# रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने ब्याज दर बढ़ाकर 4.85 प्रतिशत की, नीतिगत रुख पर गवर्नर बुलॉक ने दिए संतुलित संकेत

> रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने कैश रेट 25 आधार अंक बढ़ाकर 4.85 प्रतिशत कर दिया है, जबकि विभाजित मतदान और भविष्य में बढ़ोतरी के संकेत न होने से वैश्विक बाजारों में हलचल बढ़ गई।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-11-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/reserve-bank-of-australia-ne-byaja-dara-barhakara-4-85-pratishata-ki-nitigata-rukha-para-governor-bullock-ne-die-sntulita-snketa-55809 · **Language:** Hindi
**Tags:** रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया, ब्याज दर, मुद्रास्फीति, विदेशी मुद्रा, कच्चा तेल, सोना, बिटकॉइन

रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने अपनी ताजा 3 नवंबर की बैठक में आधिकारिक कैश रेट में 25 आधार अंकों की वृद्धि करते हुए इसे 4.85 प्रतिशत के स्तर पर पहुंचा दिया है। केंद्रीय बैंक का यह कदम विश्लेषकों और वित्तीय बाजारों के आम अनुमानों के अनुरूप रहा। हालांकि, इस फैसले में बोर्ड के भीतर सामने आया 6-3 का विभाजन और नीतिगत बयान से भविष्य में और बढ़ोतरी से जुड़े स्पष्ट संदर्भों का हटाया जाना वित्तीय हलकों में विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कर रहा है। तीन सदस्यों ने ब्याज दरों को मौजूदा 4.60 प्रतिशत पर ही अपरिवर्तित रखने के पक्ष में मत दिया था। इसके बावजूद, बैंक ने मुद्रास्फीति के संभावित बढ़ते जोखिमों का जिक्र जारी रखा है और यह माना है कि अर्थव्यवस्था में क्षमता संबंधी दबाव पूर्व अनुमानों की तुलना में कहीं अधिक कड़े रहे हैं।

## गवर्नर बुलॉक का संतुलित रुख और अनिश्चितता के संकेत
प्रेस कॉन्फ्रेंस में गवर्नर बुलॉक ने अत्यधिक संतुलित रुख प्रस्तुत किया और उन अटकलों को खारिज कर दिया कि भविष्य में बढ़ोतरी के स्पष्ट उल्लेख की अनुपस्थिति यह दर्शाती है कि केंद्रीय बैंक ने दरों में वृद्धि का सिलसिला पूरी तरह समाप्त कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर रेखांकित किया कि केंद्रीय बैंक वर्तमान में अपने सभी विकल्पों को खुला रख रहा है। गवर्नर बुलॉक ने यह भी संकेत दिया कि मुद्रास्फीति को तेज न करने वाली बेरोजगारी की दर अर्थात NAIRU और तटस्थ ब्याज दर दोनों धीरे-धीरे ऊपर की ओर खिसकी हैं। हालांकि, उन्होंने इन दोनों पैमानों के लिए कोई ठोस संख्यात्मक अनुमान सार्वजनिक नहीं किए। फिलहाल केंद्रीय बैंक आगामी बैठकों में आर्थिक परिदृश्य की समीक्षा करने की नीति पर काम कर रहा है, विशेष रूप से ऐसे समय में जब बाहरी वैश्विक अनिश्चितता, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और वैश्विक तकनीकी खर्च के सकारात्मक प्रभाव एक साथ असर डाल रहे हैं।

## विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अन्य करेंसियों का हाल
ब्याज दर के फैसले के बाद मंगलवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार दूसरे कारोबारी दिन फिसलते हुए दो सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया। सर्वसम्मत फैसले के अभाव और तीन सदस्यों द्वारा दरें 4.60 प्रतिशत पर थामने की प्राथमिकता ने दरों में आगे और आक्रामक सख्ती की उम्मीदों को काफी हद तक ठंडा कर दिया है। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर की हल्की मजबूती ने भी AUD/USD पर अतिरिक्त दबाव डाला।

