रुपया की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए बैंक इंडोनेशिया ने बेंचमार्क ब्याज दर 5.75 प्रतिशत पर रोकी मध्य पूर्व में जारी वैश्विक तनाव और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव के बीच बैंक इंडोनेशिया ने अपनी नीतिगत दर को 5.75 प्रतिशत पर बनाए रखा है, जबकि आगे दर वृद्धि के संकेत बरकरार हैं। बैंक इंडोनेशिया ने देश की अर्थव्यवस्था और मुद्रा में स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से अपनी प्रमुख नीतिगत दर को 5.75 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया है। मई और जून के महीनों में की गई कुल 100 आधार अंकों की आक्रामक दर वृद्धि के बाद यह लगातार दूसरी बैठक है जब केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। मौद्रिक नीति समिति का यह कदम वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता, घरेलू मुद्रास्फीति की चिंताओं और आर्थिक विकास की रफ्तार को संतुलित करने के प्रयासों के तहत उठाया गया है। बैंक इंडोनेशिया ने बेंचमार्क दर 5.75 प्रतिशत पर स्थिर रखी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों को 5.75 प्रतिशत पर बनाए रखने का फैसला वित्तीय बाजार की अपेक्षाओं के पूरी तरह अनुकूल है। इससे पहले मई और जून में केंद्रीय बैंक ने मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और पूंजी प्रवाह को बनाए रखने के लिए ब्याज दरों में 100 आधार अंक यानी 1 प्रतिशत की कुल बढ़ोतरी की थी। दो लगातार बैठकों में दरों को रोकने का निर्णय यह दर्शाता है कि केंद्रीय बैंक फिलहाल पिछली बढ़ोतरी के प्रभाव का आकलन करना चाहता है। नीतिगत निर्णय के संदर्भ में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ब्याज दरों का वर्तमान स्तर घरेलू अर्थव्यवस्था में विकास की गति को समर्थन देने और मूल्य स्थिरता बनाए रखने के बीच संतुलन स्थापित करता है। इंडोनेशियाई अर्थव्यवस्था को इस समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदलती परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे केंद्रीय बैंक के लिए मौद्रिक नीति को सतर्कतापूर्वक संचालित करना अनिवार्य हो गया है। वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का प्रभाव बैंक इंडोनेशिया के अनुसार, नीतिगत दरों को स्थिर रखने की यह रणनीति मध्य पूर्व में जारी युद्ध और उसके कारण उत्पन्न वैश्विक वित्तीय अस्थिरता से स्थानीय मुद्रा रुपिया की रक्षा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मध्य पूर्व के सैन्य संघर्षों ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों और निवेशक जोखिम क्षमता को प्रभावित किया है, जिससे उभरते बाजारों की मुद्राओं पर लगातार दबाव बन रहा है। कार्यकारी गवर्नर डेस्ट्री दमयंती ने मौद्रिक परिदृश्य पर बात करते हुए संकेत दिया कि अमेरिका में ट्रेजरी यील्ड में लगातार हो रही बढ़ोतरी आगे चलकर केंद्रीय बैंक को सख्त मौद्रिक कदम उठाने पर मजबूर कर सकती है। यदि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी जारी रहती है, तो वैश्विक पूंजी प्रवाह अमेरिका की ओर मुड़ सकता है, जिससे इंडोनेशियाई रुपिया पर दबाव और अधिक बढ़ जाएगा। इंडोनेशियाई रुपिया का प्रदर्शन और विदेशी मुद्रा बाजार के हालात विदेशी मुद्रा बाजार में यूएसडी/आईडीआर विनिमय दर 0.1 प्रतिशत