# रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की ब्याज दरों पर फैसले से पहले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में हलचल, वैश्विक तनाव और मजबूत डॉलर से दबाव

> रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की आगामी बैठक में ब्याज दर 25 आधार अंक बढ़ाए जाने के अनुमानों के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर मजबूत अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड का गहरा असर देखा जा रहा है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/reserve-bank-of-australia-ki-byaja-daron-para-phaisale-se-pahale-australian-dollar-men-halachala-vaishvika-tanava-aura-majabuta-do-38640 · **Language:** Hindi
**Tags:** ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया, अमेरिकी डॉलर, विदेशी मुद्रा बाजार, मुद्रास्फीति, कच्चा तेल, वित्त

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और केंद्रीय बैंकों के कड़े रुख का गहरा असर देखने को मिल रहा है। मंगलवार को होने वाली आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में 25 आधार अंक यानी 0.25 प्रतिशत की ठोस बढ़ोतरी किए जाने के व्यापक अनुमान लगाए जा रहे हैं। घरेलू स्तर पर अर्थव्यवस्था में कई मोर्चों पर लगातार तेज गतिविधियों के चलते नीतिगत सख्ती की गुंजाइश बनी हुई है। इसके बावजूद वैश्विक स्तर पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण अमेरिकी डॉलर को जो मजबूती मिली है, उसने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर गंभीर दबाव बना दिया है।

## मुद्रास्फीति का दबाव और ब्याज दरों पर सख्ती के आसार
ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था में हाल के महीनों में महंगाई के आंकड़े नीति निर्माताओं के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। अगस्त महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई आंकड़ों में सालाना आधार पर 4.1 प्रतिशत तक की तेजी आने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इस संभावित बढ़ोतरी के पीछे मुख्य रूप से डीजल और खाद्य वस्तुओं की ऊंची कीमतें हैं, जिसके साथ कोर मुद्रास्फीति का दबाव भी लगातार बना हुआ है। हालांकि देश के हाउसिंग बाजार में कुछ सुस्ती के शुरुआती संकेत अवश्य नजर आए हैं, लेकिन केंद्रीय बैंक का मानना है कि महंगाई को लेकर जोखिम अभी भी ऊपरी स्तर की ओर झुके हुए हैं। कीमतों को निर्धारित लक्ष्य सीमा में स्थायी रूप से वापस लाने के लिए नीतिगत स्तर पर लगातार सतर्कता बनाए रखना आवश्यक माना जा रहा है।

## तकनीकी स्तरों पर कमजोर हुआ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर
मुद्रा बाजार में शुक्रवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह जोड़ी अगस्त की शुरुआत के बाद के अपने नए निचले स्तर तक फिसल गई। रातोंरात 200-दिवसीय सरल मूविंग एवरेज के नीचे फिसलने के बाद यह विनिमय दर 0.7000 के अहम स्तर के बेहद करीब नाजुक स्थिति में नजर आई। लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, यह जोड़ी 0.7024 के आसपास कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद स्तर 0.7034 से 0.14 प्रतिशत कमजोर है। तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय आरएसआई 33 पर बना हुआ है, जबकि एमएसीडी मंदी के रुख का संकेत दे रहा है। 20-दिवसीय समर्थन स्तर 0.7007 के पास है, जबकि पिवट बिंदु 0.7023 और प्रतिरोध स्तर 0.7039 पर स्थित है। 52 हफ्तों के दायरे में यह जोड़ी 0.6422 से 0.7277 के बीच रही है।

## कच्चे तेल की तेजी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का प्रभाव
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक नीतिगत संकेतों के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार दो दिनों की तेजी ने मुद्रास्फीति की चिंताओं को फिर से हवा दे दी है। इसके चलते अमेरिकी बॉन्ड यील्ड कई वर्षों के रिकॉर्ड उच्च स्तरों पर पहुंच गई है। इन आर्थिक कारकों के साथ-साथ भू-राजनीतिक तनावों ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्प के रूप में अमेरिकी डॉलर की ओर आकर्षित किया है, जिससे डॉलर इंडेक्स दो महीने के उच्चतम स्तर तक चढ़ गया। इस व्यापक डॉलर मजबूती ने ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक द्वारा दरें बढ़ाने के संभावित असर को पूरी तरह दबा दिया है, जिसके चलते ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में अपेक्षित मजबूती नहीं आ सकी।

## जापानी येन और वैश्विक मुद्रा बाजारों की स्थिति
अन्य प्रमुख मुद्राओं की बात करें तो जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर शुक्रवार के कारोबारी सत्र में मामूली नरमी दिखाता नजर आया। इससे पहले यह जोड़ी 159.00 के तीन सप्ताह के उच्च स्तर तक पहुंच गई थी, लेकिन जापानी अधिकारियों की ओर से बाजार में संभावित हस्तक्षेप के डर से मंदड़ियों ने सावधानी बरतनी शुरू कर दी। बैंक ऑफ जापान ने पिछले सप्ताह ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की थी, लेकिन उसका रुख अपेक्षाकृत नरम माना गया। दूसरी ओर अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने भी पिछले सप्ताह अपनी ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की वृद्धि की थी। दोनों प्रमुख केंद्रीय बैंक महंगाई के जोखिमों का सामना कर रहे हैं और दोनों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि भविष्य के कदम आगामी आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेंगे।

