स्कॉट बेसेंट के बयानों और गिरते तेल से कैरी ट्रेड को मिली रफ्तार, अमेरिकी PCE आंकड़ों से पहले बाजार सतर्क कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में कमी से वैश्विक फॉरेक्स बाजारों में कैरी ट्रेड को बढ़त मिली है, जबकि निवेशक जल्द जारी होने वाले अमेरिकी PCE मुद्रास्फीति आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। वैश्विक वित्तीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के निचले स्तर पर आने से कैरी ट्रेड गतिविधियों को नए सिरे से समर्थन मिला है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट द्वारा बांड बाजार में किए गए हस्तक्षेप के एक हफ्ते बाद लंबी अवधि की यील्ड में लगभग 10-15 बेसिस प्वाइंट की कमी दर्ज की गई है। इस बीच, मुद्रास्फीति के प्रमुख संकेतकों और केंद्रीय बैंक की भावी नीतियों से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया हुआ है, जिससे प्रमुख मुद्राओं, सोने और डिजिटल एसेट्स में मिला-जुला कारोबार देखा जा रहा है। ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और ऊर्जा कीमतों का रुख अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने ट्रेजरी बांड बाजार में अपने हालिया हस्तक्षेप का बचाव करते हुए कहा कि उनके पास बाजार की तुलना में अधिक और विशिष्ट जानकारी उपलब्ध थी। उनके इस कदम के बाद लंबी अवधि वाले बांड्स की यील्ड 10-15 बेसिस प्वाइंट तक घटी है। यील्ड में इस नरमी को कच्चे तेल के दामों में आई 8 प्रतिशत की बड़ी गिरावट से भी बल मिला है। मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने के उद्देश्य से पाकिस्तान की मध्यस्थता में शुरू हुई शांति वार्ता की खबरों ने बाजार का ध्यान आकर्षित किया है और ऊर्जा की कीमतों पर दबाव बनाया है। बांड यील्ड में कमी के कारण ब्याज दरों की अस्थिरता में गिरावट आई है, जिसका सीधा असर फॉरेक्स और इक्विटी बाजारों में कम उतार-चढ़ाव के रूप में दिखा है। इस माहौल में कैरी ट्रेड रणनीतियां फिर से हावी हो गई हैं। G10 मुद्राओं के समूह में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD) को उस समय बड़ा सहारा मिला जब जुलाई महीने के CPI मुद्रास्फीति आंकड़ों ने अनुमान से अधिक तेजी दिखाई। इस अप्रत्याशित उछाल के बाद अब ऑस्ट्रेलिया का रिजर्व बैंक (RBA) द्वारा नवंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी किए जाने की संभावना काफी बढ़ गई है। प्रमुख मुद्रा जोड़ों में सीमित दायरे में कारोबार यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) 1.3650 के स्तर से नीचे हल्के दबाव के साथ कारोबार करता नजर आया। मंगलवार को दर्ज की गई मजबूत बढ़त का कुछ हिस्सा कम होने के बावजूद यह जोड़ी पिछले शुक्रवार को छुए गए छह महीने के उच्चतम स्तर के करीब बनी हुई है। व्यापारी अमेरिकी पर्सनल कंजप्शन एक्सपेंडिचर (PCE) प्राइस इंडेक्स के आंकड़ों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि बाजार को नई दिशा मिल सके। दूसरी ओर, यूरो (EUR/USD) भी दबाव में रहा और यूरोपीय सत्र में 1.1650 के स्तर की तरफ झुकता दिखा। अमेरिकी डॉलर में मामूली रिकवरी दर्ज की गई है, जिसे मुनाफावसूली और मिडिल ईस्ट से जुड़ी अनिश्चितताओं से समर्थन मिला है। बुधवार को आने वाले अमेरिकी PCE आंकड़े और दूसरी तिमाही के GDP आंकड़ों के संशोधित अनुमानों पर निवेशकों की करीबी नजर बनी हुई है। सोने के तेवर पड़े ठंडे, हाइपरलिक्विड में तेजी जारी कीमती धातुओं के बाजार में सोने की कीमत में 0.75 प्रतिशत की गिरावट देखी गई और यह घटकर लगभग $4,620 प्रति औंस के आसपास आ गई। एक दिन पहले सोना $4,697 प्रति औंस के अपने नए तीन महीने के उच्च स्तर पर पहुंचा था, जिसके बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की। 