सिंगापुर डॉलर में मजबूती, मौद्रिक प्राधिकरण के सख्त कदमों से मिली रफ्तार मौद्रिक प्राधिकरण द्वारा लगातार दूसरी बार नीतिगत सख्ती बढ़ाए जाने के बाद डॉलर के मुकाबले सिंगापुर डॉलर की विनिमय दर में स्थिरता देखी जा रही है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सिंगापुर डॉलर की विनिमय दर में इन दिनों अहम हलचल देखने को मिल रही है और यह जोड़ी करीब 1.2900 के स्तर पर कारोबार कर रही है। इससे पहले इस जोड़ी में कुछ समय पहले गिरावट दर्ज की गई थी जब यह लगभग 1.3000 के बहु-मासिक उच्च स्तर के पास थी। बाजार जानकारों का मानना है कि इस रुख के पीछे सिंगापुर के केंद्रीय बैंक की नीतियां हैं, जिसने लगातार दूसरी बार आश्चर्यजनक रूप से नीतिगत सख्ती का कदम उठाया है। इस बार मौद्रिक प्राधिकरण ने सिंगापुर डॉलर नॉमिनल इफेक्टिव एक्सचेंज रेट यानी S$NEER की ढलान को हल्का सा बढ़ाया है, जबकि इसके दायरे के अन्य मानकों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। नीतिगत बदलाव के पीछे की वजह इस अप्रत्याशित कदम के संबंध में विशेषज्ञों का आकलन है कि वैश्विक स्तर पर कीमतों का दबाव लगातार बना हुआ है। इस बात की पूरी आशंका है कि यह बाहरी दबाव आगे चलकर घरेलू स्तर पर उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों को भी प्रभावित करेगा और इनका असर व्यापक रूप से दिखाई देगा। यही कारण है कि केंद्रीय बैंक ने सतर्क रुख अपनाते हुए अपनी मौद्रिक नीति में यह बदलाव किया है। हालांकि, मौजूदा सख्ती का दायरा अप्रैल में हुई पिछली बैठक की तुलना में थोड़ा कम आंका गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बैंक हालात के हिसाब से नपे-तुले कदम उठा रहा है। विदेशी मुद्रा बाजार और विश्लेषकों का अनुमान केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि उसने नीतिगत बैंड की चौड़ाई और उसके मध्य बिंदु को पूरी तरह से अपरिवर्तित रखा है, लेकिन S$NEER की सराहना की दर यानी ढलान को बहुत हल्के रूप में बढ़ाया है, जबकि अप्रैल में इसे केवल मामूली रूप से बढ़ाया गया था। इस अप्रत्याशित फैसले का अंदाजा बहुत कम लोगों को था। ब्लूमबर्ग के एक सर्वेक्षण में शामिल कुल 18 विश्लेषकों में से केवल चार जानकारों ने इस बात की उम्मीद जताई थी कि S$NEER की ढलान में किसी प्रकार का बदलाव किया जा सकता है। आगामी बैठक और आर्थिक दृष्टिकोण विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले महीनों में इस दिशा में और कदम उठाए जाने की गुंजाइश बनी हुई है। चूंकि अक्टूबर में केंद्रीय बैंक की अगली नीतिगत बैठक होनी है, इसलिए जानकारों का मानना है कि वर्ष 2026 के दौरान देश का सकारात्मक आउटपुट गैप थोड़ा बढ़ सकता है, जिसे नियंत्रित करने के लिए आगे भी नीतिगत कसावट देखने को मिल सकती है। अन्य प्रमुख मुद्राओं में उतार-चढ़ाव वैदेशी मुद्रा बाजार में केवल सिंगापुर डॉलर तक ही गतिविधियां सीमित नहीं हैं, बल्कि अन्य प्रमुख मुद्राओं में भी बड़े बदलाव दर्ज किए जा रहे हैं। पाउंड और डॉलर की विनिमय जोड़ी में कमजोरी देखी गई है और यह 1.3300 के स्तर से नीचे फिसल गई है। इसके पीछे मध्य पूर्व के संघर्ष में ठहराव के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और ब्रिटेन की हालिया नरम खुदरा महंगाई के आंकड़े मुख्य कारण माने जा रहे हैं, जिसके चलते बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा आगामी बैठकों में किसी तरह की सख्ती की संभावना कमजोर पड़ गई है। वहीं दूसरी ओर, यूरो और डॉलर की जोड़ी भी शुरुआती बढ़त को बरकरार नहीं रख पाई और शुरुआती कारोबार के बाद इसमें हल्की नरमी दर्ज की गई, जबकि निवेशक मध्य पूर्व के हालात और अमेरिका से आने वाले उपभोक्ता विश्वास के आंकड़ों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। इसका आप पर असर व्यापार और निवेशकों के लिए: मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव और केंद्रीय बैंकों के नीतिगत बदलावों से आयात-निर्यात लागत और विदेशी निवेश पर सीधा असर पड़ सकता है। सवाल-जवाब 1. USD/SGD की विनिमय दर वर्तमान में किस स्तर के आसपास कारोबार कर रही है? यह जोड़ी हाल ही में 1.3000 के उच्च स्तर से पीछे हटने के बाद लगभग 1.2900 के आसपास समेकित हो रही है। 2. मौद्रिक प्राधिकरण ने नीति क्यों सख्त की है? बाहरी मूल्य दबावों के घरेलू उपभोक्ता कीमतों तक और अधिक व्यापक रूप से फैलने की आशंका के चलते यह कदम उठाया गया है। 3. S$NEER नीति बैंड में क्या बदलाव किए गए हैं? प्राधिकरण ने बैंड की चौड़ाई और मध्य बिंदु को अपरिवर्तित रखते हुए इसकी ढलान यानी सराहना की दर को बहुत थोड़ा बढ़ाया है। 4. ब्लूमबर्ग सर्वेक्षण में कितने विश्लेषकों ने इस बदलाव की उम्मीद की थी? सर्वेक्षण में शामिल 18 में से केवल चार विश्लेषकों ने S$NEER की ढलान में बदलाव की उम्मीद जताई थी। https://trendkia.com/market/singapore-dollar-holds-ground-as-central-bank-tightens-policy-again-11173 TrendKia — Har trend, sabse pehle.