# शेयर बाजारों में तकनीकी शेयरों के उतार-चढ़ाव के बीच मुख्य सूचकांकों ने संभाली बढ़त

> सेमीकंडक्टर शेयरों में लगातार सातवें दिन गिरावट और तकनीकी उतार-चढ़ाव के बावजूद व्यापक बाजार में मजबूती दर्ज की गई। अमेरिकी, यूरोपीय और एशियाई बाजारों में निवेशकों ने निचले स्तरों से शानदार रिकवरी दिखाई।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/sheyara-bajaron-men-takaniki-sheyaron-ke-utara-charhava-ke-bicha-mukhya-suchakankon-ne-snbhali-barhata-48462 · **Language:** Hindi
**Tags:** शेयर बाजार, सेमीकंडक्टर, नैस्डैक, एसएंडपी 500, केविन वॉश, अमेरिकी डॉलर, सोना, ट्रेजरी यील्ड

वैश्विक वित्तीय बाजारों में तकनीकी कंपनियों के शेयरों में भारी उठापटक देखने को मिली, लेकिन व्यापक सूचकांकों ने इस दबाव को झेलते हुए मजबूती के साथ कारोबार समाप्त किया। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आई कमजोरी के बावजूद निवेशकों ने अन्य क्षेत्रों के शेयरों में जमकर खरीदारी की। अमेरिकी बेंचमार्क सूचकांकों में निचले स्तरों से आई तीव्र रिकवरी ने यह संकेत दिया कि तकनीकी कंपनियों के मूल्यांकन को लेकर चिंताएं होने के बाद भी बाजार के अन्य हिस्सों में मजबूती बनी हुई है।

## अमेरिकी बाजारों में तकनीकी शेयरों का संघर्ष और व्यापक बढ़त
अमेरिकी शेयर बाजार में कारोबारी सत्र की शुरुआत काफी निराशाजनक रही थी। फिली सेमीकंडक्टर इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 4 प्रतिशत से अधिक टूट गया था। हालांकि दिन के दूसरे हिस्से में खरीदारों की वापसी से यह सूचकांक निचले स्तरों से संभला और अंत में 0.88 प्रतिशत की गिरावट पर बंद हुआ। इस संभलने के बावजूद यह चिप इंडेक्स के लिए लगातार सातवां नुकसान का दिन दर्ज किया गया, जो सेमीकंडक्टर उद्योग में चल रहे सुस्ती के दबाव को रेखांकित करता है।

दूसरी ओर, व्यापक बाजार ने तकनीकी बिकवाली की अनदेखी की। एसएंडपी 500 में शामिल कुल 378 कंपनियों के शेयर हरे निशान में बंद होने में कामयाब रहे। इसके चलते एसएंडपी 500 ने 0.33 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की और अपने सर्वकालिक रिकॉर्ड उच्च स्तर से महज एक प्रतिशत के दायरे में टिका रहा। तकनीकी प्रधान नैस्डैक ने भी शुरुआती झटके से उबरने की उल्लेखनीय क्षमता दिखाई। कारोबार खुलने पर नैस्डैक इंट्राडे में 1.44 प्रतिशत के निचले स्तर तक लुढ़क गया था, लेकिन सत्र की समाप्ति तक इसने सारा नुकसान पाटते हुए 0.08 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज कर ली। सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बढ़ने के कारण 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में 12.7 बेसिस प्वाइंट्स की भारी गिरावट दर्ज की गई।

## यूरोप और एशिया में बाजार का रुख
यूरोपीय शेयर बाजारों ने अमेरिकी बाजारों की तुलना में अधिक दृढ़ता का प्रदर्शन किया। यूरोप का बाजार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी चिंताओं और चिप कंपनियों के मूल्यांकन दबाव से अपेक्षाकृत काफी हद तक सुरक्षित रहा। इसी का परिणाम रहा कि पूरे महाद्वीप के बेंचमार्क स्टॉक्स 600 सूचकांक में 0.38 प्रतिशत का इजाफा हुआ, जिससे यह सूचकांक लगातार दूसरे दिन बढ़त बनाते हुए तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

