# सऊदी अरामको ने बढ़ाए एलपीजी के दाम, 1 नवंबर को घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों पर फैसले की बारी

> वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी अनुबंध दरों में उछाल के बाद भारतीय तेल विपणन कंपनियों की 1 नवंबर की मूल्य समीक्षा पर नजरें टिकी हैं। अरामको और सोनात्राक द्वारा कीमतों में बढ़ोतरी के बाद कमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडरों की दरों पर दबाव बढ़ गया है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-31 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/saudi-aramco-ne-barhae-lpg-ke-dama-1-november-ko-indane-hp-aura-bharat-gas-silendaron-para-phaisale-ki-bari-53870 · **Language:** Hindi
**Tags:** एलपीजी सिलेंडर, सऊदी अरामको, कमर्शियल एलपीजी, घरेलू एलपीजी, कच्चा तेल, ईंधन दरें, तेल विपणन कंपनियां

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों और कच्चे तेल की कीमतों में आई हालिया तेजी के बीच भारतीय तेल विपणन कंपनियां 1 नवंबर 2026 से रसोई गैस सिलेंडरों की नई दरों की समीक्षा करने जा रही हैं। वैश्विक स्तर पर मध्य पूर्व के संकट के कारण कच्चे तेल का भाव इस महीने 117 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति व्यवस्था पर खासा दबाव बना हुआ है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली वैश्विक तेल और गैस की आवाजाही प्रभावित रहने के कारण भारत सहित दुनिया भर के देशों में तरलीकृत पेट्रोलियम गैस यानी एलपीजी की आपूर्ति में भारी तंगी की स्थिति पैदा हो गई है। ऐसे माहौल में इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस के उपभोक्ताओं की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकारी तेल कंपनियां आयात लागत में हुई भारी बढ़ोतरी का कितना भार ग्राहकों पर डालती हैं या फिर खुद वहन करती हैं।

## सऊदी अरामको और अल्जीरिया के सोनात्राक ने तय कीं ऊंची दरें
भारत में एलपीजी की कीमतें काफी हद तक सऊदी अरामको द्वारा हर महीने घोषित किए जाने वाले सऊदी अनुबंध मूल्य यानी सऊदी सीपी पर निर्भर करती हैं। सऊदी सीपी भारत समेत पूरे एशियाई बाजार में एलपीजी आयात के लिए मुख्य अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क माना जाता है। सऊदी अरामको ने नवंबर 2026 के लिए प्रोपेन और ब्यूटेन की दरों में बड़ा इजाफा किया है। अरामको ने प्रोपेन की दर 5.9 फीसदी यानी 40 डॉलर बढ़ाकर 720 डॉलर प्रति मीट्रिक टन कर दी है। इसी तरह ब्यूटेन के भाव में 6.8 फीसदी यानी 50 डॉलर की बढ़ोतरी की गई है, जिससे यह 780 डॉलर प्रति मीट्रिक टन पर पहुंच गया है।

इससे पहले अरामको ने अक्टूबर महीने के लिए अपने आधिकारिक विक्रय मूल्य में प्रोपेन पर 55 डॉलर की वृद्धि कर इसे 680 डॉलर प्रति मीट्रिक टन और ब्यूटेन पर 70 डॉलर की वृद्धि कर इसे 730 डॉलर प्रति मीट्रिक टन किया था। सितंबर में भी अरामको ने प्रोपेन को बढ़ाकर 625 डॉलर और ब्यूटेन को 660 डॉलर प्रति मीट्रिक टन किया था, जिसका सीधा असर सितंबर और अक्टूबर के दौरान भारत में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में देखा गया था।

वैश्विक कीमतों में उछाल केवल खाड़ी क्षेत्र तक सीमित नहीं है। अल्जीरिया की राष्ट्रीय तेल कंपनी सोनात्राक ने भी नवंबर 2026 के लिए अपने एलपीजी आधिकारिक विक्रय मूल्य में भारी वृद्धि दर्ज की है। सोनात्राक ने प्रोपेन की दरों में 23 फीसदी यानी 155 डॉलर प्रति मीट्रिक टन की बढ़ोतरी करते हुए इसे 825 डॉलर प्रति मीट्रिक टन कर दिया है। वहीं ब्यूटेन की कीमतों में 40 फीसदी यानी 300 डॉलर की भारी बढ़ोतरी कर इसे 1,050 डॉलर प्रति मीट्रिक टन निर्धारित किया है। अरामको और सोनात्राक दोनों ही ऊर्जा कंपनियों ने इस मूल्य वृद्धि का मुख्य कारण सर्दियों के मौसम की बढ़ती मांग और दुनिया भर में एलपीजी आपूर्ति की किल्लत को बताया है।

