सोना मजबूत, अब अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर टिकी निवेशकों की नजर महंगाई के आंकड़ों से तय होगी सोने की अगली चाल, टीडी सिक्योरिटीज के विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत केंद्रीय बैंक खरीदारी और डॉलर में कमजोरी से बुलियन को समर्थन मिल रहा है। वैश्विक बाजारों में कीमती धातुओं की चाल इस समय एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है, जहां निवेशकों का पूरा ध्यान आगामी अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर केंद्रित हो चुका है। कमोडिटी बाजार में जारी अनिश्चितता और मौद्रिक नीतियों को लेकर बदलती उम्मीदों के बीच बुलियन बाजार अपनी बढ़त को बरकरार रखने में कामयाब रहा है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले आर्थिक आंकड़े ही यह तय करेंगे कि बाजार में अगली बड़ी हलचल किस दिशा में होगी। टीडी सिक्योरिटीज का दृष्टिकोण और फेडरल रिजर्व की नीतियां टीडी सिक्योरिटीज के जानकारों के अनुसार, फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं के बावजूद कीमती धातुओं ने अपनी ताकत बनाए रखी है। केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की लगातार खरीदारी और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स यानी ईटीएफ में नए सिरे से हो रहा निवेश इस पूरे सेक्टर के लिए मजबूत आधारशिला का काम कर रहा है। यदि महंगाई के आंकड़े उम्मीद से अधिक गर्म रहते हैं, तो यह फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख को और बढ़ावा दे सकता है, जिससे कुछ समय के लिए सोने पर दबाव बन सकता है। हालांकि, कम चिंताजनक महंगाई के आंकड़े बाजार में नए सिरे से विवेकाधीन निवेश की शुरुआत का पहला बड़ा उत्प्रेरक साबित हो सकते हैं। जानकारों का यह भी कहना है कि डॉलर के अवमूल्यन के चल रहे रुझान को देखते हुए, फेडरल रिजर्व का कोई भी सख्त रुख बाजार में बड़ी गिरावट लाने के बजाय केवल तेजी के अगले दौर को कुछ समय के लिए टाल सकता है. एशियाई सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन की स्थिति बुधवार को एशियाई सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7200 के स्तर से ऊपर समेकन मूल्य कार्रवाई को विस्तार दे रहा है, हालांकि चीन के गर्म उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और उत्पादक मूल्य सूचकांक के आंकड़ों का इस पर कोई विशेष प्रभाव नहीं दिखा है। इस बीच, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती उम्मीदें ऑस्ट्रेलियाई करेंसी के लिए सहायक साबित हो रही हैं, खासकर ऐसे समय में जब जापानी येन से प्रेरित अमेरिकी डॉलर में कमजोरी देखने को मिल रही है। व्यापारी सप्ताह के अंत में आने वाले अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं ताकि उन्हें व्यापार के लिए नई दिशा मिल सके। दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में मजबूती का दौर जारी है और बुधवार को लगातार तीसरे दिन डॉलर दबाव में नजर आया, जिससे यह फरवरी के मध्य के स्तर यानी लगभग 153.00 के करीब कारोबार कर रहा है। दिन की शुरुआत में आए मजबूत जापानी आंकड़ों ने इन उम्मीदों को और पुख्ता कर दिया है कि बैंक ऑफ जापान अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाना जारी रखेगा, जिससे येन को और अधिक समर्थन प्राप्त हुआ है. सोने में शानदार वापसी और व्यापक बाजार का परिदृश्य बुधवार को सोने की कीमतों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला, जिससे पिछले तीन दिनों से चल रहा गिरावट का सिलसिला थम गया और पीली धातु ने प्रति ट्रॉय औंस 4,400 डॉलर के प्रमुख आंकड़े से ऊपर अपनी स्थिति फिर से हासिल कर ली। सोने की कीमतों में यह रिकवरी मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर पर लगातार बन रहे बिकवाली के दबाव और भू-राजनीतिक मोर्चे पर बनी हुई अनिश्चितताओं के बीच आई है। वैश्विक स्तर पर आर्थिक और राजनीतिक उथल-पुथल के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की तरफ रुख कर रहे हैं, जिससे इसकी कीमतों को