# कच्चे तेल में नरमी और फेडरल रिजर्व के रुख के बीच चांदी में लौटी मामूली बढ़त

> कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वाशिंगटन व तेहरान के बीच बातचीत की उम्मीदों से मुद्रास्फीति की चिंताएं घटी हैं, जिससे चांदी को सहारा मिला है। वहीं अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सतर्क नीतिगत रुख और मध्य पूर्व के तनाव ने धातु की बढ़त को सीमित रखा है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/silver-gains-modestly-as-sliding-crude-prices-and-guarded-federal-reserve-policy-shape-trading-35807 · **Language:** Hindi
**Tags:** चांदी की कीमत, कच्चा तेल, फेडरल रिजर्व, मुद्रास्फीति, जिंस बाजार, डोनाल्ड ट्रंप, मध्य पूर्व तनाव, ब्याज दरें, वित्त

अंतरराष्ट्रीय जिंस बाजारों में सोमवार के कारोबारी सत्र के दौरान चांदी की कीमतों में हल्का सकारात्मक रुख देखने को मिला। ऊर्जा बाजार में नरमी आने की वजह से महंगाई के मोर्चे पर निवेशकों को कुछ राहत महसूस हुई है, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं की मांग पर पड़ा। इसके साथ ही राजनयिक स्तर पर वाशिंगटन और तेहरान के बीच नए सिरे से संवाद शुरू होने की संभावनाओं ने भी भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम को कुछ हद तक कम करने का काम किया। हालांकि, अमेरिकी केंद्रीय बैंक के अधिकारियों की ओर से ब्याज दरों को लेकर दिए जा रहे सख्त और सतर्क बयानों के कारण इस बहुमूल्य धातु की तेजी बहुत आगे नहीं बढ़ सकी और कारोबार सीमित दायरे में बंधा रहा।

सोमवार को कारोबार के दौरान चांदी की कीमत में 0.37% की बढ़त दर्ज की गई और यह करीब $66.50 प्रति औंस के आसपास हाथ बदलती दिखी। कीमती धातुओं के कारोबारियों का ध्यान काफी हद तक मध्य पूर्व के घटनाक्रमों और ऊर्जा की कीमतों पर पड़ने वाले उसके प्रभावों पर टिका हुआ है। जब ऊर्जा और कच्चे तेल की कीमतें नीचे आती हैं, तो इससे अर्थव्यवस्था में महंगाई बढ़ने की आशंकाएं धीमी पड़ती हैं। इस नरमी का सीधा असर बाजार की उस धारणा पर पड़ता है जिसके तहत यह माना जा रहा था कि अमेरिका में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंचे स्तरों पर बनी रह सकती हैं। ऐसे में ऊर्जा लागत का घटना चांदी के लिए निचले स्तरों पर एक मजबूत सहारा साबित हुआ।

## वाशिंगटन और तेहरान के बीच संवाद की सुगबुगाहट
ऊर्जा बाजार में कमजोरी आने का एक प्रमुख कारण अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत दोबारा शुरू होने की उम्मीदें रहीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि वे इस सप्ताह न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र से इतर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन से मुलाकात करने के लिए संभावित रूप से तैयार हो सकते हैं। इस संभावित मुलाकात की खबर ने कच्चे तेल में बने हुए भू-राजनीतिक तनाव के प्रीमियम को हल्का कर दिया, जिससे बाजार में तेल की कीमतों पर दबाव बना और ऊर्जा लागत नीचे खिसक गई।

कूटनीतिक बातचीत की इन संभावनाओं के बावजूद पूरे मध्य पूर्व में जमीनी तनाव अभी भी काफी गंभीर बना हुआ है। ईरानी सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रज़ाई ने स्पष्ट किया कि तेहरान ने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका तक अपनी शर्तें पहुंचा दी हैं। इसके साथ ही उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि यदि अमेरिका की तरफ से फिर कोई हमला हुआ, तो ईरान उसका बहुत जोरदार जवाब देगा। दूसरी तरफ, यमन में सक्रिय और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों तथा सऊदी बलों के बीच जारी संघर्ष भी लगातार बना हुआ है, जिसके चलते भू-राजनीतिक जोखिम पूरी तरह समाप्त नहीं हो पा रहे हैं और बाजार प्रतिभागी लगातार सतर्कता बरत रहे हैं।

