सऊदी पाइपलाइन बहाली और फेड की दर वृद्धि के बीच WTI 3.3% घटकर 97.50 डॉलर प्रति बैरल के पास बुधवार को WTI तेल लगभग 3.3% घटकर $97.50 प्रति बैरल के पास रहा, क्योंकि फेडरल रिजर्व की 25 बेसिस पॉइंट की दर वृद्धि पहले से अपेक्षित थी और सऊदी पाइपलाइन बहाली की उम्मीदों ने दबाव डाला। होर्मुज़ जलडमरुमध्य, लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरुमध्य के जोखिमों ने भूराजनीतिक प्रीमियम बनाए रखा। दिनभर की तकरीबन 3.3% गिरावट ने टेक्सस इंटरमीडिएट (WTI) तेल को बुधवार को एक बैरल के $97.50 के करीब ला दिया, और फेडरल रिजर्व के फैसले के तुरंत बाद भाव में बड़ी हिलचाल नहीं हुई। 25 बेसिस पॉइंट की दर वृद्धि पहले से अपेक्षित थी, इसलिए उसने तेल की कीमतों को कोई नया झटका नहीं दिया। सऊदी पाइपलाइन बहाली की उम्मीदों ने बिकवली को सहारा दिया, लेकिन मध्य पूर्व में सीमित जहाज़रानी और सुरक्षा चिंताओं ने भूराजनीतिक प्रीमियम बनाए रखा। दर वृद्धि का असर पहले से कीमतों में शामिल था फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की वृद्धि की, जो बाज़ार की उम्मीद के अनुसार थी। इसके डॉट प्लॉट से इस साल एक और वृद्धि का संकेत मिलता है, इसलिए नीति का रुख तुरंत घोषणा के बाद खत्म होने वाला नहीं है। तेल ने फैसले के बाद लगभग स्थिर प्रतिक्रिया दिखाई क्योंकि 25 बेसिस पॉइंट का कदम कोई बड़ा आश्चर्य नहीं था। असल चिंता आगे के रास्ते से है। उधार महंगा होने से कारोबार और आर्थिक गतिविधि धीमी हो सकती है, और मजबूत अमेरिकी डॉलर अन्य मुद्राओं में काम करने वाले ऊर्जा खरीदारों के लिए तेल को महंगा बना सकता है। इन दोनों कारणों से भविष्य की ऊर्जा मांग पर दबाव बन सकता है। पाइपलाइन सुधार की उम्मीद के सामने आपूर्ति का खतरा सऊदी पाइपलाइन को बहाल किए जाने की उम्मीद ने तेल कीमतों को नीचे लाने का कारण दिया, लेकिन मध्य पूर्व की आपूर्ति से जुड़ा जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। होर्मुज़ जलडमरुमध्य में जहाज़ों की आवाजाही अभी भी काफी सीमित है। लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरुमध्य के आसपास सुरक्षा को लेकर चिंताएं मौजूद हैं, जिससे ऊर्जा व्यापार से जुड़े समुद्री मार्गों को लेकर अनिश्चितता बढ़ती है। इन पाबंदियों के कारण तेल की कीमतों में क्षेत्रीय जोखिम का प्रीमियम अभी भी बड़ा है। बाज़ार एक साथ दो विपरीत संकेतों को तौल रहा है। पाइपलाइन में सुधार की संभावना अल्पकालिक भाव के लिए नकारात्मक है, जबकि सीमित जहाज़रानी और क्षेत्रीय सुरक्षा जोखिम ऊपर की ओर सहारा देते हैं। इसी कारण दिनभर की 3.3% की गिरावट को आपूर्ति जोखिम पूरी तरह समाप्त होने का संकेत नहीं माना जा सकता। पाइपलाइन से जुड़ी स्थिति सुधरने से आपूर्ति बाधा का प्रीमियम घट सकता है, लेकिन होर्मुज़ जलडमरुमध्य और लाल सागर से जुड़ी बड़ी समस्या तभी कम होगी जब जहाज़रानी पाबंदियों और सुरक्षा चिंताओं में वास्तविक ढील दिखाई दे। फिलहाल दोनों में से किसी के हल होने का संकेत नहीं दिया गया है। प्रमुख मुद्राओं में डॉलर की सबसे तेज़ पकड़ पाउंड पर रही