सिंगापुर डॉलर के मुकाबले अमेरिकी डॉलर में तेजी के संकेत, लेकिन बड़े उछाल की गुंजाइश सीमित यूओबी के रणनीतिकारों के अनुसार अमेरिकी डॉलर सिंगापुर डॉलर के मुकाबले बढ़त बना रहा है, हालांकि इसके 1.2835 के बड़े रेजिस्टेंस स्तर को छूने की संभावना कम है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में सिंगापुर डॉलर के मुकाबले अमेरिकी डॉलर में मजबूती के संकेत दिखाई दे रहे हैं। विदेशी मुद्रा बाजार में हालिया हलचलों के दौरान अमेरिकी डॉलर ने 1.2775 के निचले स्तर से वापसी करते हुए 1.2810 का उच्च स्तर छुआ और अंततः 0.10 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करते हुए 1.2797 पर कारोबार समाप्त किया। हालांकि तकनीकी संकेतकों पर तेजी का रुझान दोबारा बनता दिख रहा है, लेकिन बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह गति किसी लंबी या स्थायी तेजी को बनाए रखने के लिए अभी पर्याप्त नहीं है। दैनिक कारोबार में तकनीकी स्तर और संभावनाएँ दैनिक आधार पर मुद्रा विनिमय दरों का आकलन करते हुए यूओबी के रणनीतिकार क्वेक सेर लियांग और ली सू एन ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी डॉलर के लिए ऊपर की ओर बढ़ने की गुंजाइश बन रही है। विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर के 1.2810 के स्तर से थोड़ा ऊपर जाने की संभावना तो है, लेकिन 1.2835 पर मौजूद मजबूत रेजिस्टेंस स्तर तक इसके पहुंचने की उम्मीद बेहद कम है। बाजार के निचले स्तरों पर नजर डालें तो अमेरिकी डॉलर के लिए तात्कालिक सपोर्ट स्तर 1.2785 पर स्थित है, जिसके बाद अगला प्रमुख सपोर्ट 1.2775 पर आंका गया है। विश्लेषकों का कहना है कि दो दिन पहले अमेरिकी डॉलर 1.2769 के निचले स्तर तक फिसला था। यदि आने वाले सत्रों में विनिमय दर 1.2765 के महत्वपूर्ण सपोर्ट से नीचे फिसलती है, तो यह संकेत होगा कि मुद्रा जोड़ी फिर से एक सीमित दायरे में कारोबार करने के दौर में प्रवेश कर रही है। मध्यम अवधि का परिदृश्य: एक से तीन हफ्तों का दृष्टिकोण मध्यम अवधि यानी अगले एक से तीन सप्ताह के रुझान को लेकर रणनीतिकारों ने बताया कि 02 अक्टूबर को जब स्पॉट विनिमय दर 1.2800 के स्तर पर थी, तब सकारात्मक मोमेंटम के कारण दर के 1.2835 तक बढ़ने का अनुमान था। इसके बाद जब दर 1.2769 तक गिरी, तो 07 अक्टूबर को स्पॉट 1.2780 पर रहते हुए यह अनुमान लगाया गया था कि अमेरिकी डॉलर 1.2740 से 1.2810 के दायरे में सीमित रहेगा। न्यूयॉर्क कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर ने उम्मीद से काफी पहले ही अनुमानित दायरे के ऊपरी स्तर 1.2810 का परीक्षण कर लिया। विश्लेषकों के अनुसार, हालांकि ऊपर की ओर रुझान फिर से बन रहा है, लेकिन पिछली बार की तुलना में इसकी रफ्तार कमजोर है। यही कारण है कि अमेरिकी डॉलर के लिए 1.2835 के प्रमुख स्तर को छूना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। जब तक 1.2765 का मजबूत सपोर्ट बरकरार है, तब तक बाजार सीमित उतार-चढ़ाव दिखा सकता है। अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं और कमोडिटी बाजार का हाल वैश्विक मुद्रा बाजारों में व्यापक स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण बदलाव देखे जा रहे हैं। एशियाई कारोबारी सत्र में गुरुवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) 0.6950 के स्तर के ठीक ऊपर स्थिरता बनाए रखने की कोशिश करता नजर आया। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका में पेंटागन द्वारा ईरान के खिलाफ संभावित हमलों के मद्देनजर सतर्कता बरते जाने की खबरों के बीच जोखिम प्रीमियम बना हुआ है। