शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली: सेंसेक्स और निफ्टी टूटे, स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.9 फीसदी का भारी नुकसान घरेलू शेयर बाजार में 23 अक्टूबर को भारी मुनाफावसूली से प्रमुख सूचकांक गिरावट पर बंद हुए। स्मॉलकैप में 2.9% और मिडकैप में 2.5% की तेज गिरावट दर्ज की गई, जबकि सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में रहे। घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को चौतरफा बिकवाली का दबाव हावी रहा, जिसके चलते प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। कारोबारी सत्र की शुरुआत से ही बाजार पर मंदड़ियों का शिकंजा कसा रहा और कारोबार खत्म होने तक संभलने का कोई खास मौका नहीं मिला। लार्जकैप शेयरों के मुकाबले ब्रॉडर मार्केट पर इस कमजोरी की मार कहीं अधिक पड़ी। छोटे और मझोले शेयरों में निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की, जिसके चलते स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 2.9 प्रतिशत तक लुढ़क गया और मिडकैप में भी 2.5 प्रतिशत की गिरावट आई। सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट का लेखा-जोखा कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 125.56 अंक यानी 0.17 प्रतिशत टूटकर 73,123.83 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर, एनएसई निफ्टी 87.65 अंक यानी 0.39 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,600 के स्तर पर आकर ठहरा। बाजार में लगातार बने बिकवाली के दबाव ने अधिकांश प्रमुख शेयरों को नीचे खींच लिया। विभिन्न सेक्टरों में निवेशकों द्वारा अपनी स्थिति हल्की करने और मुनाफावसूली करने की होड़ साफ तौर पर दिखाई दी, जिससे प्रमुख सूचकांक संभल नहीं पाए। सभी सेक्टोरल सूचकांकों पर दिखा दबाव बाजार में बिकवाली का असर इतना व्यापक रहा कि एक भी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में टिकने में कामयाब नहीं हो सका। सबसे बड़ी गिरावट निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में दर्ज की गई, जो 2.63 प्रतिशत गिरकर 33,922.00 के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी मेटल इंडेक्स 2.71 प्रतिशत टूटकर 11,478.20 पर आ गया। रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में भी भारी सुस्ती रही। निफ्टी रियल्टी 2.38 प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी पीएसयू बैंक में 2.26 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। निफ्टी केमिकल इंडेक्स भी 2.32 प्रतिशत लुढ़का। अन्य प्रमुख सेक्टर्स में निफ्टी बैंक 1.16 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 1.33 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा 1.04 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी 0.99 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो 0.60 प्रतिशत और निफ्टी आईटी 0.27 प्रतिशत कमजोर होकर बंद हुए। निफ्टी 50 के शीर्ष गिरावट और तेजी वाले शेयर निफ्टी 50 के अंतर्गत आने वाले शेयरों में भी कमजोरी का गहरा प्रभाव देखा गया। श्रीराम फाइनेंस के शेयरों में 3.98 प्रतिशत की भारी गिरावट आई और यह दिन का सबसे बड़ा लूजर साबित हुआ। इसके अलावा अदाणी एंटरप्राइजेज में 2.86 प्रतिशत, जेएसडब्ल्यू स्टील में 2.83 प्रतिशत, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज में 2.74 प्रतिशत, अदाणी पोर्ट्स में 2.70 प्रतिशत, टाटा स्टील में 2.70 प्रतिशत और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स में 2.00 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बाजार के इस नकारात्मक माहौल के बावजूद कुछ चुनिंदा कंपनियों के शेयरों ने शानदार मजबूती दिखाई। इटर्नल के शेयर 4.25 प्रतिशत की जोरदार छलांग लगाकर ₹317.40 के स्तर पर बंद हुए और टॉप गेनर की सूची में पहले पायदान पर रहे। इनके अलावा अपोलो हॉस्पिटल्स में 1.65 प्रतिशत और ओएनजीसी में 1.11 प्रतिशत की तेजी रही। एशियन पेंट्स 0.97 प्रतिशत, टीसीएस 0.92 प्रतिशत, अल्ट्राटेक सीमेंट 0.84 प्रतिशत, मारुति सुजुकी 