उस दिन प्रमुख मुद्राओं की तुलना वाली जानकारी में अमेरिकी डॉलर ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले सबसे अधिक मजबूत रहा। हीट मैप प्रमुख मुद्राओं के आपसी प्रतिशत बदलाव दिखाता है, किसी एक समग्र नंबर को नहीं। इसमें आधार मुद्रा बाईं स्तंभ से और सामने रखी गई मुद्रा ऊपरी पंक्ति से चुनी जाती है। उदाहरण के लिए, बाईं ओर अमेरिकी डॉलर चुनकर ऊपर की ओर जापानी येन वाली पंक्ति में जाने पर जो प्रतिशत बदलाव दिखाई देता है, वह USD/JPY का होता है। इसका मतलब है कि अमेरिकी डॉलर आधार मुद्रा है और जापानी येन सामने रखी गई मुद्रा। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर लगातार तीसरे दिन दबाव में बुधवार के एशियाई सत्र में AUD/USD में बिकवली का रुख लगातार तीसरे दिन बना रहा। जोड़ी ने 0.7100 का सहारा बनाए रखा और मासिक निचले स्तर के पास कारोबार किया, जिससे सहारे के उस स्तर पर भी बिकवली का दबाव साफ था। अमेरिकी डॉलर दो सप्ताह के उच्च स्तर के करीब टिका रहा। फेडरल रिजर्व से उम्मीद की जा रही दर वृद्धि और तेल से बढ़ने वाले मुद्रास्फीति के डर ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को कई साल के उच्च स्तर की ओर धकेलना जारी रखा। मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव सुरक्षित माने जाने वाले डॉलर के पक्ष में रहा और जोखिम से अधिक प्रभावित होने वाले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव डाला। डॉलर-येन एक सप्ताह के उच्च स्तर के पार, लेकिन 155.00 के बीच के हिस्से से नीचे मजबूत डॉलर के बीच USD/JPY एशियाई सत्र में 155.00 के पार जाकर एक सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचा। तेल से जुड़ी मुद्रास्फीति की आशंका और अपेक्षित फेड दर वृद्धि ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड की तेज़ी को सहारा दिया। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने डॉलर की भंडार मुद्रा के रूप में स्थिति को भी मजबूत किया। फिर भी जोड़ी 155.00 के मध्य भाग से नीचे ही बनी रही। खरीदार उसी दिन बाद में फेड के फैसले और गुरुवार शुरू होने वाली बैंक ऑफ जापान की बैठक से पहले सहज होकर बड़ी खरीदारी करने से हिचकिचा रहे थे। सोना 4,360 डॉलर के ऊपर जाकर फिर 4,300 डॉलर से नीचे सोने ने फेडरल रिजर्व द्वारा अपेक्षा के अनुसार 25 बेसिस पॉइंट की दर वृद्धि के फैसले के बाद दिनभर की कमाई गंवा दी और अपने दिन के शीर्ष स्तर से नीचे आना शुरू किया। XAU/USD जोड़ी थोड़ी देर के लिए $4,360 से ऊपर चली गई, लेकिन वह तेज़ी टिक नहीं सकी। इसके बाद गिरावट तेज़ हुई और भाव $4,300 से नीचे चला गया। यह पलटाव दिखाता है कि एक ही मौद्रिक नीति फैसले के प्रति अलग-अलग संपत्तियां अलग तरह से प्रतिक्रिया दे सकती हैं। तेल दिन के निचले स्तर के पास रहा, जबकि सोने ने सत्र के दौरान बनाया शीर्ष खो दिया। जापान की बेहद निची दरों का फायदा नए चरण में जा सकता है जापान की बेहद निची ब्याज दरों ने एक दशक से अधिक समय तक ट्रिलियन डॉलर के वैश्विक निवेश को वित्त देने में मदद की। इससे जापानी येन