# रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के समझौते से कच्चे तेल में फिसलन, डब्ल्यूटीआई 90 डॉलर के करीब

> मॉस्को से डीजल आपूर्ति समझौते और रूस-यूक्रेन ऊर्जा संघर्ष विराम के बाद कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है, हालांकि पश्चिम एशिया में तनाव से बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-12 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/russia-aura-ukraine-ke-bicha-urja-thikanon-para-hamale-rokane-ke-samajhaute-se-kachche-tela-men-phisalana-wti-90-dolara-ke-kariba-46791 · **Language:** Hindi
**Tags:** कच्चा तेल, डब्ल्यूटीआई क्रूड, डोनाल्ड ट्रंप, रूस यूक्रेन युद्ध, सऊदी अरब, डीजल आपूर्ति, ऊर्जा बाजार, वित्त

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज हलचल देखने को मिल रही है। अमेरिकी क्रूड बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) की कीमतों में सोमवार के यूरोपीय कारोबारी सत्र के शुरुआती घंटों के दौरान दबाव देखा गया और भाव फिसलकर 90.15 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गए। बाजार में इस बिकवाली की सबसे बड़ी वजह पूर्वी यूरोप से आई एक अहम कूटनीतिक घोषणा बनी, जिसने वैश्विक ईंधन आपूर्ति में सुधार की नई उम्मीद जगा दी है।

## रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा संघर्ष विराम और डीजल आपूर्ति सौदा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया है कि यूक्रेन और रूस दोनों देशों के बीच एक दूसरे के ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर किए जाने वाले हमलों को रोकने पर सहमति बन गई है। यह कदम मॉस्को के साथ हुए एक अमेरिकी डीजल आपूर्ति समझौते के बाद सामने आया है। इस समझौते की रूपरेखा साझा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने शुक्रवार को जानकारी दी थी कि उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक अहम सहमति बनाई है, जिसके तहत रूस चरणों में डीजल की सप्लाई करेगा।

इस निर्धारित योजना के अनुसार, रूस तुरंत 300,000 टन से अधिक डीजल की आपूर्ति शुरू करेगा। इसके बाद नवंबर के महीने में 500,000 टन अतिरिक्त डीजल की खेप भेजी जाएगी। समझौते के अगले चरण में 1 मिलियन टन डीजल दिया जाएगा और उसके उपरांत 3 मिलियन टन की एक और बड़ी खेप की आपूर्ति की जाएगी। आपूर्ति में होने वाले इस इजाफे की संभावनाओं ने तेल बाजार में मौजूद उस कमी की आशंका को काफी हद तक कम कर दिया है, जो लंबे समय से कीमतों को ऊपर खींच रही थी।

## पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव और लाल सागर का संकट
हालांकि रूसी आपूर्ति समझौते ने कीमतों पर नीचे की ओर दबाव बनाया है, लेकिन पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य टकराव ने बाजार में उठापटक को बनाए रखा है। यमन के ईरान समर्थित हूतियों ने सऊदी अरब पर अपने हमले तेज कर दिए हैं। सप्ताहांत के दौरान दो जहाजों पर हमले होने की पुष्टि हुई। इस गंभीर स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने शनिवार को चेतावनी दी कि यदि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत में सहयोग नहीं करता है तो उसका अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि रियाद के मुख्य हवाई अड्डे पर हुए घातक हमले के बाद अमेरिका, यमन में तेहरान समर्थित हूतियों के खिलाफ सऊदी अरब की जवाबी सैन्य कार्रवाई में शामिल होने पर विचार कर रहा है।

समुद्री सुरक्षा मोर्चे पर, यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने रविवार को ओमान के सोहार लंगरगाह के पास हुई एक घटना को औपचारिक रूप से ड्रोन हमला घोषित किया, क्योंकि पुष्टि हुई कि एक टैंकर पर ड्रोन से सीधा प्रहार किया गया था। कॉमनवेल्थ बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के विश्लेषकों ने इस पूरे घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हूती लड़ाकों द्वारा सऊदी अरब की ऊर्जा परिसंपत्तियों पर हमले जारी रहने की संभावना है, जिससे तेल की कीमतों और अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिल सकती है।