## फेडरल रिजर्व का रुख और मुद्रास्फीति की चुनौतियां
अमेरिकी केंद्रीय बैंक के नीति निर्माताओं की तरफ से आने वाले बयान धातु बाजार के लिए मिश्रित संकेत दे रहे हैं। फेडरल रिजर्व के अधिकारी ऑस्टन गूल्सबी ने हालिया बयानों में सामान्य से अधिक कड़ा और आक्रामक नीतिगत रुख पेश किया। उनके वक्तव्य के आकलन में भाषण निगरानी स्कोर 7.4/10 दर्ज किया गया, जो ऐतिहासिक औसत 6.4/10 की तुलना में साफ तौर पर अधिक है। गूल्सबी ने जोर देकर कहा कि 2% के महंगाई लक्ष्य तक लौटने के प्रति सकारात्मक तभी रहा जा सकता है जब मांग के अत्यधिक गर्म होने के नए सबूत न दिखें। उन्होंने यह भी बिल्कुल साफ किया कि यदि मांग जरूरत से ज्यादा बढ़ी, तो मौद्रिक सख्ती करने में कोई संकोच या असमंजस नहीं रहेगा।

गूल्सबी का यह जोर साफ दिखाता है कि फेडरल रिजर्व का झुकाव सख्त मौद्रिक नीति बनाए रखने की ओर है। उन्होंने आपूर्ति पक्ष के झटकों के बने रहने और आपूर्ति-आधारित महंगाई के घटने के ठोस प्रमाणों की आवश्यकता का भी उल्लेख किया। इसका मतलब यह है कि केंद्रीय बैंक अभी मुद्रास्फीति पर अंतिम जीत की घोषणा करने के मूड में बिल्कुल नहीं है, जिससे डॉलर के प्रति दृष्टिकोण काफी संभला हुआ और आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर पूरी तरह निर्भर बना हुआ है। इसी बीच फेड भावना सूचकांक 1.07 अंक घटकर 149.54 पर आ गया। भले ही इसमें हालिया शीर्ष स्तरों की तुलना में मामूली गिरावट आई हो, लेकिन यह स्तर अभी भी 100 के तटस्थ आंकड़े से काफी ऊपर है। यह साफ दर्शाता है कि समग्र रूप से केंद्रीय बैंक का रुख बाजार में काफी सख्त माना जा रहा है।

## तकनीकी स्तर और चार्ट का ढांचा
तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो एक घंटे की समय-सीमा में XAG/USD $66.56 पर कारोबार कर रहा था, जहां इसका निकट अवधि का ढांचा सकारात्मक बना हुआ है। कीमत 100-अवधि के साधारण मूविंग एवरेज (SMA) $64.92 और 200-अवधि के साधारण मूविंग एवरेज $64.89 दोनों के ऊपर टिकी हुई है। हालांकि हालिया उच्च स्तरों से थोड़ा पीछे हटने के बाद भी इस बढ़ते हुए मध्यम अवधि के आधार से चांदी को अच्छा समर्थन मिल रहा है। इस समय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 57 के आसपास बना हुआ है, जो यह दर्शाता है कि बाजार ओवरबॉट क्षेत्र में नहीं है बल्कि इसमें मध्यम स्तर की सकारात्मक गति शेष है, जिससे मुख्य औसतों के ऊपर टिके रहने पर और बढ़त की गुंजाइश बनी हुई है।