## कच्चे तेल में उछाल और कमर्शियल एलपीजी पर असर
अक्टूबर 2026 के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में 11 से 12 फीसदी तक की मजबूती आई है। वर्तमान में ब्रेंट क्रूड 113 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 104 डॉलर प्रति बैरल से अधिक बना हुआ है। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का लगभग 60 फीसदी हिस्सा विदेशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क से सीधे जुड़े होने के कारण 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की दरें पूरी तरह बाजार आधारित हैं और इनमें होने वाले बदलाव सीधे तौर पर वैश्विक मूल्य उतार-चढ़ाव को दर्शाते हैं।

कच्चे तेल और अंतरराष्ट्रीय गैस दरों में इस उछाल के चलते 1 नवंबर को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के दाम फिर से बढ़ाए जाने की मजबूत संभावना बन रही है। पिछले महीने अक्टूबर 2026 में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर पर व्यापक बढ़ोतरी देखी गई थी। दिल्ली में इसकी कीमत 62.50 रुपये बढ़कर 2,810 रुपये प्रति सिलेंडर हो गई थी, जबकि मुंबई में दर 63.50 रुपये चढ़कर 2,764.50 रुपये प्रति सिलेंडर पर पहुंच गई थी। कोलकाता में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 70 रुपये महंगा होकर 2,954 रुपये और चेन्नई में 66.50 रुपये की वृद्धि के साथ 2,983 रुपये में मिल रहा था। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी पटना में 71.50 रुपये की दर्ज की गई थी जहां भाव 3,100.50 रुपये हो गया था, जबकि हैदराबाद में 69 रुपये की वृद्धि के बाद दाम 3,065 रुपये तक पहुंच गए थे। पटना और हैदराबाद में कमर्शियल गैस की दरें देश में सबसे अधिक दर्ज की गई हैं।

## घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की वर्तमान स्थिति
कमर्शियल सिलेंडरों के विपरीत 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में बदलाव की रफ्तार धीमी और नियंत्रित रही है। तेल विपणन कंपनियों ने 7 जून 2026 के बाद से घरेलू सिलेंडरों की दरों में कोई फेरबदल नहीं किया है। उस समय 7 मार्च 2026 को की गई 60 रुपये की भारी बढ़ोतरी के बाद 7 जून को इंडेन, एचपी और भारत गैस के घरेलू सिलेंडर पर 29 रुपये बढ़ाए गए थे।

अक्टूबर 2026 तक घरेलू गैस सिलेंडरों के दाम स्थिर बने हुए हैं। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का घरेलू सिलेंडर 942 रुपये, मुंबई में 941.50 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये और चेन्नई में 957.50 रुपये पर बिक रहा है। देश में सबसे महंगा घरेलू सिलेंडर पटना में उपलब्ध है, जहां इसकी दर 1,031.50 रुपये प्रति सिलेंडर है। अब वैश्विक बेंचमार्क में प्रोपेन और ब्यूटेन के भाव चढ़ने के बाद यह देखना अहम होगा कि तेल कंपनियां घरेलू ग्राहकों को राहत जारी रखती हैं या फिर आयात लागत का कुछ हिस्सा सिलेंडरों के खुदरा भाव में जोड़ती हैं।

## इसका आप पर असर
अंतरराष्ट्रीय अनुबंध दरों और कच्चे तेल में उछाल से भारत में कमर्शियल एलपीजी उपयोगकर्ताओं और घरेलू बजट पर सीधा वित्तीय असर पड़ने की संभावना है।

- **रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों पर असर:** 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की दरों में संभावित बढ़ोतरी से भोजनालयों, होटलों और कैटरिंग सेवाओं की परिचालन लागत बढ़ सकती है। इससे बाहर खाना खाने और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों के दामों में इजाफा देखने को मिल सकता है।
- **घरेलू उपभोक्ताओं के बजट पर नजर:** 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर के दाम 7 जून 2026 से स्थिर हैं, लेकिन आयात लागत बढ़ने से सब्सिडी या खुदरा मूल्य पर दबाव बढ़ रहा है। यदि खुदरा दरों में बदलाव होता है तो आम परिवारों का मासिक रसोई बजट प्रभावित होगा।
- **मेट्रो शहरों में भिन्न प्रभाव:** वर्तमान में दिल्ली में कमर्शियल गैस 2,810 रुपये और मुंबई में 2,764.50 रुपये में बिक रही है। नई दरों की घोषणा के बाद स्थानीय करों के आधार पर हर शहर में खुदरा कीमतों में अलग-अलग बदलाव देखने को मिलेंगे।
- **पटना और हैदराबाद में सबसे ऊंचा भार:** पटना में कमर्शियल सिलेंडर 3,100.50 रुपये और हैदराबाद में 3,065 रुपये की रिकॉर्ड ऊंचाई पर है। इन शहरों में किसी भी नई वृद्धि से व्यापारियों पर देश के अन्य हिस्सों की तुलना में अधिक बोझ पड़ेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
वैश्विक ऊर्जा बाजारों में तनाव, कच्चे तेल के ऊंचे दाम और अंतरराष्ट्रीय एलपीजी अनुबंध दरों में तीव्र वृद्धि ने ईंधन विपणन कंपनियों के सामने मूल्य संशोधन की स्थिति पैदा की है।

