रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की ब्याज दरों पर नया दांव, सितंबर में 4.60 प्रतिशत तक बढ़ोतरी के आसार टीडी सिक्योरिटीज के मैक्रो रिसर्च दल का अनुमान है कि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया सितंबर में कैश रेट 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 4.60 प्रतिशत कर सकता है, जबकि वैश्विक केंद्रीय बैंकों में नीतिगत बदलाव और मुद्रास्फीति के दबाव तेज हो रहे हैं। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की आगामी नीतिगत बैठक को लेकर वित्तीय बाजारों में हलचल तेज हो गई है। टीडी सिक्योरिटीज की मैक्रो रिसर्च टीम, जिसका नेतृत्व प्रशांत नेवनाहा और हॉवर्ड डू कर रहे हैं, का आकलन है कि ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक अपनी सितंबर बैठक में आधिकारिक कैश रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर सकता है। इस संभावित कदम के बाद ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख नीतिगत दर बढ़कर 4.60 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच जाएगी। शोध विश्लेषकों के अनुसार, हालिया आर्थिक आंकड़ों में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई में अनपेक्षित तेजी, मजबूत जीडीपी आंकड़े, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े क्षेत्रों में बढ़ती मांग इस फैसले की मुख्य वजह बन रही है। हालांकि, संस्थान का यह भी मानना है कि इस कदम के बाद इस वर्ष नवंबर या दिसंबर की बैठकों में दरों में अतिरिक्त वृद्धि की संभावना बेहद कम है। सितंबर की वृद्धि और भविष्य की नीतिगत दिशा विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि सितंबर बोर्ड बैठक में रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया अपने लक्षित कैश रेट को 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 4.60 प्रतिशत करेगा। इसके साथ ही, सितंबर की बैठक से आगे देखते हुए बैंक इस संभावना को दोहरा सकता है कि आने वाले समय में नीति को और सख्त करने की जरूरत पड़ सकती है। इसके बावजूद, मैक्रो रिसर्च टीम का आकलन है कि नवंबर या दिसंबर की बैठकों में कैश रेट को 4.85 प्रतिशत तक ले जाने वाली किसी नई बढ़ोतरी के लिए केंद्रीय बैंक पर कोई तात्कालिक दबाव नहीं होगा। इस रणनीति के पीछे कई प्रमुख बुनियादी कारक काम कर रहे हैं, जो नीति निर्माताओं को ठहराव की गुंजाइश देते हैं। विश्लेषकों के अनुसार, समय से पहले उठाया गया यह कदम दरअसल महंगाई के जोखिम प्रबंधन का हिस्सा है। इससे पहले की गई तीन लगातार बढ़ोतरी का व्यापक असर अभी पूरी अर्थव्यवस्था में फैलना बाकी है। ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक सितंबर की इस अग्रिम दर वृद्धि को 2026 की तीसरी तिमाही के अनुमानित मजबूत सीपीआई परिणामों के पर्याप्त जवाब के तौर पर पेश कर सकता है। इसके अलावा, वैश्विक भू-राजनीतिक मोर्चे पर अमेरिका और ईरान ने चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए बातचीत जारी रहने की पुष्टि की है। इस संवाद में होने वाली किसी भी प्रगति से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों पर बना दबाव कम होने की उम्मीद है। रोजगार बाजार के आंकड़े और आगामी वर्ष का खाका ऑस्ट्रेलिया के घरेलू श्रम बाजार की स्थिति भी मौद्रिक नीति को दिशा देने में अहम भूमिका निभा रही है। प्रतिनिधि सभा की अर्थशास्त्र पर स्थायी समिति के समक्ष अपनी गवाही में रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर ने उल्लेख किया था कि रोजगार से जुड़े अग्रगामी संकेतक मोटे तौर पर स्थिर नजर आ रहे हैं। विश्लेषकों का यह भी मानना है कि यदि बोर्ड की बैठक में दर बढ़ाने का निर्णय सर्वसम्मत नहीं रहता है, तो वित्तीय बाजार इसे अगली बढ़ोतरी के लिए एक ऊंची बाधा के रूप में देखेंगे। लंबी अवधि के दृष्टिकोण को लेकर टीडी सिक्योरिटीज का केंद्रीय अनुमान है