यूरोपीय देशों में ब्रिटेन के प्रमुख सूचकांक एफटीएसई 100 ने 1.08 प्रतिशत की जोरदार छलांग लगाई, जबकि फ्रांस के कैक 40 में 0.78 प्रतिशत की ठोस तेजी देखी गई। इसके विपरीत, इटली के एफटीएसई एमआईबी में 0.72 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह यूरोप के अन्य बाजारों की तुलना में कमजोर प्रदर्शन करने वाला सूचकांक बना रहा।

एशियाई इक्विटी बाजारों में भी शानदार सुधार देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क सूचकांक कोस्पी बढ़त की अगुवाई करने में सबसे आगे रहा। कोस्पी ने 4.28 प्रतिशत की जबर्दस्त तेजी हासिल की। गौरतलब है कि इससे ठीक पिछले कारोबारी सत्र में चिप शेयरों पर भारी बिकवाली के कारण कोस्पी में लगभग 8 प्रतिशत की भीषण गिरावट दर्ज की गई थी, जिसने सूचकांक को अप्रैल के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया था। अगले ही दिन निवेशकों ने भारी लिवाली करके बाजार को मजबूती से वापस ऊपर खींच लिया।

## मुद्रा बाजार में डॉलर पर दबाव और सोने में खरीदारी
विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर को व्यापक बिकवाली का सामना करना पड़ा। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉश द्वारा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक समूह की वार्षिक बैठकों में दिए गए वक्तव्य के बाद मुद्रा विनिमय दरों में फेरबदल हुआ। केविन वॉश ने अपने भाषण में मूल्य स्थिरता लाने की प्रतिबद्धता दोहराई, लेकिन भविष्य में ब्याज दरों की दिशा या मौद्रिक सख्ती को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। किसी स्पष्ट समयसीमा या दिशा के अभाव में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY), जो दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत को मापता है, गिरकर लगभग दो सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया।

इस डॉलर कमजोरी का असर प्रमुख करेंसी जोड़ों पर तत्काल दिखा। एशियाई कारोबारी सत्र में शुक्रवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ और AUD/USD उछलकर 0.6950 के स्तर की तरफ बढ़ गया। वहीं, जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा में ताजा बिकवाली आई, जिससे USD/JPY फिसलकर 158.00 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे चला गया।

कमजोर होते डॉलर का सीधा लाभ कीमती धातुओं को मिला। सोना लगातार दूसरे दिन खरीदारों को आकर्षित करने में सफल रहा। हालांकि व्यापक स्तर पर पीली धातु पिछले दो सप्ताह से बने एक सीमित दायरे में ही घूम रही है, फिर भी डॉलर में आई नरमी ने सोने की कीमतों को ठोस सहारा दिया और सुरक्षित परिसंपत्तियों में निवेशकों की रुचि को बनाए रखा।

## इसका आप पर असर
वैश्विक बाजारों में तकनीकी शेयरों की अस्थिरता और डॉलर में कमजोरी का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और जिंस बाजार के खरीदारों पर पड़ेगा।

