शेयर बाजार में हल्की तेजी, सेंसेक्स 100 अंक चढ़ा और ONGC का शेयर चमका मिडिल ईस्ट के तनाव और कच्चे तेल के महंगे होने के बाद भी भारतीय शेयर बाजार ने हरे निशान के साथ शुरुआत की, जहां सेंसेक्स और निफ्टी में मामूली बढ़त दर्ज की गई। मिडिल ईस्ट क्षेत्र में गहराते तनाव और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर जाने के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने 10 सितंबर के दिन संभलकर शुरुआत की। अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिल रहे सुस्ती भरे संकेतों के बीच भी शुरुआती कारोबार के दौरान देश के दोनों प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी मजबूती के साथ हरे निशान में टिके रहने में कामयाब रहे। बैंकिंग, एनर्जी और पीएसयू सेक्टर के शेयरों में हुई लिवाली ने बाजार को बड़ी गिरावट से बचाया, जिससे निवेशकों के चेहरे पर कुछ राहत जरूर दिखाई दी। कारोबार की शुरुआत में बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 100.18 अंक की बढ़त हासिल करते हुए 74,864.41 के स्तर पर कारोबार करता हुआ दिखाई दिया। इसके साथ ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स भी 40.15 अंक यानी 0.08 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,471.65 के स्तर पर जा पहुंचा। इस शुरुआती सत्र के दौरान कुल 1,378 शेयरों में तेजी का रुख रहा, जबकि 955 शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में फिसले और 163 शेयरों की कीमतों में किसी भी तरह का बदलाव देखने को नहीं मिला। ओएनजीसी के शेयरों में शानदार उछाल और अन्य प्रमुख स्टॉक्स का हाल नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के हीटमैप से मिले आंकड़ों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में आई तेजी का सीधा फायदा सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन को मिला। ओएनजीसी का शेयर 1.73 प्रतिशत के मजबूत उछाल के साथ 238.08 रुपये के भाव पर पहुंचकर निफ्टी का सबसे बड़ा गेनर साबित हुआ। • टॉप गेनर्स स्टॉक्स: ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन यानी ओएनजीसी के अलावा एक्सिस बैंक में 0.52 प्रतिशत, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 0.52 प्रतिशत, आईटीसी में 0.50 प्रतिशत, कोल इंडिया में 0.50 प्रतिशत, बजाज फिनसर्व में 0.49 प्रतिशत और सिप्ला में 0.48 प्रतिशत की ठोस खरीदारी दर्ज की गई। • टॉप लूजर्स स्टॉक्स: दूसरी तरफ, आईटी और ऑटोमोबाइल सेक्टर के शेयरों पर मंदी का दबाव साफ तौर पर दिखाई दिया। महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर 1.02 प्रतिशत की सबसे बड़ी गिरावट के साथ फिसला। इसके अलावा एचसीएल टेक में 0.63 प्रतिशत, इन्फोसिस में 0.55 प्रतिशत, टेक महिंद्रा में 0.52 प्रतिशत, टाटा स्टील में 0.52 प्रतिशत, श्रीराम फाइनेंस में 0.46 प्रतिशत और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स में 0.34 प्रतिशत की कमजोरी के साथ कारोबार हुआ। पीएसयू बैंक और एनर्जी इंडेक्स में आई मजबूती क्षेत्रीय सूचकांकों के मोर्चे पर बात करें तो निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में सबसे अधिक 0.87 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। इसके अलावा निफ्टी एनर्जी इंडेक्स में 0.45 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई में 0.43 प्रतिशत, निफ्टी बैंक में 0.33 प्रतिशत और निफ्टी आईटी इंडेक्स में 0.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार दर्ज किया गया। हालांकि इसके विपरीत, निफ्टी एमएनसी में 0.2 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा में 0.18 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 0.05 प्रतिशत की हल्की बिकवाली का दबाव बना रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल के बढ़ते दामों और भू-राजनीतिक तनावों के चलते पूरे दिन बाजार सीमित दायरे के भीतर ही कारोबार करता नजर आ सकता है। इसका आप पर असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने और भू-राजनीतिक तनाव के चलते शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, जिसका असर आपके निवेश और बचत पर पड़ सकता है। • भारत में: निवेशकों को पोर्टफोलियो में ऊर्जा और बैंकिंग शेयरों की स्थिति पर कड़ी नजर रखनी चाहिए क्योंकि वैश्विक उथल-पुथल से इनमें तेज उतार-चढ़ाव आ सकता है। क्रूड ऑयल के 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने से देश में ईंधन और परिवहन लागत पर दबाव बढ़ सकता है। • दैनिक वित्त पर: सीमित दायरे में कारोबार के दौरान निवेशकों को जल्दबाजी में शेयर बेचने या खरीदने से बचना चाहिए और लंबी अवधि के फंडामेंटल देखकर ही निर्णय लेना चाहिए। चुनिंदा पीएसयू और एनर्जी शेयरों में खरीदारी का रुझान निवेशकों को सतर्कता के साथ मुनाफा कमाने का मौका दे रहा है। ऐसा क्यों हुआ बाजार में इस संभले हुए रुख के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का बढ़ना और मिडिल ईस्ट का बढ़ता तनाव मुख्य वजह रहे हैं। • कच्चे तेल में तेजी: ब्रेंट क्रूड ऑयल के 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने के बावजूद घरेलू निवेशकों ने चुनिंदा बैंकिंग और पीएसयू शेयरों में खरीदारी जारी रखी। • सेक्टरवार लिवाली: निफ्टी पीएसयू बैंक और एनर्जी इंडेक्स में मजबूत खरीदारी आने से बाजार को निचले स्तर पर जरूरी सपोर्ट मिला, जिससे बड़े पैमाने पर बिकवाली टल गई। • तकनीकी दायरे में कारोबार: ग्लोबल संकेतों के बीच टेक और ऑटो सेक्टर में बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे बाजार की बढ़त एक सीमित दायरे तक ही सीमित रही। सवाल-जवाब 1. 10 सितंबर को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स कितने अंकों की बढ़त पर था? शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स 100.18 अंक की बढ़त के साथ 74,864.41 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। 2. निफ्टी 50 इंडेक्स में कितने अंकों की तेजी दर्ज की गई? निफ्टी 50 इंडेक्स 40.15 अंक या 0.08 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,471.65 के स्तर पर पहुंच गया था। 3. कौन सा स्टॉक निफ्टी का टॉप गेनर रहा? ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन यानी ONGC का शेयर 1.73 प्रतिशत की तेजी के साथ 238.08 रुपये पर पहुंचकर टॉप गेनर बना। 4. किस सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई? महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर में 1.02 प्रतिशत की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। 5. किस सेक्टोरल इंडेक्स में सबसे अधिक मजबूती देखने को मिली? निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में सबसे अधिक 0.87 प्रतिशत की मजबूती देखने को मिली। https://trendkia.com/market/sheyara-bajara-men-halki-teji-senseksa-100-anka-charha-aura-ongc-ka-sheyara-chamaka-30665 TrendKia — Har trend, sabse pehle.