दूसरी ओर, USD/JPY की जोड़ी मंगलवार के एशियाई सत्र में थोड़ी गिरावट के साथ कारोबार करती दिखी। इससे पहले यह 158.00 के स्तर तक पहुंची थी, जहां से इसने पिछले दिन की बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा दिया। अमेरिकी मध्यवर्ती चुनावों से ठीक पहले और ईरान कूटनीति की उम्मीदों के बीच अमेरिकी डॉलर पर कुछ दबाव देखा गया। जापानी अधिकारियों द्वारा संभावित बाजार हस्तक्षेप के जोखिम ने जापानी येन को सहारा दिया, हालांकि बैंक ऑफ जापान द्वारा अगली दर वृद्धि के समय को लेकर अनिश्चितता ने येन की मजबूती को सीमित रखा, जिससे यह मुद्रा जोड़ी एक सीमित दायरे में सिमट गई।

## कमोडिटी और ऊर्जा बाजारों में हलचल
कमोडिटी बाजार में सोने की चाल सुस्त पड़ती दिखाई दी। सोने की कीमत यानी XAU/USD मंगलवार को करीब 0.93 प्रतिशत की गिरावट के साथ 3,909 डॉलर के आसपास कारोबार करती दर्ज की गई। सोने में इस दबाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का रुख देखने को मिला। तेल की कीमतों में यह उछाल ईरान के कशम द्वीप पर अमेरिकी हमले के घटनाक्रम के बाद आया, जिसके चलते ऊर्जा बाजारों में जोखिम प्रीमियम अचानक बढ़ गया और निवेशकों की प्राथमिकताओं में बदलाव देखा गया।

## क्रिप्टोकरेंसी बाजार में छह सप्ताह के निचले स्तर की परीक्षा
क्रिप्टोकरेंसी परिसंपत्तियों में भी बिकवाली का दबाव देखा गया। बिटकॉइन मंगलवार को नीचे की ओर गिरते हुए 76,566 डॉलर पर कारोबार कर रहा था, जहां इसने छह सप्ताह के निचले स्तर का परीक्षण किया। इसी तरह एथेरियम भी निरंतर दबाव में रहा और एक संकीर्ण समर्थन दायरे के भीतर अपनी स्थिति बनाए रखने का प्रयास करता नजर आया। इस बीच रिपल मामूली बढ़त के साथ 1.25 डॉलर के ठीक ऊपर बना रहा, जिससे डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में व्यापक सतर्कता का माहौल प्रदर्शित हुआ।

## इसका आप पर असर
केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी और भू-राजनीतिक घटनाओं से विदेशी मुद्रा विनिमय, निवेश पोर्टफोलियो और यात्रा खर्च पर सीधा असर पड़ता है।

- **मुद्रा विनिमय और विदेश यात्रा:** ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट से ऑस्ट्रेलिया जाने वाले यात्रियों और छात्रों के लिए करेंसी एक्सचेंज थोड़ा सस्ता हो सकता है। यदि आप ऑस्ट्रेलियाई डॉलर खरीदना चाहते हैं, तो मौजूदा दो सप्ताह के निचले स्तर पर विनिमय दरों की तुलना करना फायदेमंद रहेगा।
- **गोल्ड और कमोडिटी निवेशक:** सोने की कीमतों में 0.93 प्रतिशत की नरमी से खुदरा खरीदारों को मामूली राहत मिली है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण आने वाले दिनों में ईंधन की लागत और परिवहन खर्च बढ़ने का जोखिम रहेगा।
- **क्रिप्टो निवेशक:** बिटकॉइन के छह सप्ताह के निचले स्तर 76,566 डॉलर पर आने से डिजिटल एसेट धारकों को अत्यधिक सतर्कता बरतनी चाहिए। अस्थिर बाजार में नए पोजीशन बनाने से पहले स्टॉप लॉस स्तरों की समीक्षा करें।
- **अंतरराष्ट्रीय ऋण और बॉन्ड:** वैश्विक स्तर पर ऊंची ब्याज दरों के बने रहने से अंतरराष्ट्रीय कर्ज लेना महंगा बना रहेगा। विदेश में फ्लोटिंग रेट पर लिए गए ऋणों की ईएमआई पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा नीतिगत दर बढ़ाने और वैश्विक परिसंपत्तियों में उतार-चढ़ाव आने के पीछे घरेलू मुद्रास्फीति और अंतरराष्ट्रीय तनाव प्रमुख वजहें हैं।

