रिज़र्व बैंक ऑफ़ न्यूज़ीलैंड 3 प्रतिशत कर सकता है ब्याज दर, मुद्रास्फीति और वैश्विक दबावों के बीच नीतिगत समीक्षा पर टिकी नज़रें रिज़र्व बैंक ऑफ़ न्यूज़ीलैंड अपनी मौद्रिक नीति बैठक में आधिकारिक नकद दर को 25 आधार अंक बढ़ाकर 3% करने की तैयारी में है, जबकि 3.7% की मुद्रास्फीति दर के बीच मुद्रा बाज़ार में हलचल तेज़ हो गई है। वैश्विक वित्तीय बाज़ारों में केंद्रीय बैंकों के आगामी कदमों को लेकर सरगर्मियां बढ़ गई हैं, जहां रिज़र्व बैंक ऑफ़ न्यूज़ीलैंड की मौद्रिक नीति समिति ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी करने की दिशा में अग्रसर दिखाई दे रही है। बुधवार, 28 अक्टूबर को 01:00 GMT पर गवर्नर अन्ना ब्रेमन के नेतृत्व में केंद्रीय बैंक अपनी आधिकारिक नकद दर यानी ओवरनाइट कैश रेट (OCR) में 25 आधार अंकों की वृद्धि की घोषणा कर सकता है। यदि यह कदम उठाया जाता है, तो देश की प्रमुख नीतिगत दर 2.75% से बढ़कर 3% पर पहुंच जाएगी। मुद्रा बाज़ारों में इस 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की संभावना को पहले ही पूरी तरह से यानी 100% मूल्य में शामिल किया जा चुका है, जिससे निवेशकों की नज़रें अब केवल इस फ़ैसले पर ही नहीं, बल्कि भविष्य के नीतिगत मार्गदर्शन पर भी टिक गई हैं। मुद्रास्फीति का दबाव और पिछली समीक्षा का फैसला न्यूज़ीलैंड में आर्थिक परिस्थितियां केंद्रीय बैंक के लिए सख्त नीति बनाए रखने की वकालत कर रही हैं। देश में वर्तमान मुद्रास्फीति 3.7% के उच्च स्तर पर बनी हुई है, जो मौद्रिक सख्ती के सिलसिले को आगे बढ़ाने का मुख्य आधार बन रही है। सितंबर महीने में आयोजित अपनी पिछली बैठक के दौरान समिति ने सर्वसम्मति से यह सहमति बनाई थी कि अर्थव्यवस्था से मौद्रिक प्रोत्साहन को हटाना बेहद आवश्यक है। समिति का मानना था कि मुद्रास्फीति को उसके निर्धारित 2% के लक्ष्य तक नीचे लाने के साथ-साथ आर्थिक वृद्धि और श्रम बाज़ार को समर्थन देना अनिवार्य है। उस समय यह निर्णय इसलिए लिया गया ताकि भविष्य में बहुत अधिक आक्रामक दर समायोजन के जोखिम को घटाया जा सके, साथ ही आने वाले समय में OCR समायोजन को लेकर केंद्रीय बैंक ने अपने विकल्प पूरी तरह खुले रखे थे। गवर्नर अन्ना ब्रेमन ने उस समय यह संकेत भी दिया था कि आने वाले समय में नीतिगत दरों में आगे और वृद्धि देखने को मिल सकती है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि नीति निर्माता पहले से लागू की जा चुकी दरों की बढ़ोतरी के वास्तविक असर का गहन मूल्यांकन करेंगे। इन बयानों से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि केंद्रीय बैंक दरों को और बढ़ाने की ओर झुकाव बनाए हुए है, यद्यपि इस सख्ती का सही समय और इसकी गति अभी भी अनिश्चितता के दायरे में है। विदेशी मुद्रा बाज़ार में हलचल और तकनीकी स्तर इस महत्वपूर्ण फ़ैसले से पहले मुद्रा बाज़ार में न्यूज़ीलैंड डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (NZD/USD) के युग्म में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। यह जोड़ी दिन के कारोबारी दायरे 0.5675 से 0.5708 के निचले स्तरों के आसपास बनी हुई है। ताज़ा कारोबारी आंकड़ों के मुताबिक, NZD/USD 0.5684 के स्तर पर दर्ज किया गया, जो पिछले बंद स्तर 0.5702 से 0.32% की गिरावट दर्शाता है। 