- **भारतीय निवेशकों पर:** अमेरिकी बाजारों में व्यापक मजबूती और एशियाई सूचकांकों की रिकवरी से घरेलू इक्विटी बाजारों को राहत मिल सकती है। हालांकि आईटी और तकनीकी कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, जिससे पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखना आवश्यक होगा।
- **सोने के खरीदारों पर:** अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर कमजोर होने से सोने की कीमतों को सहारा मिल रहा है। यदि डॉलर में यह नरमी जारी रहती है तो आने वाले दिनों में घरेलू बाजार में भी सोने और चांदी के भाव स्थिर या मजबूत हो सकते हैं।
- **मुद्रा कारोबारियों पर:** डॉलर इंडेक्स के दो सप्ताह के निचले स्तर पर आने से उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव कुछ कम हो सकता है। निर्यात और आयात से जुड़े कारोबारी मुद्रा में होने वाले इस उतार-चढ़ाव के आधार पर अपनी हेजिंग रणनीति को समायोजित कर सकते हैं।
- **फिक्स्ड इनकम निवेशकों पर:** अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में 12.7 बेसिस प्वाइंट्स की गिरावट से वैश्विक स्तर पर बॉन्ड कीमतों में सुधार के संकेत हैं। सुरक्षित संपत्तियों में मांग बढ़ने से लंबी अवधि के डेट फंड्स के रिटर्न पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
वैश्विक इक्विटी और विदेशी मुद्रा बाजारों में यह फेरबदल तकनीकी कंपनियों के अत्यधिक मूल्यांकन की चिंताओं और अमेरिकी केंद्रीय बैंक के नीतिगत बयानों के मिले-जुले प्रभाव के कारण हुआ।

- **चिप शेयरों में बिकवाली का दबाव:** हाल के महीनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों में आई तेज रैली के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू की, जिससे फिली सेमीकंडक्टर इंडेक्स लगातार सात कारोबारी सत्रों से गिरावट का सामना कर रहा है।
- **फेडरल रिजर्व की अस्पष्टता:** आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक की बैठक में फेड चेयरमैन केविन वॉश ने मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने की बात तो दोहराई, लेकिन ब्याज दरों के अगले कदम पर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। स्पष्ट नीतिगत दिशा न मिलने के कारण डॉलर इंडेक्स दो सप्ताह के निचले स्तर पर फिसल गया।
- **निचले स्तरों पर मूल्य खरीदारी:** अत्यधिक गिरावट के बाद दक्षिण कोरिया के कोस्पी और अमेरिकी नैस्डैक में मूल्य खरीदार सक्रिय हुए, जिससे भारी गिरावट के बावजूद मुख्य सूचकांकों ने जोरदार वापसी की और नुकसान को तेजी से समेट लिया।

## सवाल-जवाब

### 1. फिली सेमीकंडक्टर इंडेक्स में लगातार कितने दिनों से गिरावट दर्ज की जा रही है?
फिली सेमीकंडक्टर इंडेक्स लगातार सात कारोबारी सत्रों से गिरावट में बंद हो रहा है, हालांकि हालिया सत्र में यह 4 प्रतिशत से अधिक की शुरुआती गिरावट से उबरकर 0.88 प्रतिशत नुकसान पर बंद हुआ।

### 2. एसएंडपी 500 में कितने शेयर हरे निशान में बंद हुए?
एसएंडपी 500 के कुल 378 घटक शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जिसके दम पर यह सूचकांक 0.33 प्रतिशत की तेजी दर्ज करने में सफल रहा।

### 3. दक्षिण कोरिया के कोस्पी सूचकांक में कितना सुधार देखने को मिला?
पिछले सत्र में लगभग 8 प्रतिशत गिरने के बाद कोस्पी ने जोरदार वापसी की और 4.28 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज की।

### 4. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में गिरावट का मुख्य कारण क्या रहा?
फेड चेयरमैन केविन वॉश द्वारा ब्याज दरों की भावी दिशा पर कोई स्पष्ट संकेत न दिए जाने के कारण डॉलर इंडेक्स दो सप्ताह के निचले स्तर तक गिर गया।

### 5. यूरोपीय बाजारों में कौन से मुख्य सूचकांकों ने तेजी दिखाई?
यूरोप में ब्रिटेन का एफटीएसई 100 1.08 प्रतिशत, फ्रांस का कैक 40 0.78 प्रतिशत और समूचे यूरोप का स्टॉक्स 600 सूचकांक 0.38 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ।

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