सप्ताह की शुरुआत में चांदी 66.35 डॉलर के पास सीमित दायरे में, पश्चिम एशिया संकट और अमेरिकी ब्याज दरों पर नजर एशियाई कारोबारी सत्र में चांदी 66.35 डॉलर प्रति औंस के आसपास सीमित दायरे में टिकी रही। निवेशक तेल आपूर्ति से जुड़े पश्चिम एशिया के घटनाक्रम और अमेरिकी ब्याज दर परिदृश्य पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कारोबारी सप्ताह के पहले दिन चांदी की कीमतों में एक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा रहा है। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान चांदी 66.35 डॉलर प्रति औंस के स्तर के आसपास स्थिरता के साथ कारोबार करती नजर आई। बाजार में फिलहाल किसी बड़े एकतरफा रुझान की जगह ठहराव देखा जा रहा है, क्योंकि निवेशक व्यापक वैश्विक संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। कच्चे तेल की आपूर्ति और भू-राजनीतिक चिंताएं कीमती धातुओं के बाजार पर इस समय पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों का सीधा असर दिखाई दे रहा है। वहां तेल आपूर्ति को लेकर उत्पन्न चिंताओं ने ऊर्जा बाजार के साथ-साथ कीमती धातुओं के कारोबारियों को भी सतर्क कर दिया है। जब भी भू-राजनीतिक तनाव गहराता है या ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंका बनती है, तो सुरक्षित निवेश और औद्योगिक धातुओं दोनों के समीकरण प्रभावित होते हैं। चांदी एक सुरक्षित निवेश होने के साथ-साथ एक अहम औद्योगिक धातु भी है, जिस वजह से वैश्विक आपूर्ति बाधाओं का असर इस पर दोनों तरह से पड़ता है। अमेरिकी ब्याज दरों और आर्थिक आंकड़ों का रुख चांदी की दिशा तय करने में अमेरिकी ब्याज दर परिदृश्य बेहद अहम बना हुआ है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर बाजार की उम्मीदें डॉलर और कीमती धातुओं को लगातार प्रभावित कर रही हैं। इससे पहले भी अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी मुद्रास्फीति आंकड़ों और गैर-कृषि पेरोल रिपोर्ट जैसे प्रमुख आर्थिक ट्रिगर्स से पहले चांदी में सीमित दायरे में कारोबार देखा गया था। हाल के हफ्तों में तकनीकी स्तरों पर 100-दिवसीय सरल मूविंग एवरेज के आसपास दबाव और 21-दिवसीय एसएमए को पार करने की कोशिशों के बीच गति धीमी पड़ी है, जिससे धातु एक दायरे में फंस गई है। व्यापारियों की रणनीति और आगे का तकनीकी परिदृश्य मौजूदा स्तर पर निवेशक आक्रामक सौदे करने से बच रहे हैं। जब तक अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों या पश्चिम एशिया से आपूर्ति को लेकर स्पष्ट संकेत नहीं मिलते, तब तक 66.35 डॉलर के आसपास का यह कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। अमेरिकी डॉलर की चाल भी कीमती धातुओं के लिए महत्वपूर्ण कारक रहेगी, क्योंकि डॉलर में किसी भी नरमी या मजबूती का सीधा असर चांदी की मांग पर पड़ता है। इसका आप पर असर चांदी की कीमतों में ठहराव का असर खुदरा खरीदारों और घरेलू कमोडिटी निवेशकों पर सीधे तौर पर दिखाई देगा। • खुदरा आभूषण और बर्तन खरीदारों पर: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों के स्थिर रहने से घरेलू बाजारों में चांदी के गहनों और सिक्कों के भाव अचानक नहीं बढ़ेंगे। अगर आप आने वाले त्योहारों या वैवाहिक सीजन के लिए चांदी की खरीदारी की योजना बना रहे हैं, तो मौजूदा ठहराव कीमतों पर नजर रखने का अच्छा मौका है। • घरेलू कमोडिटी कारोबारियों पर: एमसीएक्स पर चांदी में उतार-चढ़ाव सीमित रह सकता है जब तक कि कोई बड़ा वैश्विक ट्रिगर न आए। सक्रिय ट्रेडर बड़े दांव लगाने से बच सकते हैं और नए तकनीकी स्तर टूटने का इंतजार कर सकते हैं। • ईटीएफ और म्यूचुअल फंड निवेशकों पर: चांदी से जुड़े ईटीएफ में निवेश करने वालों के लिए पोर्टफोलियो में ज्यादा अस्थिरता नहीं दिखेगी। लंबी अवधि के एसआईपी निवेशकों को अपनी रणनीति बदलने की जरूरत नहीं है और वे नियमित निवेश जारी रख सकते हैं। • औद्योगिक मांग से जुड़े व्यवसायों पर: इलेक्ट्रॉनिक्स और सौर ऊर्जा उपकरणों के निर्माताओं को कच्चे माल की लागत का सटीक अनुमान लगाने में मदद मिलेगी। कीमतों में स्थिरता से अल्पकालिक बजटिंग और इन्वेंट्री प्रबंधन आसान हो जाता है। ऐसा क्यों हुआ चांदी की कीमतों में यह सीमित दायरा वैश्विक अनिश्चितता और निवेशकों के सतर्क रुख के कारण देखने को मिला है। • तेल आपूर्ति और पश्चिम एशिया का तनाव: पश्चिम एशिया में जारी घटनाक्रमों ने कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं। इससे ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता पैदा हुई है, जिससे कारोबारी जोखिम लेने से बच रहे हैं। • अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर प्रतीक्षा: फेडरल रिजर्व की भविष्य की ब्याज दर नीति को लेकर बाजार में स्पष्टता की कमी बनी हुई है। ब्याज दरों के उच्च स्तर पर बने रहने की आशंका कीमती धातुओं की तेजी को थामे हुए है। • तकनीकी स्तरों पर गति की कमी: पूर्व के कारोबारी सत्रों में 100-दिवसीय और 21-दिवसीय सरल मूविंग एवरेज के आसपास प्रतिरोध देखने को मिला है। तकनीकी खरीदारों की अनुपस्थिति के कारण भाव एक तय दायरे में सिमट गए हैं। सवाल-जवाब 1. एशियाई कारोबारी सत्र में चांदी किस भाव पर कारोबार कर रही थी? सप्ताह की शुरुआत में एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान चांदी 66.35 डॉलर प्रति औंस के आसपास सीमित दायरे में कारोबार कर रही थी। 2. चांदी की कीमतों को इस समय कौन से वैश्विक कारक प्रभावित कर रहे हैं? पश्चिम एशिया में कच्चे तेल की आपूर्ति से जुड़े घटनाक्रम और अमेरिका में ब्याज दरों का परिदृश्य बाजार को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक हैं। 3. क्या चांदी में इस समय कोई बड़ा उछाल या गिरावट देखने को मिल रही है? नहीं, बाजार में फिलहाल कंसोलिडेशन देखा जा रहा है और कीमतें किसी बड़े रुझान के बजाय एक सीमित दायरे में टिकी हुई हैं। 4. व्यापारी आगे किस बात पर नजर रखे हुए हैं? व्यापारी आने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, फेडरल रिजर्व के रुख और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं। https://trendkia.com/market/saptaha-ki-shuruata-men-silver-66-35-dolara-ke-pasa-simita-dayare-men-middle-east-snkata-aura-us-byaja-daron-para-najara-35504 TrendKia — Har trend, sabse pehle.