सऊदी तेल संकट और फेडरल रिजर्व के फैसलों से पहले सोने की चमक फीकी, ट्रेजरी यील्ड 5% के पार सऊदी अरब की पाइपलाइन पर हुए हमलों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच वैश्विक बाजारों में सोने की कीमतों पर भारी बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है, जिससे ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5 फीसदी से ऊपर पहुंच गई है। वैश्विक वित्तीय बाजारों में इस सप्ताह भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है क्योंकि सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। बाजार के लाइव आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमतें वर्तमान में 4,340 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही हैं, जो अपने पिछले बंद भाव 4,409 डॉलर से 1.57% की गिरावट को दर्शाती हैं। सोमवार के कारोबारी सत्र के दौरान सोने की कीमतों ने एक महीने के निचले स्तर 4,253 डॉलर प्रति औंस को छू लिया। इस बिकवाली का मुख्य कारण अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई भारी तेजी और डॉलर की मजबूती है, जो ऐसे समय में आई है जब निवेशक फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के बेहद महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले का इंतजार कर रहे हैं। वर्तमान में सोने की ट्रेडिंग वॉल्यूम इसके 20 दिनों के औसत से 8.51 गुना अधिक देखी जा रही है, जो इस कीमती धातु में निवेशकों की भारी सक्रियता और घबराहट को दर्शाती है। भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा संकट का व्यापक असर कमोडिटी बाजार में इस उथल-पुथल की शुरुआत सऊदी अरब में तेल बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों से हुई। हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर किए गए हमलों के बाद एहतियातन इस पाइपलाइन को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। इस कदम के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के उत्पादन में लगभग 70 लाख बैरल प्रति दिन की भारी कमी आ गई है। इस बड़े व्यवधान के कारण अमेरिकी क्रूड बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) की कीमतों में तेजी से उछाल आया और यह 100 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया। लाइव सत्र के दौरान WTI में 1.50% से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। ऊर्जा की कीमतों में आए इस अप्रत्याशित उछाल ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति यानी महंगाई बढ़ने की चिंताओं को दोबारा हवा दे दी है। मुद्रास्फीति की चिंताएं और बढ़ते बॉन्ड यील्ड का गणित कच्चे तेल की कीमतों में आई इस तेजी से पहले जारी हुए अमेरिकी प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आंकड़ों ने पहले ही बाजार को सतर्क कर रखा था। इन आंकड़ों से संकेत मिले थे कि आने वाले समय में महंगाई दर उच्च स्तर पर बनी रह सकती है। मुद्रास्फीति की इन आशंकाओं के कारण अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में भारी हलचल हुई, जिससे 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड वर्ष 2023 के बाद पहली बार बढ़कर 5% के पार चली गई। ट्रेजरी यील्ड में इस उछाल के कारण बिना ब्याज या यील्ड देने वाली संपत्ति जैसे कि सोने की अपील निवेशकों के बीच काफी कम हो गई है। इसके समानांतर, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा की मजबूती को मापने वाला यूएस डॉलर इंडेक्स (DXY) 0.32% बढ़कर 99.41 के स्तर पर पहुंच गया है, जिससे गैर-अमेरिकी खरीदारों के लिए सोना खरीदना और अधिक महंगा हो गया है। केंद्रीय बैंकों का महा-सप्ताह और ब्याज दरों पर दांव यह सप्ताह वैश्विक मौद्रिक नीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होने जा रहा है क्योंकि दुनिया के तीन बड़े केंद्रीय बैंक अपने नीतिगत फैसलों की घोषणा करने वाले हैं। विश्लेषकों के एक सर्वेक्षण के अनुसार, इस बात की 93% संभावना है कि फेडरल रिजर्व (फेड) इस बुधवार को अपनी ब्याज दरों में चौथाई प्रतिशत (25 बेसिस पॉइंट) की बढ़ोतरी करेगा। इसके अलावा, अधिकांश बाजार विश्लेषक यह भी मान रहे हैं कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक मार्च 2027 के अंत तक कम से कम एक और ब्याज दर वृद्धि का फैसला ले सकता है। फेडरल रिजर्व के अलावा अन्य केंद्रीय बैंक भी इस दौड़ में शामिल हैं। बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा अपनी बैंक दर को 3.75% पर अपरिवर्तित रखने की उम्मीद है, हालांकि इसके नीति निर्माताओं के बीच 6-3 का विभाजन लगातार तीसरी बार दिखने का अनुमान है। वहीं दूसरी