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  "type": "article",
  "title": "सिंगापुर डॉलर के मुकाबले अमेरिकी डॉलर में कमजोरी कायम, जानिए करेंसी गोल्ड और क्रिप्टो मार्केट का पूरा हाल",
  "summary": "यूओबी के विश्लेषकों के अनुसार अमेरिकी डॉलर में सिंगापुर डॉलर के खिलाफ गिरावट का दबाव बना हुआ है, जबकि बॉन्ड बायबैक ऐलान के बीच सोने, बिटकॉइन और प्रमुख वैश्विक मुद्राओं में हलचल देखने को मिल रही है।",
  "content": "वैश्विक वित्तीय बाजारों में अमेरिकी डॉलर की बिकवाली का असर विभिन्न करेंसी पेअर्स, कीमती धातुओं और डिजिटल परिसंपत्तियों पर साफ दिखाई दे रहा है। यूनाइटेड ओवरसीज बैंक के विश्लेषकों के अनुसार सिंगापुर डॉलर के मुकाबले अमेरिकी डॉलर में गिरावट का रुझान बना हुआ है। अमेरिकी डॉलर में आई इस हालिया कमजोरी ने इस करेंसी पेयर को 1.2700 के स्तर के आसपास धकेल दिया है। इस करेंसी उतार-चढ़ाव के साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिभूतियों, गोल्ड मार्केट और प्रमुख क्रिप्टोकरेंसीज़ में भी नए तकनीकी संकेत उभरकर सामने आए हैं।\n\nसिंगापुर डॉलर के मुकाबले अमेरिकी डॉलर का तकनीकी विश्लेषण\nयूनाइटेड ओवरसीज बैंक के बाजार रणनीतिकारों क्वेका सेर लियांग और ली सू एन ने तकनीकी संकेतों का अध्ययन करते हुए बताया कि USD/SGD पेयर में बिकवाली का दबाव गहराया है। हालिया न्यू यॉर्क कारोबारी सत्र के शुरुआती घंटों में अमेरिकी डॉलर में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिसके दौरान यह 1.2708 के निचले स्तर तक चला गया। दिन के कारोबार के अंत में यह 0.59% की गिरावट के साथ 1.2709 पर बंद हुआ। विश्लेषकों का मानना है कि यद्यपि अल्पावधि संकेतक अत्यधिक बिकवाली दर्शा रहे हैं, फिर भी बाजार में स्थिरता के तत्काल संकेत नहीं दिखे हैं।\n\nनिकट अवधि के परिदृश्य पर चर्चा करते हुए विश्लेषकों ने स्पष्ट किया कि जब तक अमेरिकी डॉलर 1.2740 के स्तर से नीचे बना रहता है, तब तक इसके 1.2695 के निचले स्तर तक फिसलने की संभावना बनी रहेगी। हालांकि, वर्तमान में बाजार की गहरी ओवरसोल्ड स्थिति को देखते हुए इस स्तर से नीचे की सतत गिरावट की संभावना अपेक्षाकृत कम नजर आती है। इसके अलावा 1.2670 पर स्थित अगला तकनीकी सपोर्ट स्तर भी तुरंत परीक्षण में आने की संभावना नहीं है। आगामी दिनों के लिए ऊपरी स्तरों पर 1.2740 और 1.2770 को प्राथमिक प्रतिरोध स्तर के रूप में चिह्नित किया गया है।\n\nदीर्घकालिक परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए यूओबी विश्लेषकों ने उल्लेख किया कि वे महीने की शुरुआत से ही अमेरिकी डॉलर के लिए नीचे की ओर जोखिम बने रहने का दृष्टिकोण रख रहे हैं। 18 अगस्त को जब स्पॉट दर 1.2775 पर थी, तब भी यह संकेत दिया गया था कि डॉलर 1.2740 की ओर गिर सकता है। जब तक 1.2810 का मजबूत प्रतिरोध स्तर नहीं टूटता, तब तक डाउनसाइड रिस्क बना रहेगा। अब जब 1.2740 का स्तर नीचे की ओर टूट चुका है, तो अगला प्रमुख निगरानी स्तर 1.2670 बन गया है, जबकि संशोधित मजबूत प्रतिरोध स्तर अब 1.2770 पर स्थित है।\n\nप्रमुख वैश्विक मुद्राओं की चाल और बाजार की स्थिति\nअमेरिकी डॉलर के व्यापक उतार-चढ़ाव का असर दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं पर भी देखा जा रहा है। GBP/USD पेयर अपनी दैनिक बढ़त को बनाए रखने का प्रयास कर रहा है, हालांकि इसमें कुछ रिकवरी के बाद आंशिक मुनाफावसूली देखी गई है। यह करेंसी पेयर गुरुवार को 1.3630 से 1.3620 के दायरे की ओर वापस लौटता हुआ दर्ज किया गया। ब्रिटिश पाउंड की इस तेजी के पीछे का कारण निवेशकों द्वारा शुक्रवार को आने वाले ब्रिटेन के महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों की प्रतीक्षा करना है, जिसके कारण ग्रीनबैक में मामूली उछाल के बावजूद पाउंड में मजबूती बनी हुई है।\n\nदूसरी ओर EUR/USD पेयर में सीमित गिरावट दर्ज की गई है और यह 1.1670 के आसपास कारोबार कर रहा है। इससे पहले यह पेयर 1.1700 के स्तर से ऊपर की ऊंचाई तक पहुंचा था, लेकिन वहां से बिकवाली के दबाव के कारण नीचे आ गया। यूरो में आई यह सुस्ती अमेरिकी मनी मार्केट की गतिविधियों और डॉलर सूचकांक में आए मामूली सुधार के बाद दर्ज की गई है। वित्तीय विश्लेषक वैश्विक ब्याज दरों और मुद्रास्फीति के आंकड़ों के आधार पर यूरो की आगे की दिशा का आकलन कर रहे हैं।\n\nसोने की कीमतों में मजबूती और कीमती धातुओं का रुझान\nकमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों ने एक बार फिर अपनी मजबूती साबित की है। गुरुवार के कारोबारी सत्र में पीली धातु अपनी गिरावट से उबरते हुए 4,500 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के महत्वपूर्ण आंकड़े के पार पहुंचने में सफल रही। