अमेरिका और ईरान के बीच तनाव घटने से चांदी की कीमतों में तेजी, XAG/USD पहुंचा 60 डॉलर के करीब अमेरिका और ईरान के बीच भूराजनीतिक तनाव कम होने से तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है, जिससे मुद्रास्फीति की चिंताएं शांत हुई हैं। इस राहत के बीच चांदी में दो प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई है और इसका कारोबार 59.45 डॉलर के आसपास हो रहा है. वैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं की मांग में आई ताज़ा तेजी के बीच चांदी के दाम में दो प्रतिशत से ज्यादा का उछाल देखा जा रहा है। वर्तमान में इस कीमती धातु का कारोबार लगभग 59.45 डॉलर के आसपास चल रहा है। इस मूल्य वृद्धि के पीछे मुख्य रूप से अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव पर लगाम लगने की उम्मीदें हैं, जिससे ऊर्जा बाजारों और वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिली है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद की बहाली ने निवेशकों का रुझान सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर फिर से मोड़ दिया है, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं के प्रदर्शन पर साफ दिखाई दे रहा है। अमेरिका-ईरान तनाव में विराम और कूटनीतिक प्रयास संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत Mike Waltz द्वारा यह घोषणा किए जाने के बाद कि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कूटनीति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सैन्य हमलों को अस्थायी रूप से निलंबित करने का निर्णय लिया है, दोनों देशों के बीच चल रहा सैन्य टकराव थम सा गया है। इसके अलावा, एक ईरानी अधिकारी ने भी यह स्पष्ट किया है कि यदि वॉशिंगटन की ओर से भी इसी तरह की पहल जारी रहती है, तो तेहरान भी अपनी तरफ से हमलों को रोक देगा। इस राजनीतिक व कूटनीतिक नरमी ने कच्चे तेल के बाजार में हलचल पैदा कर दी है, जिससे पिछले कुछ समय से चले आ रहे भूराजनीतिक जोखिम के बादल छंटने लगे हैं। कच्चे तेल में गिरावट और मुद्रास्फीति की चिंताओं से राहत अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति के इस घटनाक्रम का सबसे सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। समाचार लिखे जाने तक West Texas Intermediate (WTI) की कीमतों में लगभग आठ प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। ऊर्जा के दामों में आई इस बड़ी कमी से लगातार उच्च बनी हुई मुद्रास्फीति के दबाव को कम करने में मदद मिल रही है। जब महंगाई की आशंकाएं घटती हैं, तो केंद्रीय बैंकों द्वारा अतिरिक्त मौद्रिक सख्ती या ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की संभावना भी कम हो जाती है। इस माहौल का सबसे अधिक लाभ चांदी जैसी गैर-उपज वाली परिसंपत्तियों को मिलता है, क्योंकि निवेशकों के लिए ऐसी संपत्तियों को होल्ड करना अधिक आकर्षक हो जाता है। फेडरल रिजर्व की बैठक और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का प्रभाव ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े मुद्रास्फीति के जोखिमों के कम होने के कारण निवेशकों ने भविष्य में ब्याज दरों में और अधिक बढ़ोतरी की उम्मीदों को काफी हद तक कम कर दिया है। इसी बीच, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई नरमी और अमेरिकी डॉलर (USD) की कमजोरी ने भी चांदी जैसी कीमती धातुओं को एक मजबूत आधार प्रदान किया है। बाजार का पूरा ध्यान अब बुधवार को आने वाले फेडरल रिजर्व के मौद्रिक नीतिगत फैसले पर टिक गया है। इस महत्वपूर्ण बैठक से यह संकेत मिलने की उम्मीद है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक आगे चलकर ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपनाने वाला है, जिसका असर पूरी मुद्रा और कमोडिटी बाजार की चाल पर पड़ेगा। चांदी बाजार की बुनियादी विशेषताएं और निवेश के साधन चांदी एक बहुमूल्य धातु है जिसका उपयोग दुनिया भर के निवेशकों द्वारा बड़े पैमाने पर किया जाता है। ऐतिहासिक रूप से इसे मूल्य के एक सुरक्षित भंडार और विनिमय के माध्यम के रूप में मान्यता प्राप्त रही है। हालांकि यह सोने की तुलना में उतनी लोकप्रिय नहीं है, फिर भी व्यापारी अपने निवेश पोर्टफोलियो में विविधता लाने, इसके आंतरिक मूल्य का लाभ उठाने या उच्च मुद्रास्फीति के दौर में एक संभावित बचाव साधन के रूप में चांदी का चयन करते हैं। निवेशक फिजिकल चांदी के रूप में सिक्के या छड़ें खरीद सकते हैं या फिर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) जैसे वित्तीय वाहनों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी कीमतों पर दांव लगा सकते हैं। कीमतों को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक चांदी के दाम कई प्रकार के आर्थिक और भूराजनीतिक कारकों से तय होते हैं। भूराजनीतिक अस्थिरता या किसी गहरी मंदी की आशंकाएं चांदी की सुरक्षित-स्वर्ग (safe-haven) की स्थिति के कारण इसकी कीमतों को ऊपर धकेल सकती हैं, हालांकि सोने की तुलना में इसका प्रभाव थोड़ा कम होता है। चूंकि चांदी पर कोई निश्चित ब्याज या उपज नहीं मिलती, इसलिए कम ब्याज दरों के माहौल में इसके दाम बढ़ने की प्रवृत्ति होती है। