शिपरॉकेट ने तय किया 92 से 97 रुपये का प्राइस बैंड, 12 अगस्त से पब्लिक इश्यू में बोली लगा सकेंगे निवेशक लॉजिस्टिक प्लेटफॉर्म शिपरॉकेट लिमिटेड ने अपने 1,617 करोड़ रुपये के पब्लिक इश्यू के लिए 92 से 97 रुपये प्रति शेयर का दायरा निर्धारित किया है, जिसमें रिटेल निवेशक 12 से 14 अगस्त तक आवेदन कर सकेंगे। ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक सेवा प्रदाता शिपरॉकेट लिमिटेड अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ के साथ प्राथमिक बाजार में कदम रखने जा रही है। कंपनी का यह पब्लिक इश्यू आम निवेशकों की बोली के लिए बुधवार, 12 अगस्त को खुलेगा और शुक्रवार, 14 अगस्त को बंद होगा। वहीं बड़े संस्थागत एंकर निवेशकों के लिए बोली की खिड़की एक दिन पहले, यानी 11 अगस्त को ही खोल दी जाएगी। इस निर्गम के जरिए कंपनी बाजार से कुल 1,617 करोड़ रुपये जुटाने की योजना पर काम कर रही है, जिसके एवज में कुल 16,67,61,566 इक्विटी शेयर आवंटित किए जाएंगे। शेयरों का प्राइस बैंड और कर्मचारियों को विशेष छूट कंपनी प्रबंधन ने अपने इस आईपीओ के लिए 10 रुपये के अंकित मूल्य वाले प्रत्येक शेयर का मूल्य दायरा 92 रुपये से 97 रुपये प्रति शेयर तय किया है। संस्थान से जुड़े कर्मचारियों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से कंपनी ने इसमें हिस्सा लेने वाले अपने पात्र कर्मियों के लिए खास रियायत रखी है, जिसके तहत उन्हें प्रति शेयर 9 रुपये की सीधी छूट दी जाएगी। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को यह शेयर निर्धारित मूल्य से कम दर पर प्राप्त होगा। इश्यू का आकार और पूंजी जुटाने की संरचना इस सार्वजनिक निर्गम के तहत कुल 885 करोड़ रुपये मूल्य के 9,12,99,203 नए फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे, जिससे मिलने वाला पैसा सीधे कंपनी के खाते में जाएगा। इसके साथ ही, मौजूदा प्रमोटर्स ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस विंडो के जरिए 732 करोड़ रुपये मूल्य के 7,54,62,363 शेयर बेचकर अपनी आंशिक हिस्सेदारी कम करेंगे। उल्लेखनीय है कि शिपरॉकेट ने पूर्व में दिसंबर 2025 के दौरान नियामक संस्था सेबी के समक्ष ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस जमा किया था, जिसमें 2,342.3 करोड़ रुपये का बड़ा आईपीओ लाने की योजना प्रस्तावित थी। बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए कंपनी ने अब अपने निर्गम का कुल आकार पहले के मुकाबले छोटा कर दिया है। निवेशकों का कोटा और लॉट साइज का गणित पब्लिक इश्यू के आवंटन ढांचे में बड़ा हिस्सा बड़े संस्थागत खरीदारों के लिए रखा गया है। कंपनी ने कुल निर्गम का 75 प्रतिशत भाग क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी क्यूआईबी वर्ग के लिए सुरक्षित रखा है। इसके अलावा 15 प्रतिशत हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों यानी एनआईआई के लिए आरक्षित है, जबकि आम रिटेल निवेशकों के लिए महज 10 प्रतिशत कोटा आवंटित किया गया है। खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम बोली का आकार 154 शेयरों का एक लॉट तय हुआ है, जिसके लिए ऊपरी मूल्य सीमा 97 रुपये के हिसाब से कम से कम 14,938 रुपये की पूंजी लगानी होगी। वहीं रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट यानी 2,002 शेयरों के लिए आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं, जिसकी कुल लागत 1,94,194 रुपये बैठती है। अलॉटमेंट, रिफंड और लिस्टिंग की समयसीमा पब्लिक बिडिंग 14 अगस्त को समाप्त होने के पश्चात सोमवार, 17 अगस्त को शेयर आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिल