# शेयर बाजार में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के बदले नियम, सेबी ने तय किया नया समय और वीडब्ल्यूएपी सेटलमेंट

> बाजार नियामक सेबी ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन और एक्सपायरी डेरिवेटिव्स के सेटलमेंट नियमों में अहम फेरबदल किए हैं। अब एक्सपायरी सेटलमेंट क्लोजिंग ऑक्शन के बजाय आखिरी 30 मिनट के वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस पर तय होगा।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-15 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/sheyara-bajara-men-closing-auction-session-ke-badale-niyama-sebi-ne-taya-kiya-naya-samaya-aura-vwap-setalamenta-47971 · **Language:** Hindi
**Tags:** सेबी, क्लोजिंग ऑक्शन, डेरिवेटिव्स सेटलमेंट, शेयर बाजार, वीडब्ल्यूएपी, स्टॉक एक्सचेंज

पूंजी बाजार नियामक सेबी ने शेयर बाजार के क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (सीएएस) की व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं। इसके तहत ट्रेडिंग के कारोबारी घंटों के समय में संशोधन किया गया है और साथ ही एक्सपायर होने वाले स्टॉक व इंडेक्स डेरिवेटिव्स के सेटलमेंट मूल्य निर्धारण का तरीका भी बदल दिया गया है। नियामक ने एक समग्र समीक्षा प्रक्रिया के बाद यह कदम उठाया है, जिसका मकसद बाजार में पारदर्शिता बढ़ाना, मूल्य खोज प्रक्रिया को मजबूत बनाना और कारोबारी सत्र के समापन को अधिक व्यवस्थित रखना है। पूर्व में अगस्त 3 से इक्विटी कैश सेगमेंट में सीएएस व्यवस्था लागू की गई थी, जिसके जरिए सिक्योरिटीज के क्लोजिंग भाव तय होते थे और डेरिवेटिव्स एक्सपायरी का सेटलमेंट भी उसी भाव से जुड़ा था, जिस पर बाजार प्रतिभागियों ने चिंताएं जताई थीं।

## क्लोजिंग ऑक्शन सेशन का नया समय और क्रम
संशोधित समय सारिणी के मुताबिक अब 10 मिनट का क्लोजिंग ऑक्शन सेशन सभी कारोबारी दिनों में दोपहर 3:30 बजे से 3:40 बजे तक संचालित होगा। इंडेक्स और स्टॉक डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग दोपहर 3:45 बजे तक जारी रहेगी, हालांकि एक्सपायर होने वाले इंडेक्स डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए कुछ विशिष्ट अपवाद तय किए गए हैं। सेबी के अनुसार यह नया क्रम दोपहर 3:30 बजे रेफरेंस प्राइस की गणना और सामान्य सत्र से ऑर्डर ट्रांसफर होने के साथ शुरू होगा।

ऑर्डर दर्ज करने की प्रक्रिया को भी समयबद्ध किया गया है। दोपहर 3:31 बजे से 3:36 बजे के बीच निवेशक और ट्रेडर्स लिमिट ऑर्डर तथा मार्केट ऑर्डर दोनों दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 3:36 बजे से केवल लिमिट ऑर्डर ही स्वीकार किए जाएंगे। ऑक्शन सेशन का समापन दोपहर 3:38 बजे से 3:40 बजे के बीच किसी भी औचक क्षण में होगा। कैश सेगमेंट में पोस्ट-क्लोज सेशन दोपहर 3:50 बजे से शाम 4:00 बजे तक चलेगा, जिसमें सभी सौदे सिक्योरिटीज के अंतिम क्लोजिंग भाव पर ही निष्पादित किए जाएंगे।

## रेफरेंस प्राइस और ऑर्डर निर्धारण का फॉर्मूला
क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के लिए रेफरेंस प्राइस की गणना वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस (वीडब्ल्यूएपी) के आधार पर की जाएगी। यह वीडब्ल्यूएपी निरंतर कारोबारी सत्र के अंतिम 15 मिनट के सौदों से निकाला जाएगा। यदि उस 15 मिनट की विंडो में कोई ट्रेड दर्ज नहीं होता है, तो उस दिन का अंतिम ट्रेडेड प्राइस (एलटीपी) ही रेफरेंस प्राइस मान लिया जाएगा।