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर (USD) के प्रदर्शन का भी इस पर सीधा असर पड़ता है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का कारोबार डॉलर में (XAG/USD) होता है। एक मजबूत डॉलर आम तौर पर चांदी की कीमतों पर दबाव बनाता है, जबकि कमजोर डॉलर इन्हें ऊपर उठाने का काम करता है। इसके अलावा निवेश की मांग, खनन आपूर्ति और रीसाइक्लिंग की दरें भी इसके मूल्य निर्धारण में अहम भूमिका निभाती हैं। औद्योगिक उपयोग और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका औद्योगिक क्षेत्र में चांदी की भारी मांग है, विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स और सौर ऊर्जा (solar energy) सेक्टर में, क्योंकि किसी भी अन्य धातु की तुलना में इसकी विद्युत चालकता (electric conductivity) सबसे अधिक होती है, जो तांबे और सोने से भी ज्यादा है। मांग में कोई भी अचानक उछाल कीमतों को ऊपर ले जा सकता है, जबकि मांग घटने से दाम गिर सकते हैं। इसके अलावा अमेरिका, चीन और भारत जैसी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की आर्थिक गतिशीलता भी चांदी के दामों में उतार-चढ़ाव लाती है। अमेरिका और विशेष तौर पर चीन के बड़े औद्योगिक कारखाने विभिन्न प्रक्रियाओं में चांदी का उपयोग करते हैं, जबकि भारत में आभूषणों के लिए कीमती धातु की उपभोक्ता मांग इसके दाम तय करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सोने के साथ संबंध और अनुपात का महत्व चांदी की कीमतें आमतौर पर सोने के रुख का अनुसरण करती हैं। जब सोने के दाम बढ़ते हैं, तो चांदी भी अक्सर उसी दिशा में आगे बढ़ती है क्योंकि दोनों की सुरक्षित-स्वर्ग की स्थिति लगभग एक जैसी होती है। गोल्ड/सिल्वर रेशियो (Gold/Silver ratio) यह दर्शाता है कि एक औंस सोने के मूल्य के बराबर आने के लिए चांदी के कितने औंस की आवश्यकता है, जिससे दोनों धातुओं के बीच के सापेक्ष मूल्यांकन का आकलन किया जाता है। कुछ निवेशक उच्च अनुपात को इस संकेत के रूप में देख सकते हैं कि चांदी का मूल्यांकन कम हुआ है या सोना ओवरवैल्यूड है। इसके विपरीत, कम अनुपात यह सुझाव दे सकता है कि सोने की तुलना में चांदी का मूल्यांकन अधिक हो चुका है। इसका आप पर असर • भारत में: चांदी और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से घरेलू सर्राफा बाजार में आभूषण विक्रेताओं और निवेशकों पर सीधा प्रभाव पड़ता है, साथ ही ऊर्जा आयात के मोर्चे पर राहत मिल सकती है। • वैश्विक स्तर पर: अमेरिकी केंद्रीय बैंक के फैसलों और भूराजनीतिक तनावों के कम होने से कमोडिटी और मुद्रा बाजारों में निवेशकों को अपनी निवेश रणनीतियों में बदलाव करने का अवसर मिल रहा है। सवाल-जवाब 1. वर्तमान में चांदी का कारोबार किस कीमत के आसपास हो रहा है? चांदी में दो प्रतिशत से अधिक की तेजी के बाद इसका कारोबार लगभग 59.45 डॉलर के आसपास हो रहा है। 2. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने का कारण क्या है? संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत Mike Waltz द्वारा राष्ट्रपति Donald Trump के सैन्य हमलों को स्थगित करने के निर्णय की घोषणा के बाद तनाव में कमी आई है। 3. कच्चे तेल की कीमतों में कितनी गिरावट दर्ज की गई है? समाचार लिखे जाने तक West Texas Intermediate (WTI) की कीमतों में लगभग आठ प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। 4. चांदी की कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक कौन से हैं? चांदी की कीमतें भूराजनीतिक स्थिरता, अमेरिकी डॉलर के उतार-चढ़ाव, ब्याज दरों, औद्योगिक मांग और निवेश के रुझानों पर निर्भर करती हैं। 5. फेडरल रिजर्व की बैठक का चांदी बाजार पर क्या प्रभाव पड़ेगा? फेडरल रिजर्व के मौद्रिक नीतिगत फैसले से ब्याज दरों की दिशा तय होगी, जो चांदी जैसी गैर-उपज वाली परिसंपत्तियों के मूल्य को प्रभावित करती है। https://trendkia.com/market/silver-rallies-near-60-as-xag-usd-climbs-on-us-iran-de-escalation-10825 TrendKia — Har trend, sabse pehle.