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के मिनट्स में सख्त रुख और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में मजबूती ने अमेरिकी डॉलर को आधार प्रदान किया है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन (USD/JPY) एशियाई सत्र में गिरकर 158.00 के नीचे आ गया। बाजार में इस बात की अटकलें तेज हैं कि जापानी अधिकारी अपनी मुद्रा को सहारा देने के लिए हस्तक्षेप कर सकते हैं। इसके साथ ही 18 महीने के उच्च स्तर के करीब पहुंचे अमेरिकी डॉलर में निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली की गई। कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में भी सुधार देखा गया। अमेरिकी डॉलर की मजबूती में आई थोड़ी सुस्ती और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट के बाद सोना प्रति ट्रॉय औंस 4,150 डॉलर के स्तर के करीब पहुंच गया है। इसका आप पर असर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार और कमोडिटी में होने वाले ये बदलाव वैश्विक निवेशकों और व्यापारियों के लिए विनिमय लागत को सीधे प्रभावित करते हैं। • मुद्रा कारोबारियों पर असर: सिंगापुर डॉलर और अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव से विदेशी मुद्रा ट्रेडिंग करने वालों के मुनाफे के मार्जिन पर असर पड़ेगा। कारोबारियों को 1.2765 और 1.2835 के प्रमुख स्तरों पर विशेष नजर रखनी होगी। • आयात और निर्यात लागत: डॉलर के मजबूत बने रहने से आयातित वस्तुओं के बिल महंगे बने रह सकते हैं। एशियाई आयातकों को विनिमय दरों में स्थिरता के लिए अपनी रणनीति का प्रबंधन करना होगा। • सोने में निवेश: सोने की कीमतों में 4,150 डॉलर के करीब सुधार से बहुमूल्य धातुओं में निवेश करने वालों को राहत मिलेगी। ट्रेजरी यील्ड में गिरावट के चलते सोने की मांग में स्थिरता आ सकती है। • जापानी येन पर नजर: 158.00 से नीचे कारोबार कर रहे येन में संभावित सरकारी हस्तक्षेप की संभावना है। जापान से जुड़े व्यापार और यात्रा करने वालों को मुद्रा के तेज उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी डॉलर और अन्य संपत्तियों में यह हलचल आर्थिक नीतियों, तकनीकी स्तरों और वैश्विक भू-राजनीतिक गतिविधियों के सम्मिलित प्रभाव के कारण देखने को मिली है। • तकनीकी मोमेंटम में सुस्ती: अमेरिकी डॉलर में हालिया तेजी के बावजूद गति पिछली बार जितनी मजबूत नहीं रही है। इस कारण से 1.2835 का रेजिस्टेंस स्तर पार करना कठिन साबित हो रहा है। • फेडरल रिजर्व के सख्त संकेत: एफओएमसी के सख्त मिनट्स और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में मजबूती ने डॉलर को व्यापक स्तर पर सहारा दिया है। हालांकि 18 महीने के उच्चतम स्तर के पास मुनाफावसूली ने बढ़त को सीमित किया। • भू-राजनीतिक तनाव: पश्चिम एशिया में संकट और संभावित सैन्य टकराव की चिंताओं ने डॉलर के लिए जोखिम प्रीमियम बनाए रखा है। इसने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जैसी जोखिम से जुड़ी मुद्राओं पर दबाव डाला। • हस्तक्षेप की अटकलें और कमोडिटी सुधार: जापानी अधिकारियों के संभावित मुद्रा हस्तक्षेप की खबरों ने येन की गिरावट रोकी, जबकि बॉन्ड यील्ड गिरने से सोने को मजबूती मिली। सवाल-जवाब 1. यूओबी के अनुसार अमेरिकी डॉलर सिंगापुर डॉलर के मुकाबले किस स्तर तक जा सकता है? विश्लेषकों का मानना है कि डॉलर 1.2810 से थोड़ा ऊपर जा सकता है, लेकिन 1.2835 के प्रमुख रेजिस्टेंस तक पहुंचना मुश्किल है। 2. अमेरिकी डॉलर के लिए तात्कालिक सपोर्ट स्तर क्या हैं? अमेरिकी डॉलर के लिए पहला सपोर्ट स्तर 1.2785 और दूसरा प्रमुख सपोर्ट 1.2775 पर स्थित है। 3. किस स्तर के टूटने पर विनिमय दर दायरे में सीमित हो सकती है? यदि डॉलर 1.2765 के मजबूत सपोर्ट स्तर से नीचे आता है, तो यह फिर से सीमित दायरे में कारोबार करने लगेगा। 4. सोने की कीमत किस स्तर के करीब पहुंची है? अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट के बाद सोना प्रति ट्रॉय औंस 4,150 डॉलर के स्तर के आसपास पहुंच गया है। https://trendkia.com/market/singapore-dollar-ke-mukabale-us-dollar-men-teji-ke-snketa-lekina-bare-uchhala-ki-gunjaisha-simita-45001 TrendKia — Har trend, sabse pehle.