शेयर बाजार में मिलाजुला कारोबार, निफ्टी संभला और जीवन बीमा कंपनियों के शेयरों में जोरदार उछाल सेंसेक्स में 21 अंकों की मामूली सुस्ती रही, जबकि निफ्टी 50 मजबूत होकर 23,270 के पार बंद हुआ। व्यापक बाजार और फार्मा एवं रियल्टी सूचकांकों में निवेशकों की मजबूत खरीदारी देखने को मिली। घरेलू इक्विटी बाजारों में गुरुवार का कारोबारी दिन उतार-चढ़ाव से भरा रहा, जहां दोनों प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक अलग-अलग दिशाओं में बंद हुए। अंतिम दौर के ऑक्शन सत्र के बाद मुख्य सूचकांकों में परस्पर विरोधी रुझान दिखा। एक तरफ बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक मामूली नुकसान के साथ लाल निशान में फिसला, तो वहीं दूसरी तरफ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के पचास प्रमुख शेयरों वाले सूचकांक ने अपनी गति बनाए रखी और एक महत्वपूर्ण तकनीकी आंकड़े के ऊपर टिकने में कामयाबी हासिल की। प्रमुख सूचकांकों की चाल और इंडिया VIX में भारी नरमी दिन की समाप्ति पर 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 21.86 अंकों के हल्के दबाव के साथ 74,314.59 के स्तर पर बंद हुआ। इसके विपरीत, एनएसई निफ्टी 50 में 53 अंकों की बढ़त दर्ज की गई और यह 23,270.60 के आंकड़े पर पहुंच गया। इस कारोबारी सत्र में सबसे उल्लेखनीय बात अस्थिरता के पैमाने पर दर्ज हुई। बाजार में भय और घबराहट के स्तर को मापने वाला सूचकांक इंडिया VIX लगभग 7 फीसदी लुढ़क गया, जिससे साफ संकेत मिलता है कि बाजार के सहभागी आने वाले समय में तेज झटकों की कम आशंका देख रहे हैं। तेजी वाले शेयर: जीवन बीमा कंपनियों का दबदबा कारोबार के दौरान चुनिंदा लार्जकैप और मिडकैप शेयरों में जोरदार लिवाली देखी गई, जिसमें बीमा क्षेत्र की कंपनियों ने बढ़त का नेतृत्व किया • एचडीएफसी लाइफ: 5.05 प्रतिशत के तगड़े उछाल के साथ लाभ कमाने वालों की सूची में शीर्ष पर रहा। • टीएमपीवी: 4.49 प्रतिशत चढ़कर बंद होने में सफल रहा। • एसबीआई लाइफ: 4.06 प्रतिशत की ठोस छलांग लगाने में कामयाब रहा। • डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज: 3.07 प्रतिशत की बढ़त के साथ मजबूत बंद हुआ। • भेल: 2.51 प्रतिशत की तेजी दिखाने में सफल रहा। • इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो): 2.36 प्रतिशत चढ़कर हरे निशान में रहा। • टाटा स्टील: 2.34 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ। • जियो फाइनेंशियल सर्विसेज: 1.98 प्रतिशत का इजाफा दर्ज करने में सफल रहा। • इटर्नल एवं श्रीराम फाइनेंस: क्रमशः 1.69 प्रतिशत तथा 1.63 प्रतिशत ऊपर बंद हुए। • एशियन पेंट्स: 1.55 प्रतिशत की तेजी दर्ज करने में कामयाब रहा। इन कंपनियों के अतिरिक्त ऑटोमोबाइल निर्माता मारुति में 1.41 प्रतिशत, टाटा कंज्यूमर में 1.36 प्रतिशत और दवा कंपनी सिप्ला में 1.35 प्रतिशत की ठोस मजबूती दर्ज की गई। इसके विपरीत, कुछ दिग्गज शेयरों पर बिकवाली का असर दिखा। ओएनजीसी 1.85 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ, जबकि टाइटन में 1.38 प्रतिशत की गिरावट आई। निजी क्षेत्र के सबसे बड़े ऋणदाता एचडीएफसी बैंक में 1.18 प्रतिशत का नुकसान रहा। वहीं हिंदुस्तान यूनिलीवर और कोल इंडिया दोनों 1.01-1.01 प्रतिशत गिरकर बंद हुए। ब्रॉडर मार्केट में तेजी और सेक्टोरल रुझान दिग्गज शेयरों की सुस्त चाल के मुकाबले व्यापक बाजार का प्रदर्शन काफी उत्साहजनक रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.92 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.71 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया। बाजार के कुल रुझान को देखें तो लिवाली का पलड़ा भारी रहा। कुल 2,480 शेयर बढ़त हासिल करने में सफल रहे, जबकि इसके मुकाबले 1,487 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। क्षेत्रवार सूचकांकों में रियल्टी और फार्मास्यूटिकल सेक्टर सबसे आगे रहे, जिनमें 1.5 प्रतिशत से अधिक की बढ़त देखने को मिली। मीडिया सेक्टर 1.35 प्रतिशत ऊपर चढ़ा। ऑटोमोबाइल और मेटल सूचकांकों में भी करीब 1-1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। हालांकि, बैंकिंग और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों के शेयरों पर बिकवाली का दबाव देखा गया और ये लाल निशान में बंद हुए। अमेरिकी केंद्रीय बैंक के कदम से आईटी और बैंकिंग पर असर ग्लोबल स्तर पर मौद्रिक नीतियों का प्रभाव भी घरेलू बाजार के कुछ हिस्सों पर स्पष्ट रूप से दिखा। