक गिरने के बाद लगभग 33 प्रतिशत की रिकवरी कर चुका है। बिटकॉइन ने जुलाई और अगस्त में लगातार दो महीने बढ़त दर्ज की, हालांकि यह अभी भी अपने ऑल-टाइम हाई स्तर से करीब 40 प्रतिशत नीचे है। इसका आप पर असर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में केंद्रीय बैंकों के सख्त कदमों से वैश्विक ब्याज दरों और विदेशी मुद्रा विनिमय पर सीधा असर देखने को मिल सकता है। • मुद्रा विनिमय दर पर: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में मजबूती और अमेरिकी डॉलर के मजबूत बने रहने से आयात और निर्यात से जुड़े कारोबारों की लागत प्रभावित होगी। विदेशों में पढ़ाई करने वाले छात्रों और पर्यटकों को अपनी करेंसी बदलते समय विनिमय दरों की अस्थिरता का ध्यान रखना होगा। • वैश्विक उधारी लागत: अमेरिकी फेडरल रिजर्व और ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक की संभावित दर वृद्धि से अंतरराष्ट्रीय उधारी महंगी बनी रहेगी। विदेश से लिए जाने वाले वाणिज्यिक ऋणों पर ब्याज का बोझ कम होने की उम्मीद फिलहाल टल सकती है। • सोने और सुरक्षित निवेश पर: केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक सख्ती के बावजूद भू-राजनीतिक तनाव के चलते सोने में तेजी जारी है। सुरक्षित विकल्प तलाशने वाले निवेशकों के लिए पीली धातु में निवेश का आकर्षण बना रह सकता है। • क्रिप्टोकरेंसी और जोखिम संपत्तियां: वैश्विक स्तर पर ब्याज दरें ऊंची रहने से जोखिम भरी संपत्तियों में नई पूंजी का प्रवाह सीमित रह सकता है। डिजिटल मुद्राओं में कारोबार करने वालों को केंद्रीय बैंकों की टिप्पणियों पर नजर बनाए रखनी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ केंद्रीय बैंकों की ओर से ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाने के पीछे लगातार बनी हुई महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव मुख्य कारण रहे हैं। • महंगाई का बना रहना: खाद्य और ईंधन की बढ़ती कीमतों तथा आपूर्ति में रुकावटों के कारण महंगाई केंद्रीय बैंकों के तय लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। इसी वजह से रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने दरों में और बढ़ोतरी का संकेत दिया है। • मध्य पूर्व में तनाव: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक संकट और मध्य पूर्व में तनाव के चलते कमोडिटी की कीमतों में उछाल का जोखिम बना हुआ है। केंद्रीय बैंकों को डर है कि ऊर्जा लागत बढ़ने से महंगाई फिर से अनियंत्रित हो सकती है। • फेडरल रिजर्व की सख्ती: अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मजबूती और मूल्य दबाव को रोकने के लिए फेडरल रिजर्व ने 25 आधार अंकों की वृद्धि की है। इस फैसले ने दुनिया भर की मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मांग को मजबूती प्रदान की है। • बैंक ऑफ जापान में मतभेद: जापान में ब्याज दरें 1.25 प्रतिशत किए जाने के बावजूद बोर्ड के दो सदस्यों के विरोध ने येन को कमजोर किया। इस नीतिगत बदलाव ने वैश्विक निवेशकों को अपनी फंडिंग रणनीतियों की नए सिरे से समीक्षा करने पर मजबूर किया है। सवाल-जवाब 1. शुक्रवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में तेजी क्यों आई? रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर मिशेल बुलॉक द्वारा महंगाई पर सख्त चेतावनी देने और आगे ब्याज दरें बढ़ाने के संकेत से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में 0.20 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। 2. वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया की नीतिगत ब्याज दर क्या है? रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने चालू वर्ष में तीन बार बढ़ोतरी करने के बाद अपनी नीतिगत ब्याज दर को फिलहाल 4.35 प्रतिशत पर रखा हुआ है। 3. अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने हाल ही में क्या फैसला लिया है? अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी नीतिगत ब्याज दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की है, जिससे यह 3.75 प्रतिशत से 4 प्रतिशत के दायरे में आ गई है। 4. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए तात्कालिक तकनीकी रेजिस्टेंस क्या है? मुद्रा जोड़ी के लिए पहला तकनीकी अवरोध 0.7140 पर है, जिसके बाद 200 पीरियड एसएमए का स्तर 0.7159 पर स्थित है। 5. बैंक ऑफ जापान द्वारा दरें बढ़ाने के बावजूद येन क्यों गिरा? बैंक ऑफ जापान ने दर बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत की, लेकिन दर वृद्धि के खिलाफ पड़े दो मतों के चलते बाजार में येन पर दबाव बढ़ गया। https://trendkia.com/market/reserve-bank-of-australia-ke-sakhta-rukha-se-australian-dollar-men-majabuti-us-dollar-ke-satha-mukabala-teja-33446 TrendKia — Har trend, sabse pehle.