ताजा लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, चांदी की मौजूदा कीमत $67.11 दर्ज की गई है, जो पिछले बंद भाव $66.56 की तुलना में 0.84% की बढ़त दिखा रही है। 52 हफ्तों के दौरान चांदी का दायरा $43.30 से $121.30 के बीच रहा है, जबकि सत्र में कारोबारी वॉल्यूम अपने 20-दिवसीय औसत से 6.65 गुना अधिक रहा। दैनिक चार्ट पर 14-दिवसीय आरएसआई 56 पर है, जबकि एमएसीडी 0.33 और सिग्नल लाइन 0.43 पर रहने से हिस्टोग्राम -0.10 की मंदड़िया स्थिति दिखा रहा है। प्रमुख एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज में 20-दिवसीय ईएमए $65.49, 50-दिवसीय ईएमए $65.07 और 200-दिवसीय ईएमए $66.78 पर स्थित हैं, वहीं 50-दिवसीय एसएमए $63.08 और 200-दिवसीय एसएमए $72.53 पर स्थित हैं। लंबी अवधि के अपट्रेंड के बीच 50-दिवसीय ईएमए का 200-दिवसीय ईएमए से नीचे होना डेथ क्रॉस दर्शाता है। बॉलिंजर बैंड्स का दायरा $62.66 से $69.68 के बीच है और कीमत इसके भीतर चल रही है। 14-दिवसीय एडीएक्स 15 पर एक सीमित दायरे का संकेत दे रहा है। 14-दिवसीय एटीआर 1.70 पर दैनिक उतार-चढ़ाव को दर्शाता है, जिसे स्टॉप-लॉस बफर के रूप में देखा जा सकता है। पिवट बिंदु $66.96 पर है, जबकि पहला प्रतिरोध R1 $67.71 और दूसरा R2 $68.31 पर है, एवं समर्थन स्तर S1 $66.36 और S2 $65.60 पर स्थित हैं। पूर्व तकनीकी संरचना में क्षैतिज रुकावट $67.35 और $68.30 पर आंकी गई थी, जबकि नीचे तत्काल सहारा $65.80 और $65.19 पर था, जहां $65 के ठीक नीचे स्थित 100 और 200 अवधि के एसएमए एक महत्वपूर्ण रक्षात्मक घेरा प्रदान करते हैं।

## वैश्विक बाजारों और अन्य मुद्राओं का हाल
विदेशी मुद्रा और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में भी सोमवार को मिला-जुला माहौल देखने को मिला। एशियाई सत्र के दौरान AUD/USD 0.7100 के स्तर से ऊपर स्थिर बना रहा। अमेरिकी डॉलर की जुलाई के बाद के उच्चतम स्तर से होने वाली हल्की मुनाफावसूली रुक गई क्योंकि भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बरकरार थीं। चीन के पीपुल्स बैंक द्वारा लोन प्राइम रेट को जस का तस रखने से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर कुछ दबाव देखा गया, लेकिन रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों और आगामी ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन से पहले इसे आधार मिला।

दूसरी ओर, USD/JPY एशियाई सत्र में 157.00 के नीचे खिसक गया। शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान द्वारा दर जांच किए जाने के बाद जापानी येन में थोड़ा सुधार हुआ, जिससे संभावित सरकारी हस्तक्षेप की चर्चाएं तेज हो गईं। जापान में छुट्टी होने के साथ-साथ रूस और यूक्रेन के बीच तथा मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने कारोबारियों को चौकन्ना रखा। सोने की बात करें तो यूरोपीय सत्र के पहले भाग में इसमें बिकवाली का दबाव रहा और यह $4,350 के आसपास 0.50% से अधिक टूटकर कारोबार करता दिखा, हालांकि यह पिछले बुधवार को बने छह सप्ताह के निचले स्तर से ऊपर रहा। वित्तीय बाजार इस समय तीसरी तिमाही के अंतिम हफ्तों में एक विचित्र स्थिति में हैं, जहां अनिश्चितता और अस्थिरता बनी हुई है, लेकिन तेल के दाम गिर रहे हैं तथा अमेरिकी व यूरोपीय शेयर बाजार हरे निशान में खुलने की तैयारी में दिखे। बॉन्ड बाजार में शुक्रवार को यील्ड बढ़ने के बाद तनाव बरकरार रहा, वहीं बैंक ऑफ जापान ने अपनी अल्पकालिक ब्याज दर को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया, जिसमें पक्ष में 7 और विरोध में 2 वोट पड़े, जो मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में पहले से अपेक्षित कदम था।

## इसका आप पर असर
कच्चे तेल में नरमी और चांदी में सीमित उतार-चढ़ाव का असर आम निवेशकों और उपभोक्ताओं के दैनिक बजट एवं निवेश रणनीतियों पर पड़ता है।