से फंडिंग दुनिया के सबसे सस्ते विकल्पों में शामिल हो गई। अधिकांश प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं ने ब्याज दरें बढ़ाईं, लेकिन जापान अपनी बेहद ढीली नीति के साथ दुनिया में अपवाद बना रहा। बैंक ऑफ जापान से इस सप्ताह नीति को फिर सख्त करने की उम्मीद है, इसलिए येन को मिलने वाला फंडिंग लागत का फायदा अब नए चरण में प्रवेश कर सकता है। गुरुवार शुरू होने वाली बैठक को मुद्रा बाज़ार फेडरल रिजर्व के नवीनतम फैसले के साथ अहम घटना के रूप में देख रहा है। फंडिंग मुद्राओं के ब्याज दर अंतर में बदलाव वैश्विक पूंजी प्रवाह की दिशा प्रभावित कर सकता है, लेकिन बैंक ऑफ जापान के अगले कदम का आकार या समय यहां बताया नहीं गया है। बाज़ार की नजर अब जोखिम और अगली नीति पर WTI में फैसले के बाद शांत प्रतिक्रिया का मतलब यह नहीं है कि अनिश्चितता कम हो गई है। 25 बेसिस पॉइंट की वृद्धि पहले से कीमत में शामिल थी और सऊदी पाइपलाइन बहाली की उम्मीद $97.50 प्रति बैरल के पास कमजोरी का स्पष्ट कारण थी। लेकिन होर्मुज़ जलडमरुमध्य से काफी सीमित जहाज़रानी और लाल सागर तथा बाब अल-मंदेब जलडमरुमध्य को लेकर सुरक्षा चिंताएं आपूर्ति खतरे को जारी रखती हैं। डॉट प्लॉट में इस साल एक और वृद्धि का संकेत उधार लागत और डॉलर को केंद्र में रखता है। बाज़ार के लिए AUD/USD में 0.7100, USD/JPY में 155.00 से ऊपर का स्तर और सोने में $4,300 से नीचे का भाव मुख्य दबाव बिंदु हैं। ये स्तर दिखाते हैं कि केंद्रीय बैंक नीति, मुद्रास्फीति की आशंका और मध्य पूर्व का जोखिम एक ही सत्र में तेल, मुद्रा और सोना तीनों को प्रभावित कर रहे थे। इसका आप पर असर सबसे बड़ा असर: तेल, मुद्रा और सोने में एक ही सत्र में तेज़ उतार-चढ़ाव हुआ, इसलिए फेडरल रिजर्व का फैसला इन बाज़ारों से जुड़े लोगों के जोखिम का केवल एक हिस्सा है। • तेल खरीदने वालों के लिए: WTI लगभग 3.3% घटकर $97.50 प्रति बैरल के पास था। सऊदी पाइपलाइन बहाली की उम्मीद दाम घटाती है, लेकिन होर्मुज़ और लाल सागर के जोखिम दिशा पलट सकते हैं। • मुद्रा बाज़ार के लिए: अमेरिकी डॉलर ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले सबसे मजबूत रहा, जबकि AUD/USD ने 0.7100 का सहारा बनाए रखा और USD/JPY 155.00 से ऊपर गया। यह बदलाव डॉलर या येन से जुड़े लोगों के लिए तेज़ मूल्य उतार-चढ़ाव का मतलब रखता है। • सोने में स्थितियां बदलने वालों के लिए: XAU/USD थोड़ी देर के लिए $4,360 से ऊपर गया और फिर $4,300 से नीचे आ गया। इसलिए दिन के भीतर बना शीर्ष लंबे समय का रुख बताने के बजाय तेज़ पलटाव दिखाता है। • उधार और मांग पर नजर रखने वालों के लिए: फेडरल रिजर्व ने 25 बेसिस पॉइंट की वृद्धि की और डॉट प्लॉट इस साल एक और वृद्धि का संकेत देता है। उधार की लागत बढ़ने से आर्थिक गतिविधि और भविष्य की ऊर्जा मांग दोनों पर दबाव बन सकता है। ऐसा क्यों हुआ WTI में गिरावट के पीछे दो तुरंत कारक साफ थे। फेडरल रिजर्व की 25 बेसिस पॉइंट वृद्धि पहले से अपेक्षित थी, और सऊदी पाइपलाइन बहाली की उम्मीदों ने आपूर्ति को लेकर चिंता थोड़ी कम की। इन दोनों