- **मध्य पूर्व संकट और आपूर्ति रुकावट:** मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक संकट के चलते कच्चा तेल 117 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल एवं गैस की आपूर्ति बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी की भारी कमी दर्ज की गई है।
- **सऊदी अनुबंध मूल्य में लगातार बढ़ोतरी:** सऊदी अरामको ने नवंबर 2026 के लिए प्रोपेन की कीमत 40 डॉलर बढ़ाकर 720 डॉलर और ब्यूटेन की कीमत 50 डॉलर बढ़ाकर 780 डॉलर प्रति मीट्रिक टन कर दी है। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का 60 फीसदी आयात करता है, इसलिए यह बेंचमार्क सीधे भारतीय खरीद लागत को बढ़ा देता है।
- **मौसमी मांग और सोनात्राक के दाम:** सर्दियों के आगमन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी की मौसमी मांग में भारी इजाफा हुआ है। इसी कारण अल्जीरिया के सोनात्राक ने भी प्रोपेन में 23 फीसदी और ब्यूटेन में 40 फीसदी की तेज वृद्धि लागू की है।
- **कच्चे तेल में मासिक उछाल:** अक्टूबर महीने में ब्रेंट क्रूड 113 डॉलर और डब्ल्यूटीआई क्रूड 104 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चले जाने से वैश्विक रिफाइनिंग और परिवहन लागत बढ़ गई है। तेल विपणन कंपनियों को इस बढ़ी हुई लागत और खुदरा कीमतों के बीच संतुलन साधना पड़ रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. सऊदी अरामको ने नवंबर 2026 के लिए एलपीजी की दरों में कितनी बढ़ोतरी की है?
सऊदी अरामको ने नवंबर 2026 के लिए प्रोपेन की कीमत 5.9 फीसदी यानी 40 डॉलर बढ़ाकर 720 डॉलर प्रति मीट्रिक टन और ब्यूटेन की कीमत 6.8 फीसदी यानी 50 डॉलर बढ़ाकर 780 डॉलर प्रति मीट्रिक टन कर दी है।

### 2. भारत में एलपीजी की कीमतें किस अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क से तय होती हैं?
भारत में एलपीजी की दरें मुख्य रूप से सऊदी अरामको द्वारा घोषित सऊदी अनुबंध मूल्य यानी सऊदी सीपी से तय होती हैं, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का लगभग 60 फीसदी एलपीजी आयात करता है।

### 3. अक्टूबर 2026 में प्रमुख शहरों में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर का क्या भाव था?
अक्टूबर 2026 में 19 किलोग्राम का कमर्शियल सिलेंडर दिल्ली में 2,810 रुपये, मुंबई में 2,764.50 रुपये, कोलकाता में 2,954 रुपये, चेन्नई में 2,983 रुपये, हैदराबाद में 3,065 रुपये और पटना में 3,100.50 रुपये था।

### 4. घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में आखिरी बार बदलाव कब किया गया था?
घरेलू 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडरों की दरों में आखिरी बदलाव 7 जून 2026 को हुआ था, जब कीमतों में 29 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई थी।

### 5. वर्तमान में देश में सबसे महंगा घरेलू एलपीजी सिलेंडर कहां बिक रहा है?
अक्टूबर 2026 के आंकड़ों के अनुसार, देश में सबसे महंगा घरेलू सिलेंडर पटना में 1,031.50 रुपये में बिक रहा है, जबकि दिल्ली में इसका भाव 942 रुपये है।

### 6. अल्जीरिया की कंपनी सोनात्राक ने एलपीजी दरों में कितना इजाफा किया है?
सोनात्राक ने नवंबर 2026 के लिए प्रोपेन में 23 फीसदी यानी 155 डॉलर की वृद्धि कर इसे 825 डॉलर और ब्यूटेन में 40 फीसदी यानी 300 डॉलर की वृद्धि कर इसे 1,050 डॉलर प्रति मीट्रिक टन कर दिया है।

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