कि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया पूरे 2027 के दौरान कैश रेट को 4.60 प्रतिशत पर यथावत बनाए रखेगा। हालांकि, शोध दल इस संभावना को भी खारिज नहीं करता कि फरवरी 2027 की बैठक में बैंक को दोबारा दरें बढ़ाने पर विचार करने के लिए विवश होना पड़ सकता है। विश्लेषकों ने स्पष्ट किया है कि फरवरी 2027 में दर वृद्धि उनका केंद्रीय पूर्वानुमान नहीं है, लेकिन उन्होंने उन आर्थिक कारकों की निगरानी करने की सलाह दी है जो 2027 के लिए इस नीतिगत नजरिए में बदलाव ला सकते हैं। मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर गुरुवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7000 के स्तर की ओर गिरता दिखा। यह गिरावट ऑस्ट्रेलिया के अगस्त रोजगार आंकड़े जारी होने के बाद दर्ज की गई। इन आंकड़ों के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया में बेरोजगारी दर बढ़कर 4.6 प्रतिशत हो गई, जबकि अर्थशास्त्रियों ने इसके 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। इसके विपरीत, रोजगार में शुद्ध बदलाव अनुमानों से बेहतर रहा और कुल 39,500 नए रोजगार जुड़े। रोजगार के इस मिश्रित रुझान के साथ-साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली अहम बैठक से पहले कारोबारी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। इसी बीच जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर से पीछे हटा और गुरुवार को एशियाई सत्र में 158.00 के करीब नुकसान बनाए रखा। जापान में बॉन्ड प्रतिफल में तेज उछाल ने सरकारी हस्तक्षेप के बढ़ते जोखिमों के बीच येन को सहारा दिया, जबकि फेडरल रिजर्व की ओर से सख्त रुख के दांव और बढ़े हुए अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल के कारण अमेरिकी डॉलर अपने रातोंरात बने दो महीने के उच्च स्तर को बरकरार रखने में सफल रहा। वैश्विक केंद्रीय बैंकों की नीतियां और कमोडिटी बाजार अन्य प्रमुख परिसंपत्तियों की बात करें तो सोने में लगातार दूसरे दिन मंदी का रुख बना रहा। यूरोपीय कारोबारी सत्र के पहले हिस्से में सोना 4,300 डॉलर के स्तर से नीचे फिसलकर एक सप्ताह के निचले स्तर पर कारोबार करता देखा गया। निवेशक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके चीनी समकक्ष शी जिनपिंग की बातचीत को लेकर सतर्क हैं। हालांकि इस वार्ता से किसी बड़े ऐतिहासिक समझौते की उम्मीदें कम हैं, फिर भी बाजार प्रतिभागी दुर्लभ पृथ्वी खनिजों, प्रौद्योगिकी प्रतिबंधों और मौजूदा अमेरिका-चीन संघर्ष विराम विस्तार से जुड़े घटनाक्रमों पर पैनी नजर रख रहे हैं। वैश्विक केंद्रीय बैंकों की बात करें तो स्विस नेशनल बैंक ने अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दरों को उम्मीद के अनुरूप 0 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा है। स्विस बैंक के मौद्रिक नीति आकलन के मुख्य बिंदुओं में यह शामिल है कि वाणिज्यिक बैंकों की जमा राशि पर एक निश्चित सीमा तक मौजूदा नीतिगत दर के अनुसार प्रतिफल दिया जाएगा। स्विस नेशनल बैंक ने 2026 के लिए मुद्रास्फीति के 0.7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है, जो इसके पिछले 0.6 प्रतिशत के पूर्वानुमान से अधिक है। बैंक का मानना है कि स्विट्जरलैंड के आर्थिक परिदृश्य के लिए सबसे बड़ा खतरा वैश्विक अर्थव्यवस्था में होने वाले घटनाक्रमों से जुड़ा है। दूसरी ओर, बैंक ऑफ जापान ने नीति सामान्यीकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए 7-2 के बहुमत से अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया, जो कि बाजार की हफ्तों से चली आ रही अपेक्षाओं के बिल्कुल अनुरूप था। इसका आप पर असर ऑस्ट्रेलिया और प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में ब्याज दरों के फैसलों का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, मुद्रा विनिमय और निवेश लागतों पर सीधे पड़ता है। • मुद्रा विनिमय