पाएंगे, उनकी ब्लॉक की गई राशि 18 अगस्त को उनके बैंक खातों में वापस भेज दी जाएगी। उसी दिन सफल आवेदकों के डीमैट खातों में शेयर ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। इसके बाद बुधवार, 19 अगस्त को कंपनी के शेयर घरेलू स्टॉक एक्सचेंजों पर औपचारिक रूप से सूचीबद्ध होंगे। इसका आप पर असर रिटेल निवेशकों और प्राथमिक बाजार में पूंजी लगाने वालों के लिए इस पब्लिक इश्यू में बोली लगाने के नियम और समयसीमा स्पष्ट हो गई है। • न्यूनतम निवेश: खुदरा निवेशकों को कम से कम 154 शेयरों के एक लॉट के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए अपर प्राइस बैंड पर 14,938 रुपये की पूंजी अलग रखनी होगी। • अधिकतम सीमा: रिटेल वर्ग में निवेशक अधिकतम 13 लॉट यानी 2,002 शेयरों के लिए बोली दे सकते हैं। इसके लिए कुल 1,94,194 रुपये की राशि का आवेदन मान्य होगा। • कर्मचारियों को छूट: कंपनी के कर्मचारियों को प्रति शेयर 9 रुपये की सीधी छूट मिलेगी। इससे उनके लिए निवेश की कुल लागत बाजार मूल्य से कम हो जाएगी। • खाते में शेयर: सफल आवंटियों के डीमैट खाते में 18 अगस्त को शेयर जमा कर दिए जाएंगे। जिन लोगों को शेयर नहीं मिलेंगे, उनका रिफंड भी 18 अगस्त को ही प्रोसेस होगा। • बाजार में लिस्टिंग: कंपनी के शेयर 19 अगस्त को स्टॉक एक्सचेंज पर कारोबार के लिए उपलब्ध होंगे। निवेशक उसी दिन से शेयरों की खरीद-फरोख्त कर सकेंगे। ऐसा क्यों हुआ शिपरॉकेट ने व्यावसायिक विस्तार और प्रमोटर्स को पूंजी निकासी का विकल्प देने के लिए अपना आईपीओ लाने का निर्णय लिया है। हालांकि कंपनी ने बाजार स्थितियों को देखते हुए अपने पूर्व योजनाबद्ध निर्गम आकार को घटाया है। • पूंजी जुटाने की जरूरत: कंपनी नए शेयरों के जरिए 885 करोड़ रुपये की नई पूंजी जुटा रही है। यह राशि सीधे कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत करने और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क विस्तार में काम आएगी। • प्रमोटर्स का शेयर बेचना: निर्गम में 732 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल घटक शामिल है। इसके माध्यम से प्रमोटर्स अपनी 7,54,62,363 शेयर बेचकर आंशिक मुनाफावसूली कर रहे हैं। • इश्यू साइज में कटौती: कंपनी ने दिसंबर 2025 में 2,342.3 करोड़ रुपये का ड्राफ्ट दाखिल किया था। मौजूदा निर्गम को घटाकर 1,617 करोड़ रुपये का कर दिया गया है ताकि बाजार की मांग के अनुरूप मूल्यांकन संतुलित रहे। सवाल-जवाब 1. शिपरॉकेट आईपीओ किस तारीख को खुलेगा और कब बंद होगा? यह आईपीओ 12 अगस्त को आम निवेशकों के लिए खुलेगा और 14 अगस्त को बंद होगा, जबकि एंकर निवेशक 11 अगस्त को बोली लगा सकते हैं। 2. आईपीओ के लिए प्रति शेयर क्या प्राइस बैंड निर्धारित किया गया है? कंपनी ने 10 रुपये के फेस वैल्यू वाले शेयर के लिए 92 रुपये से 97 रुपये का मूल्य दायरा तय किया है। 3. रिटेल निवेशक को कम से कम कितने रुपये का निवेश करना होगा? खुदरा निवेशक को न्यूनतम एक लॉट यानी 154 शेयरों के लिए अपर प्राइस बैंड पर 14,938 रुपये लगाने होंगे। 4. कंपनी के कर्मचारियों को प्रति शेयर कितनी छूट दी जा रही है? कंपनी के पात्र कर्मचारियों को इस पब्लिक इश्यू में प्रत्येक शेयर पर 9 रुपये का डिस्काउंट दिया जा रहा है। 5. कंपनी के शेयर किस तारीख को शेयर बाजार में लिस्ट होंगे? शेयरों का आवंटन 17 अगस्त को होगा और 19 अगस्त को कंपनी शेयर बाजार में औपचारिक रूप से लिस्ट हो जाएगी। https://trendkia.com/market/shiprocket-ne-taya-kiya-92-se-97-rupaye-ka-praisa-bainda-12-agasta-se-pablika-ishyu-men-boli-laga-sakenge-niveshaka-35984 TrendKia — Har trend, sabse pehle.