शानदार घरेलू महंगाई आंकड़ों के बावजूद अमेरिकी डॉलर के सामने पस्त हुआ न्यूजीलैंड का कीवी घरेलू महंगाई के शानदार आंकड़ों को दरकिनार करते हुए न्यूजीलैंड डॉलर लगातार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हो रहा है। बाजार में भारी अनिश्चितता और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक तेजी से सुरक्षित माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर की ओर भाग रहे हैं। आमतौर पर, जब किसी देश के घरेलू महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा मजबूत आते हैं, तो उसकी मुद्रा में भारी उछाल देखने को मिलता है। हालांकि, मौजूदा बाजार में न्यूजीलैंड डॉलर की स्थिति बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सुस्त बना हुआ है। दूसरी तिमाही के लिए जारी किए गए हालिया आंकड़ों से पता चला है कि न्यूजीलैंड के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में तेजी से इजाफा हुआ है। तिमाही दर तिमाही आधार पर इसमें 1.5% की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। यह बाजार के 1.4% के अनुमान से काफी अधिक है और पिछली तिमाही की 0.9% की मामूली बढ़त के मुकाबले बहुत तेज उछाल है। वहीं, सालाना आधार पर देखें तो यह आंकड़े और भी चौंकाने वाले हैं। वार्षिक मुद्रास्फीति छलांग लगाकर 4.1% पर पहुंच गई है, जिसने 4.0% के बाजार अनुमानों को पीछे छोड़ दिया है। इससे पहले यह आंकड़ा 3.1% पर था। उम्मीद से अधिक गर्म इन आर्थिक आंकड़ों ने बाजार में इस धारणा को और मजबूत कर दिया है कि रिज़र्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड के पास अपनी सख्त मौद्रिक नीति को लंबे समय तक बनाए रखने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। अगर महंगाई दर में खुद से नरमी नहीं आती है, तो नीति निर्माताओं को ब्याज दरों में और बढ़ोतरी करने पर भी विचार करना पड़ सकता है। अमेरिकी डॉलर का दबदबा और भू-राजनीतिक तनाव घरेलू मोर्चे पर इस तरह के मजबूत और सख्त आर्थिक माहौल के बावजूद, न्यूजीलैंड डॉलर अपने अमेरिकी प्रतिद्वंद्वी के सामने टिक नहीं पा रहा है। व्यापक वैश्विक आर्थिक माहौल इस समय भारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता की चपेट में है। इस तनाव ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में खौफ और सतर्कता का माहौल बना दिया है। जब भी दुनिया में कोई बड़ा संकट या डर का माहौल बनता है, तो निवेशक स्वाभाविक रूप से सबसे सुरक्षित माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर की ओर भागते हैं। ग्रीनबैक की इस जबरदस्त वैश्विक मांग ने उस समर्थन को पूरी तरह से बेअसर कर दिया है जो न्यूजीलैंड डॉलर को अपने घरेलू महंगाई आंकड़ों से मिल सकता था। परिणामस्वरूप, यह विदेशी मुद्रा जोड़ी अपनी हालिया ट्रेडिंग रेंज के निचले स्तरों के आसपास ही संघर्ष कर रही है और शानदार घरेलू डेटा होने के बावजूद खरीदारों को आकर्षित नहीं कर पा रही है। अमेरिकी श्रम बाजार के आंकड़े बढ़ा सकते हैं दबाव इस हफ्ते के बाकी दिनों के आर्थिक कैलेंडर पर नजर डालें, तो मुद्रा कारोबारियों की निगाहें अमेरिका से आने वाले लेबर मार्केट के आंकड़ों पर टिकी हैं। ये नए आंकड़े मुद्रा विनिमय दरों में एक नई हलचल पैदा कर सकते हैं। वर्तमान पूर्वानुमानों के अनुसार, अमेरिका में इनिशियल जॉबलेस क्लेम्स बढ़कर 