समुद्री माल ढुलाई के बढ़े दाम अमेरिकी खुदरा बाजारों में महंगाई भड़का सकते हैं, फेडरल रिजर्व की ब्याज दर योजनाओं पर उठे सवाल एशिया से माल ढुलाई लागत चौगुनी होने से अमेरिकी स्टोर्स में खुदरा सामान महंगा हो सकता है। यह स्थिति फेडरल रिजर्व के उन अनुमानों को चुनौती दे रही है, जिनमें 2027 तक नीतिगत दरों को स्थिर रखने की उम्मीद जताई गई थी। अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर माल ढुलाई के खर्च में आए तेज उछाल का असर आने वाले महीनों में अमेरिकी खुदरा दुकानों पर दिखाई दे सकता है। यह स्थिति केंद्रीय बैंक की ब्याज दर योजनाओं के सामने एक गंभीर चुनौती बनकर खड़ी हो रही है। फेडरल रिजर्व ने अपने प्रमुख संदर्भ उधार दर को 2027 तक अपरिवर्तित रखने का अनुमान जताया था। हालांकि, विभिन्न अंतरराष्ट्रीय आर्थिक विश्लेषण बताते हैं कि कंटेनर परिवहन की लागत खुदरा वस्तुओं की अंतिम कीमत तक पहुंचने में समय लेती है। जब तक यह असर चरम पर पहुंचेगा, तब तक केंद्रीय बैंक के शांत मुद्रास्फीति के पूर्वानुमान की परीक्षा हो सकती है। फरवरी के अंतिम दिनों में ईरान के साथ शुरू हुए युद्ध के बाद से एशिया से अमेरिकी बंदरगाहों तक माल मंगाने का खर्च पहले के मुकाबले चार गुना से भी अधिक बढ़ चुका है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अध्ययनों के अनुसार, ढुलाई लागत में इस तरह की तेज वृद्धि का सबसे व्यापक असर करीब एक साल बाद यानी 2027 के दौरान उपभोक्ताओं की जेब पर महसूस किया जाता है। फेडरल रिजर्व के अनुमान और वित्तीय बाजारों की सोच में बड़ा अंतर वित्तीय बाजारों में वायदा सौदों के आधार पर ब्याज दरों की संभावना मापने वाले सीएमई फेडवॉच के आंकड़े केंद्रीय बैंक के अधिकारियों के आधिकारिक नजरिए से काफी अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं। फेडवॉच के संकेतकों के अनुसार जून 2027 तक अमेरिकी संदर्भ दर के 4.50% से 4.75% की सीमा तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। वर्तमान में यह दर 3.75% से 4.00% के दायरे में स्थित है। इसका सीधा अर्थ यह निकलता है कि बाजार मौजूदा स्तर से पच्चीस आधार अंकों की कम से कम तीन और बढ़ोतरी का जोखिम देख रहा है। यह अनुमान उन 18 फेडरल रिजर्व नीति निर्माताओं द्वारा दिए गए उच्चतम अनुमान से भी आगे निकल चुका है, जिन्होंने अपनी व्यक्तिगत आर्थिक भविष्यवाणियां प्रस्तुत की थीं। कारोबारियों ने 21 सितंबर तक 2027 के अंत में दर कटौती की जो संभावनाएं तय कर रखी थीं, उन्हें अब पूरी तरह हटा दिया गया है। ऐसे में बाजार विश्लेषक यह मान रहे हैं कि नीति निर्माताओं का स्थिरता वाला अनुमान गलत साबित हो सकता है। आयातित सामान के दाम और खुदरा मुद्रास्फीति का फासला श्रम सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा जारी हालिया आंकड़ों के मुताबिक, ईंधन को छोड़कर आयातित सामानों के दामों में अगस्त तक समाप्त हुए वर्ष के दौरान 5.5% की तेज बढ़त दर्ज की गई। मई 2022 के बाद से यह आयात लागत में सबसे तेज सालाना उछाल है। हालांकि, यह सूचकांक केवल परिवहन खर्च पर निर्भर नहीं है, क्योंकि इसमें ढुलाई शुल्क के साथ और उसके बिना तय की गई कीमतें शामिल होती हैं। साथ ही डॉलर के उतार-चढ़ाव और आयात शुल्कों का दबाव भी इस आंकड़े को प्रभावित करता है। इसके विपरीत, सामान्य खुदरा स्तर पर अभी यह तनाव पूरी तरह नहीं झलका है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के तहत खाद्य और ऊर्जा मदों को अलग रखने पर अन्य सभी वस्तुओं की कीमतों में समान अवधि के दौरान मात्र 0.7% की मामूली बढ़ोतरी देखी गई है। केंद्रीय बैंक की 2027 संबंधी नीतियां