यदि किसी सिक्योरिटी में पूरे कारोबारी दिन के दौरान कोई भी ट्रेड नहीं होता है, तो पिछले कारोबारी दिवस के आधिकारिक क्लोजिंग प्राइस को रेफरेंस प्राइस का आधार बनाया जाएगा, जिसमें लागू होने की स्थिति में कॉरपोरेट एक्शन्स का समायोजन भी शामिल रहेगा। इसके साथ ही नियामक ने यह भी स्पष्ट किया है कि क्लोजिंग ऑक्शन सेशन विंडो में किस श्रेणी के ऑर्डर मान्य होंगे।

## एक्सपायर होने वाले डेरिवेटिव्स के सेटलमेंट नियमों में बदलाव
सेबी ने एक्सपायर होने वाले डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए सेटलमेंट प्राइस तय करने का फॉर्मूला पूरी तरह बदल दिया है। अब एक्सपायरी डे सेटलमेंट सीएएस के क्लोजिंग भाव पर निर्भर नहीं रहेगा, बल्कि निरंतर ट्रेडिंग सत्र के आखिरी 30 मिनट के वीडब्ल्यूएपी फॉर्मूले पर आधारित होगा।

इंडेक्स डेरिवेटिव्स के मामले में एक्सपायरी के दिन का सेटलमेंट उसके अंतर्निहित इंडेक्स मूल्य के अनुरूप होगा। इस इंडेक्स वैल्यू की गणना इक्विटी कैश सेगमेंट के निरंतर ट्रेडिंग सत्र के अंतिम 30 मिनट में संबंधित घटक शेयरों के वीडब्ल्यूएपी के आधार पर की जाएगी। वहीं स्टॉक डेरिवेटिव्स के लिए एक्सपायरिंग कॉन्ट्रैक्ट्स का सेटलमेंट मूल्य अंतर्निहित शेयर के अंतिम 30 मिनट के वीडब्ल्यूएपी से निर्धारित होगा, जिसमें निरंतर ट्रेडिंग सत्र के दौरान सभी स्टॉक एक्सचेंजों पर हुए सौदों को सम्मिलित किया जाएगा।

## पारदर्शिता के उपाय और नियम लागू होने की तारीखें
बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्टॉक एक्सचेंज प्रासंगिक समय सीमा के दौरान आवश्यक आंकड़े सार्वजनिक करेंगे। एक्सचेंज वास्तविक समय में सांकेतिक अंडरलाइंग इंडेक्स वैल्यू की गणना और प्रसार करेंगे। इसके अतिरिक्त उसी समय सीमा में अंडरलाइंग सिक्योरिटीज के सांकेतिक वीडब्ल्यूएपी भी लगातार प्रकाशित किए जाएंगे।

कारोबारी दिन के अंतिम पलों में स्टॉक फ्यूचर्स की प्राइस लिमिट के नियमों को भी कड़ा किया गया है। दोपहर 3:30 बजे से 3:45 बजे के बीच स्टॉक फ्यूचर्स के प्राइस बैंड क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के बैंड के समान रहेंगे और इस दौरान प्राइस बैंड्स की गतिशील छूट यानी डायनेमिक फ्लेक्सिंग की मौजूदा व्यवस्था लागू नहीं होगी। सेबी ने बताया कि अधिकांश संशोधित नियम दिसंबर 7 से प्रभावी हो जाएंगे। हालांकि निरंतर ट्रेडिंग सत्र से अनएग्जीक्यूटेड लिमिट और आइसबर्ग ऑर्डर्स को सीएएस में स्थानांतरित करने से जुड़े प्रावधान बाद में, यानी फरवरी 8, 2027 से अमल में आएंगे। यह समग्र बदलाव सितंबर में जारी कंसल्टेशन पेपर, सेकेंडरी मार्केट एडवाइजरी कमेटी के सुझावों और एक्सचेंजों के साथ विमर्श के बाद अंतिम रूप दिया गया है।

## इसका आप पर असर
शेयर बाजार के ट्रेडर्स और निवेशकों के लिए यह बदलाव अंतिम कारोबारी घंटों में सौदों के निष्पादन और डेरिवेटिव्स एक्सपायरी पर कीमतों में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करेगा।