- **घरेलू क्षमता दबाव और मुद्रास्फीति:** ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था में क्षमता संबंधी बाधाएं और श्रम बाजार के दबाव पूर्व अनुमानों से अधिक सख्त पाए गए। इसके चलते मुद्रास्फीति के फिर से बढ़ने के जोखिम को थामने के लिए 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी आवश्यक समझी गई।
- **केंद्रीय बैंक बोर्ड में मतभेद:** बोर्ड के तीन सदस्यों ने दरों को 4.60 प्रतिशत पर ही थामने का समर्थन किया, जिसके कारण फैसले में 6-3 का विभाजन दिखा। इस विभाजित मतदान ने बाजारों को यह संकेत दिया कि ब्याज दरों की अगली बढ़ोतरी की संभावना सीमित हो सकती है।
- **भू-राजनीतिक सैन्य टकराव:** अमेरिका द्वारा ईरान के कशम द्वीप पर हमले की घटना के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तत्काल उछाल देखा गया। ऊर्जा लागत बढ़ने से सोने और डॉलर जैसी परिसंपत्तियों के प्रवाह में अचानक फेरबदल हुआ।
- **आगामी अमेरिकी राजनीतिक व नीतिगत घटनाक्रम:** अमेरिकी मध्यवर्ती चुनावों से पूर्व सतर्कता और जापान के संभावित मुद्रा हस्तक्षेप के जोखिम ने मुद्रा और बॉन्ड बाजारों में अनिश्चितता बनाए रखी। इसके चलते डॉलर और प्रमुख जोड़ों में सीमित दायरे का उतार-चढ़ाव दर्ज हुआ।

## सवाल-जवाब

### 1. रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने ब्याज दर में कितना बदलाव किया है?
रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने 3 नवंबर की बैठक में कैश रेट को 25 आधार अंक बढ़ाकर 4.85 प्रतिशत कर दिया है।

### 2. क्या केंद्रीय बैंक का यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया था?
नहीं, यह फैसला 6-3 के विभाजन से लिया गया, जिसमें तीन सदस्यों ने दर को 4.60 प्रतिशत पर ही बनाए रखने का पक्ष लिया था।

### 3. गवर्नर बुलॉक ने भविष्य की ब्याज दरों को लेकर क्या कहा?
गवर्नर बुलॉक ने कहा कि केंद्रीय बैंक अपने सभी विकल्प खुले रख रहा है और यह मानना गलत होगा कि दरों में बढ़ोतरी का सिलसिला खत्म हो गया है।

### 4. इस फैसले का ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर क्या असर पड़ा?
फैसले के बाद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार दूसरे दिन गिरकर दो सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया।

### 5. कच्चे तेल और सोने के बाजारों में क्या हलचल रही?
ईरान के कशम द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं, जबकि सोना 0.93 प्रतिशत गिरकर 3,909 डॉलर पर आ गया।

### 6. क्रिप्टोकरेंसी बाजार में प्रमुख कॉइन्स का क्या स्तर रहा?
बिटकॉइन छह सप्ताह के निचले स्तर 76,566 डॉलर पर आ गया, जबकि एथेरियम दबाव में रहा और रिपल 1.25 डॉलर के ऊपर बना रहा।

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