- **भारत में प्रभाव:** अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से देश में ईंधन की लागत और थोक महंगाई को काबू में रखने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही चांदी की कीमतों में स्थिरता बने रहने से घरेलू आभूषण खरीदारों और औद्योगिक उपयोगकर्ताओं को अचानक आने वाली तेजी से फौरी राहत मिलती है।
- **वैश्विक निवेशकों के लिए:** कीमती धातुओं में निवेश करने वाले ट्रेडर्स को सीमित तेजी के दौरान सख्त स्टॉप-लॉस का पालन करना चाहिए। फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख के कारण जब तक ब्याज दरों में कटौती के स्पष्ट संकेत नहीं मिलते, तब तक धातु में एकतरफा उछाल जोखिम भरा हो सकता है।
- **ऊर्जा और उपभोक्ता बजट:** यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की नरमी जारी रहती है, तो परिवहन और लॉजिस्टिक्स लागत कम होने की उम्मीद बनती है। इससे दैनिक उपभोग की वस्तुओं की कीमतों पर बढ़ने वाला दबाव थम सकता है, जिसका लाभ आम उपभोक्ताओं को मिलता है।
- **पोर्टफोलियो विविधीकरण:** भू-राजनीतिक तनाव और नीतिगत अनिश्चितताओं के बीच चांदी एक महत्वपूर्ण हेजिंग विकल्प बनी हुई है। निवेशक अपने पोर्टफोलियो में जोखिम कम करने के लिए प्रमुख तकनीकी स्तरों पर नजर रखते हुए आंशिक निवेश का विकल्प चुन सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
चांदी की कीमतों में आई हल्की बढ़त और फिर सीमित दायरे में कारोबार के पीछे ऊर्जा बाजार में आई नरमी और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियां मुख्य वजह हैं।

- **कच्चे तेल में गिरावट:** वाशिंगटन और तेहरान के बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान संभावित मुलाकात की खबरों ने ऊर्जा बाजारों में भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम को घटा दिया। ईंधन सस्ता होने से महंगाई का दबाव कम हुआ, जिससे कीमती धातुओं को गिरावट से उबरने में मदद मिली।
- **फेडरल रिजर्व का सख्त रुख:** अमेरिकी केंद्रीय बैंक के अधिकारी ऑस्टन गूल्सबी के आक्रामक बयानों ने बाजार में यह संदेश दिया कि मांग बढ़ने पर मौद्रिक सख्ती जारी रहेगी। इस सतर्क रुख और ऊंचे डॉलर ने चांदी की तेजी को ऊपरी स्तरों पर रोक दिया।
- **मध्य पूर्व में तनाव:** राजनयिक संवाद की चर्चाओं के बावजूद यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी सेना के बीच झड़पें तथा तेहरान की चेतावनियां लगातार बनी हुई हैं। इस भू-राजनीतिक अस्थिरता ने निवेशकों को सुरक्षित संपत्तियों में सीमित खरीदारी बनाए रखने पर मजबूर किया।

## सवाल-जवाब

### 1. सोमवार को चांदी की कीमतों में क्या बदलाव दर्ज किया गया?
सोमवार के कारोबारी सत्र में चांदी की कीमत 0.37% बढ़कर लगभग $66.50 प्रति औंस पर पहुंच गई।

### 2. कच्चे तेल में गिरावट का चांदी की कीमत पर क्या असर पड़ा?
कच्चे तेल की कीमतें गिरने से मुद्रास्फीति बढ़ने की चिंताएं कम हुईं, जिससे चांदी को निचले स्तरों पर सहारा मिला।

### 3. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच क्या कूटनीतिक हलचल देखी गई?
डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन से मुलाकात के प्रति अपनी खुली सहमति के संकेत दिए।

### 4. फेडरल रिजर्व के अधिकारी ऑस्टन गूल्सबी का रुख कैसा रहा?
ऑस्टन गूल्सबी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि मांग के जरूरत से ज्यादा गर्म होने की स्थिति में मौद्रिक सख्ती करने में कोई झिझक नहीं होगी।

### 5. चांदी के लिए कौन से प्रमुख तकनीकी स्तर महत्वपूर्ण हैं?
चांदी को $65.80 और $65 के मूविंग एवरेज पर मजबूत समर्थन हासिल है, जबकि ऊपर की ओर $67.35 और $68.30 पर रुकावट देखी जा रही है।

### 6. बैंक ऑफ जापान ने अपनी मौद्रिक नीति में क्या फैसला लिया?
बैंक ऑफ जापान ने नीति सामान्यीकरण के तहत अपनी अल्पकालिक ब्याज दर को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया।

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