सेंसेक्स 424 अंक उछलकर बंद, इंफोसिस और गेल समेत इन शेयरों में रही जोरदार हलचल घरेलू शेयर बाजार में 8 सितंबर 2015 को जोरदार तेजी दर्ज की गई, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी 1.7 प्रतिशत से अधिक चढ़कर बंद हुए। भारतीय शेयर बाजार में 8 सितंबर 2015 के कारोबारी सत्र में जोरदार उछाल देखने को मिला। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 424.06 अंक यानी 1.70 प्रतिशत की मजबूती के साथ 25317.87 के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी सूचकांक भी 129.45 अंक यानी 1.71 प्रतिशत की बढ़त बनाकर 7688.25 के स्तर पर पहुंचने में सफल रहा। एशियाई बाजारों में भी इस दौरान अधिकांश इक्विटी बाजारों में तेजी का माहौल रहा, हालांकि जापान का निक्केई 225 सूचकांक 2.49 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। इंफोसिस को अमेरिकी श्रम विभाग से मिली राहत आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इंफोसिस के शेयरों में सकारात्मक रुख देखा गया। कंपनी ने जानकारी दी कि अमेरिकी श्रम विभाग (डीओएल) ने सदर्न कैलिफोर्निया एडिसन प्रोजेक्ट में दाखिल किए गए लेबर कंडीशन आवेदनों को लेकर अपनी जांच पूरी कर ली है। इस जांच में विभाग ने नियमों के पूर्ण अनुपालन की पुष्टि की है। कंपनी द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के मुताबिक, इंफोसिस ने जांच प्रक्रिया के दौरान अमेरिकी श्रम विभाग को पूरा सहयोग दिया। इस पड़ताल में 145 से अधिक फाइलों की विस्तृत समीक्षा की गई, जिसमें नियमों का किसी भी प्रकार का उल्लंघन नहीं पाया गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर इंफोसिस का शेयर 1.13 प्रतिशत चढ़कर 1062 रुपये पर बंद हुआ, जबकि दिन के कारोबार में इसने 1074 रुपये का उच्चतम स्तर छुआ था। पावर और रेटिंग अपग्रेड वाले शेयरों में उछाल बिजली क्षेत्र से जुड़ी कंपनी के शेयरों में उस समय जोरदार तेजी देखने को मिली जब जेपी पावर से बीना थर्मल पावर को 3,500 करोड़ रुपये में अधिग्रहित करने की तैयारी से जुड़े घटनाक्रम सामने आए। इस घटनाक्रम के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर शेयर 10.18 प्रतिशत के भारी उछाल के साथ 74.90 रुपये पर बंद हुआ। ट्रेडिंग के दौरान इस शेयर ने 75.40 रुपये का ऊपरी स्तर और 68.25 रुपये का निचला स्तर छुआ। वहीं, एक अन्य शेयर में एक प्रमुख रेटिंग एजेंसी द्वारा रेटिंग अपग्रेड करने के बाद खरीदारी लौटी। एजेंसी ने मौजूदा स्तरों पर ऐतिहासिक रूप से कम वैल्यूएशन का हवाला देते हुए इसे 'बाय' रेटिंग दी। इसके चलते बीएसई पर शेयर 2.04 प्रतिशत की बढ़त के साथ 114 रुपये पर बंद हुआ, जबकि कारोबार के दौरान इसका इंट्राडे हाई 116 रुपये रहा। गेल में खरीदारी, आमटेक ऑटो के शेयरों में बिकवाली सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख गैस कंपनी गेल के शेयर में भी निवेशकों ने खासी दिलचस्पी दिखाई। ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने गेल पर अपनी खरीदारी की सिफारिश बरकरार रखी, हालांकि उसने कंपनी के लिए लक्ष्य मूल्य में 8 से 10 प्रतिशत की कटौती की। बीएसई पर गेल का शेयर 6.44 प्रतिशत की शानदार तेजी के साथ 294 रुपये पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में शेयर ने 274 रुपये का निचला और 296 रुपये का उच्चतम स्तर बनाया। इसके विपरीत, ऑटो कंपोनेंट निर्माता आमटेक ऑटो के शेयरों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। कंपनी द्वारा आगामी दो हफ्तों के भीतर निवेशकों को 800 करोड़ रुपये का भुगतान करने में संभावित विफलता से जुड़ी चिंताओं के कारण बिकवाली का दबाव देखा गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर आमटेक ऑटो का शेयर 5.50 प्रतिशत फिसलकर 27.50 रुपये पर बंद हुआ। दिन के दौरान शेयर 29.30 रुपये के उच्च स्तर और 26.40 रुपये के निचले स्तर तक गया। इसका आप पर असर शेयर बाजार में आई इस तेजी और कॉरपोरेट स्तर पर हुए बदलावों का सीधा असर निवेशकों के पोर्टफोलियो और बाजार की धारणा पर पड़ता है। • इक्विटी निवेशकों के लिए: बेंचमार्क सूचकांकों में 1.7 प्रतिशत से अधिक की बढ़त से निवेशकों की संपत्ति में सुधार हुआ है। लार्जकैप और आईटी शेयरों में स्थिरता आने से बाजार में जोखिम उठाने की क्षमता बेहतर हो सकती है। • आईटी क्षेत्र के शेयरधारकों के लिए: अमेरिकी श्रम विभाग द्वारा इंफोसिस को क्लीन चिट मिलने से वीजा और अनुपालन को लेकर बनी अनिश्चितता दूर हुई है। इससे विदेशी प्रोजेक्ट्स पर काम करने वाली अन्य भारतीय आईटी कंपनियों के प्रति भी सेंटीमेंट मजबूत हो सकता है। • डेट और क्रेडिट जोखिम: आमटेक ऑटो द्वारा 800 करोड़ रुपये के भुगतान में संभावित चूक की खबरों से ऑटो एंसिलरी सेक्टर में जोखिम बढ़ा है। जिन निवेशकों या फंड्स ने ऐसे कॉरपोरेट पेपर्स में निवेश किया है, उन्हें अपनी लिक्विडिटी स्थिति की समीक्षा करनी पड़ सकती है। • पावर और यूटिलिटी सेक्टर: बीना थर्मल पावर के लिए 3,500 करोड़ रुपये के संभावित सौदे से संपत्तियों के मुद्रीकरण को गति मिलेगी। बिजली क्षेत्र में कंसोलिडेशन से संबंधित कंपनियों के वैल्युएशन पर सीधा असर दिख सकता है। ऐसा क्यों हुआ बाजार में उछाल और अलग-अलग शेयरों में हलचल मुख्य रूप से विनियामक स्पष्टता, परिसंपत्ति अधिग्रहण और कॉरपोरेट क्रेडिट चिंताओं के कारण देखने को मिली। • विनियामक राहत: अमेरिकी श्रम विभाग ने 145 से अधिक फाइलों की पड़ताल के बाद इंफोसिस के खिलाफ कोई उल्लंघन नहीं पाया। इस फैसले ने आईटी क्षेत्र के लिए विनियामक जोखिमों को काफी हद तक कम किया। • परिसंपत्ति अधिग्रहण की खबरें: जेपी पावर के बीना थर्मल पावर प्रोजेक्ट को 3,500 करोड़ रुपये में खरीदे जाने से जुड़ी चर्चाओं ने संबंधित बिजली कंपनी के शेयरों में भारी खरीदारी को बढ़ावा दिया। • ब्रोकरेज और रेटिंग समीक्षा: प्रमुख ब्रोकरेज फर्म नोमुरा द्वारा गेल पर बाय रेटिंग बनाए रखने और एक रेटिंग एजेंसी द्वारा आकर्षक वैल्युएशन पर अपग्रेड करने से इन काउंटरों में सकारात्मक खरीदारी दर्ज की गई। • ऋण अदायगी का दबाव: आमटेक ऑटो द्वारा दो सप्ताह में 800 करोड़ रुपये चुकाने में संभावित असमर्थता की स्थिति ने निवेशकों में घबराहट पैदा की, जिसके चलते शेयर में तेज गिरावट आई। सवाल-जवाब 1. 8 सितंबर 2015 को सेंसेक्स और निफ्टी किस स्तर पर बंद हुए? सेंसेक्स 424.06 अंक (1.70%) की बढ़त के साथ 25317.87 पर और निफ्टी 129.45 अंक (1.71%) चढ़कर 7688.25 पर बंद हुआ। 2. अमेरिकी श्रम विभाग की जांच में इंफोसिस को लेकर क्या फैसला आया? अमेरिकी श्रम विभाग ने 145 से अधिक फाइलों की समीक्षा के बाद सभी नियमों का पूर्ण अनुपालन पाया और किसी भी उल्लंघन से इनकार किया। 3. गेल के शेयर में तेजी की क्या मुख्य वजह रही? ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने लक्ष्य मूल्य में 8-10% की कटौती के बावजूद शेयर पर अपनी खरीदारी की सिफारिश बरकरार रखी, जिससे शेयर 6.44% उछला। 4. आमटेक ऑटो के शेयरों में गिरावट क्यों दर्ज की गई? कंपनी द्वारा अगले दो सप्ताह में निवेशकों को 800 करोड़ रुपये का भुगतान करने में संभावित विफलता की आशंका के चलते शेयर 5.50% टूटा। https://trendkia.com/market/sensex-424-anka-uchhalakara-bnda-infosys-aura-gail-sameta-ina-sheyaron-men-rahi-joradara-halachala-53247 TrendKia — Har trend, sabse pehle.