12:30 GMT पर जारी होने वाले जुलाई के PCE डेटा और जैक्सन होल सम्मेलन में फेड चेयरमैन केविन वॉश के भाषण से पहले व्यापारी सतर्क होकर कदम बढ़ा रहे हैं। डिजिटल एसेट क्षेत्र में हाइपरलिक्विड (HYPE) 4 प्रतिशत चढ़कर $83.30 के अपने पिछले ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड को तोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। पिछले हफ्ते इसमें 43 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया था। इस प्लेटफॉर्म को संस्थागत और खुदरा निवेशकों से भारी मांग मिल रही है। एक्सचेंज ट्रैडेड फंड्स (ETF) में पिछले दो दिनों के दौरान रोजाना $5 मिलियन से अधिक का निवेश आया है, जबकि बीते सात दिनों में इसकी दैनिक राजस्व आय $2.75 मिलियन से अधिक रही है। अमेरिकी PCE आंकड़ों और 7-वर्षीय नोट नीलामी पर नजर अमेरिकी ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक एनालिसिस बुधवार को 12:30 GMT पर जुलाई महीने के PCE प्राइस इंडेक्स आंकड़े प्रकाशित करने जा रहा है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जुलाई के दौरान मुद्रास्फीति का दबाव काफी ऊंचा बना रह सकता है, जो फेडरल रिजर्व के 2 प्रतिशत के वार्षिक लक्ष्य से ऊपर रहेगा। बांड बाजार के लिए अगला बड़ा परीक्षण $44 बिलियन मूल्य के 7-वर्षीय नोटों की नीलामी होगी, जिसके बाद शुक्रवार को जैक्सन होल संगोष्ठी में फेड चेयरमैन केविन वॉश का वक्तव्य सामने आएगा। इसका आप पर असर भारत और वैश्विक स्तर पर: • वैश्विक निवेशकों के लिए: कच्चे तेल के दामों में 8% की गिरावट और अमेरिकी यील्ड में कमी से कैरी ट्रेड को बढ़ावा मिला है, जिससे करेंसी और कमोडिटी बाजारों में अल्पकालिक अवसर बन रहे हैं। • भारतीय घरेलू बाजार पर प्रभाव: अमेरिकी मुद्रास्फीति (PCE) आंकड़ों और फेड के अगले कदमों से भारतीय शेयर बाजार और रुपये की विनिमय दर पर असर पड़ सकता है। सवाल-जवाब 1. स्कॉट बेसेंट के हस्तक्षेप का बांड बाजार पर क्या प्रभाव पड़ा? स्कॉट बेसेंट के हस्तक्षेप के बाद अमेरिकी ट्रेजरी बांड्स की लंबी अवधि वाली यील्ड में 10 से 15 बेसिस प्वाइंट की गिरावट दर्ज की गई। 2. कच्चे तेल की कीमतों में हाल में कितनी गिरावट आई है? पिछले हफ्ते के मुकाबले कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। 3. ऑस्ट्रेलियन डॉलर में तेजी का क्या कारण रहा? जुलाई महीने के CPI मुद्रास्फीति आंकड़ों में अप्रत्याशित उछाल के कारण ऑस्ट्रेलिया के रिजर्व बैंक (RBA) द्वारा नवंबर में दरें बढ़ाने की संभावना बढ़ गई है। 4. सोने की कीमत में हालिया स्तर क्या रहे हैं? सोना $4,697 के तीन महीने के उच्च स्तर को छूने के बाद 0.75% घटकर $4,620 के आसपास कारोबार कर रहा है। 5. हाइपरलिक्विड (HYPE) का प्रदर्शन कैसा रहा है? हाइपरलिक्विड 4% बढ़कर $83.30 के ऑल-टाइम हाई की ओर बढ़ रहा है, जिसे रोजाना $5 मिलियन से अधिक के ETF निवेश का समर्थन मिल रहा है। https://trendkia.com/market/scott-bessent-ke-bayanon-aura-girate-tela-se-kairi-treda-ko-mili-raphtara-ameriki-pce-ankaron-se-pahale-bajara-satarka-22536 TrendKia — Har trend, sabse pehle.