## स्टॉकपाइल रिपोर्ट और अमेरिकी मुद्रास्फीति का दबाव
ऊर्जा व्यापारियों की नजरें अब अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट (API) द्वारा मंगलवार को जारी होने वाले कच्चे तेल के भंडार के आंकड़ों पर टिकी हैं। यदि इन्वेंट्री में उम्मीद से अधिक कमी आती है, तो यह मजबूत मांग का संकेत होगा और WTI की कीमतों को सहारा मिल सकता है। दूसरी ओर, यदि भंडार में अनुमान से अधिक बढ़ोतरी दर्ज की जाती है, तो यह कमजोर मांग या अतिरिक्त आपूर्ति को दर्शाएगा, जिससे कीमतों में और गिरावट आ सकती है।

व्यापक आर्थिक मोर्चे पर, टीडी सिक्योरिटीज के अनुसार, सितंबर में अमेरिकी मुद्रास्फीति का दबाव फिर से बढ़ा है। विश्लेषकों का अनुमान है कि हेडलाइन सीपीआई महीने-दर-महीने आधार पर 0.57% मजबूत हुआ है, जिसके पीछे गैसोलीन की कीमतों में आई 9.0% की तीव्र उछाल मुख्य वजह रही है। वित्तीय संस्थान का कहना है कि सितंबर के अधिकांश हिस्से में तेल और गैसोलीन के दाम ऊंचे रहे, जिससे ऊर्जा सीपीआई में औसतन 5.3% महीने-दर-महीने वृद्धि दर्ज होने का अनुमान है। खाद्य मुद्रास्फीति में भी मामूली वृद्धि देखी जा सकती है। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि गैसोलीन की ऊंची कीमतें हेडलाइन सीपीआई को साल-दर-साल आधार पर 2027 की शुरुआत तक उच्च स्तर पर बनाए रख सकती हैं।

## तकनीकी विश्लेषण और प्रमुख चार्ट स्तर
दैनिक चार्ट पर डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल अपने 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) से ऊपर बना हुआ है, जिससे 100 डॉलर के स्तर से हालिया गिरावट के बावजूद बाजार का व्यापक रुझान सकारात्मक बना हुआ है। भाव बोलिंगर बैंड के निचले स्तर से ऊपर लेकिन मध्य बैंड से नीचे स्थित हैं, जो हालिया उतार-चढ़ाव के दायरे में स्थिरता का संकेत देते हैं। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) लगभग 49 के स्तर पर है, जो दर्शाता है कि कीमतों की गति आक्रामक गिरावट की बजाय काफी हद तक तटस्थ हो गई है।

ऊपरी स्तरों पर, प्रारंभिक प्रतिरोध बोलिंगर मध्य बैंड के पास 91.90 डॉलर पर स्थित है, जबकि मजबूत अवरोध ऊपरी बैंड के पास 98.50 डॉलर के आसपास बना हुआ है, जो हालिया स्विंग हाई से मेल खाता है। नीचे की ओर, 90.00 डॉलर का स्तर एक नजदीकी पिवट के रूप में काम कर रहा है। इसके नीचे महत्वपूर्ण समर्थन बोलिंगर निचले बैंड पर 85.35 डॉलर और 100-दिवसीय एसएमए पर 84.10 डॉलर के पास मौजूद है, जिसे तोड़ने पर तेजी का मौजूदा रुख कमजोर पड़ सकता है और गहरी गिरावट का रास्ता खुल सकता है।

लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, सत्र के समापन पर कच्चा तेल 91.12 डॉलर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले 91.85 डॉलर के बंद भाव से 0.79% नीचे है। इसका 52-सप्ताह का दायरा 54.98 डॉलर से 119.48 डॉलर के बीच रहा है, जबकि वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत का 0.13 गुना दर्ज किया गया। लाइव तकनीकी संकेतकों में आरएसआई 49 पर है, एमएसीडी -0.30 पर है जो 0.30 के सिग्नल लाइन के मुकाबले मंदी का रुख दिखा रहा है, जबकि मूविंग एवरेज में 20 ईएमए 91.94 डॉलर, 50 ईएमए 90.23 डॉलर और 200 ईएमए 81.35 डॉलर पर है, जहां 50 ईएमए के 200 ईएमए से ऊपर रहने से गोल्डन क्रॉस और दीर्घकालिक अपट्रेंड बरकरार है। 20-दिवसीय बोलिंगर बैंड 84.29 डॉलर से 103.52 डॉलर के बीच हैं जिसका मध्य स्तर 93.90 डॉलर है। 14-दिवसीय एडीएक्स 18 के स्तर पर कमजोर ट्रेंड दिखा रहा है, जबकि स्टोकेस्टिक फास्ट लाइन 43 और सिग्नल लाइन 41 पर है। 14-दिवसीय एटीआर 4.16 डॉलर पर है, 20-दिवसीय समर्थन 86.86 डॉलर और प्रतिरोध 106.75 डॉलर के करीब है। मुख्य स्तरों में पिवट 91.12 डॉलर, प्रतिरोध आर1 92.62 डॉलर और आर2 94.13 डॉलर, तथा समर्थन एस1 89.61 डॉलर और एस2 88.11 डॉलर हैं।

## कच्चे तेल के बुनियादी घटक और बाजार की कार्यप्रणाली
डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेचे जाने वाले कच्चे तेल की एक प्रमुख किस्म है। इसका पूरा नाम वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट है, जो ब्रेंट और दुबई क्रूड के साथ तीन प्रमुख वैश्विक श्रेणियों में गिना जाता है। अपने कम घनत्व और कम सल्फर सामग्री के कारण इसे 'लाइट' और 'स्वीट' क्रूड भी कहा जाता है। यह उच्च गुणवत्ता वाला तेल माना जाता है, जिसे रिफाइन करना आसान होता है। इसका उत्पादन संयुक्त राज्य अमेरिका में होता है और वितरण कुशिंग हब के माध्यम से किया जाता है, जिसे दुनिया के पाइपलाइन चौराहे के रूप में जाना जाता है।

सभी संपत्तियों की तरह, आपूर्ति और मांग ही डब्ल्यूटीआई तेल की कीमतों के प्रमुख चालक हैं। मजबूत वैश्विक विकास मांग को बढ़ाता है जबकि मंदी से मांग घटती है। इसके अतिरिक्त, राजनीतिक अस्थिरता, युद्ध और प्रतिबंध आपूर्ति को बाधित कर कीमतों पर असर डालते हैं। तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक (OPEC) के निर्णय भी मूल्य निर्धारण में अहम भूमिका निभाते हैं। चूंकि तेल का व्यापार मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर में होता है, इसलिए अमेरिकी मुद्रा का कमजोर होना तेल को सस्ता बनाता है और इसके विपरीत मजबूत डॉलर मांग को दबा सकता है।

अमेरिकी पेट्रोलियम संस्थान (API) और ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) द्वारा प्रकाशित साप्ताहिक इन्वेंट्री रिपोर्ट बाजार की दिशा तय करने में मदद करती हैं। भंडारों में गिरावट बढ़ी हुई मांग का संकेत देती है जिससे दाम चढ़ सकते हैं, जबकि भंडार बढ़ना अतिरिक्त आपूर्ति का संकेत देता है। एपीआई की रिपोर्ट हर मंगलवार और ईआईए की रिपोर्ट उसके अगले दिन जारी होती है। ईआईए के आंकड़ों को अधिक विश्वसनीय माना जाता है क्योंकि यह एक सरकारी एजेंसी है। ओपेक 12 देशों का समूह है जो साल में दो बार उत्पादन कोटा तय करता है। उत्पादन घटाने से आपूर्ति सीमित होकर कीमतें बढ़ती हैं, जबकि उत्पादन बढ़ाने से उलट असर होता है। ओपेक प्लस (OPEC+) इस समूह का विस्तारित रूप है जिसमें रूस सहित दस गैर-ओपेक सदस्य देश शामिल हैं।

