चाय के इस सरकारी शेयर में आया बड़ा उछाल, निवेशकों की हुई चांदी सरकार के एक नए निर्देश के बाद चाय बेचने वाली प्रमुख कंपनी एंड्रयू यूल एंड कंपनी के शेयरों में जोरदार तेजी दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के एक अहम नीतिगत फैसले का सीधा असर शेयर बाजार पर देखने को मिला है। चाय कारोबार से जुड़ी छोटी कंपनी एंड्रयू यूल एंड कंपनी के शेयरों में अचानक तूफानी तेजी आई और यह 20 प्रतिशत तक उछल गए। पिछले कुछ सत्रों से इस शेयर में पहले से ही तेजी का रुख बना हुआ था, लेकिन सोमवार को आए इस नए सरकारी निर्देश ने इसमें सोने पर सुहागा का काम किया। सरकारी मंत्रालयों में यूल टी अनिवार्य भारी उद्योग मंत्रालय की तरफ से सोमवार को एक नया सर्कुलर जारी किया गया था। इस निर्देश में देश के सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को स्पष्ट आदेश दिया गया है कि वे अपनी सभी आधिकारिक बैठकों, सम्मेलनों, कार्यालयों की कैंटीन और सरकारी कार्यक्रमों में केवल यूल टी ही परोसें। जैसे ही यह सरकारी फरमान बाजार के निवेशकों तक पहुंचा, कंपनी के शेयरों को खरीदने के लिए होड़ मच गई और जबरदस्त खरीदारी शुरू हो गई। शेयर बाजार में रिकॉर्ड उछाल और कारोबार इस भारी मांग के चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी का शेयर 19.65 प्रतिशत की लंबी छलांग लगाते हुए 30.50 रुपये के इंट्रा-डे उच्च स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, दिन में ऊंचे स्तरों पर पहुंचने के बाद कुछ निवेशकों ने मुनाफावसूली भी की, जिसके चलते दोपहर करीब 1 बजे यह शेयर 10.28 प्रतिशत की मजबूती के साथ 28.11 रुपये पर कारोबार करता नजर आया। कंपनी का इतिहास और कारोबार का दायरा एंड्रयू यूल एंड कंपनी लिमिटेड पूरी तरह से भारी उद्योग मंत्रालय के नियंत्रण के अधीन काम करने वाली एक सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई है। यह देश की सबसे पुरानी चाय उत्पादक कंपनियों में गिनी जाती है। यह कंपनी असम और पश्चिम बंगाल जैसे प्रमुख राज्यों में अपने विशाल चाय बागानों का संचालन करती है। इसके तहत यूल टी ब्रांड के नाम से दार्जिलिंग, डुआर्स और असम चाय की विभिन्न किस्में जैसे ऑर्थोडॉक्स, सीटीसी, ग्रीन टी और फ्लेवर्ड वेरिएंट तैयार किए जाते हैं। इसके अलावा यह कंपनी टी बोर्ड के माध्यम से संसद भवन परिसर में भी चाय की आपूर्ति करती है। वित्तीय संकट से उबारने की बड़ी पहल मंत्रालय का यह भी कहना है कि इस ब्रांड की चाय ग्राहकों के बीच काफी पसंद की जाती है, लेकिन तमाम अन्य वजहों से कंपनी इस समय गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए उद्योग से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति ने यह सिफारिश की थी कि इस चाय को बढ़ावा देने के लिए सभी सरकारी विभागों के साथ बेहतर तालमेल बनाया जाए। सरकार को पूरी उम्मीद है कि इस तरह के आधिकारिक समर्थन और घरेलू मांग से कंपनी को इस मुश्किल दौर से बाहर निकलने और वित्तीय स्थिरता हासिल करने में बड़ी मदद मिलेगी। इसका आप पर असर देशभर में: सरकारी विभागों में घरेलू उत्पादों और सार्वजनिक उपक्रमों को अनिवार्य करने के ऐसे फैसले भविष्य में अन्य सरकारी कंपनियों के शेयरों में भी तेजी का रुख पैदा कर सकते हैं। सवाल-जवाब 1. एंड्रयू यूल एंड कंपनी किस मंत्रालय के नियंत्रण में आती है? यह कंपनी भारी उद्योग मंत्रालय के नियंत्रण के अधीन काम करती है। 2. सोमवार को भारी उद्योग मंत्रालय ने क्या सर्कुलर जारी किया था? मंत्रालय ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को अपनी बैठकों और कैंटीन में यूल टी परोसने का निर्देश दिया था। 3. शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों में कितना उछाल आया था? बीएसई पर कंपनी का शेयर 19.65 प्रतिशत की छलांग लगाकर 30.50 रुपये के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया था। 4. कंपनी मुख्य रूप से किन राज्यों में अपने चाय बागान चलाती है? यह कंपनी असम और पश्चिम बंगाल में अपने चाय बागानों का संचालन करती है। https://trendkia.com/market/sarakara-ke-phaisale-se-andrew-yule-sheyaron-men-jabaradasta-uchhala-10823 TrendKia — Har trend, sabse pehle.