गिरकर 17,833 के स्तर पर पहुंच गई। जून की शुरुआत से ही रुपिया 17,650 से 18,200 के एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। हालिया स्थिरता के बावजूद, इंडोनेशियाई मुद्रा वैश्विक कच्चे तेल की दरों और वैश्विक निवेशकों के रुझान के प्रति काफी संवेदनशील बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में किसी भी तेज उछाल से इंडोनेशिया के आयात बिल में वृद्धि हो सकती है, जो सीधे तौर पर रुपिया के मूल्यह्रास का कारण बन सकता है। इसके अतिरिक्त, वैश्विक वित्तीय बाजारों में जोखिम से बचने की भावना उभरने पर विदेशी निवेशक उभरते बाजारों से अपनी पूंजी वापस खींच लेते हैं, जिससे रुपिया की विनिमय दर में गिरावट की आशंका बनी रहती है। इंडेक्स प्रदाताओं के फैसले: एफटीएसई और एमएससीआई समीक्षा इंडोनेशियाई इक्विटी बाजार के लिए एक राहत भरी खबर यह रही कि सूचकांक प्रदाता एफटीएसई ने देश के इक्विटी सूचकांक में संभावित बदलावों को दिसंबर तक के लिए टाल दिया है। इस स्थगन से इंडोनेशियाई शेयर बाजार पर अचानक बिकवाली का दबाव कम हुआ है और अल्पावधि में फ्रंटियर मार्केट श्रेणी में डिग्रेड होने का खतरा टल गया है। हालांकि, एफटीएसई सितंबर में सीमित फ्री फ्लोट वाले शेयरों के वेटेज में कटौती कर सकता है, लेकिन पूर्ण सूचकांक पुनर्गठन को रोकने से बाजार को संभलने का समय मिल गया है। दूसरी ओर, वैश्विक इंडेक्स प्रदाता एमएससीआई नवंबर के महीने में इंडोनेशिया के बाजार दर्जे की विस्तृत समीक्षा करने वाला है, जिस पर अंतरराष्ट्रीय संस्थागत निवेशकों की कड़ी नजर बनी हुई है। मौद्रिक नीति का पूर्वानुमान: 25 आधार अंक की वृद्धि की संभावना भविष्य के परिदृश्य पर नजर डालें तो इंडोनेशियाई रुपिया की विनिमय दर में स्थिरता बनाए रखना केंद्रीय बैंक की सबसे पहली प्राथमिकता है। वित्तीय बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रुपिया पर विनिमय दबाव पुनः गहराता है या देश में मुद्रास्फीति का जोखिम बढ़ता है, तो केंद्रीय बैंक को दरों में फिर से बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। वर्तमान आर्थिक संकेतों और वैश्विक बॉन्ड यील्ड के दबाव को देखते हुए, बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि वर्ष के अंत तक बैंक इंडोनेशिया अपनी बेंचमार्क दर में 25 आधार अंकों की एक और वृद्धि कर सकता है। इस संभावित बढ़ोतरी के बाद इंडोनेशिया में मुख्य नीतिगत ब्याज दर बढ़कर 6 प्रतिशत के स्तर तक पहुंच सकती है। अमेरिकी ट्रेजरी की बॉन्ड बायबैक रणनीति और यील्ड में बदलाव वैश्विक बॉन्ड बाजारों में बुधवार को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा घोषित एक बड़े फैसले ने हलचल पैदा कर दी। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने अपनी निर्धारित समयसारणी से हटकर दोपहर 12:32 जीएमटी पर तरलता सहायता बायबैक अभियानों के आकार को दोगुना करने का ऐलान किया। 