## मुद्रा बाजारों और अन्य परिसंपत्तियों की चाल
तेल के इस उतार-चढ़ाव के बीच अन्य वित्तीय संपत्तियों में भी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। छुट्टी के कारण कम लिक्विडिटी के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) सोमवार को मंदी का अंतर भरने के बावजूद एशियाई सत्र में 0.7000 के नीचे बना रहा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के बावजूद डॉलर ने वापसी की कोशिश की, जबकि नवंबर में आरबीए द्वारा दरें बढ़ाने की घटती संभावनाओं ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त को सीमित रखा।

जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) 158.00 से ऊपर सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। व्यापारियों को आशंका है कि जापानी अधिकारी मुद्रा को सहारा देने के लिए हस्तक्षेप कर सकते हैं। दूसरी ओर, सोने की कीमतों में एक सप्ताह के उच्च स्तर को छूने के बाद बिकवाली देखी गई और यह यूरोपीय सत्र में 4,200 डॉलर के नीचे फिसल गया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख ने सोने पर दबाव बनाया, जबकि रूस-यूक्रेन ऊर्जा समझौते से ईंधन की किल्लत कम होने और मुद्रास्फीति घटने की उम्मीदों ने भी सर्राफा बाजार को प्रभावित किया।

क्रिप्टोकरेंसी बाजार में, पिछले हफ्ते 2.85% के करेक्शन के बाद कार्डानो (ADA) प्रमुख समर्थन क्षेत्र से ऊपर लौटा। कॉइनग्लास पर कार्डानो का लॉन्ग-टू-शॉर्ट अनुपात 1.01 पर पहुंचने से सकारात्मक रुख दिखा। घरेलू मोर्चे पर, भारतीय रुपया (INR) डॉलर के मुकाबले तेजी से खुलने के बाद 95.80 के करीब स्थिर रहा, जिसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा डॉलर की मांग को रोकने के कदमों से राहत मिली है।

## इसका आप पर असर
कच्चे तेल में आई हालिया गिरावट से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों में तात्कालिक राहत मिल सकती है, हालांकि भू-राजनीतिक तनाव लंबी अवधि के जोखिम बनाए हुए हैं।

- **भारत में प्रभाव:** वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम 90 डॉलर के आसपास रहने से देश के आयात बिल और चालू खाता घाटे पर दबाव कुछ कम हो सकता है। यदि यह नरमी जारी रहती है, तो तेल विपणन कंपनियों की रिफाइनिंग लागत स्थिर होगी और घरेलू खुदरा ईंधन दरों में बढ़ोतरी का खतरा टल सकता है।
- **परिवहन और लॉजिस्टिक्स:** रूस से डीजल की अतिरिक्त आपूर्ति आने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में वाणिज्यिक माल ढुलाई लागत में स्थिरता देखने को मिल सकती है। लंबी दूरी के ट्रांसपोर्टरों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए ईंधन खर्च सीमित रहने से दैनिक आपूर्ति शृंखला पर लागत का दबाव कम होगा।
- **वैश्विक मुद्रास्फीति:** सितंबर में ईंधन महंगा होने से अमेरिकी महंगाई 0.57% बढ़ी थी, लेकिन नई आपूर्ति से इसमें नरमी आ सकती है। यदि ऊर्जा लागत घटती है, तो केंद्रीय बैंकों पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव घटेगा जिससे वैश्विक वित्तीय बाजारों को राहत मिलेगी।
- **ऊर्जा निवेशकों के लिए:** तेल की कीमतों में 90 डॉलर के पिवट स्तर के आसपास उतार-चढ़ाव रहने से डेरिवेटिव ट्रेडर्स को सख्त स्टॉप-लॉस बनाए रखने की आवश्यकता होगी। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य हमलों के कारण किसी भी समय आपूर्ति बाधा की नई लहर कीमतों को दोबारा उछाल सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
कच्चे तेल की कीमतों में आई यह गिरावट सीधे तौर पर पूर्वी यूरोप में ऊर्जा युद्धविराम और अमेरिका-रूस ईंधन आपूर्ति समझौते के कारण शुरू हुई है, जिसने वैश्विक आपूर्ति बढ़ने की उम्मीदें जगाई हैं।