इस धारणा पर टिकी हैं कि इन वस्तुओं के मूल्य नियंत्रित रहेंगे, जबकि भारी लागत वाला अधिकांश सामान अभी भी समुद्री जहाजों पर रास्ते में है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का शोध और कीमतों पर असर की समयसीमा वैश्विक व्यापार में ढुलाई भाड़े के असर को समझने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने 143 अलग-अलग देशों के 30 वर्षों के ऐतिहासिक आंकड़ों का विश्लेषण किया है। इस शोध से स्पष्ट हुआ कि कंटेनर शिपिंग लागत बढ़ने के दो महीने के भीतर आयात मूल्य में वृद्धि दिखने लगती है। खुदरा दुकानों तक इस असर को पूरी तरह पहुंचने में लगभग एक वर्ष लग जाता है। मूल्य वृद्धि का यह प्रभाव 12 महीने बाद अपने चरम पर पहुंचता है और इसका असर 18 महीने तक खिंच सकता है। ईंधन उत्पादों में यह स्थानांतरण बेहद तेज गति से होता है, जिसके चलते अगस्त तक बीते एक साल में गैसोलीन 27.4% महंगा हो चुका है। हालांकि, सऊदी अरब द्वारा 22 सितंबर को लाल सागर तक जाने वाली अपनी मुख्य पाइपलाइन फिर से चालू किए जाने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में कुछ नरमी आई है। कंटेनर भाड़े में रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंचा उछाल माल ढुलाई दरों पर नजर रखने वाली एजेंसी जेनेटा के अनुसार, 17 सितंबर को एशिया से अमेरिकी पूर्वी तट तक 40 फुट का कंटेनर ले जाने का किराया फरवरी के अंतिम हिस्से की तुलना में 325% ऊपर पहुंच गया था। यह स्तर पूर्वी तट के लिए 1 जनवरी 2022 को बने सर्वकालिक रिकॉर्ड से मात्र 11% ही नीचे था। वहीं ड्रूरी की वैश्विक व्यापार रिपोर्ट के अनुसार आठ प्रमुख पूर्व-पश्चिम समुद्री मार्गों पर कंटेनर ढुलाई का औसत भाड़ा पिछले तीन हफ्तों से 4.5 हजार डॉलर प्रति कंटेनर के आसपास स्थिर बना हुआ है। कोयला, अनाज और लौह अयस्क जैसी खुली सामग्रियों के परिवहन पर केंद्रित बाल्टिक ड्राई इंडेक्स भी फरवरी के अंतिम दिनों के मुकाबले लगभग 70% चढ़ चुका है। मुद्रा कोष के सामान्य नियम के मुताबिक ढुलाई दर दोगुनी होने पर महंगाई में करीब 0.7 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी होती है, जिसके तहत अध्ययन किए गए देशों में यह प्रभाव लगभग आधे प्रतिशत अंक के बराबर माना गया है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर प्रभाव और दरों का अगला गणित घरेलू स्तर पर वस्तुओं का अधिक उत्पादन करने वाली विशाल अर्थव्यवस्थाओं पर वैश्विक माल ढुलाई लागत का प्रभाव अपेक्षाकृत सीमित रहता है। इस लिहाज से अमेरिकी खुदरा बाजार पर इसका दबाव एक प्रतिशत अंक के कुछ दसवें हिस्से जितना ही रहने का अनुमान है। हालांकि इतना मामूली असर भी अतिरिक्त दरों में दो बढ़ोतरी को अपने आप में पूरी तरह उचित नहीं ठहरा सकता, लेकिन यह 2027 तक महंगाई के स्वतः शांत होने के केंद्रीय बैंक के रुख को सवालों के घेरे में जरूर डालता है। फेडवॉच के अनुसार 28 अक्टूबर को होने वाली फेड बैठक में ब्याज दर में एक और वृद्धि की 55.36% संभावना दिखाई दे रही है। इसके साथ ही 9 दिसंबर तक कम से कम एक दर वृद्धि तय मानी जा रही है, जो 2026 के लिए अधिकारियों के औसत अनुमान के अनुकूल बैठती है। अठारह में से सत्रह नीति निर्माताओं ने स्वीकार किया है कि मुद्रास्फीति अनुमानों में जोखिम ऊपर की ओर झुका हुआ है, जबकि केवल चार सदस्यों ने 2027 के दौरान दर में किसी कटौती का संकेत दिया है। इसके अलावा अधिकारियों ने तटस्थ दर के अपने आकलन को भी 3.06% से बढ़ाकर 3.25% कर दिया है। चीन की छुट्टियां और आगामी महत्वपूर्ण आंकड़े फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श ने 16 सितंबर को सार्वजनिक रूप