लगातार समर्थन मिल रहा है। बाजार के जानकारों का यह भी कहना है कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक माहौल में किसी भी प्रकार की अनिश्चितता सीधे तौर पर कीमती धातुओं की मांग को बढ़ाती है, जिससे कीमतों में स्थिरता बनी रहती है. इसका आप पर असर सोने और कीमती धातुओं में चल रही यह हलचल सीधे तौर पर निवेशकों, आभूषण खरीदारों और वैश्विक बाजारों पर नजर रखने वालों को प्रभावित करती है। • भारत में: घरेलू बाजार में सोने की कीमतें वैश्विक रुझानों और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल से सीधे प्रभावित होती हैं, जिससे खरीदारों को खरीदारी का निर्णय लेते समय अंतरराष्ट्रीय डेटा पर नजर रखनी चाहिए। • निवेशकों के लिए: महंगाई के आंकड़े आने से पहले पोर्टफोलियो में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है, इसलिए कमोडिटी और मुद्रा बाजार में निवेश करने वालों को सतर्क रहना चाहिए। • वैश्विक स्तर पर: अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से यह तय होगा कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों पर क्या कदम उठाएगा, जिसका असर दुनियाभर की करेंसी और स्टॉक मार्केट पर पड़ेगा। • मुद्रा बाजार में: डॉलर में कमजोरी और येन तथा ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में उतार-चढ़ाव से आयात-निर्यात और फॉरेक्स ट्रेडर्स की रणनीतियों पर सीधा असर पड़ रहा है। • सुरक्षित निवेश: भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच सोने में पुनरावृत्ति यह दर्शाती है कि जोखिम भरे समय में बुलियन अभी भी सबसे मजबूत बचाव विकल्प बना हुआ है। ऐसा क्यों हुआ कीमती धातुओं और मुद्राओं की मौजूदा चाल के पीछे कई आर्थिक कारक और बाजार की उम्मीदें जिम्मेदार हैं। • महंगाई के आंकड़े: आगामी अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और महंगाई के आंकड़े तय करेंगे कि फेडरल रिजर्व अपनी ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपनाएगा। • केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने का भंडार बढ़ाने और ईटीएफ में निवेश आने से कीमतों को मजबूत समर्थन मिल रहा है। • मुद्रा में उतार-चढ़ाव: डॉलर पर बढ़ते बिकवाली दबाव और जापानी अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़ों के कारण येन में आई मजबूती ने वैश्विक फॉरेक्स बाजार को प्रभावित किया है। • भू-राजनीतिक अनिश्चितता: दुनिया भर में चल रहे भू-राजनीतिक तनावों के कारण निवेशकों का रुझान सुरक्षित परिसंपत्तियों जैसे सोने की तरफ लगातार बना हुआ है। सवाल-जवाब 1. सोने की कीमतों में हालिया उछाल का मुख्य कारण क्या है? अमेरिकी डॉलर पर बिकवाली के दबाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण सोने ने 4,400 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के आंकड़े को पार कर लिया है। 2. टीडी सिक्योरिटीज के विशेषज्ञों के अनुसार अगला बड़ा उत्प्रेरक क्या है? आगामी अमेरिकी महंगाई के आंकड़े इस बाजार के लिए अगला सबसे बड़ा उत्प्रेरक हैं जो फेडरल रिजर्व की नीतियों को प्रभावित करेंगे। 3. जापानी येन पर क्या असर देखा जा रहा है? जापान के मजबूत आंकड़ों के बाद बैंक ऑफ जापान द्वारा मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की उम्मीदों से येन को समर्थन मिल रहा है और डॉलर के मुकाबले येन मजबूत हुआ है। 4. ऑस्ट्रेनियाई डॉलर की स्थिति बाजार में कैसी है? आरबीए द्वारा दरें बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदों के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर एशियाई सत्र में 0.7200 से ऊपर समेकन दिखा रहा है। 5. क्या फेडरल रिजर्व का आक्रामक रुख सोने को गिरा सकता है? विश्लेषकों का मानना है कि सख्त रुख केवल तेजी के दौर को कुछ समय के लिए टाल सकता है, लेकिन मजबूत केंद्रीय बैंक खरीदारी के कारण बड़ी गिरावट की संभावना कम है। https://trendkia.com/market/sona-majabuta-aba-ameriki-inflation-ke-ankaron-para-tiki-niveshakon-ki-najara-30444 TrendKia — Har trend, sabse pehle.