- **डीजल आपूर्ति समझौता:** अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच चरणों में रूसी डीजल सप्लाई करने का समझौता हुआ है। इसके तहत तुरंत 300,000 टन से अधिक और बाद में लाखों टन ईंधन बाजार में आने से वैश्विक किल्लत कम होने की उम्मीद बंधी है।
- **ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की सहमति:** रूस और यूक्रेन द्वारा एक-दूसरे के रिफाइनरी और बिजली बुनियादी ढांचे पर हवाई हमले रोकने की घोषणा ने आपूर्ति बाधित होने के जोखिम को घटा दिया है। इस कूटनीतिक प्रगति ने रिफाइनरियों के सुरक्षित संचालन का भरोसा दिया है।
- **पश्चिम एशिया का प्रतिसंतुलन:** दूसरी ओर, यमन के हूतियों द्वारा सऊदी अरब और समुद्री तेल टैंकरों पर किए गए हमलों ने कीमतों को एकतरफा गिरने से रोका है। अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा जवाबी कार्रवाई के संकेतों ने बाजार में भू-राजनीतिक अनिश्चितता का प्रीमियम बनाए रखा है।

## सवाल-जवाब

### 1. डब्ल्यूटीआई कच्चे तेल की कीमत में ताजा गिरावट क्यों आई?
रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के समझौते और मॉस्को से डीजल आपूर्ति के नए सौदे के बाद कीमतों में कमी आई है।

### 2. रूस से डीजल आपूर्ति समझौते की मुख्य शर्तें क्या हैं?
रूस तुरंत 300,000 टन से अधिक डीजल देगा, इसके बाद नवंबर में 500,000 टन, फिर 1 मिलियन टन और अंत में 3 मिलियन टन अतिरिक्त आपूर्ति की जाएगी।

### 3. पश्चिम एशिया में क्या ताजा घटनाएं घटी हैं?
यमन के हूतियों ने सऊदी अरब पर हमले तेज किए हैं और दो जहाजों पर हमले हुए हैं, जिसमें ओमान के पास एक टैंकर पर ड्रोन हमला भी शामिल है।

### 4. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को क्या चेतावनी दी?
ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान वार्ता में अमेरिका के साथ सहयोग नहीं करता है तो उसका अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।

### 5. डब्ल्यूटीआई के लिए प्रमुख तकनीकी स्तर कौन से हैं?
प्रारंभिक प्रतिरोध 91.90 डॉलर और 98.50 डॉलर पर है, जबकि नीचे की ओर 90.00 डॉलर का पिवट और 85.35 डॉलर तथा 84.10 डॉलर पर समर्थन मौजूद है।

### 6. सितंबर में अमेरिकी मुद्रास्फीति पर तेल की कीमतों का क्या असर पड़ा?
टीडी सिक्योरिटीज के अनुसार, गैसोलीन में 9.0% की उछाल के चलते सितंबर में हेडलाइन सीपीआई बढ़कर 0.57% महीने-दर-महीने दर्ज होने का अनुमान है।

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