ओर, शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 1.25% करने की संभावना जताई जा रही है। दुनिया भर में बढ़ती ब्याज दरें और बॉन्ड यील्ड सोने जैसी गैर-यील्ड वाली संपत्तियों के लिए नकारात्मक साबित हो रही हैं। तकनीकी चार्ट और सोने के लिए महत्वपूर्ण स्तर सोने के तकनीकी चार्ट पैटर्न का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि हालिया गिरावट के बाद इस कीमती धातु ने अपने 50-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) $4,271 का परीक्षण करने के बाद $4,300 के स्तर को फिर से हासिल करने का प्रयास किया है, जिससे दैनिक चार्ट पर एक हैमर कैंडल बनती दिख रही है। हालांकि, लाइव टेक्निकल इंडिकेटर्स अभी भी मंदी या बेयरिश ट्रेंड का मजबूत संकेत दे रहे हैं। अल्पकालिक एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी EMA20 अभी $4,409 पर है, जबकि EMA50 $4,357 और EMA200 $4,389 पर है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि चार्ट पर EMA50 का स्तर EMA200 से नीचे चला गया है, जिसे तकनीकी भाषा में 'डेथ क्रॉस' कहा जाता है और यह दीर्घकालिक मंदी का स्पष्ट संकेत है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI(14) वर्तमान में 46 के स्तर पर है, जो न्यूट्रल से बेयरिश जोन में आता है। इसी तरह, MACD लाइन 18.84 पर है जो इसके सिग्नल लाइन 46.44 से नीचे होने के कारण बेयरिश हिस्टोग्राम प्रदर्शित कर रही है। बोलिंजर बैंड के अनुसार सोना वर्तमान में $4,267 और $4,670 के बैंड के भीतर घूम रहा है। एवरेज ट्रू रेंज यानी ATR(14) $81.55 पर है, जो दैनिक अस्थिरता को दर्शाता है और ट्रेडर्स के लिए स्टॉप-लॉस निर्धारित करने का एक अच्छा पैमाना है। यदि सोने की कीमतें $4,300 के स्तर से नीचे गिरती हैं, तो पहला प्रमुख सपोर्ट S1 $4,290 पर और दूसरा प्रमुख सपोर्ट S2 $4,239 पर है, जिसके नीचे सितंबर का दूसरा निचला स्तर $4,282 और फिर 50-दिवसीय SMA $4,271 महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ऊपर की ओर बढ़ने पर सोने को पहला बड़ा रेजिस्टेंस R1 $4,393 पर और मनोवैज्ञानिक प्रतिरोध $4,400 पर मिलेगा। यदि यह इसे पार करता है, तो अगला लक्ष्य R2 $4,447, फिर $4,500 और अंत में 200-दिवसीय SMA $4,528 पर होगा। सोने का ऐतिहासिक महत्व और केंद्रीय बैंकों की भूमिका मानव इतिहास में सोने ने हमेशा मूल्य के संचय और विनिमय के माध्यम के रूप में एक अनिवार्य भूमिका निभाई है। आभूषणों के निर्माण और औद्योगिक उपयोग के अलावा, इस पीली धातु को संकट के समय में सबसे सुरक्षित निवेश यानी सेफ-हेवन एसेट माना जाता है। चूंकि सोना किसी भी विशिष्ट सरकार या केंद्रीय बैंक के नियंत्रण से मुक्त होता है, इसलिए इसे मुद्रास्फीति और गिरती मुद्राओं के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच माना जाता है। विश्व स्तर पर केंद्रीय बैंक सोने के सबसे बड़े धारक हैं। भू-राजनीतिक और आर्थिक संकटों के समय अपनी घरेलू मुद्राओं को सहारा देने और अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाने के लिए केंद्रीय बैंक बड़े पैमाने पर सोने की खरीद करते हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक, केंद्रीय बैंकों ने अकेले वर्ष 2022 में करीब 70 अरब डॉलर मूल्य का 1,136 टन सोना अपने भंडारों में जोड़ा था, जो इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी वार्षिक खरीद है। विशेष रूप से भारत, चीन और तुर्की जैसे उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंक अपनी आर्थिक साख को मजबूत करने के लिए बहुत तेजी से अपने सोने के भंडार का विस्तार कर रहे हैं। सोने का अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी के साथ सीधा विपरीत संबंध होता है; जब डॉलर कमजोर होता है या आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो सोने की कीमतें आमतौर पर ऊपर जाती हैं। अन्य बाजारों की स्थिति: फॉरेक्स और क्रिप्टोकरेंसी में हलचल वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं का असर अन्य वित्तीय बाजारों पर भी स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। फॉरेक्स मार्केट में, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) की जोड़ी एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान करीब डेढ़ सप्ताह के निचले स्तर 0.7140 के आसपास पहुंच गई, जो वर्तमान में करीब 0.25% की गिरावट के साथ 0.7150 के स्तर के आसपास कारोबार कर रही है। इसी तरह, अमेरिकी डॉलर और जापानी येन (USD/JPY) की जोड़ी में तेजी देखी गई है और यह लगभग 154.00 के स्तर के करीब पहुंच गई है, जिससे शुक्रवार को हुए नुकसान की कुछ भरपाई हुई है। हालांकि, ट्रेडर्स द्वारा केंद्रीय बैंकों के फैसलों का इंतजार किए जाने के कारण यह जोड़ी पिछले एक सप्ताह की सीमित रेंज में ही बनी हुई है। दूसरी ओर, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में स्थिरता और मामूली बढ़त का रुख है। बिटकॉइन (BTC) वर्तमान में $77,884 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। इसी प्रकार, इथेरियम (ETH) और रिपल (XRP) ने भी बिटकॉइन के तटस्थ से सकारात्मक रुख का अनुसरण किया है और ये क्रमशः $2,521 और $1.38 के अपने महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तरों को बनाए रखने में सफल रहे हैं। हालांकि, आने वाले समय में डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा कम ब्याज दरों के लिए बनाए जा रहे राजनीतिक दबाव के बीच फेडरल रिजर्व के संभावित नीति निर्माताओं (जैसे कि वॉर्श) की स्वतंत्रता की परीक्षा होगी, जिसका सीधा असर डॉलर और सोने की दिशा पर पड़ेगा। इसका आप पर असर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और वैश्विक ब्याज दरों में संभावित वृद्धि का सीधा असर आम भारतीय निवेशकों और आभूषण खरीदारों पर पड़ने की संभावना है। • भारत में: यदि वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में गिरावट जारी रहती है, तो भारतीय घरेलू बाजार में भी सोने के भाव कम हो सकते हैं। इससे आगामी त्योहारी और शादियों के सीजन में आभूषण खरीदने वाले उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल सकती है। • वैश्विक निवेशकों पर: अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के 5% से ऊपर पहुंचने के कारण फिक्स्ड-इनकम एसेट्स में निवेश अधिक आकर्षक हो गया है। इसके चलते सोने और शेयर बाजार जैसे जोखिम भरे विकल्पों से पूंजी की निकासी देखी जा सकती है। • कच्चे तेल और महंगाई पर: सऊदी संकट के कारण तेल के दाम $100 के पार बने रहने से भारत में ईंधन आयात की लागत बढ़ सकती है। इसके परिणामस्वरूप देश में माल ढुलाई महंगी हो सकती है, जो अंततः आम जनता के लिए दैनिक उपभोग की वस्तुओं की कीमतें बढ़ा सकती है। ऐसा क्यों हुआ सोने की कीमतों में हालिया गिरावट और कमोडिटी बाजार में मची हलचल के पीछे मुख्य रूप से भू-राजनीतिक सुरक्षा खतरे और आर्थिक आंकड़ों से उत्पन्न मुद्रास्फीति की आशंकाएं हैं। • सऊदी अरब पर हूती हमले: हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब की प्रमुख ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन को निशाना बनाए जाने के कारण उत्पादन ठप हो गया। इसके चलते अचानक 70 लाख बैरल प्रति दिन तेल बाजार से गायब हो गया और कच्चे तेल के दाम $100 प्रति बैरल से ऊपर निकल गए। • ट्रेजरी यील्ड में रिकॉर्ड उछाल: तेल की कमी से महंगाई बढ़ने की आशंकाओं और अमेरिकी PPI व CPI के मजबूत आंकड़ों के कारण अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 2023 के बाद पहली बार 5% के पार चली गई। • केंद्रीय बैंकों की सख्त नीतियां: फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी करने की 93% संभावना और बैंक ऑफ इंग्लैंड व बैंक ऑफ जापान द्वारा सख्त रुख अपनाने की आशंकाओं ने सोने जैसी गैर-यील्ड संपत्ति से निवेशकों को दूर धकेल दिया है। सवाल-जवाब 1. सोने की कीमत में हालिया गिरावट का सबसे मुख्य कारण क्या है? अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड का 5% के स्तर को पार करना और अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) का मजबूत होकर 99.41 पर पहुंचना सोने की कीमतों में गिरावट की मुख्य वजह है। 2. कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर क्यों चली गईं? सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हूती हमलों के बाद सुरक्षात्मक शटडाउन के कारण तेल उत्पादन में करीब 70 लाख बैरल प्रति दिन की कमी आई, जिससे तेल की कीमतें उछल गईं। 3. इस सप्ताह फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की कितनी संभावना है? बाजार के आंकड़ों के अनुसार, इस बात की लगभग 93% संभावना है कि फेडरल रिजर्व इस बुधवार को ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी करेगा। 4. तकनीकी संकेतकों के अनुसार सोने के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर क्या हैं? सोने के लिए पहला प्रमुख सपोर्ट $4,290 (S1) पर है, जिसके बाद $4,282 का स्तर और फिर $4,271 पर स्थित 50-दिवसीय SMA महत्वपूर्ण सपोर्ट के रूप में काम कर रहे हैं। https://trendkia.com/market/saudi-tela-snkata-aura-federal-reserve-ke-phaisalon-se-pahale-sone-ki-chamaka-phiki-trejari-yilda-5-ke-para-32312 TrendKia — Har trend, sabse pehle.