सिंगापुर डॉलर को मिला मजबूत सहारा, एमएएस के अप्रत्याशित नीतिगत कदम से एचएसबीसी है आश्वस्त सिंगापुर के केंद्रीय बैंक द्वारा अचानक मौद्रिक नीति सख्त करने से सिंगापुर डॉलर को मजबूती मिली है। एचएसबीसी का मानना है कि अक्टूबर में एक और बढ़ोतरी हो सकती है। वैश्विक वित्तीय बाजारों को अचंभित करते हुए सिंगापुर के केंद्रीय बैंक ने 27 जुलाई 2026 को अपनी बैठक के दौरान मौद्रिक नीति को कड़ा करने का अप्रत्याशित फैसला लिया। इस कदम से पहले अप्रैल के महीने में भी नीतिगत सख्ती बरती गई थी। मौद्रिक प्राधिकरण ने सिंगापुर डॉलर नॉमिनल इफेक्टिव एक्सचेंज रेट यानी एसजीडी एनईईआर बैंड के स्लोप को बहुत मामूली रूप से 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है। एचएसबीसी का अगला अनुमान और बाजार का रुख इस ताजा नीतिगत बदलाव के बाद विश्लेषकों का मानना है कि केंद्रीय बैंक इस साल अक्टूबर में एक बार फिर मौद्रिक नीति को सख्त कर सकता है। ऐसी संभावना है कि इससे एसजीडी एनईईआर का स्लोप बढ़कर 1.50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। देश की अर्थव्यवस्था के बुनियादी आंकड़े बेहद मजबूत हैं और यहां मिलने वाला लाभांश रिटर्न काफी आकर्षक है। इन्हीं बातों के आधार पर सिंगापुर के इक्विटी बाजारों को लेकर ओवरवेट यानी सकारात्मक रुख बनाए रखा गया है, जो निवेशकों को उच्च गुणवत्ता और सुरक्षात्मक निवेश विकल्प प्रदान करते हैं। विदेशी मुद्रा बाजारों में अन्य प्रमुख मुद्राओं की चाल अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजारों में अन्य जोड़ियों पर भी नजर डालें तो मंगलवार को ब्रिटिश पाउंड और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी यानी जीबीपी/यूएसडी 1.3270 के आसपास जुलाई के नए निचले स्तरों के करीब कमजोर बनी हुई है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय बैठक से पहले बाजार में सतर्कता का माहौल है और डॉलर इस समय मासिक उच्च स्तर पर है, जिससे पाउंड पर दबाव बना हुआ है। इसके अलावा शेयर बाजारों में बिकवाली का दौर चलने के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की मांग में तेजी देखी जा रही है। यूरो और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी यानी ईयूआर/यूएसडी भी यूरोपीय सत्र की शुरुआत में मंगलवार को 1.1300 के मध्य स्तर के करीब अपने मासिक निचले दायरे में ही कारोबार करती नजर आई। इस मुद्रा जोड़ी पर भी अमेरिकी डॉलर की निरंतर मजबूत मांग का असर साफ दिखाई दे रहा है। व्यापारी किसी भी तरह के आक्रामक दिशात्मक दांव लगाने से बच रहे हैं और नीतिगत बैठक के अंतिम नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। सोने की कीमतों में सुस्ती और डॉलर का दबदबा पीली धातु यानी गोल्ड यानी एक्सएयू/यूएसडी में भी मंगलवार के यूरोपीय सत्र के दौरान कमजोरी का रुख बना रहा और यह 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास मंडराता दिखाई दिया। इससे पहले पिछले सत्र में सोने ने 4,100 डॉलर के स्तर को पार करने की कोशिश की थी लेकिन वहां टिक नहीं पाया था। यह इस बात का संकेत है कि मजबूत अमेरिकी डॉलर के रुझान के बीच सर्राफा बाजार में कीमतों पर नीचे की तरफ दबाव बना रह सकता है। इसका आप पर असर वैश्विक और घरेलू असर: • भारत में: सिंगापुर डॉलर और अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव का असर एशियाई मुद्रा बाजारों और विदेशी व्यापार पर पड़ता है। • निवेशकों के लिए: वैश्विक केंद्रीय बैंकों के नीतिगत बदलावों और डॉलर की मजबूती से कमोडिटी तथा करेंसी पोर्टफोलियो की रणनीति प्रभावित होती है। सवाल-जवाब 1. सिंगापुर के केंद्रीय बैंक ने नीति में क्या बदलाव किया है? एमएएस ने 27 जुलाई 2026 को अपनी बैठक में एसजीडी एनईईआर बैंड के स्लोप को 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है। 2. एचएसबीसी को आगे क्या उम्मीद है? एचएसबीसी का अनुमान है कि केंद्रीय बैंक अक्टूबर में नीति को फिर से सख्त करेगा और स्लोप 1.50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। 3. जीबीपी/यूएसडी जोड़ी किस स्तर के आसपास कारोबार कर रही है? जीबीपी/यूएसडी जोड़ी मंगलवार को 1.3270 के क्षेत्र में जुलाई के नए निचले स्तरों के करीब defensive बनी हुई है। 4. सोने की कीमतें किस मनोवैज्ञानिक स्तर के पास हैं? सोना यूरोपीय सत्र के दौरान 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के पास मंडरा रहा है। https://trendkia.com/market/singapore-dollar-strengthens-as-mas-surprise-tightening-backed-by-hsbc-outlook-11497 TrendKia — Har trend, sabse pehle.