0.54 प्रतिशत, सिप्ला 0.53 प्रतिशत, रिलायंस इंडस्ट्रीज 0.46 प्रतिशत और इंफोसिस 0.04 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहे। इसका आप पर असर इस गिरावट का सबसे बड़ा व्यावहारिक असर खुदरा निवेशकों के पोर्टफोलियो मूल्यांकन पर पड़ा है, विशेषकर उन लोगों पर जिनका निवेश मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में है। • खुदरा पोर्टफोलियो पर असर: छोटे और मझोले शेयरों में 2.5 से 2.9 प्रतिशत की तेज गिरावट से खुदरा निवेशकों के डीमैट खातों में त्वरित नुकसान दिख सकता है। निवेशकों को घबराहट में बिना सोचे-समझे बिकवाली करने से बचना चाहिए और अपने पोर्टफोलियो की गुणवत्ता की समीक्षा करनी चाहिए। • शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए जोखिम: बाजार में व्यापक स्तर पर सेक्टोरल गिरावट ने लीवरेज्ड ट्रेडिंग करने वालों के लिए स्टॉप-लॉस ट्रिगर कर दिए हैं। ट्रेडर्स को उच्च अस्थिरता को देखते हुए सख्त जोखिम प्रबंधन नियमों का पालन करना होगा। • दीर्घकालिक निवेशकों के लिए अवसर: निफ्टी के 22,600 स्तर तक फिसलने से कुछ चुनिंदा मजबूत लार्जकैप शेयरों में खरीदारी के अवसर बन सकते हैं। चरणबद्ध तरीके से व्यवस्थित निवेश योजना के जरिए पूंजी लगाना ऐसे समय में फायदेमंद हो सकता है। • सेक्टर आधारित नजरिया: मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी सेक्टर में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट यह दर्शाती है कि इन क्षेत्रों में बिकवाली का दबाव गहरा है। ऐसे सेक्टर्स में नए निवेश से पहले बाजार के स्थिर होने का इंतजार करना समझदारी होगी। ऐसा क्यों हुआ बाजार में आई इस गिरावट के पीछे सभी प्रमुख क्षेत्रों में एक साथ शुरू हुई व्यापक मुनाफावसूली मुख्य वजह रही। किसी एक विशेष कारण के बजाय व्यापक स्तर पर निवेशकों द्वारा जोखिम घटाने की रणनीति ने सूचकांकों को नीचे धकेला। • व्यापक स्तर पर मुनाफावसूली: हाल की तेजी के बाद निवेशकों ने अलग-अलग सेक्टरों के शेयरों में जमकर लाभ कमाया और अपनी स्थिति हल्की की। इसके चलते मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी जैसे संवेदनशील सेक्टर्स में 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। • ब्रॉडर मार्केट में कमजोरी: स्मॉलकैप और मिडकैप सेगमेंट में लार्जकैप की तुलना में बहुत तेज बिकवाली देखी गई। जब छोटे शेयरों में जोखिम से बचने की भावना बढ़ती है, तो पूरे बाजार का सेंटिमेंट मंदड़ियों के पक्ष में झुक जाता है। • सभी सेक्टोरल सूचकांकों का लाल निशान में जाना: किसी भी सेक्टर की ओर से संभलने का सहारा नहीं मिला क्योंकि बैंकिंग, फार्मा, आईटी और ऑटो सहित सभी 11 प्रमुख इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। संस्थागत स्तर पर समर्थन की कमी ने इस सुस्ती को सत्र के अंत तक बनाए रखा। सवाल-जवाब 1. 23 अक्टूबर को सेंसेक्स और निफ्टी कितने अंक गिरकर बंद हुए? बीएसई सेंसेक्स 125.56 अंक यानी 0.17 प्रतिशत टूटकर 73,123.83 पर और एनएसई निफ्टी 87.65 अंक यानी 0.39 प्रतिशत गिरकर 22,600 के स्तर पर बंद हुआ। 2. स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स में कितनी गिरावट दर्ज की गई? निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.9 प्रतिशत और निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 2.5 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्ज की गई। 3. सत्र के दौरान सबसे ज्यादा गिरने वाले सेक्टोरल इंडेक्स कौन से रहे? निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 2.63 प्रतिशत और निफ्टी मेटल इंडेक्स में 2.71 प्रतिशत की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई। 4. निफ्टी 50 का सबसे बड़ा लूजर शेयर कौन सा रहा? श्रीराम फाइनेंस 3.98 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ दिन का सबसे बड़ा लूजर स्टॉक बनकर बंद हुआ। 5. बाजार में बिकवाली के बीच शीर्ष बढ़त बनाने वाला शेयर कौन सा था? इटर्नल 4.25 प्रतिशत की जोरदार तेजी के साथ ₹317.40 के स्तर पर पहुंचकर टॉप गेनर रहा। 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