से यह रेखांकित किया था कि फेड ऊर्जा से जुड़े शुरुआती झटके को नहीं रोक सकता, लेकिन उसकी बुनियादी जिम्मेदारी इसे अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों में फैलने से रोकने की है। ऐसे में शिपिंग शुल्क वह मुख्य माध्यम बन रहा है जिसके जरिए संघर्ष की तपिश गैर-ऊर्जा सामानों तक पहुंच सकती है। इस दिशा में पहला बड़ा इम्तिहान अक्टूबर की शुरुआत में चीन की छुट्टियों के दौरान देखने को मिलेगा। जेनेटा का मानना है कि इन छुट्टियों से पहले कंटेनर दरों में एक अंतिम उछाल आ सकता है, जिसके बाद कीमतों में मामूली राहत संभव है। इसके तुरंत बाद श्रम सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा 14 अक्टूबर को उपभोक्ता मूल्य, 15 अक्टूबर को उत्पादक मूल्य और 16 अक्टूबर को आयात मूल्य के आंकड़े जारी किए जाएंगे, जिसके बाद 27 और 28 अक्टूबर को फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की बैठक होगी। यदि आगामी सर्दियों में सीपीआई गैर-ऊर्जा सामानों की दर 0.7% से ऊपर उठती है, तो सितंबर 2027 तक चौथी दर वृद्धि की संभावना वर्तमान 23.65% से आगे बढ़ सकती है। अन्य वैश्विक वित्तीय बाजारों और मुद्राओं की चाल वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और अमेरिकी मौद्रिक रुख का असर अन्य संपत्तियों पर भी व्यापक रूप से देखा जा रहा है। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान बुधवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दबाव में आकर 0.7100 के स्तर का परीक्षण करता दिखा। ऑस्ट्रेलिया के पीएमआई आंकड़ों में विनिर्माण क्षेत्र में गिरावट और सेवा क्षेत्र में लगातार दूसरे महीने सुस्त विस्तार दर्ज हुआ। इसके अलावा डॉलर की व्यापक मजबूती ने भी इस मुद्रा जोड़ी पर दबाव बनाए रखा, जबकि बाजार ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच गुरुवार को होने वाली बैठक की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वहीं डॉलर के मुकाबले जापानी येन 157.00 के मध्य स्तर पर कारोबार करता रहा, जो पिछले शुक्रवार को छुए दो सप्ताह के उच्च स्तर के करीब है। बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी अल्पकालिक ब्याज दर को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% करने के बावजूद नीतिगत रुख को लेकर बने ढीले संकेतों ने येन को कमजोर बनाए रखा है। अमेरिकी मुद्रा बाजार की मजबूती और मजबूत डॉलर के कारण बुधवार को सोने की कीमतों में भी तेज गिरावट आई और यह धातु 4,300 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के नीचे फिसलकर साप्ताहिक निचले स्तर पर आ गई। इसका आप पर असर अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर ढुलाई लागत में कई गुना बढ़ोतरी का सीधा प्रभाव आने वाले महीनों में वैश्विक व्यापार और रोजमर्रा की उपभोक्ता वस्तुओं के दामों पर पड़ने जा रहा है। • भारत में: विदेशी बाजारों में शिपिंग भाड़ा बढ़ने से भारत से निर्यात होने वाले सामानों की परिवहन लागत बढ़ सकती है। इसके कारण अमेरिका और पश्चिमी देशों को भेजे जाने वाले भारतीय उत्पादों के ऑर्डर्स और मार्जिन पर असर देखने को मिल सकता है। • वैश्विक उपभोक्ताओं पर: एशिया से अमेरिका जाने वाले कंटेनरों के महंगे होने से खुदरा दुकानों पर कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और खिलौनों जैसी गैर-ऊर्जा वस्तुओं की कीमतें बढ़ेंगी। खरीदारों को अगले साल के दौरान स्टोर्स में विभिन्न सामानों के लिए अधिक खर्च करना पड़ सकता है। • ऋण और ईएमआई: यदि माल ढुलाई से उपजी महंगाई के कारण केंद्रीय बैंक दरों में और बढ़ोतरी