52 हफ्तों के दौरान इस जोड़ी का दायरा 0.5567 से 0.6093 का रहा है। तकनीकी संकेतकों में 14 दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 51 पर तटस्थ बना हुआ है, जबकि MACD -0.00 पर अपने सिग्नल -0.00 के करीब सकारात्मक हिस्टोग्राम 0.00 के साथ बुलिश रुख प्रदर्शित कर रहा है। मूविंग एवरेज में 20-दिवसीय EMA 0.5668, 50-दिवसीय EMA 0.5717, और 200-दिवसीय EMA 0.5794 पर हैं, जबकि 50-दिवसीय SMA 0.5754 और 200-दिवसीय SMA 0.5837 पर स्थित हैं। लंबी अवधि के चार्ट पर 50-दिवसीय EMA का 200-दिवसीय EMA से नीचे होना डेथ क्रॉस और मंदी का रुख दिखाता है। बोलिंगर बैंड (20,2) 0.5565 से 0.5710 (मध्य 0.5637) के बीच फैले हैं और 14-दिवसीय ADX 38 पर ट्रेंडिंग बाज़ार की पुष्टि कर रहा है। स्टोकेस्टिक इंडिकेटर की फास्ट लाइन 81 और सिग्नल लाइन 86 पर है, जबकि इसका पिवट पॉइंट 0.5691 पर है। इसके लिए पहला रेजिस्टेंस R1 0.5701 और दूसरा रेजिस्टेंस R2 0.5719 है, वहीं सपोर्ट स्तर S1 0.5674 और S2 0.5664 हैं। 20-दिवसीय सपोर्ट लगभग 0.5567 और रेजिस्टेंस 0.5711 पर आंका गया है। विदेशी मुद्रा बाज़ार के ट्रेडर इस समय दोहरे झटके की तैयारी कर रहे हैं क्योंकि वे न्यूज़ीलैंड के नीतिगत फ़ैसले के साथ-साथ अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व के निर्णय पर भी पैनी नज़र बनाए हुए हैं। यदि रिज़र्व बैंक ऑफ़ न्यूज़ीलैंड अधिक आक्रामक या सख्त रुख अपनाता है, तो मुद्रा जोड़ी 50-दिवसीय और 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज के संगम की ओर बढ़ सकती है, जो क्रमशः 0.5748 और 0.5769 पर स्थित हैं। यदि कीवी मुद्रा इस प्रतिरोध क्षेत्र को सफलतापूर्वक पार कर लेती है, तो इसके 0.5800 के स्तर की ओर बढ़ने की प्रबल संभावना बन जाएगी। इसके विपरीत, यदि केंद्रीय बैंक का लहजा नरम रहता है, तो यह 0.5650 और मनोवैज्ञानिक दृष्टि से अहम 0.5600 के स्तर का दोबारा परीक्षण कर सकती है, जिसे ट्रेडर्स द्वारा कम से कम 14 दिनों तक ऊपर-नीचे उतार-चढ़ाव के बाद मजबूती से बचाया गया है। यदि यह कमजोरी और गहराती है, तो इस वर्ष का न्यूनतम स्तर 0.5564 भी सक्रिय हो सकता है। केंद्रीय बैंक का अधिदेश और मौद्रिक नीति का तंत्र रिज़र्व बैंक ऑफ़ न्यूज़ीलैंड देश का केंद्रीय बैंक है, जिसके प्रमुख आर्थिक उद्देश्यों में मूल्य स्थिरता प्राप्त करना और उसे कायम रखना शामिल है। मूल्य स्थिरता तब हासिल मानी जाती है जब उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) द्वारा मापी जाने वाली मुद्रास्फीति 1% से 3% के तय दायरे में रहती है। इसके साथ ही बैंक का दूसरा प्रमुख लक्ष्य अधिकतम स्थायी रोज़गार को सहारा देना है। बैंक की मौद्रिक नीति समिति इन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए आधिकारिक नकद दर का उचित स्तर तय करती है। जब मुद्रास्फीति तय लक्ष्य से ऊपर निकल जाती है, तो बैंक अपनी प्रमुख दर बढ़ाकर इसे नियंत्रित करने का प्रयास करता है। दरें बढ़ने से परिवारों और व्यवसायों के लिए कर्ज़ लेना महंगा हो जाता है, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधि धीमी होती है और मांग घटती है। सामान्यतः ऊंची ब्याज दरें न्यूज़ीलैंड डॉलर के लिए सकारात्मक मानी जाती हैं क्योंकि वे उच्च प्रतिफल प्रदान करती हैं, जिससे विदेशी निवेशकों के लिए देश आकर्षक गंतव्य बन जाता है। इसके विपरीत, कम ब्याज दरें मुद्रा को कमजोर करती हैं। केंद्रीय बैंक के लिए रोज़गार के आंकड़े अत्यंत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि एक बेहद तंग श्रम बाज़ार मुद्रास्फीति को भड़काने का काम कर सकता है। अधिकतम स्थायी रोज़गार को श्रम संसाधनों के उस उच्चतम स्तर के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसे मुद्रास्फीति में तेज़ी लाए बिना लंबे समय तक बनाए रखा जा सके। केंद्रीय बैंक के अनुसार, जब रोज़गार अपने अधिकतम स्थायी स्तर पर होता है, तब मुद्रास्फीति कम और स्थिर रहती है, लेकिन यदि रोज़गार इस स्तर से अधिक समय तक ऊपर बना रहता है, तो अंततः कीमतें तेज़ी से बढ़ने लगती हैं, जिसके चलते मौद्रिक नीति समिति को महंगाई पर लगाम लगाने हेतु ब्याज दरें बढ़ानी पड़ती हैं। वहीं असाधारण और अत्यधिक संकटपूर्ण परिस्थितियों में केंद्रीय बैंक क्वांटिटेटिव ईज़िंग (QE) जैसे मौद्रिक उपायों का सहारा ले सकता है। इस प्रक्रिया में केंद्रीय बैंक स्थानीय मुद्रा छापकर बैंकों और वित्तीय संस्थानों से सरकारी या कॉरपोरेट बॉन्ड खरीदता है ताकि घरेलू मुद्रा आपूर्ति बढ़े और आर्थिक गतिविधियों को गति मिले। क्वांटिटेटिव ईज़िंग का परिणाम आमतौर पर कमजोर न्यूज़ीलैंड डॉलर के रूप में सामने आता है, और इसका उपयोग केवल अंतिम उपाय के रूप में किया जाता है जब ब्याज दरों में कटौती लक्ष्य हासिल करने में नाकाम साबित हो रही हो, जैसा कि कोविड-19 महामारी के दौरान देखा गया था। अन्य वैश्विक परिसंपत्तियों और मुद्राओं का परिदृश्य वैश्विक विदेशी मुद्रा और कमोडिटी बाज़ारों में इस बीच कई अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियां भी दर्ज की जा रही हैं। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) ने मंगलवार को अपनी स्थिति संभालते हुए पिछले दिन की गिरावट को पलट दिया और महत्वपूर्ण 0.7000 के स्तर को पार कर बढ़त का विस्तार किया। अमेरिकी फ़ेडरल ओपन मार्केट कमेटी की बैठक से पहले अमेरिकी डॉलर की मजबूती के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में यह सुधार देखने को मिला। अब ऑस्ट्रेलिया में बुधवार को जारी होने वाले मुद्रास्फीति के आंकड़े बाज़ार का मुख्य केंद्र रहेंगे। उधर डॉलर बनाम जापानी येन (USD/JPY) में लगातार तीसरे दिन लिवाली का सिलसिला जारी रहा, और यह एक महीने के निचले स्तर से उबरने में सफल रहा। बाज़ार को बुधवार को फ़ेडरल रिज़र्व के निर्णय और शुक्रवार को बैंक ऑफ़ जापान की नीतिगत घोषणा का इंतज़ार है। इस बीच बैंक ऑफ़ जापान द्वारा आक्रामक दर वृद्धि टालने की संभावनाओं ने जापानी येन पर दबाव बनाया है, जिससे अमेरिकी डॉलर लगभग दो हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुंच गया और मुद्रा जोड़ी को सहारा मिला। कमोडिटी बाज़ार में मंगलवार को अमेरिकी कारोबारी घंटों के दौरान सोने की कीमतों में हल्की बढ़त दर्ज की गई, जबकि दिन में पहले यह नकारात्मक दायरे में कारोबार कर रहा था। कच्चे तेल की कीमतों में मामूली गिरावट ने कुछ राहत ज़रूर दी, लेकिन मजबूत अमेरिकी डॉलर ने सोने की तेज़ी को सीमित रखा क्योंकि निवेशक फ़ेडरल रिज़र्व के फ़ैसले की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स ने तीन दिनों में 0.6% की छलांग लगाई और 102.00 के ऊपर दो हफ्ते का नया उच्च स्तर छू लिया। निवेशक बुधवार को फ़ेडरल रिज़र्व द्वारा दरों को सख्त रुख के साथ यथावत रखने की संभावनाओं को देखते हुए डॉलर की ओर लौटे हैं, जबकि अमेरिका-ईरान शांति समझौते की तत्काल उम्मीदें धुंधली पड़ने से सुरक्षित निवेश माने जाने वाले डॉलर को अतिरिक्त समर्थन मिला है। इसका आप पर असर वैश्विक केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरों में बदलाव से मुद्रा बाज़ार में उतार-चढ़ाव बढ़ता है, जिसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विदेशी मुद्रा विनिमय दरों पर पड़ता है। • मुद्रा बाज़ार के ट्रेडर: ब्याज दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि और केंद्रीय बैंक के बयानों से NZD/USD में तेज़ उतार-चढ़ाव आ सकता है। ट्रेडर 0.5600 के सपोर्ट और 0.5769 के रेजिस्टेंस स्तरों के आधार पर अपनी ट्रेडिंग रणनीतियों को तुरंत समायोजित कर सकते हैं। • अंतरराष्ट्रीय निवेशक: न्यूज़ीलैंड में ब्याज दरें 3% होने से वहां की निश्चित आय वाली संपत्तियों का प्रतिफल बढ़ जाएगा। वैश्विक निवेशक बेहतर यील्ड के लिए न्यूज़ीलैंड के बॉन्ड्स और परिसंपत्तियों में पूंजी आवंटन पर विचार कर सकते हैं। • आयात और निर्यात क्षेत्र: न्यूज़ीलैंड डॉलर में उतार-चढ़ाव से वहां के साथ व्यापार करने वाले कारोबारियों की लागत प्रभावित हो सकती है। आयातकों और निर्यातकों को मुद्रा के जोखिम से बचने के लिए समय रहते हेजिंग के विकल्प अपनाने चाहिए। • विदेशी यात्रा और पढ़ाई: न्यूज़ीलैंड