सिंगापुर डॉलर और प्रमुख एशियाई मुद्राओं में सीमित दायरे का कारोबार, अमेरिकी मध्यावधि चुनावों पर टिकी नज़रें सिंगापुर डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सीमित दायरे में बंधा हुआ है, जबकि अमेरिकी मध्यावधि चुनाव और पश्चिम एशिया के तनाव के बीच वैश्विक मुद्रा बाज़ार सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। वैश्विक वित्तीय बाज़ारों में अनिश्चितता के माहौल के बीच सिंगापुर डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एक बेहद सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। सिंगापुर डॉलर की नॉमिनल इफेक्टिव एक्सचेंज रेट यानी SGD NEER में आई मजबूती स्थानीय मुद्रा को सहारा दे रही है, जिससे अमेरिकी डॉलर के मुकाबले इसमें बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिल रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, SGD NEER अपनी नीतिगत मध्य रेखा यानी पॉलिसी मिडपॉइंट से लगभग 1.30 प्रतिशत से 1.80 प्रतिशत ऊपर बनी रह सकती है। इसका सीधा मतलब यह निकलता है कि USD/SGD की विनिमय दर आने वाले दिनों में मौजूदा स्तरों के आसपास ही स्थिर बनी रहेगी। हालांकि, समूचे एशियाई मुद्रा बाज़ार पर विदेशी पोर्टफोलियो से पूंजी निकासी का दबाव स्पष्ट रूप से दिख रहा है, और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों को लेकर उपजी सतर्कता ने निवेशकों के कदमों को थाम रखा है। सिंगापुर डॉलर का अल्पकालिक और बहु-सप्ताह तकनीकी परिदृश्य दैनिक कारोबार की गतिशीलता पर यूनाइटेड ओवरसीज बैंक यानी UOB के विश्लेषक क्वेक सेर लियांग और ली सू एन ने विस्तार से चर्चा की है। उनका कहना है कि अमेरिकी डॉलर के लिए 1.2775 से 1.2800 के बीच कारोबार करने का अनुमान था, और वास्तविक कारोबार 1.2775 से 1.2797 के दायरे में हुआ, जिसके बाद यह 0.10 प्रतिशत की बढ़त लेकर 1.2794 पर बंद हुआ। आज के सत्र के लिए भी सीमित दायरे में ट्रेडिंग की उम्मीद बनी हुई है, लेकिन बाज़ार का अंतर्निहित रुख थोड़ा मजबूत होने से अमेरिकी डॉलर 1.2785 से 1.2810 के उच्चतर दायरे में कारोबार कर सकता है। वहीं एक से तीन सप्ताह के मध्यम अवधि के नज़रिए पर बात करते हुए दोनों विश्लेषकों ने स्पष्ट किया कि 27 अक्टूबर को जब स्पॉट स्तर 1.2810 पर था, तब 1.2775 से 1.2835 के दायरे का अनुमान लगाया गया था। उस अवधि से अब तक अमेरिकी डॉलर ने 1.2771 से 1.2837 के बीच ही उतार-चढ़ाव दिखाया है। चूंकि किसी भी दिशा में गति या मोमेंटम की स्पष्ट वृद्धि नहीं हुई है, इसलिए आगामी दिनों में भी विनिमय दर 1.2775 से 1.2835 के सीमित दायरे में ही बने रहने की पूरी संभावना है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन में नरमी का रुख एशियाई बाज़ारों के खुलने से पहले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में लगातार दूसरे सत्र में गिरावट दर्ज की गई। AUD/USD गिरकर 0.6960 के स्तर के पास आ गया, जो कई दिनों का निचला स्तर है। ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा में यह दबाव रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी RBA के हालिया मौद्रिक नीतिगत फैसले के असर और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजों की प्रतीक्षा कर रहे निवेशकों की बेचैनी का नतीजा है। ट्रेडर जोखिम लेने से बच रहे हैं, जिसका खामियाजा ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को उठाना पड़ा है। दूसरी तरफ, जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर यानी USD/JPY एशियाई सत्र में मामूली रूप से नीचे आया। पिछले दिन की बढ़त के बाद यह 158.00 के स्तर से पीछे हटा, क्योंकि ईरान से जुड़े कूटनीतिक प्रयासों की उम्मीदों और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों की वजह से अमेरिकी डॉलर में कुछ सुस्ती देखी गई। जापानी अधिकारियों द्वारा मुद्रा बाज़ार में हस्तक्षेप के जोखिम ने येन को निचले स्तरों पर कुछ समर्थन दिया है। इसके बावजूद बैंक ऑफ जापान यानी BoJ की ओर से ब्याज दरों में अगली बढ़ोतरी के समय को लेकर बनी अनिश्चितता जापानी येन की बढ़त को सीमित कर रही है। यही कारण है कि यह जोड़ी अपने जाने-पहचाने दायरे में ही फंसी हुई है, और बाज़ार में किसी भी दिशा में नया दांव लगाने से पहले बेहद सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। कच्चे तेल की तेजी से सोने पर दबाव, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 102 से नीचे कमोडिटी बाज़ार में भी भू-राजनीतिक घटनाओं का सीधा असर देखा गया। सोने यानी XAU/USD की कीमतों में मंगलवार को गिरावट आई और इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई। सोने का भाव लगभग 0.93 प्रतिशत गिरकर 3,909 डॉलर के आसपास आ गया। सोने में यह नरमी कच्चे तेल की कीमतों में आई उछाल के कारण देखने को मिली। कच्चे तेल के भाव में यह तेज़ी उस घटनाक्रम के बाद आई जब वॉल स्ट्रीट जर्नल यानी WSJ ने ईरान के क़ेश्म द्वीप पर अमेरिकी हमले का विवरण दिया। ऊर्जा की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों का ध्यान अन्य परिसंपत्तियों की ओर खींचा, जिससे सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने पर बिकवाली का असर पड़ा। वैश्विक मुद्रा बाज़ार का मुख्य पैमाना माना जाने वाला अमेरिकी डॉलर इंडेक्स अपने कारोबारी सत्र के निचले स्तरों से थोड़ा संभला जरूर है, लेकिन अभी भी 102.00 के नीचे अपने पुराने दायरे में ही बना हुआ है। अमेरिकी डॉलर को ईरान में जारी सैन्य संघर्ष और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से सहारा मिल रहा है, जिससे इसकी गिरावट थमी है। इसके विपरीत अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों से जुड़ी राजनीतिक अनिश्चितता डॉलर की बढ़त पर लगाम लगा रही है, जिससे कुल मिलाकर बाज़ार में ठहराव की स्थिति बनी हुई है। इसका आप पर असर मुद्रा और कमोडिटी बाज़ारों में सीमित दायरे के कारोबार और अस्थिरता का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, आयात खर्च और निवेश योजनाओं पर पड़ता है। • मुद्रा निवेशकों और ट्रेडर्स पर: डॉलर और एशियाई मुद्राओं के एक सीमित दायरे में बंधे रहने से बड़े मुनाफे के मौके कम हो रहे हैं। ट्रेडर्स को किसी बड़े ब्रेकआउट की प्रतीक्षा करते हुए स्टॉप-लॉस के साथ सतर्कता से काम करना होगा। • आयात और विदेश यात्रा पर: स्थिर विनिमय दर से विदेश यात्रा या विदेशी भुगतान की योजना बना रहे लोगों के लिए बजट अचानक बिगड़ने का खतरा नहीं है। हालांकि चुनावी नतीजों के बाद मुद्रा में तेज उतार-चढ़ाव आ सकता है, इसलिए अग्रिम बुकिंग सुरक्षित विकल्प है। • सोने और ऊर्जा निवेशकों पर: भू-राजनीतिक तनाव से कच्चे तेल में तेजी और सोने में 0.93 प्रतिशत की गिरावट से पोर्टफोलियो असंतुलित हो सकता है। निवेशकों को भू-राजनीतिक खबरों के आधार पर अपनी हेजिंग रणनीति