ने भाव को नीचे धकेला, लेकिन मध्य पूर्व के अहम समुद्री मार्गों पर पाबंदियां और सुरक्षा आशंकाएं क्षेत्रीय जोखिम के प्रीमियम को बने रहने दे रही थीं। • अपेक्षित दर वृद्धि: बाज़ार ने 25 बेसिस पॉइंट के कदम को पहले से अपनाई हुआ माना था। इसलिए घोषणा नए झटके की जगह तेल कीमतों में बड़ी तुरंत हिलचाल लेकर नहीं आई। • पाइपलाइन बहाली की उम्मीद: सऊदी पाइपलाइन में सुधार की संभावना ने आपूर्ति बाधा के प्रीमियम को घटाने की उम्मीद दी। यही कारण तेल पर अतिरिक्त बिकवली का दबाव बना। • सीमित समुद्री आवाजाही: होर्मुज़ जलडमरुमध्य से जहाज़ों की आवाजाही अभी भी काफी सीमित है। लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरुमध्य को लेकर सुरक्षा चिंताएं ऊर्जा मार्गों की अनिश्चितता बनाए रखती हैं। • डॉलर और बॉन्ड यील्ड: तेल से जुड़ी मुद्रास्फीति की आशंका और अपेक्षित दर वृद्धि ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को सहारा दिया। मजबूत डॉलर और ऊंची यील्ड ऑस्ट्रेलियाई डॉलर समेत मुद्राओं की चाल को प्रभावित कर रहे थे। • जापान की अलग नीति: जापान की बेहद निची दरों ने एक दशक से अधिक समय तक येन फंडिंग को असामान्य रूप से सस्ता रखा। इस सप्ताह एक और सख्ती की उम्मीद इस फायदे और आगे की मुद्रा चाल को केंद्र में ला रही है। सवाल-जवाब 1. WTI ने बुधवार को कैसा प्रदर्शन किया? WTI लगभग $97.50 प्रति बैरल पर था और दिनभर में तकरीबन 3.3% नीचे रहा। फेडरल रिजर्व के फैसले के तुरंत बाद भाव में बड़ी हिलचाल नहीं दिखी। 2. फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कितनी वृद्धि की? फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की वृद्धि की। डॉट प्लॉट इस साल एक और वृद्धि का संकेत देता है। 3. बाज़ार ने फैसले पर इतनी शांत प्रतिक्रिया क्यों दी? 25 बेसिस पॉइंट की वृद्धि पहले से अपेक्षित थी और कीमत में शामिल मानी जा रही थी। सऊदी पाइपलाइन बहाली की उम्मीदों ने भी तेल पर दबाव डाला। 4. मध्य पूर्व में तेल आपूर्ति से जुड़े कौन से जोखिम बने हुए हैं? होर्मुज़ जलडमरुमध्य से जहाज़रानी काफी सीमित है। लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरुमध्य को लेकर सुरक्षा चिंताएं भूराजनीतिक प्रीमियम बनाए हुए हैं। 5. AUD/USD और USD/JPY ने बुधवार को क्या किया? AUD/USD 0.7100 का सहारा बनाए मासिक निचले स्तर के पास रहा। USD/JPY 155.00 से ऊपर एक सप्ताह के उच्च स्तर पर गया, लेकिन 155.00 के मध्य भाग से नीचे रहा। 6. सोने में कैसा पलटाव आया? XAU/USD थोड़ी देर के लिए $4,360 से ऊपर गया, फिर गिरावट तेज़ होकर $4,300 से नीचे आ गया। 7. जापान की ब्याज दर नीति बाज़ार के लिए क्यों अहम है? जापान की बेहद निची दरों ने एक दशक से अधिक समय तक ट्रिलियन डॉलर के वैश्विक निवेश को वित्त देने में मदद की। बैंक ऑफ जापान से इस सप्ताह नीति फिर सख्त करने की उम्मीद है। https://trendkia.com/market/saudi-paipalaina-bahali-aura-fed-ki-dara-vriddhi-ke-bicha-wti-3-3-ghatakara-97-50-dolara-prati-bairala-ke-pasa-32782 TrendKia — Har trend, sabse pehle.