सेंसेक्स 417 अंक गिरकर बंद, अडानी पोर्ट्स में लगातार दूसरे दिन तेजी का रुझान 3 सितंबर को भारी उठापटक के बाद सेंसेक्स 417 अंक और निफ्टी 41 अंक गिरकर बंद हुए। मंदी के बीच अडानी पोर्ट्स में लगातार दूसरे दिन तेजी रही और स्मॉलकैप सूचकांक 1.2% चढ़ा। 3 सितंबर के कारोबारी सत्र की शुरुआत में भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ हरे निशान में दाखिल हुआ था, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, भारी उठापटक और बिकवाली के दबाव ने बाजार की चाल बदल दी। आखिरी घंटों में हुई बिकवाली के कारण मुख्य सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी भारी गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए। इस तेज बिकवाली के बीच अडानी समूह के प्रमुख शेयर अडानी पोर्ट्स ने शानदार मजबूती दिखाई और लगातार दूसरे दिन निफ्टी के टॉप गेनर्स में अपनी जगह बरकरार रखी। सेंसेक्स और निफ्टी के अंतिम आंकड़े और बाजार की स्थिति कारोबार समाप्त होने पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 417.49 अंक की बड़ी गिरावट के साथ 76,152.86 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 50 भी 41.00 अंक टूटकर 23,873.45 पर आ गया। भले ही प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन बाजार का व्यापक दायरा सकारात्मक रहा। शेयर बाजार में कुल 2,453 शेयरों ने तेजी दर्ज की, 1,686 शेयरों में गिरावट देखी गई, जबकि 178 शेयर बिना किसी उतार-चढ़ाव के सपाट बंद हुए। अडानी पोर्ट्स की लगातार तेजी और शेयर बाजार के टॉप गेनर्स बाजार में मंदी के माहौल के बीच अडानी पोर्ट्स का प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा। यह स्टॉक 2 सितंबर को 1.51% चढ़ा था और 3 सितंबर को इसमें 2.02% की अतिरिक्त वृद्धि दर्ज की गई, जिससे इसका बंद भाव ₹1,706.50 पर पहुंच गया। इस प्रकार महज दो दिनों के भीतर इस शेयर में करीब 3.5% की बढ़त दर्ज की गई। अडानी पोर्ट्स के अलावा बैंकिंग और उपभोक्ता दिग्गजों में भी खरीदारी का रुख देखने को मिला। एक्सिस बैंक में 1.04% और एचडीएफसी बैंक में 0.83% की तेजी आई। इसी तरह टाटा कंज्यूमर 0.71%, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स 0.70% और एशियन पेंट्स 0.56% की बढ़त के साथ बंद हुए। ऑटो, आईटी और एफएमसीजी में बिकवाली से लगा झटका दूसरी तरफ, भारी मुनाफावसूली के कारण कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी मंदी देखी गई। बिकवाली की इस लहर में सबसे ज्यादा नुकसान ऑटोमोबाइल और आईटी सेक्टर के शेयरों को उठाना पड़ा। बजाज ऑटो 1.73% गिरकर टॉप लूजर्स में सबसे आगे रहा। इसके बाद टेक महिंद्रा में 1.54% और ट्रेंट में 1.29% की मंदी आई। इसके अलावा फार्मा कंपनी सिप्ला 1.28%, महिन्द्रा एंड महिन्द्रा 1.25%, आईटीसी 1.24%, टीसीएस 1.19% और अल्ट्राटेक सीमेंट 1.04% की गिरावट के साथ बंद हुए। सेक्टोरल इंडेक्स का हाल और ब्रॉडर मार्केट की बढ़त सेक्टरवार स्थिति पर नजर डालें तो ऑटो, एफएमसीजी, आईटी और फार्मा सेक्टर्स के सूचकांकों में लगभग आधा प्रतिशत (0.5%) की नरमी दर्ज की गई। हालांकि, कुछ क्षेत्रों ने बाजार को संभालने का प्रयास किया। रियल्टी इंडेक्स 2.5% की जोरदार बढ़त बनाने में सफल रहा, जबकि मीडिया इंडेक्स में 1.7% का उछाल देखा