सप्ताह के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव, प्रमुख सूचकांक लुढ़के सोमवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई, जहां निफ्टी की अधिकांश दिग्गज कंपनियों के शेयरों ने लाल निशान में कारोबार शुरू किया। भारतीय शेयर बाजार के लिए हफ्ते का पहला दिन सुस्त और दबाव भरा साबित हुआ। कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। शुक्रवार को आई तेजी के बाद 28 सितंबर 2026 की सुबह निवेशकों का मिजाज बदला हुआ नजर आया और बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ खुले। सिर्फ कुछ चुनिंदा सॉफ्टवेयर कंपनियों को छोड़कर बैंकिंग, फाइनेंस और टेलीकॉम जैसे बड़े सेक्टर्स के स्टॉक्स में शुरुआत से ही कमजोरी दर्ज की गई। शुरुआती घंटी बजते ही प्रमुख सूचकांकों में फिसलन दलाल स्ट्रीट पर सुबह के कारोबार में प्रमुख सूचकांक लाल निशान में चले गए। बीएसई का मानक सूचकांक सेंसेक्स 160.91 अंकों यानी 0.22 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज करते हुए 73,734.83 के स्तर पर खुला। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 50 भी शुरुआती घंटी के साथ 75.60 अंकों यानी 0.33 प्रतिशत के नुकसान में आ गया और इसने 23,064.90 के स्तर से अपने सौदों की शुरुआत की। शुक्रवार के पिछले कारोबारी सत्र में दोनों सूचकांकों ने अच्छी बढ़त के साथ हरे निशान में समाप्ति की थी, लेकिन वह तेजी नए हफ्ते में बरकरार नहीं रह सकी। निफ्टी और सेंसेक्स के अधिकांश स्टॉक्स पर बिकवाली का असर बाजार की चाल का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रमुख बेंचमार्क निफ्टी 50 की 50 सूचीबद्ध कंपनियों में से केवल 4 शेयर ही बढ़त हासिल करने में कामयाब रहे। शेष 46 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार करते दिखे। यही हाल बीएसई सेंसेक्स का भी रहा, जहां इसके 30 प्रमुख शेयरों में से मात्र 2 स्टॉक्स ही बढ़त के साथ खुले, जबकि 28 स्टॉक्स में शुरुआती बिकवाली का दबाव देखा गया। आईटी दिग्गजों ने संभाला मोर्चा, एनबीएफसी में सबसे ज्यादा गिरावट सेंसेक्स की चुनिंदा कंपनियों में केवल दो सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों ने बढ़त के साथ सत्र का आगाज किया। देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सेवा प्रदाता कंपनी टीसीएस के शेयर 0.28 प्रतिशत चढ़कर खुले, जो सेंसेक्स में उस वक्त का सबसे बड़ा उछाल था। इसके अलावा टेक महिंद्रा के शेयरों में 0.03 प्रतिशत की मामूली बढ़त देखी गई। इसके विपरीत, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी बजाज फाइनेंस में सबसे तगड़ा झटका लगा और इसका शेयर 1.12 प्रतिशत टूटकर सत्र की शुरुआत करता नजर आया। बैंकिंग, ऑटो और टेलीकॉम शेयरों में गिरावट का ब्योरा सेंसेक्स की अन्य कंपनियों में भी बिकवाली का स्पष्ट असर देखा गया। प्रमुख निजी बैंक एचडीएफसी बैंक 1.06 प्रतिशत के नुकसान के साथ खुला, जबकि टेलीकॉम दिग्गज भारती एयरटेल में 0.98 प्रतिशत की सुस्ती रही। बजाज फिनसर्व के शेयर 0.94 प्रतिशत गिरे, वहीं टाइटन ने 0.89 प्रतिशत की कमजोरी दिखाई। इसके साथ ही एफएमसीजी दिग्गज हिंदुस्तान यूनिलीवर, इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी एलएंडटी तथा वाहन निर्माता महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में 0.88-0.88 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। कोटक महिंद्रा बैंक 0.84 प्रतिशत और आईसीआईसीआई बैंक 0.83 प्रतिशत फिसले। अन्य महत्वपूर्ण शेयरों में एशियन पेंट्स, एविएशन कंपनी इंडिगो और दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज प्रत्येक में 0.78 प्रतिशत की सुस्ती देखी गई। खुदरा क्षेत्र की ट्रेंट में 0.71 प्रतिशत, एचसीएल टेक में 0.70 प्रतिशत, मारुति सुजुकी