212,000 के स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है। यदि वास्तविक रिपोर्ट इस अनुमान से अधिक मजबूत आती है, जिसका अर्थ है कि कम लोग बेरोजगारी भत्ते की मांग कर रहे हैं, तो इसका सीधा मतलब होगा कि अमेरिकी श्रम बाजार बेहद सख्त और मजबूत बना हुआ है। यह स्थिति न्यूजीलैंड डॉलर पर दबाव को और बढ़ा सकती है। एक मजबूत अमेरिकी वर्कफोर्स फेडरल रिजर्व को अपनी बेंचमार्क ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने की अधिक छूट देता है। यह सीधा समीकरण कीवी जैसी जोखिम भरी और कमोडिटी-आधारित मुद्राओं की तुलना में अमेरिकी डॉलर को निवेशकों के लिए कहीं अधिक आकर्षक बना देता है। विदेशी मुद्रा जोड़ी का तकनीकी आउटलुक अगर विशुद्ध रूप से तकनीकी विश्लेषण के नजरिए से देखें, तो हालिया प्राइस एक्शन इस बुनियादी कमजोरी को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। लाइव मार्केट डेटा फीड के मुताबिक, यह मुद्रा जोड़ी फिलहाल 0.5815 के स्तर के आसपास मंडरा रही है, जो अपने पिछले दैनिक क्लोज (0.5826) से 0.20% नीचे है। यह एसेट बड़े पैमाने पर लंबी अवधि के डाउनट्रेंड में फंसा हुआ है, जिसे वर्तमान में एक खतरनाक डेथ क्रॉस फॉर्मेशन के रूप में देखा जा रहा है, एक ऐसी स्थिति जहां 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (जो फिलहाल 0.5794 पर है) ने 200-दिवसीय मूविंग एवरेज (0.5827) को निर्णायक रूप से नीचे की ओर काट दिया है। शॉर्ट-टर्म चार घंटे के चार्ट पर, कुल मिलाकर माहौल मंदी का बना हुआ है क्योंकि यह जोड़ी लगातार 20-पीरियड सिंपल मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रही है। हालांकि पिछले ऐतिहासिक विश्लेषण में तात्कालिक रेजिस्टेंस 0.5817 और 0.5834 के बीच बताया गया था, लेकिन नवीनतम लाइव तकनीकी संकेतकों का सुझाव है कि दैनिक पिवट रेजिस्टेंस अब बहुत करीब 0.5818 पर शुरू होता है, जिसके बाद दूसरा स्तर 0.5822 पर है। वर्तमान कीमत के नीचे सपोर्ट मुख्य रूप से 0.5811 और 0.5807 के आसपास देखा जा रहा है, जबकि एक बहुत ही महत्वपूर्ण 20-दिवसीय ऐतिहासिक सपोर्ट जोन 0.5628 के करीब है। मोमेंटम इंडिकेटर्स मिली-जुली लेकिन सतर्क तस्वीर पेश कर रहे हैं; रियल-टाइम मेट्रिक्स के अनुसार रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 56 के न्यूट्रल स्तर पर खड़ा है, जो खरीदारों और विक्रेताओं के बीच एक अस्थायी संतुलन का संकेत देता है। अगर कीमत तात्कालिक सपोर्ट स्तरों से नीचे टूटती है, तो यह जोड़ी अपने स्थापित 52-सप्ताह के निचले स्तर 0.5584 की ओर तेजी से गिर सकती है। शुरुआती कारोबार में ब्रिटिश पाउंड और यूरो का संघर्ष बाजार का यह बेहद सतर्क और रक्षात्मक मिजाज केवल न्यूजीलैंड डॉलर को ही प्रभावित नहीं कर रहा है; अन्य प्रमुख यूरोपीय मुद्राएं भी डॉलर के मुकाबले ऊपर उठने के लिए कड़ा संघर्ष कर रही हैं। उदाहरण के लिए, ब्रिटिश पाउंड को कोई भी सार्थक रिकवरी मोमेंटम जुटाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार के दोपहर के कारोबारी सत्र के दौरान यह मुद्रा 1.3400 के मनोवैज्ञानिक स्तर से काफी नीचे ही दबी रही। पाउंड में यह सुस्ती यूनाइटेड किंगडम के वार्षिक कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स डेटा के बहुप्रतीक्षित रिलीज के ठीक बाद आई, जिसमें पता चला कि जून में हेडलाइन महंगाई दर घटकर 2.6% पर आ गई है। चूंकि यह गिरावट 2.7% के बाजार अनुमान से थोड़ी तेज थी, इसलिए इसने बैंक ऑफ इंग्लैंड के लिए अपनी आक्रामक रूप से उच्च ब्याज दर नीति को बनाए रखने की तत्काल आवश्यकता को कुछ हद तक कम कर दिया है, जिससे पाउंड की ताकत में कमी आई है। इसके साथ ही, फॉरेक्स ट्रेडर मिडिल ईस्ट से लगातार आ रही तनावपूर्ण खबरों पर बेहद घबराहट के साथ पैनी नजर रखे हुए हैं। ऐसी ही भू-राजनीतिक चिंताओं ने यूरो को भी बुरी तरह से प्रभावित किया है, जो वर्तमान में 1.1400 के स्तर के आसपास एक बहुत ही संकीर्ण और निराशाजनक ट्रेडिंग चैनल तक सीमित है। आज यूरोजोन से किसी भी बड़े आर्थिक आंकड़े के न आने के कारण, मिडिल ईस्ट का यह बढ़ता तनाव इस साझा मुद्रा की तेजी के रास्ते में एक मजबूत दीवार का काम कर रहा है। परिणामस्वरूप, बड़े बाजार भागीदार काफी हद तक किनारे बैठे हैं और गुरुवार को यूरोपियन सेंट्रल बैंक के महत्वपूर्ण मौद्रिक नीति निर्णयों और प्रेस कॉन्फ्रेंस का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सुरक्षित निवेश की चाहत से सोने की कीमतों में भारी उछाल जहां एक तरफ अनिश्चितता के बोझ तले जोखिम-संवेदनशील मुद्राएं लड़खड़ा रही हैं, वहीं इस माहौल में पारंपरिक सुरक्षित संपत्तियां फल-फूल रही हैं। लगातार चौथे कारोबारी दिन सोने की कीमतों ने अपनी ऊपर की ओर गति को आक्रामक रूप से बढ़ाया है और ऐतिहासिक $4,100 के आंकड़े से काफी ऊपर एक बहुत ही आरामदायक और सुरक्षित स्थिति स्थापित कर ली है। यह कीमती धातु इक्विटी और उच्च-प्रतिफल वाली मुद्राओं को परेशान करने वाले जोखिम-मुक्त भावना से पूरी तरह से अप्रभावित है। इसके बजाय, बुलियन ईरान से जुड़े तेजी से बढ़ते भू-राजनीतिक तापमान और सैन्य तनाव के साथ-साथ वैश्विक क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतों से भारी ताकत खींच रहा है। फिर से बढ़ती महंगाई की आशंकाओं और अप्रत्याशित वैश्विक अस्थिरता के इस बेहद शक्तिशाली संयोजन ने सोने में एक उल्लेखनीय और निरंतर रैली को जन्म दिया है। अकेले इस सप्ताह यह संपत्ति लगभग 2.5% तक उछल चुकी है, जो इसे तीन महीने से अधिक समय में अपने सबसे बेहतरीन साप्ताहिक प्रदर्शन को दर्ज करने के रास्ते पर ले आई है। ऑस्ट्रेलिया के रोजगार आंकड़ों का बेसब्री से इंतजार एशिया-प्रशांत आर्थिक क्षेत्र पर वापस लौटते हुए, क्षेत्रीय ट्रेडर और विश्लेषक ऑस्ट्रेलिया से आने वाले महत्वपूर्ण रोजगार आंकड़ों के लिए तीव्रता से तैयारी कर रहे हैं, जो गुरुवार को 01:30 GMT पर जारी होने वाले हैं। बाजार के प्रतिभागियों और संस्थागत अर्थशास्त्रियों को काफी हद तक उम्मीद है कि व्यापक ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था में समग्र रोजगार सृजन का विस्तार जारी रहेगा। सर्वसम्मति से आर्थिक पूर्वानुमान मजबूती से सुझाव देते हैं कि ऑस्ट्रेलियन ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स आधिकारिक तौर पर जून महीने में लगभग 15,000 नई नौकरियों के जुड़ने की रिपोर्ट करेगा। इस बीच, राष्ट्रीय बेरोजगारी दर के 4.4% के स्तर पर स्थिर रहने की पूरी उम्मीद है, जो मई के पिछले महीने के आधिकारिक आंकड़ों में कोई बदलाव नहीं दर्शाता है। इस बहुप्रतीक्षित रोजगार रिपोर्ट के अंतिम परिणाम का न्यूजीलैंड डॉलर पर तत्काल और गहरा प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि दोनों पड़ोसी