## सोने में हल्की रिकवरी और क्रिप्टोकरेंसी बाजार में ठहराव
सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में हल्की खरीदारी देखने को मिली, जिससे सप्ताह के दौरान हुई गिरावट की कुछ हद तक भरपाई हुई। हालांकि यह बहुमूल्य धातु अभी भी प्रति ट्रॉय औंस 4,300 डॉलर के प्रमुख स्तर से नीचे बनी हुई है। अमेरिकी डॉलर में हल्की मुनाफावसूली और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में मामूली गिरावट ने सोने की इस सीमित बढ़त को सहारा दिया। उधर व्यापक क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी शुक्रवार को ठहराव का माहौल रहा। बिटकॉइन 84,000 डॉलर से कुछ ऊपर अपने नुकसान को कम करने की कोशिश करता नजर आया। एथेरियम में भी बिटकॉइन के अनुरूप गिरावट देखी गई, जबकि एक्सआरपी का रुख बाकी डिजिटल परिसंपत्तियों से अलग दिशा दर्शाता रहा।

## इसका आप पर असर
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में हो रहे इन नीतिगत बदलावों और डॉलर की मजबूती का सीधा असर मुद्रा व्यापारियों, विदेशी निवेशकों और आयातकों पर पड़ता है।

- **मुद्रा व्यापारियों के लिए:** ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में तकनीकी कमजोरी और 0.7000 के अहम स्तर के पास बने रहने से नए सौदों में सतर्कता जरूरी है। स्टॉप-लॉस और 0.7007 के सपोर्ट स्तर पर कड़ी नजर रखकर जोखिम प्रबंधन किया जा सकता है।
- **आयात-निर्यात कारोबारियों के लिए:** अमेरिकी डॉलर के दो महीने के उच्च स्तर पर पहुंचने से आयात लागत में इजाफा देखने को मिल सकता है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण अंतरराष्ट्रीय माल ढुलाई का खर्च भी बढ़ सकता है।
- **सोना और कमोडिटी निवेशकों के लिए:** सोने के 4,300 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस से नीचे बने रहने से कीमती धातुओं में सीमित दायरे में कारोबार देखा जा रहा है। बॉन्ड यील्ड के ऊंचे स्तरों पर टिके रहने से बिना ब्याज वाली परिसंपत्तियों पर दबाव बना रह सकता है।
- **क्रिप्टोकरेंसी निवेशकों के लिए:** बिटकॉइन के 84,000 डॉलर के स्तर के आसपास समेकित होने से बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। व्यापक बाजार सुधार से पहले प्रमुख डिजिटल टोकनों में बड़े उतार-चढ़ाव से बचना समझदारी होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय दरों और बॉन्ड यील्ड में यह तेज हलचल वैश्विक स्तर पर लगातार बनी हुई महंगाई और प्रमुख केंद्रीय बैंकों के सख्त कदमों की वजह से पैदा हुई है।

- **कच्चे तेल में उछाल:** अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार दो दिनों की तेजी ने मुद्रास्फीति की चिंताओं को दोबारा भड़का दिया। ईंधन महंगा होने से उत्पादन और परिवहन लागत बढ़ती है, जिससे समग्र महंगाई दर में वृद्धि का जोखिम गहरा जाता है।
- **अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी:** फेडरल रिजर्व के आक्रामक नीतिगत रुख और महंगाई बढ़ने के डर से निवेशकों ने अमेरिकी सरकारी बॉन्ड यील्ड को कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया। इसने अमेरिकी डॉलर को वैश्विक स्तर पर भारी मजबूती प्रदान की।
- **ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था में गर्मी:** ऑस्ट्रेलिया में डीजल और खाद्य वस्तुओं के बढ़ते दामों के कारण अगस्त सीपीआई के 4.1 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। कोर मुद्रास्फीति के दबाव के चलते केंद्रीय बैंक को दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी पर विचार करना पड़ा है।
- **भू-राजनीतिक अनिश्चितता:** वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनावों के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर में भारी खरीदारी की। इस रुझान ने अन्य सभी प्रतिस्पर्धी मुद्राओं और ब्याज दर के सकारात्मक अनुमानों को पीछे छोड़ दिया।

## सवाल-जवाब

### 1. रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया से ब्याज दरों को लेकर क्या उम्मीद की जा रही है?
रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा मंगलवार की बैठक में नीतिगत ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी करने का अनुमान लगाया जा रहा है।

### 2. ऑस्ट्रेलिया में मुद्रास्फीति के क्या आंकड़े आने की संभावना है?
अगस्त महीने के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक मुद्रास्फीति दर सालाना आधार पर 4.1 प्रतिशत तक तेज होने का अनुमान जताया गया है।

### 3. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर किन तकनीकी स्तरों के करीब कमजोर हुआ है?
यह मुद्रा जोड़ी 200-दिवसीय सरल मूविंग एवरेज के नीचे फिसलने के बाद 0.7000 के स्तर के करीब कमजोर स्थिति में कारोबार कर रही है।

### 4. अमेरिकी डॉलर को किन कारकों से मजबूती मिली है?
फेडरल रिजर्व के सख्त रुख, कच्चे तेल की तेजी से उपजी महंगाई की आशंका और ऊंची बॉन्ड यील्ड ने अमेरिकी डॉलर को दो महीने के उच्च स्तर पर पहुंचा दिया है।

### 5. सोने और बिटकॉइन की कीमतों की मौजूदा स्थिति क्या है?
सोना 4,300 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के नीचे बना हुआ है, जबकि बिटकॉइन 84,000 डॉलर के स्तर के ठीक ऊपर समेकित हो रहा है।

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