10 से 20 वर्ष और 20 से 30 वर्ष की परिपक्वता अवधि वाले बॉन्ड के लिए बायबैक की अधिकतम सीमा 2 बिलियन डॉलर प्रति ऑपरेशन से बढ़ाकर कम से कम 4 बिलियन डॉलर कर दी गई है, जो 9 सितंबर से लागू होकर 4 नवंबर तक प्रभावी रहेगी। अमेरिकी सरकार के इस आकस्मिक कदम से बॉन्ड यील्ड में आई हालिया तेज उछाल को थामने में मदद मिली। हालांकि, गुरुवार को अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड मामूली सुधार के साथ 4.672 प्रतिशत पर पहुंच गई, जिससे अमेरिकी डॉलर को निचले स्तरों पर थोड़ी स्थिरता प्राप्त हुई। प्रमुख मुद्राओं, सोने और क्रिप्टो परिसंपत्तियों पर असर अमेरिकी ट्रेजरी के बायबैक फैसले के बाद अमेरिकी डॉलर पर दबाव देखा गया, जिससे प्रमुख वैश्विक मुद्राओं को समर्थन मिला। जीबीपी/यूएसडी विनिमय दर 1.3650 से अधिक के छह महीने के उच्चतम स्तर से मामूली रूप से फिसलने के बाद भी 1.3600 के स्तर से ऊपर मजबूती से टिकी हुई है। इसी तरह, ईयूआर/यूएसडी तीन महीने के उच्चतम स्तर को छूने के बाद 1.1700 के नीचे सपाट कारोबार कर रहा है। कीमती धातुओं के बाजार में, अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में आए ठहराव के कारण सोने (एक्सएयू/यूएसडी) की कीमतों में अमेरिकी कारोबारी सत्र के दौरान गिरावट दर्ज की गई। वहीं दूसरी ओर, क्रिप्टो परिसंपत्तियों में तेजी का रुख बना रहा। बिटकॉइन (बीटीसी) 70,000 डॉलर का आंकड़ा पार कर गया, एथेरियम (इथ) 2,200 डॉलर से ऊपर बना रहा, और रिपल (एक्सआरपी) सुधरकर 1.15 डॉलर के पार चला गया। इसका आप पर असर वैश्विक निवेशकों के लिए: इंडोनेशियाई नीति में स्थिरता और एफटीएसई समीक्षा में देरी से उभरते बाजारों में अल्पावधि के लिए विदेशी पूंजी का प्रवाह सुचारू बना रह सकता है। विदेशी मुद्रा व्यापार पर प्रभाव: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपिया और अन्य उभरती मुद्राओं में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, जिससे वैश्विक बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों का सीधा असर देखने को मिलेगा। सवाल-जवाब 1. बैंक इंडोनेशिया ने ब्याज दर किस स्तर पर बरकरार रखी है? केंद्रीय बैंक ने अपनी बेंचमार्क दर को 5.75 प्रतिशत पर बरकरार रखा है, जो मई और जून में की गई कुल 100 आधार अंकों की वृद्धि के बाद लगातार दूसरी बैठक में स्थिर रही। 2. इंडोनेशियाई रुपिया का हालिया विनिमय दर क्या रहा है? यूएसडी/आईडीआर विनिमय दर 0.1 प्रतिशत गिरकर 17,833 पर आ गई, जो जून की शुरुआत से 17,650 से 18,200 के दायरे में कारोबार कर रही है। 3. एफटीएसई ने सूचकांक परिवर्तनों पर क्या निर्णय लिया? एफटीएसई ने इंडोनेशियाई इक्विटी सूचकांक में बदलाव को दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दिया है, जिससे फ्रंटियर मार्केट श्रेणी में डिग्रेड होने का जोखिम फिलहाल टल गया है। 4. अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड बायबैक योजना का विवरण क्या है? अमेरिकी ट्रेजरी ने 10 से 20 वर्ष और 20 से 30 वर्ष की अवधि वाले बॉन्ड के लिए बायबैक सीमा को 2 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 बिलियन डॉलर प्रति ऑपरेशन कर दिया है, जो 9 सितंबर से 4 नवंबर तक चलेगा। 5. क्या इस साल के अंत तक इंडोनेशिया में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी हो सकती है? विश्लेषकों का अनुमान है कि यदि रुपिया पर दबाव जारी रहता है या मुद्रास्फीति का जोखिम बढ़ता है, तो वर्ष के अंत तक ब्याज दर 25 आधार अंक बढ़कर 6 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। https://trendkia.com/market/rupiah-ki-sthirata-sunishchita-karane-ke-lie-bank-indonesia-ne-benchamarka-byaja-dara-5-75-pratishata-para-roki-19165 TrendKia — Har trend, sabse pehle.