में रहने या पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए मुद्रा विनिमय दर में बदलाव से खर्च प्रभावित हो सकता है। अभिभावकों और यात्रियों को ट्यूशन फीस या यात्रा खर्च के भुगतान के लिए विनिमय दर पर नज़र रखनी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ न्यूज़ीलैंड में लंबे समय से जारी उच्च मुद्रास्फीति और मजबूत श्रम बाज़ार के चलते केंद्रीय बैंक को अपनी नीतिगत दरों में लगातार बढ़ोतरी करनी पड़ रही है। • अनियंत्रित मुद्रास्फीति: देश में उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति वर्तमान में 3.7% पर बनी हुई है, जो केंद्रीय बैंक के 1% से 3% के आधिकारिक लक्ष्य दायरे से काफी अधिक है। वस्तुओं और सेवाओं की बढ़ती कीमतों पर काबू पाने के लिए मौद्रिक सख्ती जारी रखना आवश्यक हो गया है। • श्रम बाज़ार में दबाव: अर्थव्यवस्था में अधिकतम स्थायी रोज़गार के स्तर से ऊपर की मांग बने रहने से वेतन वृद्धि और लागत का दबाव बढ़ रहा है। अत्यधिक तंग श्रम बाज़ार मुद्रास्फीति को और भड़काने का जोखिम पैदा करता है, जिसे रोकने के लिए दरों को बढ़ाना पड़ता है। • आर्थिक प्रोत्साहन वापस लेना: मौद्रिक नीति समिति ने अर्थव्यवस्था से अतिरिक्त तरलता और प्रोत्साहन को हटाने का सर्वसम्मत निर्णय लिया है। नीति निर्माताओं का उद्देश्य समय रहते नियंत्रित कदम उठाकर बाद में अचानक अत्यधिक आक्रामक दर वृद्धि की स्थिति से बचना है। सवाल-जवाब 1. रिज़र्व बैंक ऑफ़ न्यूज़ीलैंड से आगामी बैठक में क्या फ़ैसला लेने की उम्मीद है? केंद्रीय बैंक द्वारा अपनी आधिकारिक नकद दर को 25 आधार अंक बढ़ाकर 2.75% से 3% करने की उम्मीद है। 2. न्यूज़ीलैंड में मुद्रास्फीति की वर्तमान दर क्या है और इसका लक्ष्य क्या है? देश में वर्तमान मुद्रास्फीति 3.7% है, जबकि केंद्रीय बैंक का आधिकारिक लक्ष्य इसे 1% से 3% के दायरे में बनाए रखना है। 3. ब्याज दरों में बढ़ोतरी का न्यूज़ीलैंड डॉलर पर क्या प्रभाव पड़ता है? उच्च ब्याज दरें अधिक प्रतिफल प्रदान करती हैं, जिससे विदेशी पूंजी आकर्षित होती है और आमतौर पर न्यूज़ीलैंड डॉलर को मजबूती मिलती है। 4. NZD/USD मुद्रा जोड़ी के लिए कौन से तकनीकी स्तर महत्वपूर्ण बने हुए हैं? इस जोड़ी के लिए 0.5748 और 0.5769 पर कड़ा प्रतिरोध है, जबकि नीचे की तरफ 0.5650 और 0.5600 प्रमुख सपोर्ट स्तर हैं। 5. क्वांटिटेटिव ईज़िंग क्या है और केंद्रीय बैंक इसका उपयोग कब करता है? यह एक असाधारण मौद्रिक उपाय है जिसमें मुद्रा छापकर बॉन्ड खरीदे जाते हैं, जिसका उपयोग सामान्य दर कटौतियों के अप्रभावी होने पर अंतिम विकल्प के रूप में किया जाता है। https://trendkia.com/market/reserve-bank-of-new-zealand-3-pratishata-kara-sakata-hai-byaja-dara-mudrasphiti-aura-vaishvika-dabavon-ke-bicha-nitigata-samiksha--52348 TrendKia — Har trend, sabse pehle.