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने तीन वर्ष से अधिक समय के बाद पहली बार नीतिगत ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट्स (0.25 प्रतिशत) की बढ़ोतरी की है। इस फैसले ने आईटी और बैंकिंग काउंटरों के सेंटिमेंट को प्रभावित किया। इसके साथ ही, फेडरल रिजर्व के 18 नीति-निर्माताओं में से 16 अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि चालू वर्ष के अंत से पहले कम से कम एक और बार ब्याज दरों में वृद्धि की जा सकती है, जिससे विदेशी पूंजी प्रवाह और विकासोन्मुख शेयरों पर सतर्कता बनी हुई है। इसका आप पर असर शेयर बाजार के इस मिले-जुले रुख और बीमा एवं ब्रॉडर मार्केट में आई तेजी से निवेशकों के पोर्टफोलियो पर सीधा असर दिखेगा। • खुदरा निवेशकों पर: मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी से आम निवेशकों के इक्विटी पोर्टफोलियो की वैल्यू में सुधार देखा जा सकता है। जिन निवेशकों ने व्यापक बाजार में निवेश किया है, उन्हें बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले बेहतर रिटर्न मिल सकता है। • बीमा क्षेत्र के शेयरधारकों पर: एचडीएफसी लाइफ और एसबीआई लाइफ में 4 से 5 फीसदी की छलांग ने सेक्टर के निवेशकों को त्वरित मुनाफा दिया है। मजबूत रुझान यह दर्शाता है कि इंश्योरेंस कंपनियों के प्रति संस्थागत निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है। • आईटी और बैंकिंग निवेशकों पर: अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी के चलते आईटी और बैंक शेयरों में निकट भविष्य में सुस्ती रह सकती है। नई खरीदारी करने से पहले वैश्विक दरों और विदेशी पूंजी प्रवाह के स्थिर होने की प्रतीक्षा करना समझदारी होगी। • डे-ट्रेडर्स और अस्थिरता पर: इंडिया VIX में 7 फीसदी की तेज गिरावट से ऑप्शंस के प्रीमियम सस्ते हो सकते हैं। इसका अर्थ यह है कि इंट्राडे ट्रेडर्स को तेज उतार-चढ़ाव वाले बड़े झटकों से कुछ राहत मिलेगी। ऐसा क्यों हुआ बाजार में मिला-जुला रुझान अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी के वैश्विक दबाव और घरेलू संस्थागत खरीदारी के बीच रस्साकशी के कारण देखने को मिला। • अमेरिकी फेड का दर वृद्धि फैसला: फेडरल रिजर्व ने तीन वर्षों में पहली बार दरों में 25 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी की है। 18 में से 16 अधिकारियों द्वारा एक और बढ़ोतरी का संकेत दिए जाने से अंतरराष्ट्रीय पूंजी के प्रति संवेदनशील आईटी और बैंकिंग शेयरों पर दबाव बना। • बीमा और हेल्थकेयर में चुनिंदा लिवाली: डिफेंसिव और ग्रोथ ओरिएंटेड सेक्टर्स जैसे फार्मा और लाइफ इंश्योरेंस में तगड़ी लिवाली ने निफ्टी को गिरने से बचा लिया। एचडीएफसी लाइफ और एसबीआई लाइफ जैसी कंपनियों में भारी वॉल्यूम के साथ खरीदारी हुई। • अस्थिरता में गिरावट से सहारा: इंडिया VIX का 7 फीसदी तक लुढ़कना यह दर्शाता है कि वैश्विक दर वृद्धि के बावजूद घरेलू ट्रेडर्स में घबराहट हावी नहीं हुई। इसी वजह से व्यापक बाजार में 2,400 से ज्यादा शेयर हरे निशान में बंद होने में सफल रहे। सवाल-जवाब 1. सेंसेक्स और निफ्टी 50 गुरुवार को किस स्तर पर बंद हुए? सेंसेक्स 21.86 अंक गिरकर 74,314.59 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 ने 53 अंक जोड़कर 23,270.60 का स्तर हासिल किया। 2. गुरुवार के सत्र में सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर कौन से थे? एचडीएफसी लाइफ 5.05% और टीएमपीवी 4.49% की बढ़त के साथ शीर्ष पर रहे। इसके अलावा एसबीआई लाइफ ने 4.06% और डॉ. रेड्डीज ने 3.07% की तेजी दर्ज की। 3. इंडिया VIX में कितनी गिरावट दर्ज की गई और इसका क्या अर्थ है? इंडिया VIX में करीब 7 प्रतिशत की गिरावट आई। यह इस बात का संकेत है कि घरेलू शेयर बाजार में घबराहट और अस्थिरता में कमी आई है। 4. आईटी और बैंकिंग शेयरों पर किस वजह से दबाव देखा गया? अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी और आगे भी एक और वृद्धि के संकेत मिलने से इन शेयरों पर बिकवाली का असर रहा। https://trendkia.com/market/sheyara-bajara-men-milajula-karobara-nifty-snbhala-aura-jivana-bima-knpaniyon-ke-sheyaron-men-joradara-uchhala-35983 TrendKia — Har trend, sabse pehle.