पर: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में संभावित नीतिगत सख्ती और रोजगार आंकड़ों के बाद अस्थिरता बढ़ सकती है। जो लोग ऑस्ट्रेलिया यात्रा, वहां पढ़ाई या धन भेजने की योजना बना रहे हैं, उन्हें विनिमय दरों पर नजदीकी नजर रखनी चाहिए। • वैश्विक निवेश और कर्ज: केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि या स्थिरता से वैश्विक स्तर पर उधारी की लागत प्रभावित होती है। निवेशकों को बॉन्ड यील्ड और कमोडिटी बाजारों के रुझानों के अनुरूप अपनी संपत्तियों का संतुलन बनाना होगा। • सोना और कमोडिटी: सोने की कीमतों में $4,300 से नीचे आई नरमी और भू-राजनीतिक वार्ताओं का असर सराफा बाजार पर देखा जा रहा है। खुदरा खरीदारों और आभूषण निवेशकों को मौजूदा मूल्य स्तरों और नीतिगत संकेतों को समझकर ही निर्णय लेना चाहिए। • भारत में व्यापारिक असर: प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में समायोजन से विदेशी संस्थागत पूंजी प्रवाह में उतार-चढ़ाव आ सकता है। इससे भारतीय शेयर बाजार और आयात-निर्यात लागत पर परोक्ष प्रभाव देखने को मिल सकता है। ऐसा क्यों हुआ ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना घरेलू मुद्रास्फीति के दबावों, मजबूत विकास आंकड़ों और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों के चलते बनी है। • मुद्रास्फीति और आर्थिक मांग: ऑस्ट्रेलिया में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के आंकड़े अनुमान से अधिक रहे हैं और जीडीपी विस्तार सुदृढ़ बना हुआ है। साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) संबंधित क्षेत्रों से बढ़ी मांग ने नीति निर्माताओं को सख्त कदम उठाने के लिए प्रेरित किया है। • पिछली नीतिगत कार्रवाइयों का असर: पूर्व में की गई तीन लगातार दर वृद्धियों का पूर्ण प्रभाव अभी अर्थव्यवस्था में पूरी तरह से सामने नहीं आया है। इस कारण केंद्रीय बैंक सितंबर की संभावित वृद्धि को महंगाई जोखिम के प्रबंधन के रूप में देख रहा है। • वैश्विक भू-राजनीति और तेल की कीमतें: कच्चे तेल के ऊंचे स्तरों ने महंगाई को हवा दी है, हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत से दबाव घटने की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी कीमतों में यह अनिश्चितता केंद्रीय बैंकों के रुख को प्रभावित कर रही है। • श्रम बाजार की स्थिरता: रोजगार से जुड़े अग्रगामी संकेतक स्थिर बने हुए हैं और नई नौकरियों की संख्या अनुमानों से अधिक रही है। बेरोजगारी दर 4.6 प्रतिशत तक पहुंचने के बावजूद श्रम बाजार का यह लचीलापन बैंक को दरों में समायोजन की जगह देता है। सवाल-जवाब 1. रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया से सितंबर में क्या कदम उठाने की उम्मीद है? टीडी सिक्योरिटीज के अनुसार, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया सितंबर की बैठक में आधिकारिक कैश रेट 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 4.60 प्रतिशत कर सकता है। 2. क्या 2026 के अंत में ऑस्ट्रेलिया में और ब्याज दरें बढ़ेंगी? विश्लेषकों का अनुमान है कि नवंबर या दिसंबर की बैठकों में कैश रेट को 4.85 प्रतिशत तक बढ़ाने की कोई तात्कालिक आवश्यकता नहीं होगी। 3. ऑस्ट्रेलिया के अगस्त रोजगार आंकड़ों में क्या सामने आया? अगस्त में ऑस्ट्रेलिया की बेरोजगारी दर बढ़कर 4.6 प्रतिशत हो गई, जबकि रोजगार में 39,500 की बढ़ोतरी दर्ज की गई जो अनुमान से बेहतर थी। 4. बैंक ऑफ जापान और स्विस नेशनल बैंक ने ब्याज दरों पर क्या निर्णय लिया? बैंक ऑफ जापान ने अपनी अल्पकालिक ब्याज दर 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दी, जबकि स्विस नेशनल बैंक ने अपनी दर 0 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखी। https://trendkia.com/market/reserve-bank-of-australia-ki-byaja-daron-para-naya-danva-sitnbara-men-4-60-pratishata-taka-barhotari-ke-asara-37818 TrendKia — Har trend, sabse pehle.