की समीक्षा करनी चाहिए। • वैश्विक इक्विटी निवेशकों पर: एशियाई बाज़ारों से पूंजी निकासी और अमेरिकी चुनाव के तनाव से शेयर बाज़ारों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। लंबी अवधि के निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने के बजाय नीतिगत स्पष्टता का इंतज़ार करना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ वैश्विक मुद्रा और कमोडिटी बाज़ारों में यह ठहराव और दबाव कई प्रमुख राजनीतिक, भू-राजनीतिक और केंद्रीय बैंक नीतियों के आपसी टकराव के कारण पैदा हुआ है। • अमेरिकी मध्यावधि चुनाव की अनिश्चितता: अमेरिकी विधायी चुनावों के परिणामों को लेकर निवेशक किसी भी दिशा में बड़ा दांव लगाने से बच रहे हैं। नीतिगत बदलावों की आशंका के चलते अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 102.00 के नीचे अटका हुआ है। • सिंगापुर का मजबूत नीतिगत आधार: सिंगापुर के केंद्रीय बैंक के नीतिगत रुख के कारण SGD NEER अपनी मध्य रेखा से 1.30 से 1.80 प्रतिशत ऊपर बनी हुई है। इस मजबूती ने डॉलर की बढ़त को रोककर USD/SGD को 1.2775 से 1.2835 के दायरे में बांध दिया है। • पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव: वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार क़ेश्म द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया। कच्चे तेल के अचानक महंगा होने से सुरक्षित निवेश वाले सोने की मांग कमजोर पड़ी और भाव 3,909 डॉलर पर आ गया। • केंद्रीय बैंकों के असमंजस भरे फैसले: ऑस्ट्रेलिया के रिज़र्व बैंक के हालिया नीतिगत फैसले और बैंक ऑफ जापान द्वारा दरें बढ़ाने के समय को लेकर अनिश्चितता ने संबंधित मुद्राओं को दबाव में बनाए रखा है। सवाल-जवाब 1. सिंगापुर डॉलर के लिए विश्लेषकों ने क्या अल्पकालिक दायरा तय किया है? विश्लेषकों के अनुसार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सिंगापुर डॉलर के आज 1.2785 से 1.2810 के उच्चतर दायरे में कारोबार करने की संभावना है। 2. मध्यम अवधि में USD/SGD का ट्रेडिंग दायरा क्या रहने का अनुमान है? आगामी 1 से 3 हफ्तों के लिए अमेरिकी डॉलर और सिंगापुर डॉलर के 1.2775 से 1.2835 के बीच सीमित रहने का अनुमान जताया गया है। 3. सोने की कीमत में हालिया गिरावट क्यों दर्ज की गई? ईरान के क़ेश्म द्वीप पर अमेरिकी हमले की खबर के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई, जिससे सोने पर दबाव बना और भाव 0.93% गिरकर 3,909 डॉलर पर आ गया। 4. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर किस स्तर के करीब पहुंच गया है? ऑस्ट्रेलियाई डॉलर लगातार दूसरे सत्र में गिरावट के साथ गिरकर 0.6960 के स्तर के पास पहुंच गया है। 5. जापानी येन की बढ़त किन कारणों से सीमित हो रही है? बैंक ऑफ जापान द्वारा अगली ब्याज दर वृद्धि के समय को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे जापानी येन की बढ़त सीमित है। 6. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स वर्तमान में किस स्तर के नीचे कारोबार कर रहा है? अमेरिकी डॉलर इंडेक्स अपने सत्र के निचले स्तरों से सुधरने के बावजूद 102.00 के स्तर से नीचे अपने पुराने दायरे में बना हुआ है। https://trendkia.com/market/singapore-dollar-aura-pramukha-eshiyai-mudraon-men-simita-dayare-ka-karobara-us-midterm-elections-para-tiki-nazaren-56008 TrendKia — Har trend, sabse pehle.