करते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उधारी की लागत ऊंची बनी रहेगी। इससे गृह ऋण, वाहन ऋण और कॉरपोरेट क्रेडिट पर ब्याज दरों में कटौती की संभावना काफी आगे खिसक जाएगी। • निवेशकों और बाजारों पर: दर कटौती की उम्मीदें घटने और डॉलर के मजबूत होने से शेयर बाजारों और बुलियन संपत्तियों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। निवेशकों को आने वाले महीनों में मुद्रा बाजार के आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों के बयानों पर कड़ी नजर रखनी होगी। ऐसा क्यों हुआ समुद्री माल ढुलाई के खर्च में यह तेज उछाल मुख्य रूप से मध्य पूर्व में शुरू हुए भू-राजनीतिक संघर्ष और समुद्री मार्गों में पैदा हुए व्यवधानों का परिणाम है। • सैन्य संघर्ष और लाल सागर का संकट: फरवरी के अंतिम दौर में ईरान के साथ शुरू हुए युद्ध ने प्रमुख समुद्री व्यापार गलियारों में आवाजाही को गंभीर रूप से बाधित कर दिया है। मालवाहक जहाजों को सुरक्षित गंतव्यों तक पहुंचने के लिए लंबे और महंगे चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे यात्रा खर्च कई गुना बढ़ गया है। • सप्लाई चेन में समय का अंतर: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अध्ययनों से पता चलता है कि शिपिंग लागत का असर तत्काल खुदरा बाजार में नहीं दिखता बल्कि एक साल बाद चरम पर पहुंचता है। कंपनियां शुरुआती महीनों में अनुबंधों के तहत कीमतें नियंत्रित रखती हैं, लेकिन नए माल के आने पर बढ़ी हुई ढुलाई दरें सीधे उपभोक्ताओं पर डाली जाती हैं। • कच्चे माल और ईंधन की शुरुआती चाल: युद्ध की शुरुआत में ऊर्जा की कीमतों में तेज वृद्धि हुई थी जिससे परिवहन कंपनियां ईंधन अधिभार बढ़ाने के लिए विवश हुईं। हालांकि बाद में पाइपलाइन फिर से चालू होने से तेल की कीमतें कुछ स्थिर हुईं, लेकिन कंटेनर दरों का दबाव रिकॉर्ड ऊंचाइयों के करीब बना हुआ है। सवाल-जवाब 1. एशिया से अमेरिका तक कंटेनर ढुलाई का खर्च कितना बढ़ चुका है? फरवरी के अंत में शुरू हुए ईरान संघर्ष के बाद से एशिया से अमेरिकी बंदरगाहों तक 40 फुट के कंटेनर की ढुलाई का खर्च 325% से अधिक बढ़ चुका है, जो पहले की तुलना में चार गुना से अधिक है। 2. शिपिंग लागत में बढ़ोतरी का असर खुदरा कीमतों पर कब सबसे ज्यादा दिखता है? अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के शोध के अनुसार, माल ढुलाई लागत का चरम असर लगभग 12 महीने बाद दिखाई देता है और इसका प्रभाव 18 महीने तक बना रह सकता है। 3. सीएमई फेडवॉच के अनुसार जून 2027 तक फेडरल रिजर्व की दरें कहां पहुंच सकती हैं? फेडवॉच के अनुमानों के मुताबिक जून 2027 तक संदर्भ ब्याज दरें वर्तमान 3.75-4.00% से बढ़कर 4.50-4.75% की सीमा में जा सकती हैं। 4. अगस्त तक बीते एक वर्ष में गैर-ईंधन आयातित वस्तुओं के दामों में कितनी वृद्धि हुई? श्रम सांख्यिकी ब्यूरो के अनुसार, अगस्त तक समाप्त हुए वर्ष के दौरान गैर-ईंधन आयातित वस्तुओं के दामों में 5.5% की वृद्धि दर्ज की गई। 5. फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श ने तेल के झटके को लेकर क्या कहा था? केविन वार्श ने 16 सितंबर को कहा था कि फेड तेल के शुरुआती झटके को नहीं रोक सकता, लेकिन इसे अर्थव्यवस्था में अन्यत्र फैलने से रोकना उसका काम है। 6. बैंक ऑफ जापान ने अपनी ब्याज दरों में हाल ही में क्या बदलाव किया है? बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। https://trendkia.com/market/samudri-mala-dhulai-ke-barhe-dama-us-khudara-bajaron-men-mahngai-bharaka-sakate-hain-federal-reserve-ki-byaja-dara-yojanaon-para-u-37314 TrendKia — Har trend, sabse pehle.