व पावर ग्रिड में 0.67-0.67 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा एटरनल 0.61 प्रतिशत, बीईएल 0.59 प्रतिशत, एनटीपीसी 0.46 प्रतिशत तथा एसबीआई 0.45 प्रतिशत की कमजोरी लेकर खुले। सरकारी व निजी क्षेत्र के एक्सिस बैंक में 0.36 प्रतिशत, आईटीसी में 0.32 प्रतिशत, इन्फोसिस में 0.20 प्रतिशत, अल्ट्राटेक सीमेंट में 0.11 प्रतिशत, सन फार्मा व टाटा स्टील दोनों में 0.08-0.08 प्रतिशत और अडाणी पोर्ट्स में 0.07 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसका आप पर असर सोमवार के कारोबारी सत्र में बाजार की कमजोर शुरुआत का सीधा असर खुदरा निवेशकों और ट्रेडर्स के पोर्टफोलियो पर पड़ता है। • इक्विटी निवेशक: आपके डीमैट पोर्टफोलियो में शामिल बैंकिंग और लार्ज-कैप कंपनियों के मूल्यांकन में शुरुआती गिरावट देखने को मिल सकती है। लंबी अवधि के निवेशक घबराने के बजाय बाजार के स्थिर होने का इंतजार कर सकते हैं। • डे ट्रेडर्स: सूचकांकों के लाल निशान में खुलने से सुबह के सत्र में बिकवाली के सौदों की मांग बढ़ सकती है। स्टॉप-लॉस का कड़ाई से पालन करके जोखिम प्रबंधन करना जरूरी होगा। • म्यूचुअल फंड निवेशक: इंडेक्स फंड और इक्विटी योजनाओं की नेट एसेट वैल्यू (एनएवी) पर इस गिरावट का तात्कालिक असर पड़ सकता है। व्यवस्थित निवेश योजना (एसआईपी) जारी रखने वाले निवेशकों के लिए नियमित खरीद का अवसर बना रहता है। • आईटी क्षेत्र के निवेशक: सॉफ्टवेयर कंपनियों में हल्की मजबूती के संकेत मिलने से टेक आधारित शेयरों में स्थिरता दिख सकती है। अन्य भारी गिरावट वाले सेक्टर्स की तुलना में इसमें सीमित दबाव देखा जा सकता है। ऐसा क्यों हुआ शुक्रवार को आई तेजी के बाद नए हफ्ते के पहले दिन प्रमुख सूचकांकों में मुनाफावसूली और कमजोर बाजार धारणा के चलते यह फिसलन देखने को मिली। • वित्तीय शेयरों पर दबाव: बजाज फाइनेंस और एचडीएफसी बैंक जैसे बड़े वेटेज वाले शेयरों में शुरुआती तेज गिरावट ने पूरे सूचकांक को नीचे खींच लिया। भारी भरकम वित्तीय संस्थाओं की सुस्ती से समग्र बाजार धारणा कमजोर पड़ गई। • व्यापक स्तर पर मुनाफावसूली: पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन दर्ज हुई बढ़त के बाद निवेशकों ने मुनाफा समेटने को प्राथमिकता दी। इसके परिणामस्वरूप 50 में से 46 निफ्टी शेयरों में बिकवाली दर्ज की गई। • सीमित समर्थन: केवल टीसीएस और टेक महिंद्रा जैसी चुनिंदा आईटी कंपनियों में मामूली खरीदारी देखने को मिली। बाकी 28 सेंसेक्स शेयरों के लाल निशान में होने के कारण बाजार को संभलने का सहारा नहीं मिल सका। सवाल-जवाब 1. सोमवार, 28 सितंबर 2026 को सेंसेक्स कितने अंकों पर खुला? बीएसई सेंसेक्स 160.91 अंकों यानी 0.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,734.83 के स्तर पर खुला। 2. निफ्टी 50 में शुरुआती सत्र के दौरान कितनी गिरावट दर्ज की गई? एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स 75.60 अंक (0.33 प्रतिशत) फिसलकर 23,064.90 अंकों पर खुला। 3. निफ्टी की कितनी कंपनियां हरे निशान में और कितनी लाल निशान में खुलीं? निफ्टी 50 की कुल 50 कंपनियों में से केवल 4 कंपनियां बढ़त के साथ हरे निशान में खुलीं, जबकि 46 कंपनियां गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार करती दिखीं। 4. सेंसेक्स में किस शेयर ने सबसे अधिक बढ़त और किसमें सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की? टीसीएस का शेयर सबसे अधिक 0.28 प्रतिशत की बढ़त लेकर खुला, जबकि बजाज फाइनेंस का शेयर 1.12 प्रतिशत के सबसे बड़े नुकसान के साथ खुला। https://trendkia.com/market/saptaha-ke-pahale-karobari-dina-sheyara-bajara-men-bikavali-ka-dabava-pramukha-suchakanka-lurhake-40747 TrendKia — 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