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आए मामूली सुधार और अमेरिकी डॉलर की आंशिक रिकवरी के बावजूद सोने में यह तेजी दर्ज की गई है। निवेशक इसे वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच एक सुरक्षित निवेश माध्यम के रूप में देख रहे हैं।\n\nबुधवार को ट्रेजरी यील्ड में देखी गई गिरावट के बाद गुरुवार को 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.672% पर पहुंच गई। बॉन्ड यील्ड में इस सुधार के बावजूद सोने के प्रति निवेशकों का आकर्षण बना हुआ है। कीमती धातुओं के विश्लेषकों का मानना है कि केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों और वैश्विक मुद्रा दबावों के चलते कमोडिटी मार्केट में उतार-चढ़ाव का यह सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।\n\nक्रिप्टोकरेंसी बाजार में तेजी और बिटकॉइन का प्रदर्शन\nडिजिटल परिसंपत्तियों के बाजार में गुरुवार को व्यापक तेजी का रुख देखा गया, जिसका नेतृत्व दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (BTC) ने किया। बिटकॉइन की कीमत 70,000 डॉलर के स्तर को पार कर गई, जिससे पूरे क्रिप्टो इकोसिस्टम में सकारात्मक भावना का संचार हुआ। संस्थागत निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी और ऑन-चेन लिक्विडिटी के मजबूत होने से क्रिप्टो परिसंपत्तियों में खरीदारी का माहौल बना हुआ है।\n\nअन्य प्रमुख डिजिटल संपत्तियों में एथेरियम (ETH) 2,200 डॉलर के स्तर से ऊपर मजबूती से टिका हुआ है और अपना बुलिश ट्रेंड बरकरार रखे हुए है। इसके साथ ही रिपल (XRP) ने भी जोरदार वापसी करते हुए 1.15 डॉलर के स्तर से ऊपर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। बायर्स के बढ़ते दबदबा के कारण क्रिप्टो बाजार में ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ा है, जिससे अन्य ऑल्टकॉइन्स में भी सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं।\n\nअमेरिकी ट्रेजरी विभाग का तरलता सहायता निर्णय\nअमेरिकी बॉन्ड बाजार को स्थिरता प्रदान करने के लिए अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने एक बड़ा और अप्रत्याशित कदम उठाया है। बुधवार को ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) के अनुसार दोपहर 12:32 बजे ट्रेजरी विभाग ने घोषणा की कि वह दीर्घकालिक ऋण बायबैक संचालन के आकार को दोगुना करेगा। इस निर्णय के तहत 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष की परिपक्वता अवधि वाले बॉन्ड क्षेत्रों में लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक की सीमा को प्रति ऑपरेशन 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है।\n\nट्रेजरी विभाग द्वारा घोषित यह विशेष बायबैक कार्यक्रम 9 सितंबर से लागू होगा और 4 नवंबर तक चलेगा। विभाग द्वारा अपने निर्धारित कैलेंडर से हटकर लिया गया यह आश्चर्यजनक निर्णय बॉन्ड मार्केट में यील्ड के हालिया उछाल को नियंत्रित करने के उद्देश्य से किया गया है। इस घोषणा के बाद से 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 4.672% पर स्थिर हुई है, जिससे क्रेडिट और करेंसी मार्केट दोनों पर व्यापक प्रभाव पड़ रहा है।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: विदेशी मुद्रा बाजारों में डॉलर की कमजोरी और ट्रेजरी नीति बदलावों से भारतीय रुपये और सोने के घरेलू दामों पर सीधा असर पड़ सकता है।\n\nनिवेशकों और व्यापारियों के लिए: बिटकॉइन का $70,000 और सोने का $4,500 पार करना वैश्विक अनिश्चितता के बीच पोर्टफोलियो विविधीकरण के नए मौके दिखाता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. USD/SGD पेयर में गिरावट का मुख्य स्तर क्या है?\nयूओबी विश्लेषकों के अनुसार USD/SGD पेयर 1.2708 तक गिर चुका है और इसके 1.2695 तथा 1.2670 के स्तरों तक जाने की संभावना देखी जा रही है।\n\n2. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बॉन्ड बायबैक को लेकर क्या घोषणा की है?\nअमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने दीर्घकालिक बॉन्ड बायबैक की सीमा को $2 बिलियन से बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन प्रति ऑपरेशन कर दिया है, जो 9 सितंबर से 4 नवंबर तक लागू रहेगा।\n\n3. गुरुवार को सोने और क्रिप्टोकरेंसी बाजार का क्या प्रदर्शन रहा?\nसोना $4,500 प्रति ट्रॉय औंस के पार निकल गया, जबकि बिटकॉइन $70,000, एथेरियम $2,200 और रिपल (XRP) $1.15 के स्तर से ऊपर कारोबार करते दिखे।\n\n4. GBP/USD और EUR/USD पेअर्स की वर्तमान स्थिति क्या है?\nGBP/USD पेयर 1.3630-1.3620 के दायरे में बना हुआ है, जबकि EUR/USD 1.1700 के ऊपरी स्तर से फिसलकर 1.1670 के आसपास कारोबार कर रहा है।",
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  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-08-21",
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