- **डेरिवेटिव ट्रेडर्स के लिए:** एक्सपायरी सेटलमेंट अब ऑक्शन के बजाय आखिरी 30 मिनट के वीडब्ल्यूएपी पर तय होगा। इससे एक्सपायरी के अंतिम क्षणों में कृत्रिम हेरफेर का जोखिम घटेगा और ट्रेडर्स को अधिक निष्पक्ष सेटलमेंट मिलेगा।
- **कैश सेगमेंट निवेशकों के लिए:** क्लोजिंग ऑक्शन दोपहर 3:30 से 3:40 बजे के बीच चलेगा। बाजार बंद होने के बाद 3:50 से 4:00 बजे के बीच तय क्लोजिंग भाव पर बिना प्राइस स्लिपेज के सौदे किए जा सकेंगे।
- **ऑर्डर टाइमिंग और पाबंदियां:** 3:36 बजे के बाद केवल लिमिट ऑर्डर ही स्वीकार किए जाएंगे। ट्रेडर्स को 3:31 से 3:36 बजे के बीच ही अपने मार्केट ऑर्डर दर्ज करने की योजना बनानी होगी।
- **लागू होने की समयसीमा:** अधिकांश संशोधन दिसंबर 7 से प्रभावी हो जाएंगे। हालांकि अनएग्जीक्यूटेड लिमिट और आइसबर्ग ऑर्डर को ट्रांसफर करने की सुविधा फरवरी 8, 2027 से शुरू होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
सेबी ने अगस्त 3 को लागू किए गए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के अनुभव और बाजार प्रतिभागियों से मिली प्रतिक्रियाओं के बाद यह कदम उठाया है। एक्सपायरी के दिन क्लोजिंग ऑक्शन प्राइस पर डेरिवेटिव सेटलमेंट करने को लेकर हेरफेर और पारदर्शिता संबंधी चिंताएं जताई गई थीं।

- **एक्सपायरी हेरफेर की आशंका:** क्लोजिंग ऑक्शन के छोटे से समय में कम वॉल्यूम के जरिए सेटलमेंट प्राइस को प्रभावित करने की आशंका जताई जा रही थी। इसी कारण नियामक ने एक्सपायरी सेटलमेंट को व्यापक 30-मिनट के वीडब्ल्यूएपी फॉर्मूले पर स्थानांतरित किया।
- **कंसल्टेशन और समीक्षा:** नियामक ने सितंबर में इस संदर्भ में एक कंसल्टेशन पेपर जारी कर सार्वजनिक सुझाव मांगे थे। इसके बाद सेकेंडरी मार्केट एडवाइजरी कमेटी की सिफारिशों और एक्सचेंजों के तकनीकी आकलन के आधार पर नियमों को संशोधित किया गया।
- **वोलेटिलिटी पर नियंत्रण:** अंतिम पलों में फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स में भारी उतार-चढ़ाव रोकने के लिए प्राइस बैंड के डायनेमिक फ्लेक्सिंग को 3:30 से 3:45 बजे के बीच स्थगित करने का निर्णय लिया गया।

## सवाल-जवाब

### 1. क्लोजिंग ऑक्शन सेशन का नया समय क्या रहेगा?
क्लोजिंग ऑक्शन सेशन सभी कारोबारी दिनों में दोपहर 3:30 बजे से 3:40 बजे तक 10 मिनट के लिए संचालित होगा।

### 2. डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग कितने बजे तक होगी?
इंडेक्स और स्टॉक डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग दोपहर 3:45 बजे तक चलेगी, जिसमें एक्सपायर होने वाले इंडेक्स कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए कुछ अपवाद शामिल हैं।

### 3. एक्सपायर होने वाले डेरिवेटिव्स का सेटलमेंट प्राइस कैसे तय होगा?
एक्सपायरी सेटलमेंट की गणना निरंतर ट्रेडिंग सत्र के आखिरी 30 मिनट के वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस (वीडब्ल्यूएपी) के आधार पर होगी।

### 4. ऑक्शन के दौरान मार्केट ऑर्डर दर्ज करने की अंतिम समय सीमा क्या है?
मार्केट और लिमिट ऑर्डर दोपहर 3:31 बजे से 3:36 बजे तक दर्ज किए जा सकेंगे, जिसके बाद केवल लिमिट ऑर्डर ही स्वीकार होंगे।

### 5. यह नए नियम कब से लागू होंगे?
अधिकांश नियम दिसंबर 7 से लागू होंगे, जबकि अनएग्जीक्यूटेड लिमिट और आइसबर्ग ऑर्डर्स को ट्रांसफर करने के नियम फरवरी 8, 2027 से प्रभावी होंगे।

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