अर्थव्यवस्थाएं आपस में गहराई से जुड़ी हुई हैं। क्रिप्टोकरेंसी बाजार ने दिखाया शानदार लचीलापन अंत में, अत्यधिक अस्थिर डिजिटल एसेट सेक्टर की बात करें तो, व्यापक पारंपरिक बाजार की अस्थिरता के बिल्कुल विपरीत, यहां संस्थागत आशावाद के गहरे संकेत बढ़ रहे हैं। क्रिप्टो फंड मैनेजर बिटवाइज के मुख्य निवेश अधिकारी मैट होगन के अनुसार, अगला बड़ा क्रिप्टोकरेंसी बुल मार्केट आधुनिक ब्लॉकचेन-आधारित वित्तीय बुनियादी ढांचे और दृढ़ता से स्थापित पारंपरिक वित्त क्षेत्र के बीच एक तेज संरचनात्मक अभिसरण से प्रेरित हो सकता है। मंगलवार देर रात ग्राहकों को वितरित एक अत्यधिक विस्तृत और व्यापक विश्लेषणात्मक रिपोर्ट में, होगन ने स्पष्ट रूप से संस्थागत दृष्टिकोण व्यक्त किया कि क्रिप्टोकरेंसी स्पेस वर्तमान में निश्चित रूप से बाजार के निचले स्तर पर पहुंचने के शुरुआती लेकिन बेहद विश्वसनीय संकेत दे सकता है। अपने इस साहसिक आर्थिक दावे का समर्थन करते हुए, उन्होंने परिसंपत्ति प्रदर्शन में एक आश्चर्यजनक अंतर को उजागर किया। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन ने 1 जुलाई के बाद से कुल 9% की मजबूत बढ़त हासिल करने में कामयाबी पाई है। यह वास्तव में उल्लेखनीय सापेक्ष शक्ति और लचीलेपन को दर्शाता है, खासकर जब इसे टेक-हैवी नैस्डैक 100 इक्विटी इंडेक्स की पृष्ठभूमि में देखा जाता है, जिसे ठीक उसी समय अवधि के दौरान कुल 6% की उल्लेखनीय गिरावट का सामना करना पड़ा है। इसका आप पर असर • फॉरेक्स ट्रेडर्स के लिए: अमेरिकी डॉलर की लगातार मजबूती का मतलब है कि जब तक भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता, तब तक न्यूजीलैंड डॉलर जैसी कमोडिटी मुद्राओं पर दांव लगाना अत्यधिक जोखिम भरा है। • निवेशकों के लिए: सोने के $4,100 के पार जाने और बिटकॉइन के मजबूत बने रहने के साथ, इन वैकल्पिक सुरक्षित संपत्तियों में निवेश करना मौजूदा शेयर बाजार की अस्थिरता से बचने का एक शानदार तरीका हो सकता है। सवाल-जवाब 1. ज्यादा महंगाई के बावजूद न्यूजीलैंड डॉलर क्यों गिर रहा है? वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और बाजार में सतर्कता के कारण निवेशक सुरक्षित माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर की ओर भाग रहे हैं, जिससे कीवी डॉलर के सकारात्मक घरेलू आंकड़े बेअसर हो गए हैं। 2. दूसरी तिमाही में न्यूजीलैंड की महंगाई दर क्या थी? न्यूजीलैंड का कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स तिमाही दर तिमाही 1.5% और सालाना आधार पर 4.1% बढ़ा, जो दोनों ही बाजार की उम्मीदों से काफी ज्यादा है। 3. मौजूदा बाजार में सोने का प्रदर्शन कैसा है? सोना लगातार उछाल पर है और $4,100 के ऊपर कारोबार कर रहा है। ईरान से जुड़े तनाव और जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के कारण इस सप्ताह इसमें लगभग 2.5% की तेजी आई है। 4. क्रिप्टोकरेंसी बाजार का नवीनतम रुझान क्या है? बिटवाइज के सीआईओ मैट होगन के अनुसार, क्रिप्टो बाजार निचले स्तर से उबरने के शुरुआती संकेत दे रहा है। 1 जुलाई से टेक-हैवी नैस्डैक 100 में गिरावट के बावजूद बिटकॉइन ने 9% की बढ़त हासिल की है। https://trendkia.com/market/shanadara-gharelu-mahngai-ankaron-ke-bavajuda-us-dollar-ke-samane-pasta-hua-new-zealand-ka-kiwi-9973 TrendKia — Har trend, sabse pehle.