गया। बैंकिंग मोर्चे पर सार्वजनिक क्षेत्र के पीएसयू बैंक और निजी बैंक इंडेक्स दोनों 0.5% चढ़कर बंद हुए। बड़े सूचकांकों की गिरावट के बावजूद ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन सकारात्मक रहा, जहां निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.37% और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 1.2% की तगड़ी तेजी के साथ बंद हुआ। इसका आप पर असर शेयर बाजार में आई गिरावट और सेक्टोरल फेरबदल का सीधा असर विभिन्न प्रकार के निवेशकों के पोर्टफोलियो पर पड़ता है। • रिटेल निवेशकों के लिए: बड़े बेंचमार्क शेयरों में मुनाफावसूली के कारण शॉर्ट-टर्म पोर्टफोलियो पर दबाव दिख सकता है। निवेशकों को गुणवत्ता वाले मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अपनी होल्डिंग की समीक्षा करनी चाहिए। • अडानी समूह के शेयरधारकों के लिए: अडानी पोर्ट्स में दो दिनों की 3.5% बढ़त से लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के निवेशकों में सकारात्मक संकेत मिला है। इससे कंपनी के दीर्घकालिक कारोबार और ऑर्डर बुक पर भरोसा कायम रहता है। • बैंकिंग शेयरधारकों के लिए: पीएसयू और प्राइवेट बैंक सूचकांकों में 0.5% की बढ़त वित्तीय क्षेत्र में स्थिरता को दर्शाती है। बैंक शेयरों में निवेश करने वालों को ब्याज दर परिदृश्य और तिमाही नतीजों पर नजर रखनी चाहिए। • आईटी और ऑटो निवेशकों के लिए: आईटी और ऑटो सेक्टर्स में आधा फीसदी की गिरावट के कारण सतर्क रुख अपनाने की जरूरत है। वैश्विक मांग और कच्चे माल की लागत के आधार पर इन क्षेत्रों में रणनीति तय करें। • म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए: स्मॉलकैप फंड्स में 1.2% की तेजी से स्मॉलकैप श्रेणी की स्कीमों के एनएवी में अल्पकालिक बढ़त दिख सकती है। बाजार की अस्थिरता को देखते हुए एसआईपी के जरिए अनुशासित निवेश जारी रखना फायदेमंद होगा। सवाल-जवाब 1. 3 सितंबर को सेंसेक्स और निफ्टी का बंद भाव क्या रहा? सेंसेक्स 417.49 अंक गिरकर 76,152.86 पर और निफ्टी 50 सूचकांक 41.00 अंक फिसलकर 23,873.45 के स्तर पर बंद हुआ। 2. निफ्टी 50 में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाला शेयर कौन सा था? अडानी पोर्ट्स लगातार दूसरे दिन निफ्टी का टॉप गेनर रहा, जो 3 सितंबर को 2.02% की तेजी के साथ ₹1,706.50 पर बंद हुआ। 3. बाजार में गिरावट के बावजूद किन सेक्टर्स में तेजी देखी गई? रियल्टी इंडेक्स में 2.5% और मीडिया इंडेक्स में 1.7% की तेजी दर्ज की गई, जबकि पीएसयू व प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.5% चढ़कर बंद हुए। 4. 3 सितंबर को शेयर बाजार में एडवांस्ड और डिक्लाइन शेयर्स का अनुपात क्या था? बाजार बंद होने तक कुल 2,453 शेयरों में बढ़त रही, 1,686 शेयरों में गिरावट आई और 178 शेयर बिना किसी बदलाव के सपाट बंद हुए। 5. किन प्रमुख सेक्टर्स के शेयरों में बिकवाली का सबसे ज्यादा असर रहा? ऑटो, आईटी, एफएमसीजी और फार्मा सेक्टर्स में करीब आधा-आधा प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिसमें बजाज ऑटो और टेक महिंद्रा सबसे ज्यादा टूटे। https://trendkia.com/market/sensex-417-anka-girakara-bnda-adani-ports-men-lagatara-dusare-dina-teji-ka-rujhana-27106 TrendKia — Har trend, sabse pehle.